Wednesday, 3 February 2016




        पठानकोट आक्रमण : आतंकी ने कहा था – ‘
                                मैंने दो
                               काफिर मार 
                   डाले’, मां बोली – ‘जन्नत मिलेगी’






नई दिल्ली : पठानकोट वायुदल केन्द्र पर आंतकी आक्रमण से पहले सुबह ९ बजे नासिर नाम के आतंकी ने ज्वैलर राजेश वर्मा के मोबाइल से पाकिस्तान के क्रमांक पर फोन किया। फोनपर की गर्इ विस्तृत बाते सामने आ गई हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के पास मौजूद बातचीत की रिकॉर्डिंग के अनुसार, आतंकी से उसकी मां ने पूछा था कि, वह पठानकोट में कैसे घुसा, उसके पास खाने का क्या सामान है और क्या उसने काफिरों को मार डाला ? एक अंग्रेजी समाचार ने एनआईए की जांच के हवाले से बताया कि आतंकी नासिर ने अपने भाई बाबर, चाचा और मां से करीब १८ मिनट बात की थी।
उनकी बातचीत के अंश इस तरह है-
नासिर – अस्सलाम-अलैकुम। नासिर बोल रहा हूं।
चाचा- वालैकुम-अस्सलाम। कहां हो तुम? सुरक्षित हो?
नासिर- मैं यहां दूसरे मुल्क में हूं। अम्मी कहां हैं?
चाचा – लो, उनसे बात करो।
अम्मी- मेरे बेटे, कहां हो तुम ? ठीक तो हो न।
नासिर – मैं भारत में हूं। तुम्हारे बेटे ने दो काफिरों को मौत के घाट उतार दिया। मैंने छुरे से उनका गला रेत दिया। मैं एक बड़े काम को अंजाम देने जा रहा हूं। मेरा एक साथी पकड़े जाने से डर रहा था। मैंने उससे कहा- भारत से डरने की जरूरत नहीं।
अम्मी – तू जांबाज है। अल्लाह तुझे जन्नत बख्शे।
नासिर – मैं वही जैकेट पहनी है जो तुमने मेरे लिए सिली थी। अगर मुझे कुछ हो गया तो यही मेरे लिए कफन भी बन जाएगी।
अम्मी – लेकिन तुम भारत के अंदर कैसे पहुंचे?
नासिर – हमने एक बड़ी एस.यू.वी. कार ली थी। लैंडक्रूजर ने हमें बॉर्डर पर उतार दिया था।
अम्मी – तुमने कुछ खाया ?
नासिर – केवल ड्राई फ्रूट्स और चॉकलेट्स। इसके अलावा कुछ नहीं।
अम्मी – क्या तुमने काफिरों को मार दिया?
नासिर – अभी मेरे पास समझाने का वक्त नहीं है। ये मेरी आखिरी बातचीत है। मैं चाहता हूं कि आप इस कॉल को रिकॉर्ड कर लो।
अम्मी – मुझे नहीं पता कि रिकॉर्ड कैसे करते हैं ?
नासिर – बाबर कर देगा। उसे पता है कि मोबाइल में इस फीचर का इस्तेमाल कैसे करते हैं। (रिकॉर्डर ऑन करने के बाद फोन बाबर ने ले लिया)
नासिर – बाबर, यदि उस्ताद (हैंडलर) मेरे मरने की खबर बताएं तो किसी को मत बताना।




No comments:

Post a Comment