Thursday, 25 February 2016

आतंकी अफजल गुरु की फांसी पर ठीक से नहीं हुआ निर्णय : पी चिदंबरम्

नई देहली – संसद आक्रमण में दोषी ठहराए गए आतंकवादी अफजल गुरु की फांसी के तीन वर्ष बाद कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम को संसद आक्रमण में आतंकी अफजल के फांसी के निर्णय पर संदेह है। अंग्रेजी समाचारपत्र ‘द इकॉनॉमिक टाइम्स’ को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने यह वक्तव्य बात कही ।
चिदंबरम उस प्रश्न का उत्तर दे रहे थे जिसमें उनसे अफजल गुरु पर दिए न्यायालय के निर्णय को लेकर एक प्रतिक्रिया मांगी गई थी।
चिदंबरम ने इंटरव्यू में कहा कि ‘मुझे लगता है कि अफजल गुरु के मामले में सही ढंग से निर्णय नहीं लिया गया। उसे फांसी देना उचित नहीं था । यह निर्णय न्यायालय ने दिया था इसलिए मै कुछ कर नहीं कर सकता था । क्योंकि काँग्रेस सरकार की आेर से ही उस पर अभियोग चलाया गया था। किंतु एक स्वतंत्र नागरिक के तौर पर मैं ये कह सकता हूं, कि इस पर सही निर्णय नहीं किया गया।’
चिदंबरम ने कहा कि, अफजल गुरु को बिना पेरोल के उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा सकती थी।
वहीं चिदंबरम ने जेएनयू मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, जेएनयू छात्रों पर देशद्रोह के आरोप अपमानजनक है। चिदंबरम ने कहा कि न्यायालय पहली सुनवाई में ही सभी आरोपों को खारिज कर देगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भाषण देशद्रोह के भाषण नहीं है।
बता दें, पी चिदंबरम वर्ष २००८ से २०१२ तक गृह मंत्री थे। चिदंबरम को वित्त मंत्री बनाए जाने के बाद सुशील कुमार शिंदे को गृह मंत्री बनाया गया था। सुशील कुमार के गृहमंत्री रहते हुए अफजल गुरु को फांसी की सजा दी गई थी।

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