Thursday, 4 February 2016

बांगलादेशी के हिन्दूओंकी रक्षा करने हेतु लडनेवाले अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष पर पुलिस ने ही किया प्राणघातक आक्रमण !

बांगलादेशी के हिन्दूओंकी रक्षा करने हेतु लडनेवाले अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष पर पुलिस ने ही किया प्राणघातक आक्रमण !

इस्लामी राष्ट्र बांगलादेश में प्रतिदिन हिन्दूओंकी स्थिती भीषण !

  • गत १५ दिनों मे अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष इनपर हुए आक्रमण की तिसरी घटना !

  • बांगलादेशी हिन्दूओंपर होनेवाले आक्रमणोंके विरोध में केन्द्र शासन को कृति करनी चाहिए, ऐसा क्यों नहीं लगता ?

हिन्दूओंकी रक्षा करने के लिए लडनेवाले अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष
ढाका : इस्लामी राष्ट्र बांगलादेश में प्रतिदिन हिन्दूओंकी स्थिती भीषण बनती जा रही है ! बांगलादेश के कोने-कोनेसे हिन्दूओंपर लगभग प्रतिदिन ही अत्याचार किए जाने के समाचार पढने में आ रहें हैं ! कई बार इन अत्याचारों में पुलिस भी शामिल है ऐसा दिखाई दे रहा है !
ऐसे समय हिन्दूओंकी रक्षा हेतु लडनेवाले अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष एवं उनके सहयोगी इनपर प्राणांतिक आक्रमण किए जाने की यह घटना घटी है !
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१. चितगांव जनपद के निर्भही उपजनपद के श्री. सुमनकुमार डे इस हिन्दु व्यापारी का पत्थरोंसे संबंधित (स्टोन मॅन्युफॅक्चरिंग) का व्यवसाय है।
२. उनको कुछ दिन पूर्व से स्थानीय पुलिस ने कष्ट देना आरंभ किया। उन्होंने उनसे पैसे बंटोरें एवं मानसिक पीडा भी दी।
३. इससे त्रस्त हो कर श्री. डे उच्च न्यायालय गए। तब न्यायालयने पुलिस एवं प्रशासन इनको तीखे शब्दों में आदेश दिया तथा श्री. डे को उनका व्यवसाय चालू रखने में सहयोग करने कहा।
४. इससे संतप्त पुलिस ने श्री. डे को गालियां देकर धमकाया। (हिन्दूओं, बांगलादेश में अल्पसंख्यक हिन्दूओंका पक्ष कोई भी नहीं लेता। भारत में कथित रूपसे असहिष्णुता बढने का आरोप कर जमीन-आस्मान एक करनेवाले ढोंगी धर्मनिरपेक्षतावादी भी ऐसे घटनाओंके संबंध में मूंह बंद रखते है, यह ध्यान में लें ! – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात)
५. इस पर श्री. डे ने बांगलादेश में हिन्दूओंकी रक्षा हेतु लडनेवाली ‘बांगलादेश मायनॉरिटी वॉच’ इस संगठन से संपर्क किया।
६. इस संगठन के अध्यक्ष अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष एवं उनके सहयोगियोंने बांगलादेश की राजधानी ढाका से, घटनास्थल पर भेंट देने का निर्णय लिया।
७. इसकी जानकारी मिलते ही चितगांव जनपद के हाथाझारी उपजनपद के पुलिस उपअधीक्षक महंमद मोशिदौल्ला रेजा ने अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष को दूरभाष कर ‘आप हाथाझारी मत आईए, अन्यथा तुम्हें तकलीफ दी जायेगी, ऐसा कहते हुए धमकाया !
८. ऐसे धमकाए जानेपर भी अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष एवं उनके सहयोगी २९ जनवरी को हाथाझारी पुलिस थाने पहुंचे गए।
९. वहांपर पुलिस उपअधीक्षक महंमद मोशिदौल्ला रेजा ने उनपर आक्रमण किया।
१०. इस समय अवामी लीग इस राजनीतिक दल के अनेक जिहादी कार्यकर्ताओंने श्री. घोष एवं उनके सहयोगियोंसे बहुत मारपीट की, साथ ही श्री. घोष के एक सहयोगी को बंदी भी बनाया गया !
११. प्राप्त जानकारी के अनुसार गत १५ दिनों में श्री. घोष इनपर हुआ यह तिसरा आक्रमण है !
१२. श्री. घोष ने वहां के केन्द्रीय गृहमंत्री एवं मुख्य पुलिस अधिकारी इनको पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने का प्रयास किया; परंतु उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

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