Sunday, 28 February 2016

जर्मन महिला को पहले पीटा, फिर लूटी आबरू


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rep-3नई दिल्ली (टीम डिजिटल) : अब तो विदेशियों की भी दिल्ली पुलिस से डर लगने लगा है। इस बात का अहसास पुलिस को उस समय हुआ, जब एक जर्मन मूल की महिला ने पुलिस के सामने जाने की जगह महिला आयोग का सहारा लिया।
यही नहीं, इस महिला में दिल्ली से बाहर जाने के बाद ही हिम्मत आई और उसने अपनी आपबीती एक मेल के जरिए दिल्ली महिला आयोग को दी। मामले में महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए डीसीपी सेंट्रल को मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
महिला आयोग को ईमेल के जरिए जर्मन मूल की एक 19 वर्षीय महिला की तरफ से शिकायत मिली है। विदेशी महिला ने कहा है कि 14 दिसम्बर 2015 को उसके साथ एक ऑटो ड्राइवर ने रेप किया और बुरी तरह पीटा भी। महिला आयोग को ये ईमेल 5 फरवरी को मिला, जिसमें जर्मन महिला ने अपने साथ हुई घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।
घटना की रात वह अपने होटल से कहीं गई थी, पर वापस आते हुए रास्ता भूल गई। रास्ता पूछने के लिए उसने वहां मौजूद ऑटो ड्राइवर की मदद लेनी चाही और उससे पूछा। लेकिन ऑटो ड्राइवर ने उसे सही-सलामत होटल छोडऩे के बजाय उसके साथ रेप की घटना को अंजाम दिया।
पीड़िता ने बताया कि वह इतना सबकुछ होने के बाद किसी तरह वहां से बचकर निकली तो भी german women raped in delhi ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। इस बार उसके साथ ऑटो में कई और लोग भी थे। पीड़िता ने बताया कि सभी उसकी तरफ दौड़े और उसके साथ बदतमीजी करनी शुरू कर दी। इस दौरान जब महिला ने एक व्यक्ति की जीभ को काट लिया और जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया तो बदमाश वहां से डर कर भाग गए।
घटना के बाद पीड़िता थोड़ी देर तक भटकने के बाद मेन रोड पर पहुंची और वहां पेवमेंट पर बैठ गई। यहां एक युवक ने उसकी मदद की और बिना कुछ पूछे उसे होटल तक छोड़ दिया। पीड़िता ने कहा है कि वह पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराने में डर रही थी क्योंकि, वह काफी कम उम्र की थी और दूसरे देश में थी। उसकी समझ में नहीं आया कि उस वक्त उसे क्या करना चाहिए।
दिल्ली से बाहर जाने के बाद ही उसने महिला आयोग को चिट्ठी लिखी। महिला आयोग ने भी उसका हौसला बढ़ाया और दिल्ली आकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा। 19 फरवरी को पीड़िता महिला आयोग के कार्यालय आई, जहां महिला आयोग ने काउंसलिंग के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने में भी उसकी मदद की।

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