Sunday, 13 March 2016

स्क्रोलड्रोल डॉट कॉम’ इस जालस्थलद्वारा हिन्दुओंके देवी-देवताओंकी घोर विडंबना !

ScrollDrollLogo
  • क्या स्क्रोलडोल ने अन्य धर्मियोंके श्रद्धास्थानोंके विषयमें एेसे चित्र बनाने का साहस किया होता ?

  • हिन्दुओे, निरंतर आप के आस्थास्रोतोंका अनादर करनेवाले हिन्दूद्रोहियोंके विरोध में कठोर कानून बनाने हेतु केंद्रशासन को विवश करें !

(इस चित्र प्रसिद्ध करने के पीछे किसी की भावनाओंको आहत करने का उद्द्येश्य नहीं है, विडंबन कैसे किया जाता है सिर्फ वो दिखाने के लिये प्रसिद्ध किया है - संपादक)
(इस चित्र को प्रसिद्ध करने के पीछे किसी की भावनाओंको आहत करने का उद्द्येश्य नहीं है, अनादर कैसे किया जाता है केवल वो दिखाने के लिए प्रसिद्ध किया है – संपादक)
मुंबई : ‘स्क्रोलड्रोल डॉट कॉम’ जालस्थलद्वारा उसके फेसबुक पेज पर देवी-देवताओंकी अश्लाघ्य विडंबना की गयी है ! यह जालस्थल कुछ कलाकारोंने मिल कर बनाया है।
कोई एक विषय अथवा योजना लोगोंतक पहुंचाने हेतु ये लोग उस विषय पर आधारित छायाचित्र अथवा पत्रक बनाते हैं। अनेक व्यावसायिक जालस्थल इनका आधार लेते हैं।
‘हिन्दुओंके देवी-देवता एवं डिजिटल तंत्रज्ञान एकत्रित आने पर क्या हो सकता है’, यह विषय लेकर इस जालस्थल ने उनके फेसबुक पेज पर हिन्दुओंके देवी-देवताओंके छायाचित्र प्रसारित किए हैं। इस में द्रौपदी का ‘वस्त्रहरण’ होते समय उसे कौन सी साडी देनी चाहिए, इस विचार में रहनेवाले श्रीकृष्ण को भ्रमणभाषद्वारा साडियोंकी ‘ऑनलाईन’ खरीदी करते हुए दर्शाया गया है !
दूसरे एक छायाचित्र में लंकादहन करने के पश्चात श्री हनुमान ‘सेल्फी’ निकाल रहे हैं, ऐसा चित्र प्रसारित किया गया है !
अन्य एक छायाचित्र में श्री गणेश भगवान को भ्रमणभाषद्वारा ‘ऑनलाईन’ मोदक की मांग करते हुए दर्शाया गया है !
१. इस जालस्थलद्वारा उसके फेसबुक पेज पर अनेक हिन्दू देवी-देवताओंके विडंबनात्मक छायाचित्र प्रकाशित किए गए हैं !
२. इन छायाचित्रोंके माध्यम से हिन्दू देवी-देवताओंका उपहास उडाया गया है, जिससे करोडों हिन्दुओंकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं !
३. कुछ तत्पर हिन्दू धर्माभिमानियोंद्वारा यह बात हिन्दू जनजागृति समिति के ध्यान में लाई गई, उस पर समिति ने ‘स्क्रोलड्रोल डॉट कॉम’ जालस्थल को इ-मेल भेज कर यह विडंबन रोकने की मांग की। साथ ही यह भी ध्यान में लाकर दिया कि, भारतीय दंड विधान की धारा २९५ (अ) के अनुसार, ऐसा अनादर दंडनीय अपराध है !
४. हिन्दू जनजागृति समिति हमेशा से ही वैधानिक मार्ग से आंदोलन करती आ रही है, फिर भी ‘कॅच न्यूज’ इस वृत्त-जालस्थल (समाचार वेबसार्इट) पर इस आंदोलन के संदर्भ में विपरीत समाचार प्रसारित कर समिति को अपकीर्त किया गया है !
जालस्थल को पत्र भेजने पर भी, अभी तक कोई प्रतिसाद नहीं मिला !

धर्माभिमानी हिन्दू अागे दिए गए इ-मेल पतेद्वारा अपनी भावनाएं ‘स्क्रोलड्रोल डॉट कॉम’ जालस्थल पर व्यक्त कर रहे हैं !
इ-मेल : rohit@scrolldroll.comashwani@scrolldroll.com

‘स्क्रोलड्रोल’ द्वारा प्रसारित किए गए अन्य कुछ अनादरात्मक चित्र…
________________
धर्माभिमानीयोंसे प्रार्थना !
• राष्ट्रद्रोही एवं हिन्दूद्रोही घटनाओंका निषेध वैधानिक (संयत) मार्ग से करें !
• हिन्दुद्रोहियोंका निषेध करने का प्रमुख उद्देश्य है, उनका वैचारिक परिवर्तन करना। इसलिए तात्त्विक सूत्रोंके आधार एवं वैचारिक स्तर पर ही निषेध करें ! 
• निषेध करने के पीछे अनुचित कृत्य करनेवाले व्यक्ति को उसकी गलती बता कर उचित मार्ग पर लाने का व्यापक दृष्टिकोन होना चाहिए !

No comments:

Post a Comment