Tuesday, 12 April 2016

क्या हिन्दुओ की तरह मुस्लिम प्रबंधक मुस्लिम महिलाओं के लिए दरगाह के द्वार खोलेंगे ??



हमारे देश में यू तो महिलाओं की सुरक्षा का गुणगान गाया जाता है पर जब अधिकारों की बात आती है तब क्यूँ महिलाओं के साथ नाइंसाफी की जाती है ! जी हा वही नाइंसाफी जो पिछले कुछ समय से महिलाओं को मंदिर जाने से रोकने के लिए की जा रही है !हम यहाँ बात कर रहे है शनि शिंगणापुर मंदिर की जहां कई सालो से महिलाओं को जाने की मनाही है पर जब एक बार किसी लड़की ने उस मंदिर के चबूतरे में पूजा की तब उस स्थान का ऐसे शुद्धिकरण किया गया जैसे कोई अशुद्ध चीज़ मंदिर में घुस गयी हो ! बड़ी शर्मिंदगी की बात है कि आज भी लड़कियों को अशुद्ध समझ कर उनका तिरस्कार किया जाता है ! शुद्ध अशुद्ध जैसे विवाद तब अच्छे लगते थे जब सतयुग था पर आज जब लड़कियों को हर कार्य करने की आज़ादी मिल चुकी है तब ये क्यूँ नहीं ! पर गौरतलब की बात ये है कि लड़कियों के साथ हुए इस दुर्व्यवहार को खत्म करने के लिए भूमाता ब्रिगेड के सदस्यों ने आवाज़ उठाई ! उन्होंने इस मामले को कानून तक पहुँचाया और कानून से महिलाओं को बराबर अधिकार देने की मांग की ! लेकिन मंदिर के प्रबंधक इस फैसले के सख्त खिलाफ थे !बात महाराष्ट्र के मुख्य्मंत्री और गृहमंत्री पर कारवाई करने तक जा पहुंची ! मुख्य्मंत्री ने जब ये कहा कि केवल लोकप्रियता हासिल करने के लिए किसी तरह का विवाद करने की आवश्यकता नहीं है तो महिलाओं ने इसके बदले में जवाब दिया कि हमारे किसी वेदकाल में या संस्कृति में ये नहीं लिखा कि पूजा स्थापना को लेकर कोई भी भेदभाव किया जाये तो ये नियम केवल महिलाओं पर ही क्यूँ वर्जित किया गया है ! क्या इसका जवाब है आपके पास ?इतना सब काफी नहीं था जब भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई जी ने मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की तो मंदिर प्रबंधकों ने बहुत सारे लोगों को इकठ्ठा कर उन्हें मंदिर की शिला तक पहुँचने नहीं दिया और लोगों ने मंदिर जाने वाली महिलाओं को द्वार पर ही रोक लिया उन्हें प्रवेश तक करने नहीं दिया ! वाह क्या इंसानियत दिखाई है लोगों को एकत्र कर महिलाओं से भिड़ने निकले है !
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myइससे तृप्ति देसाई का गुस्सा इतना ज्यादा बढ़ गया कि उन्होंने ठान लिया कि अब वो बिना दर्शन किये नहीं जाएगी और जरूरत पड़ने पर मुख्य्मंत्री के खिलाफ एफ.आई.आर.भी लिखवाएगी ! वैसे आपको बता दे ये परम्परा बहुत सालो से चल रही है ! पर महिलाओं के लगातार आंदोलन के बाद आज उनको मंदिर में जाने की अनुमति भी मिल गयी है और सालो से चल रही ये परम्परा भी आज टूट गयी है ! आज खुद महिलाओं ने तृप्ति देसाई के साथ महारष्ट्र में स्थित इस मंदिर के गर्भगृह पर शनि देव की शिला पर जल चढ़ाया और मंदिर में जाकर पूजा भी की ! एक और बात जो हमारे अध्यक्षों ने तय की है वो ये है कि कई सालो से गुड़ी पड़वा जिसको महाराष्ट्र में साल का पहला नया दिन माना जाता है उस दिन पुरुष शनि शिंगणापुर के मंदिर में देवता को स्नान करवाते थे पर अब ऐसा नहीं होगा क्यूकि जब ये हक़ महिलाओं को नहीं दिया गया तो पुरुषों को भी नहीं मिलना चाहिए ! आज जब देवी माँ का पहला नवरात्र है ठीक उसी दिन महिलाओं को ये अवसर मिला है ! हमारी हिन्दू महिलाओं को तो मंदिर में प्रवेश करने का अधिकार मिल गया पर इससे अब ये सवाल खड़ा हो गया है कि क्या कभी हमारी मुस्लिम महिलाओं को भी हाजी अली की पवित्र दरगाह पर जाने की अनुमति मिलेगी ! क्या हिन्दुओ की तरह मुस्लिम प्रबंधक मुस्लिम महिलाओं के लिए दरगाह के द्वार खोलेंगे और अगर हा तो कब ?इसका जवाब कोई नहीं दे सकता ! पर उम्मीद है कि अब जब ये सवाल उठा है तो इसका जवाब भी जल्दी ही सामने आ जायेगा ! …

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