Tuesday, 21 February 2017

सुप्रीम कोर्ट को धमकी देने वाला संगठन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमानो द्वारा नहीं बल्कि इंदिरा गाँधी द्वारा बनाया गया है

सुप्रीम कोर्ट को धमकी देने वाला संगठन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड 
मुसलमानो  द्वारा नहीं बल्कि इंदिरा गाँधी द्वारा बनाया गया है 


आपने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का नाम तो सुना होगा, ट्रिपल तलाक इत्यादि के मौके पार इसका नाम कई बार टीवी पर आया, मीडिया में आया
असल में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक NGO है जिसका मुख्य दफ्तर दिल्ली में है
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड आज हमारी संसद और यहाँ तक की सुप्रीम कोर्ट को भी कई मौकों पर धमकी देता है
भारत के खिलाफ जंग की धमकी, जिहाद की धमकी, हिंसा की धमकी इत्यादि
1971 आते आते इंदिरा गाँधी की लोकप्रियता बहुत घटने लगी थी, 1975 में इंदिरा गाँधी ने आपातकाल भी लगाया था, इंदिरा गाँधी को ये देश जैसे विरासत में जवाहर लाल नेहरू से मिला था
इंदिरा इसे अपनी जागीर समझती थी, घटती लोकप्रियता, और विपक्ष की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान होकर, इंदिरा गाँधी ने सेक्युलर भारत में मुसलमानो के तुष्टिकरण के लिए
स्वयं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की 1971 में स्थापना की
* मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के लिए इंदिरा गाँधी के विशेष नियम भी बनाया, इस संस्था का आज तक कभी ऑडिट नहीं हुआ है, जबकि अन्य NGO का होता है पर इसे विशेष छूट मिली हुई है
ये अरब के देशों से कितना पैसा पाती है, उस पैसे का क्या करती है, किसी को कुछ नहीं पता
* 91% मुस्लिम महिलाएं ट्रिपल तलाक के खिलाफ है फिर भी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट को हिंसा तक की धमकी देता  है,आपको जानकर आश्चर्य होगा की 95% मुसलमान महिलाओ को तो ये भी नहीं पता की मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड असल में है क्या
* इस NGO में केवल कट्टरपंथी मुस्लिम ही है,  नरेंद्र मोदी के सर पर फतवा देने वाला इमाम बरकाती भी इस NGO का  सदस्य है,  जिहादी किस्म के ही लोग इस संस्था में हैं, इस संस्था में 1 भी महिला नहीं है
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमानो का नहीं बल्कि इंदिरा गाँधी का बनाया हुआ है


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