Monday, 13 February 2017

सौभाग्यवती महिलाएं क्यों लगाती हैं मांग में सिंदूर?

सौभाग्यवती महिलाएं क्यों लगाती हैं मांग में सिंदूर?








  • हिंदू महिलाएं विवाह के बाद अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं। उनके लिए सिंदूर सौभाग्य का प्रतीक होता है। सिंदूर लगाने की परंपरा बहुत प्राचीन है। प्रश्न है कि सिंदूर क्यों लगाया जाता है?
  • हिंदू महिलाएं विवाह के बाद अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं। उनके लिए सिंदूर सौभाग्य का प्रतीक होता है। सिंदूर लगाने की परंपरा बहुत प्राचीन है। प्रश्न है कि सिंदूर क्यों लगाया जाता है?
    वास्तव में सिंदूर लगाने की परंपरा का संबंध सिर्फ आध्यात्मिक मान्यताओं से ही नहीं है। इसका रिश्ता विज्ञान से भी है। विवाह के बाद सिंदूर लगाना सौभाग्यवती महिला के लिए आवश्यक माना जाता है।
  • यह सवाल उठना भी स्वाभाविक है कि सिंदूर एक विशेष स्थान पर ही क्यों लगाया जाता है? क्या इसके साथ विज्ञान का कोई गूढ़ रहस्य जुड़ा है?
  • वास्तव में सिर के जिस स्थान पर मांग भरने के लिए सिंदूर लगाया जाता है वहां मस्तिष्क की एक ग्रंथि स्थित होती है। योगशास्त्र में इसे ब्रह्मरंध्र कहा जाता है।
  • शरीर में यह स्थान अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। सिंदूर इसी स्थान पर लगाया जाता है। वहीं, सिंदूर में पारे की मात्रा होती है।
  • पारा ब्रह्मरंध्र स्थान को सुरक्षित रखता है। लगातार इसका उपयोग ब्रह्रंध्र के लिए लाभदायक होता है। विज्ञान के अनुसार, पारा ब्रह्मरंध्र के लिए उत्तम औषधि होता है।
    यह मस्तिष्क को सक्रिय रखता है और कई समस्याओं से उसकी रक्षा करता है। इस कारण सिंदूर विवाहित महिलाओं के जीवन का अभिन्न अंग बन गया।
हिन्दू परिवार संघटन संस्था
 Cont No-09448487317

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