Friday, 1 April 2016

नेहरु नहीं मोहम्मद यूनुस थे भारत के पहले ‘प्रधानमंत्री’, 01 अप्रैल, 1937 को ली थी शपथ -

नई दिल्ली. भारत की आज़ादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू बने, लेकिन आज़ादी से पहले भी देश में कई प्रधानमंत्री हुए। उनमें से पहले प्रधानमंत्री थे मोहम्मद यूनुस. ये बिहार के प्रधानमंत्री थे। 1935 में ब्रिटिश पार्लियामेंट ने ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट’ पारित किया था। एक्ट में प्रधानमंत्री का पदनाम प्रांतीय सरकार के प्रधान के लिए था लेकिन व्यवहार में वो पद वही था जो आज मुख्यमंत्री का है। उस वक़्त मोहम्मद यूनुस बिहार के पहले प्रधानमंत्री बने थे। 
इतिहासकार और खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी के पूर्व निदेशक प्रोफ़ेसर डॉक्टर इम्तियाज़ अहमद बताते हैं, कि एक्ट में प्रधानमंत्री का पदनाम प्रांतीय सरकार के प्रधान के लिए था, लेकिन व्यवहार में वो पद वही था जो आज मुख्यमंत्री का है। इस एक्ट के तहत 1937 में भारत में प्रांत स्तर पर चुनाव हुए। इस चुनाव में बिहार सहित सभी प्रांतों में कांग्रेस की भारी बहुमत से जीत हुई। तब प्रांतीय सरकार में गवर्नर के हस्तक्षेप के सवाल पर कांग्रेस ने सभी जगह सरकार बनाने से इनकार कर दिया था। 
 
अहमद बताते हैं कि कांग्रेस के इनकार के बाद बिहार में मुस्लिम इंडिपेंडेंट पार्टी के मोहम्मद यूनुस ने सरकार बनाई। यूनुस से साथ और तीन लोग भी सरकार का हिस्सा बने थे जिसमें दो ग़ैर-मुस्लिम थे। एक अप्रैल, 1937 को वे बिहार ही नहीं सभी प्रातों में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले पहले शख्स बने। यूनुस 19 जुलाई 1937 तक अपने पद पर रहे। यूनुस का जन्म 4 मई 1884 को बिहार में पटना के करीब पनहरा गांव में हुआ था। उनके पिता मौलवी अली हसन मुख्तार मशहूर वकील थे और उन्होंने लंदन से वकालत पढ़ी थी।
 
यूनुस ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन बाद में वे महात्मा गांधी की असहयोग नीति और दूसरे राजनीतिक कारणों से कांग्रेस से अलग हो गए। फिर उन्होंने 1937 के चुनाव के समय मौलाना सज्जाद के साथ मिलकर मुस्लिम इंडिपेंडेंट पार्टी बनाई। आज़ादी के बाद बने किसान मजदूर प्रजा पार्टी के गठन में भी मोहम्मद यूनुस ने अहम भूमिका निभाई थी। 1952 में 13 मई को मोहम्मद यूनुस का इंतकाल हुआ।

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