Tuesday, 31 May 2016

SHAME: थाने में साफ कराए जूते, बुजुर्ग महिला से कहा- कर लो दूसरी शादी


SHAME: थाने में साफ कराए जूते, बुजुर्ग महिला से कहा- कर लो दूसरी शादीथाने में बैठा आरोपी मुंसी और जूता साफ करता विक्टिम

मेरठ/मुजफ्फरनगर: यूपी पुलिस के कारनामों से तो हर कोई वाकिफ है। कभी फरियाद लेकर पहुंचे विक्टिम को टरकाना, तो कभी जेब गर्म कर सच्ची घटना को छिपा जाना। लेकिन मुजफ्फरनगर पुलिस ने इस बार बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं।


https://www.youtube.com/watch?v=dZx_GVNBSNQ
मुजफ्फरनगर के चरथावल थाने में जब एक फरियादी मोबाइल गुम होने की शिकायत लेकर पहुंचा तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने विक्टिम को ही मोबाइल खो देने की सजा दे डाली उससे अपने जूते साफ करवाए, यही नहीं इसके बाद एक बुजुर्ग महिला को दूसरी शादी करने की सलाह देते हुए उसे वहां से भगा दिया।

फरियादी से करवाए बूट पॉलिश 
-मामला मुजफ्फरनगर के चरथावल थाने का है।
-जहां थाना चरथावल क्षेत्र के गांव हैबतपुर निवासी सिट्टू (50) जूते चप्पल ठीक कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है।
-बीते शुक्रवार सिट्टू का मोबाइल खो गया था।
-सिट्टू थाने पर मोबाइल खो जाने की शिकायत दर्ज कराने गया।
-वहां चरथावल थाने के मुंशी रौदास सिंह ने विक्टिम सिट्टू की शिकायत दर्ज करने के बदले थाने पर मौजूद साथी पुलिसकर्मियों के बूट पॉलिश करने की सजा दे डाली।

बुजुर्ग महिला को बहू-बेटे ने घर से निकाल दिया
-चरथावल थाना क्षेत्र के गांव कुटेसरा निवासी 75 साल की बुजुर्ग महिला शरीफन को उसके पति की मौत के बाद उसके बेटे और बहू उसे बोझ समझने लगे।
-शरीफन बुढ़ापे की दहलीज पर गांव में भीख मांगकर अपना पेट भरती है।
-आए दिन उसके बच्चे उसे परेशान करते हैं।

पुलिस ने कहा थाने क्यों आई हो जाकर दूसरी शादी करो
-शुक्रवार को जब शरीफन अपने बेटे और बहु की शिकायत करने थाने पहुंची।
-वहां थाने के मुंशी रौदास सिंह ने विक्टिम बुजुर्ग महिला को कहा कि थाने आने से अच्छा है कि दूसरा निकाह कर लो।

विक्टिम बोली- ‘अगर मेरे पास चाकू होता तो तेरे पेट में घुसा देती’
-पुलिस द्वारा इस तरह की बात सुन विक्टिम महिला आग बबूला होकर मुंशी को कहने लगी कि तुझे शर्म नहीं आती मेरे पास चाकू होता तो तेरे पेट में घुसा देती।
-लेकिन इस पूरी घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने महिला को थाने से भगा दिया।

एसएसपी ने कहा
-एसएसपी दीपक कुमार ने मामला संज्ञान में लेते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।

Monday, 30 May 2016

रहस्य : इस झील के अंदर रहती है बूढ़ी नागिन, खाती है मक्खन
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हिमाचल प्रदेश को देवभूमि कहा जाता है। यहां कई प्राचीन रहस्य दबे हुए हैं। इन दिनों सबसे बड़ा रहस्य है बना है हिमाचल के मंडी में स्थित सरयोल सर सरोवर और यहां बसने वाली बूढ़ी नागिन। इस नागिन के कारनामे अजीबो-गरीब हैं और अजीब है इससे जुड़ी लोगों की मान्यता। ये कोई जादुई कहानी नहीं बल्कि सच है।>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>
हिमाचल प्रदेश के जिले मंड़ी में स्थित सरयोल सर सरोवर से लोगों की कई मान्यताएं जुड़ी हैं। सरोवर में रहने वाली इस बूढ़ी नागिन को लोग देवी मानते हैं, नागिन की पूजा करते हैं। लोगों का ये मानना है बूढ़ी नागिन देवताओं को शक्ति प्रदान करती है।
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चिड़िया करती हैं झील की सफाई :
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सरयोल सर सरोवर के बारे में कहा जाता है कि यहां के पानी पर तिनका और पेड़ों का पत्ता तक नहीं ठहरता। इसके पानी की सफाई कोई और नहीं बल्कि चिड़िया करती हैं। आबी नाम की एक चिड़िया यहां से तिनके और पत्ते उठाकर ले जाती है और झील का पानी साफ रहता है।
और तो और इस झील का रंग भी बदलता है। बादल आने पर झील का पानी काला दिखाई देता है। मगर जैसे ही धूप चमकती है यह पानी नीला पारदर्शी हो जाता है।
झील में है बूढ़ी नागिन की आरामगाह :
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सरयोल सर के बारे में कहा जाता है कि यह माता बूढ़ी नागिन की आरामगाह है। लोग कहते हैं कि ये नागिन मक्खन खाती है और उसी पर जिंदा है। लोग तो यहां तक मानते हैं कि झील में एक महल हैं जिसमें बूढ़ी नागिन निवास करती है। कहते हैं कि इस झील में नागिन के अलावा और कोई प्रवेश नहीं कर पाया है। कोई जाता है तो डूबकर मर जाता है। यहां पर नहाने से रोक है।
झील के चारों ओर दी जाती है घी की धार :
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सरयोल सर के चारों ओर देसी घी की धार देने की पंरपरा आज भी है। लोग अपनी गाय के घी का तब तक सेवन नहीं करते हैं, जब तक कि सरयोल सर के चारों ओर धार देकर बूढ़ी नागिन को अर्पित न किया जाए।
मंदिर के पुजारी डागू राम का कहना है कि एक साल में यहां पर बीस से पचीस क्विंटल घी माता की पिंडी और झील के किनारे चढ़ा दिया जाता है। जिससे झील के पानी में भी चिकनाहट आ जाती है।
बीस भादों को पहुंचता है बूढ़ी नागिन का रथ :
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सरयोल सर समुद्रतल से दस हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से सर्दियों में भारी बर्फबारी होती है। इसलिए चैत नवरात्रों से अक्टूबर-नवंबर तक ही यहां जाया जा सकता है। कहा जाता है कि बीस भदों को माता बूढ़ी नागिन का रथ यहां आता है, इस दौरान अन्य देवी-देवताओं के रथ भी यहां आते हैं। उस दौरान यहां भीड़ बढ़ जाती है।
पुजारी डागू राम के अनुसार पहले शाम के समय यहां पर काले रंग की चिडिय़ा जिसे स्थानीय बोली में आबी कहा जाता है झील पर बिखरे तिनके और पत्ते उठा ले जाती थी। उसने स्वयं कई बार उसे देख है। मगर अब वह किसी को दिखाई नहीं देती है। 

Sunday, 29 May 2016

उज्जैन सिंहस्थपर्व देखकर स्पेन की एक वास्तुविद (आर्किटेक्ट) महिला ने हिन्दू धर्म की दीक्षा ली !

उज्जैन – सात समंदर पार स्पेन से आकर आर्किटेक्ट फातिमा अब ‘मां शिप्रा पुरी’ हो गई हैं। सीमेंट कांक्रीट का उपयोग किए बिना शिप्रा पुरी बांस और मिट्टी से बड़े-बड़े महल तैयार करती हैं। दीक्षा लेने के बाद अब वे गुड मार्निंग की जगह नमस्कार आैर अखाडे का अभिवादन मंत्र ‘ओम नमो नारायण’ का उच्चारण करती हैं।
केदारेश्वर घाट के समीप कामख्या धाम में वे इस समय बांस और मिट्टी से ध्यान योग केंद्र का निर्माण कर रही हैं। वह दत्त अखाड़े के संतों से घुल-मिल गई हैं।

नेपाल से की शुरुआत

मां शिप्रा पुरी ने बताया कि आर्किटेक्ट की डिग्री लेने के बाद उन्होंने सबसे पहले नेपाल में बांस और मिट्टी से पुल, पुलिया, मकान, झील का निर्माण किया। नेपाल और स्पेन की नाम-चीन होटलों में बांस के गार्डन तैयार कराए।

बांस की कुटिया बनाने आईं थीं

उन्हें २०१४ में एमपी स्टेट बंबू मिशन के तहत बुलाया गया था। सिंहस्थ में बांस की कुटिया सहित अन्य निर्माण कार्यों पर अधिकारीयों से चर्चा हुई। शिप्रा पुरी ने बताया कि, निर्माण संबंधी चर्चाएं करते-करते सिंहस्थ की चर्चाएं शुरू हो गईं। मन में जिज्ञासा बढती गई कि बिना निमंत्रण के करोड़ों लोग कैसे जमा हो जाते हैं। रामघाट पर घूमते समय दत्त अखाड़े के पुजारी आनंद पुरी महाराज से मुलाकात हो गई। बस यहीं से उनका जीवन ही बदल गया।
शिप्रा पुरी दत्त अखाड़े में ध्यान और पूजा में अधिक समय लगा रही हैं। आरती के समय झांझ भी बजाती हैं।

Friday, 27 May 2016

देश के दलालों; आरक्षण हटाओ, रोजगार बढ़ाओ, प्रतिभा बचाओ, बेरोज़गारी अपने आप ख़त्म हो जायेगी!

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“आरक्षण नहीं रोजगार बढ़ाओ, बेरोज़गारी अपने आप  ख़त्म हो जायेगी ; जब प्रतिभा को अवसर सहज ही उपलब्ध होगा तो समाज को आरक्षण की आवश्यकता ही नहीं होगी ; राजस्व की वृद्धि केवल कर बढाकर संभव नहीं, क्यों न लोगों की आय बढ़ाने  का प्रयास किया जाए।
धन का सृजन समाज की समृद्धि के लिए आवश्यक है और इसीलिए  सरकार की नीतियां भी ऐसी होनी चाहिए जो समाज में धन के सृजन को प्रोत्साहित करे पर धन का निर्माण किस कीमत पर हो  इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता , लाभ बुरा नहीं बुराई लालच में है ! किसी भी परिस्थिति में धन का मूल्य जीवन मूल्यों से अधिक महत्वपूर्ण नहीं हो सकता।
सरकार की नीतियां ऐसी होनी चाहिए जो समाज को आत्म निर्भर बनाने  पर केंद्रित हो पर जब शाशन तंत्र अपनी शक्तियों का प्रयोग समाज को आश्रित करने में लगाएगा तो विकास कैसा और कैसे ?
दण्ड का प्रावधान अपराध के प्रति विकर्षण पैदा करने के लिए था और कानून की व्यवस्था न्याय को सुनिश्चित करने के लिए पर जब कानूनी प्रावधान का प्रयोग अपराधियों के संरक्षण और निर्बल  के शोषण के लिए होने लगे तो व्यवस्था तंत्र के प्रति समाज में अविश्वास स्वाभाविक है और न ही अपराध को रोक पान संभव होगा ।
मांग और आपूर्ति पर आधारित अर्थ व्यवस्था पूंजीवाद की दृष्टि से सही हो सकती है पर आदर्श परिस्थिति में जीवन की आवश्यकता और संसाधनों की उपयोगिता सिद्ध करना ही सही अर्थों में अर्थ की व्यवस्था कही जा सकती है।
बाज़ारवाद और विदेशी  निवेश भले ही आज देश को  आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लगे पर जब तक समाज में लोगों के अंदर आत्मविश्वास के संचार का प्रयास न किया जाए , किसी भी राष्ट्र का विकास संभव ही नहीं, फिर आंकड़े चाहे जो कहें !
महत्वपूर्ण यह नहीं की हमारे पास क्या नहीं है बल्कि मह्त्व इस बात का होना चाहिए की हमारे पास क्या है, तभी हम अपनी कमज़ोरी को भी प्रयोग के माध्यम से अपनी शक्ति में रूपांतरित कर सकेंगे।
जनतंत्र में जनादेश महत्वपूर्ण है पर समाज में जनता की आवश्यकताएँ हर परिस्थिति में सर्वोपरि होनी चाहिए। हाँ, यह सही है की जनतंत्र में बहुमत को निर्णय का अधिकार प्राप्त होता है पर जब समस्या बहुमत का स्तर हो तो क्या किया जाए ? ऐसी परिस्थिति ही राजनीति में सामाजिक हस्तछेप   को आवश्यक बनाती  है।
सामाजिक विकास की दृष्टि से यह अत्यन्त आवश्यक है की सरकारी तंत्र सामाजिक व्यवस्था के लिए कैसी योजनाएं बनाती है और इतना ही नहीं, उनका क्रियान्वयन भी प्रयास की सफलता की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा और इस हिसाब से सरकार का नेतृत्व के लिए समाज अपने लिए कैसे नेता को चुनता है यह निर्णायक होता है।
इसीलिए, त्रुटिपूर्ण नेतृत्व ही सामाजिक विकास की दिशा में किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है , जब तक इस समस्या का निवारण न किया जाए न तो परिस्थितियों में सुधार संभव है और न ही राष्ट्र की प्रगति ;
केवल ‘विकास’ के नाम पर दिए जाने वाले भाषणों से कभी भी किसी भी राष्ट्र का विकास नहीं हुआ , प्रयास को सही दिशा देनी होगी और यह तभी संभव है जब हम त्रुटिपूर्ण नेतृत्व को सामाजिक समस्या मानकर सर्वप्रथम उसके निवारण का प्रयास करें , क्योंकि वही सामाजिक कुव्यवस्था का मूल स्त्रोत है ;
जब तक हम समाज के  मूल समस्या पर अपने प्रयास को केंद्रित नहीं करेंगे और समस्या के प्रभाव से विचलित होकर प्रतिक्रिया  करते रहेंगे, परिस्थितियों में परिवर्तन संभव ही नहीं। प्रयास की औपचारिकता अपने परिणाम से केवल समय की व्यर्थता ही सिद्ध करेगी, ऐसे में, यह हमें सोचना है की हमारे लिए महत्वपूर्ण क्या है , राष्ट्र या राजनीति, जीवन की सफलता या सार्थकता !”|

देश भर में शरिया कानून लागू किया जाएगा। गैर मुस्लिमों को यदि यहाँ रहना है तो इस्लाम कबूल करना ही होगा अथवा मारना होगा।


2035 का सीन ….
नई दिल्ली-26 मई 2035: जैसा कि आपको पता है कि देश में मुसलमान 50% हो गए है और आज लोकसभा के चुनाव का रिजल्ट आया गया है देश में सबसे ज्यादा सीटें पाने वाले पार्टी AIMIM की देश की मुस्लिम समर्थक पार्टी सपा-(SP), बसपा(BSP), जनता दल व यूनाइटेड (JD & JDU), AAP  व कॉंग्रेस आदि पार्टियों ने AIMIM समर्थन दे दिया है। बहुमत के साथ AIMIM की सरकार बन गई है।
आज ही देश के नव निर्वाचित प्रधानमन्त्री असादुद्दीन ओवैसी ने घोषणा कर दी है जो की निम्न लिखित है:
  1. भारत का ना भारत, हिंदुस्तान, आर्यावर्त व INDIA कहने वाले को फांसी की सजा दी जाएगी।
  2. आज ओवेसी के नेतृत्व में मुस्लिम सरकार बनते ही हिन्दुस्तान को मुस्लिम रास्ट्र घोषित कर दिया गया है जो की उनका मुख्य चुनावी वादा था।
  3. आज से देश का प्रत्येक नागरिक अब देश को “इस्लामिस्तान” कहेगा।
  4. देश भर में शरिया कानून लागू किया जाएगा।
  5. मुस्लिम देश में रहने वाले गैर मुस्लिमों को यदि यहा रहना है तो इस्लाम कबूल करना ही होगा अथवा मारना होगा।
  6. कोई भी गैर मुस्लिम मस्जिद, मज़ार, दरगाहों के सिवा काही भी नहीं जाएगा।
  7. सभी गैर मुस्लिम धार्मिक स्थलों को तोड़ने का आदेश जारी कर दिया गया है।
  8. सनातन धर्म की समस्त धार्मिक सम्पत्तियों पर केंद्र सरकार का कब्जा होगा।
  9. भगवा या तिरंगा लेकर केंद्र का विरोध करने वालों को देखते ही गोली मरने का आदेश जारी कर दिया गया है।
  10. देश भर में अकबर, औरंगजेब, बाबर, गजनी, चिश्ती, खिलजी आदि मुस्लिमों की मूर्तियों को लगाया जाएगा बाकी सभी की पहले से स्थापित मूर्तियों को तोड़ा जाएगा।
  11. देश भर में सिर्फ और सिर्फ मदरसों में ही शिक्षा दी जायेगी, कुरान हदीस, इस्लामिक ग्रंथ अनिवार्य है।
  12. हिन्दी-संसक्रत आदि भाषायेँ बोलने वाले को जेल की सजा दी जाएगी जहा 1 माह में उर्दू-अरबी सीखनी होगी।
  13. आज से देश भर के मुस्लिमों को गैर मुस्लिम स्त्रियॉं को गुलाम बनाने की छूट है।
  14. मुस्लिम किसी भी गैर मुस्लिम स्त्री से बलात्कार कर सकता है, बलात्कार का विरोध करने पर उस स्त्री का तब तक बलात्कार करवाया जाएगा जब तक की वह स्त्री मर ना जाए।
  15. देश के एक भी गैर मुस्लिम को देश के बाहर जाने कीतब तक इजाजत नहीं है जब तक की वह इस्लाम न कबूल कर ले।
  16. केंद्र सरकार के सभी नेताओं को इस्लाम कबूल करना पड़ेगा तभी व पद वेतन आदि प्रपट कर सकेंगे
  17. केंद्र सकरक के सभी गैर मुस्लिम नेताओं मुलायम, माया, राहुल, ममता, जयललिता, दिग्विजय, केजरी, हरीश रावत आदि ने तथा देश के तमाम IAS IPS PCS आदि अधिकारियों ने इस्लाम कबूल कर लिया है और जो बचे है वो भी इस्लाम कबूल कर रहे है।
  18. देश के सभी नेताओं अधिकारिओं को सक्ष्त आदेश दिये गए है की वो जगह-जगह इस्लाम के लिए धर्म-परिवर्तन कैंप लगाए और गैर मुस्लिमों को मुसलमान बनाएँ, ऐसा ना करने वाले पदाधिकारिओं को हमेशा के लिए पद से हटा दिया जाएगा ।
  19.  मुस्लिम अब गैर मुस्लिम 2 वर्ष की बच्ची से भी निकाह कर सकते है।
सरकार ने कहा है कि आज रात को ही देश भर में कानून की नियमावली जारी कर दी जाएगी, और देश के संविधान का ओलन अब नहीं किया जा सकेगा।
देश भर से आ रही ताजा खबरें भी आपको बता दूँ जो की निम्नलिखित है : 
देश में जगह जगह मन्दिरो को तोड़ा जा रहा है देश भर में मस्जिदों का निर्माण जोरो शोरो से चल रहा है।
इधर पाकिस्तान-चीन ने मिलकर भारत पर हमला कर दिया है सेना उधर बोर्डर पर मर रही है इधर देश में भयंकर गृह युद्ध चल रहा है।
कानून व्यवस्था पूरी मुस्लिमो के हाथ में है हिन्दू जगह जगह सड़क पर काटे जा रहे है। 
मरने चिल्ला रहे है मोदी हमें बचा लो,  लोगो को याद आ रहा है कि 2015 में वो मोदी को इसलिए गालीयां दे रहे थे कि दाल महंगी है, आपको बता दूँ ये वही लोग है जिंहोने AIMIM या उसकी समर्थक पार्टियों की वोट दिया था।
हिन्दू लड़कियो को सड़क पर नंगा करके 50 -50 लोग तब तक बलात्कार कर रहे है जब तक की वो सड़क पर ही नही मर जाए।
सारी बैंके..बड़े बड़े शोरूम बाजार सब लुटे जा रहे है। सारे मकान बंगलो में से हिन्दुओ को निकाल कर फेंका जा रहा है।
झोपड़ पट्टी छाप मुसलमान बंगलो में घुस कर कब्जा कर रहे है और बड़े बड़े घर की हिन्दू लड़कियो को रखेल बनाया जा रहा है या बाजारों में नंगा करके बोली लगा कर बेचा जा रहा है।
आज तक जिन हिन्दू “नेताओ” ने हिन्दुओ को सेक्युलर बनाए रखा था उनमे से सभी ने इस्लाम अपना लिया।
जिन हिंदुओं ने इस्लाम अपनाया है उन्होने इस्लाम अपनाते ही 4 निकाह भी तुरंत कर लिए है और उनकी बेगमों की आयु 8 वर्ष से 14 वर्ष के बीच ही है ।
पर मिडिल क्लास और गरीब हिन्दू इन नरपिशाचों के बीच यहाँ खाया जा रहा है। उसकी बीवी , लडकिया रोड पर बलात्कार कर के मारी जा रही है या रखैल बनाई जा रही है।
ये सिर्फ कल्पना नही है …
ये सब चीजे 1990 में काश्मीर में हुई थी.. काश्मीर में बचे 3545 पंडितो को पुछ लिजिए कि 19/01/1990 को दिन 5,00,000 काश्मीरी पंडितो, उसकी बहन-बेटियो-घरो के साथ यही सब हुआ था ।
मुर्ख मत बनो.. तुमको मोदी के रूप में एक हिन्दू  प्रधानमंत्री मिला  है.. उसको काम करने दो.. ऊँगली मत करो ।
भरा नही जो भावो से बहती जिसमे रसधार नही 
हिन्दू नही वो गद्दार है जिसको मोदी स्वीकार नही !!
जनहित का ये message सिर्फ आप सब के पढने के लिए नहीं है…. 
क्या आपको याद नहीं है कि मुगलों, चंगेजों, तुर्कों आदि ने हमारे हिंदू पूर्वजो पर किये
1- मैं नहीं भूला उस कामपिपासु अलाउद्दिन को, जिससे अपने सतित्तव को बचाने के लिये रानी पद्ममिनी ने 14000 स्त्रियो के साथ जलते हुए अग्निकुंड में कूद गयी थीं।
2- मैं नहीं भूला उस जालिम औरंगजेब को, जिसने संभाजी महाराज को इस्लाम स्वीकारने से मना करने पर तडपा तडपा कर मारा था।
3- मैं नहीं भूला उस जिहादी टीपु सुल्तान को, जिसने एक एक दिन में लाखो हिंदुओ का नरसंहार किया था।
4- मैं नहीं भूला उस जल्लाद शाहजहाँ को, जिसने 14 बर्ष की एक ब्राह्मण बालिका के साथ अपने महल में जबरन बलात्कार किया था।
5- मैं नहीं भूला उस बर्बर बाबर को, जिसने मेरे श्री राम प्रभु का मंदिर तोडा और लाखों निर्दोष हिंदुओ का कत्ल किया था।
6- मैं नहीं भूला उस शैतान सिकन्दर लोदी को, जिसने  नगरकोट के ज्वालामुखि मंदिर की माँ दुर्गा की मूर्ति के टुकडे कर उन्हे कसाइयो को मांस तोलने के लिये दे दिया था।
7- मैं नहीं भूला उस धूर्त ख्वाजा मोइन्निद्दिन चिस्ती को, जिसने संयोगीता को इस्लाम कबूल ना करने पर नग्न कर मुगल सैनिको के सामने फेंक दिया था।
8- मैं नहीं भूला उस निर्दयी बजीर खान को, जिसने गुरूगोविंद सिंह के दोनो मासूम फतेहसिंग और जोरावार को मात्र 7 साल और 5 बर्ष की उम्र में इस्लाम ना मानने पर दीवार में जिन्दा चुनवा दिया था।
9- मैं नहीं भूला उस जिहादी बजीर खान को, जिसने बन्दा बैरागी की चमडी को गर्म लोहे की सलाखो से तब तक जलाया जब तक उसकी हड्डियां ना दिखने लगी मगर उस बन्दा वैरागी ने इस्लाम स्वीकार नही किया
10- मैं नहीं भूला उस कसाई औरंगजेब को, जिसने पहले संभाजी महाराज की आँखों मे गरम लोहे के सलिए घुसाए, बाद मे उन्हीं गरम सलियों से पुरे शरीर की चमडी उधेडी, फिर भी संभाजी ने हिंदू धर्म नही छोड़ा था।
11- मैं नहीं भूला उस नापाक अकबर को, जिसने हेमू के 72 वर्षीय स्वाभिमानी बुजुर्ग पिता के इस्लाम कबूल ना करने पर उसके सिर को धड़ से अलग करवा दिया था।
12- मैं नहीं भूला उस वहशी दरिंदे औरंगजेब को, जिसने धर्मवीर भाई मतिदास के इस्लाम कबूल न करने पर बीच चौराहे पर आरे से चिरवा दिया था।
हम हिंदुओ पर हुए अत्याचारो को बताने के लिए शब्द और पन्ने कम हैं, यदि इस पोस्ट को पढ़कर मेरी तरह आपका खून भी खौला हो, तो पोस्ट को अपने मित्रों के साथ शेयर ज़रूर करें।
कुछ हिन्दू तो इसे शेयर भी नहीं करेंगे।
–जय श्री राम
-वंदे मातरम
-भारत माता की जय

Saturday, 21 May 2016

examination के लिए


भारत का राष्ट्रीय ध्वज - तिरंगा
भारत का राष्ट्रीय गान - जन-गन-मन
भारत का राष्ट्रीय गीत - वन्दे मातरम्
भारत का राष्ट्रीय चिन्ह - अशोक स्तम्भ.
भारत का राष्ट्रीय पंचांग - शक संवत
भारत का राष्ट्रीय वाक्य - सत्यमेव जयते
भारत की राष्ट्रीयता - भारतीयता
भारत की राष्ट्र भाषा - हिंदी
भारत की राष्ट्रीय लिपि - देव नागरी
भारत का राष्ट्रीय ध्वज गीत - हिंद देश
का प्यारा झंडा
भारत का राष्ट्रीय नारा - श्रमेव जयते
भारत की राष्ट्रीय विदेशनीति -गुट निरपेक्ष
भारत का राष्ट्रीय पुरस्कार - भारत रत्न
भारत का राष्ट्रीय सूचना पत्र - श्वेत पत्र
भारत का राष्ट्रीय वृक्ष - बरगद
भारत की राष्ट्रीय मुद्रा - रूपया
भारत की राष्ट्रीय नदी - गंगा
भारत का राष्ट्रीय पक्षी - मोर
भारत का राष्ट्रीय पशु - बाघ
भारत का राष्ट्रीय फूल - कमल
भारत का राष्ट्रीय फल - आम
भारत की राष्ट्रीय योजना - पञ्च वर्षीय योजना
भारत का राष्ट्रीय खेल - हॉकी
भारत की राष्ट्रीय मिठाई - जलेबी
भारत के राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस)
[भारत का संक्षिप्त इतिहास


563 : गौतम बुद्ध का जन्‍म
540 : महावीर का जन्‍म
327-326 : भारत पर एलेक्‍जेंडर का हमला। इसने भारत और यूरोप के बीच एक भू-मार्ग खोल दिया
313 : जैन परंपरा के अनुसार चंद्रगुप्‍त का राज्‍याभिषेक
305 : चंद्रगुप्‍त मौर्य के हाथों सेल्‍युकस की पराजय
273-232 : अशोक का शासन
261 : कलिंग की विजय
145-101 : एलारा का क्षेत्र, श्रीलंका के चोल राजा
58 : विक्रम संवत् का आरम्‍भ
78 : शक संवत् का आरम्‍भ
120 : कनिष्‍क का राज्‍याभिषेक
320 : गुप्‍त युग का आरम्‍भ, भारत का स्‍वर्णिम काल
380 : विक्रमादित्‍य का राज्‍याभिषेक
405-411 : चीनी यात्री फाहयान की यात्रा
415 : कुमार गुप्‍त-1 का राज्‍याभि‍षेक
455 : स्‍कंदगुप्‍त का राज्‍याभिषेक
606-647 : हर्षवर्धन का शासन
712 : सिंध पर पहला अरब आक्रमण836 : कन्‍नौज के भोज राजा का राज्‍याभिषेक
985 : चोल शासक राजाराज का राज्‍याभिषेक
998 : सुल्‍तान महमूद का राज्‍याभिषेक
1000 से 1499
1001 : महमूद गजनी द्वारा भारत पर पहला आक्रमण, जिसने पंजाब के शासक जयपाल को हराया था
1025 : महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर का विध्‍वंस
1191 : तराई का पहला युद्ध
1192 : तराई का दूसरा युद्ध
1206 : दिल्‍ली की गद्दी पर कुतुबुद्दीन ऐबक का राज्‍याभिषेक
1210 : कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्‍यु
1221 : भारत पर चंगेज खान का हमला (मंगोल का आक्रमण)
1236 : दिल्‍ली की गद्दी पर रजिया सुल्‍तान का राज्‍याभिषेक
1240 : रजिया सुल्‍तान की मृत्‍यु
1296 : अलाउद्दीन खिलजी का हमला
1316 : अलाउद्दीन खिलजी की मृत्‍यु
1325 : मोहम्‍मद तुगलक का राज्‍याभिषेक
1327 : तुगलकों द्वारा दिल्‍ली से दौलताबाद और फिर दक्‍कन को राजधानी बनाया जाना
1336 : दक्षिण में विजयानगर साम्राज्‍य की स्‍थापना
1351 : फिरोजशाह का राज्‍याभिषेक
1398 : तैमूरलंग द्वारा भारत पर हमला
1469 : गुरुनानक का जन्‍म
1494 : फरघाना में बाबर का राज्‍याभिषेक
1497-98 : वास्‍को-डि-गामा की भारत की पहली यात्रा (केप ऑफ गुड होप के जरिए भारत तक समुद्री रास्‍ते की खोज)
1500 से 1799
1526 : पानीपत की पहली लड़ाई, बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया- बाबर द्वारा मुगल शासन की स्‍थापना
1527 खानवा की लड़ाई, बाबर ने राणा सांगा को हराया
1530 : बाबर की मृत्‍यु और हुमायूं का राज्‍याभिषेक
1539 : शेरशाह सूरी ने हुमायूं का
हराया और भारतीय का सम्राट बन गया
1540 : कन्‍नौज की लड़ाई
1555 : हुमायूं ने दिल्‍ली की गद्दी को फिर से हथिया लिया
1556 : पानीपत की दूसरी लड़ाई
1565 : तालीकोट की लड़ाई
1576 : हल्‍दीघाटी की लड़ाई- राणा प्रताप ने अकबर को हराया
1582 : अकबर द्वारा दीन-ए-इलाही की स्‍थापना
1597 : राणा प्रताप की मृत्‍यु
1600 : ईस्‍ट इंडिया कंपनी की स्‍थापना
1605 : अकबर की मृत्‍यु और जहाँगीर का राज्‍याभिषेक
1606 : गुरु अर्जुन देव का वध
1611 : नूरजहाँ से जहांगीर का विवाह
1616 : सर थॉमस रो ने जहाँगीर से मुलाकात की
1627 : शिवाजी का जन्‍म और जहांगीर की मृत्‍यु
1628 : शाहजहां भारत के सम्राट बने
1631 : मुमताज महल की मृत्‍यु
1634 : भारत के बंगाल में अंग्रेजों को व्‍यापार करने की अनुमति दे दी गई
1659 : औरंगजेब का राज्‍याभिषेक, शाहजहाँ को कैद कर लिया गया
1665 : औरंगजेब द्वारा शिवाजी को कैद कर लिया गया
1680 : शिवाजी की मृत्‍यु
1707 : औरंगजेब की मृत्‍यु
1708 : गुरु गोबिंद सिंह की मृत्‍यु
1739 : नादिरशाह का भारत पर हमला
1757 : प्‍लासी की लड़ाई, लॉर्ड क्‍लाइव के हाथों भारत में अंग्रेजों के राजनीतिक शासन की स्‍थापना 1761पानीपत की तीसरी लड़ाई, शाहआलम द्वितीय भारत के सम्राट बने
12-1-1863 स्वामी विवेकानंद
28-1-1865 लाला लजपतराय
1-1-1894 जगदीश चंद्र बोंज
23-1-1897 सुभाष चंद्र बोंज
13-1-1949 राकेश शर्मा
20-1-1900 जनरल के.ऍम. करिअप्पा

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Feb...
18-2-1486 महाप्रभु चेतन्य
18-2-1836 रामकुष्ण परमहंस
22-2-1873 मोहम्मद इकबाल
13-2-1879 सरोजिनी नायडु
29-2-1896 मोरारजी देसाइ

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March...
23-3-1910 डॉ. राममनोहर लोहिया

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April...
15-4-1469 गुरु नानक देवजी
14-4-1563 गुरु अर्जुन देवजी
14-4-1891 डॉ.भीमराव आंबेडकर

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May...
5-5-1479 गुरु अमरदास
31-5-1539 महाराणा प्रताप
6-5-1861 मोतीलाल नेहरु
7-5-1861 रविन्द्रनाथ टेगोर
9-5-1866 गोपालकृष्ण गोखले
24-5-1907 महादेवी वर्मा
2-5-1921 सत्यजित राय
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Jun...
26-6-1838 बंकिमचंद्र चट्टो पाध्याय
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Aug...
27-8-1910 मधर टेरेसा
29-8-1905 ध्यानचंद
------------------------------------------Sept...
26-9-1820 ईश्वरचंद्र विद्यासागर
4-9-1825 दादाभाई नवरोजी
10-9-1887 

July...
23-7-1856 लोकमान्य तिलक
31-7-1880 प्रेमचंद मुनशी
29-7-1904 जे. आर. डी. टाटा
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गोविंद वल्लभ पंत
5-9-1888 डॉ. राधाकृष्ण
11-9-1895 विनोबा भावे
27-9-1907 भगतसिंह
15-9-1861 ऍम.विश्वसरेइया
15-9-1876 शरदचंद्र चटोपाध्याय
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Oct...
1-10-1847 डॉ. ऐनी.बेसन्ट
2-10-1869 महात्मा गांधीजी
22-10-1873 स्वामी रामतीर्थ
31-10-1875 सरदार वल्लभभाई पटेल
31-10-1889 आचार्य नरेन्द्रदवे
11-10-1902 जयप्रकाश नारायण
30-10-1909 डॉ. होमी भाभा
19-10-1920 पांडुरंग शास्त्रीजी
आठवले पु. दादा
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Nove...
13-11-1780 महाराणा रणजीतसिंह
4-11-1845 वासुदेव बळवंत फडके
7-11-1858 बिपिनचंद्र पाल
30-11-1858 जगदीशचंद्र बोज
5-11-1870 देशबंधु चितरंजनदास
11-11-1888 मौलाना आज़ाद
4-11-1889 जमनालाल बजाज
19-11-1917 श्रीमती इंदिरागांधी
23-11-1926 श्री सत्यसाई बाबा
4-11-1939 शकुंतलादेवी
12-11-1896 सलीमअली
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Des...
9-12-1484 महाकवि सूरदास
25-12-1861 मदनमोहन मालविया
27-12-1869 ठक्कर बापा
7-12-1879 चक्रवर्ती राजगोपालचारी
3-12-1884 डॉ. राजेन्द्रप्रसाद
30-12-1887 कनैयालालमुनशी
11-12-1931 राजेन्द्रकुमार जेन ओसो रजनीश
22-12-1887 रामानुजम
भारत के प्रमुख पदाधिकारी

* राष्ट्रपति
श्री प्रणब मुखर्जी
* उप राष्ट्रपति
श्री हामिद अंसारी
* प्रधान मंत्री
श्री नरेंदर मोदी
* लोकसभा अध्यक्ष
श्रीमती सुमित्रा महाजन
* सर्वोच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश
श्री एच एल दत्तू
* राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष
श्री के. जी.बाल क्रष्णन
* राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष
श्रीमती कुमारमंगलम्
* मुख्य चुनाव आयुक्त
श्री एच एस ब्रम्हा
* अटार्नी जनरल
श्री मुकुल रोहतगी
* सोलिसिटर जनरल
श्री रनजीत कुमार
* राष्ट्रीय विधि आयोग के अध्यक्ष
श्री ए पी शाह
* राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
श्री अजीत कुमार डोवल
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भारत के सभी राज्यों के वर्तमान मुख्यमंत्री
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राज्य ---- मुख्यमंत्री
तेलंगाना ----- के चंद्रशेखर राव
आन्ध्र प्रदेश ---- चन्द्रबाबू नायडू
अरुणाचल प्रदेश ---- नबम तुकी
असम ---- तरुण गोगोई
बिहार ........नितिश कुमार
छत्तीसढ ---- रमन सिंह
दिल्ली ------ अरविंद केजरीवाल
गोआ ----- लक्ष्मीकांत परेस्कर
गुजरात ----- आनंदीबेन पटेल
हरियाणा ----- मनोहर लाल खट्टर
हिमाचल प्रदेश ----- वीरभद्र सिंह
जम्मू और कश्मीर ----- मुफ्ती मेह्बूबा 
झारखण्ड ---- रघुवर दास
कर्नाटक ----- सिद्धारमैया 
केरल ------ ओमान चांडी
मध्य प्रदेश ------ शिवराज सिंह चौहान
महाराष्ट्र ----- देवेन्द्र फड़नवीस
मणिपुर ----- ओकराम इबोई सिंह
मेघालय ----- मुकुल संगमा
मिज़ोरम पु ----- ललथानवाला
नागालैण्ड ----- टी आर जेलियांग
ओडिशा ----- नवीन पटनायक
पॉण्डिचेरी ---- एन. रंगास्वामी
पंजाब ---- प्रकाश सिंह बादल
राजस्थान ---- वसुंधरा राजे सिंधिया
सिक्किम ---- पवन कुमार चामलिंग
तमिलनाडु ----ओ. पनीरसेल्वम्
त्रिपुरा ------ माणिक सरकार
उत्तराखण्ड ------ हरीश रावतउत्तर प्रदेश ------ अखिलेश यादव
पश्चिम बंगाल ------ ममता बनर्जी
:::::: पंचायती राज:::::::
संविधान के किस भाग में पंचायती राज व्यवस्था का वर्णन है— भाग-9
पंचायती राज व्यवस्था किस पर आधारित है— सत्ता के विकेंद्रीकरण पर
पंचायती राज का मुख्य उद्देश्य क्या है— जनता को प्रशासन में भागीदारी योग्य बनाना
किसके अंतर्गत पंचायती राज व्यवस्था का वर्णन है— नीति-निर्देशक सिद्धांत
संविधान के किस संशोधन द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया है— 75वें संशोधन
75वें संशोधन में कौन-सी अनुसूची जोड़ी गई हैं— 11वीं
पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन हेतु कौन उत्तरदायी है— राज्य निर्वाचन आयोग
भारत में पंचायती राज अधिनियम कब लागू हुआ— 25 अप्रैल, 1993
सर्वप्रथम पंचायती राज व्यवस्था कहाँ लागू की गई— नागौर, राजस्थान में
राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था कहाँ लागू की गई— 1959 को
देश के सामाजिक व सांस्कृतिक उत्स्थान के लिए कौन-सा कार्यक्रम चलाया गया— सामुदायिक विकास कार्यक्रम
भारत में सामुदायिक विकास कार्यक्रम कब आरंभ हुआ— 2 अक्टूबर, 1952
किसकी सिफारिश पर भारत में पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना की गई बलवंत राय मेहता समिति
पंचायती राज की सबसे छोटी इकाई क्या है— ग्राम पंचायत
बलवंत राय समिति के प्रतिवेदन के अनुसार महत्वपूर्ण संस्था कौन-सी है— पंचायत समिति
पंचायती राज संस्थाओं के संगठन के दो स्तर होने का सुझाव किसने दिया था— अशोक मेहता समिति

नदियों के किनारों पर बसे
विश्व के प्रमुख नगर

नगर नदी
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मास्को मोस्कवा नदी
कोलम्बो केलानी नदी
बगदाद टिगरिस नदी
नई दिल्ली य मुनानदी
बेलग्रेड डेन्यूब नदी
आगरा यमुनानदी
बर्लिन स्ट्री नदी
हरिद्वार गंगा नदी
बुडापेस्ट डेन्यूब नदी
कानपुर गंगानदी
काहिरा नील नदी
नासिक गोदावरी नदी
करांची सिन्धु नदी
उज्जैन क्षिप्रा नदी
लन्दन टेम्स नदी
श्रीनगर झेलमनदी
लाहौर रावी नदी
इलाहाबाद गंगा-यमुना
न्यूयार्क हडसन नदी
अहमदाबाद साबरमती
पेरिस सीन नदी
कोलकात्ता हुगली
रोम टाईबर नदी
गुवाहाटी ब्रह्मपुत्र
शंघाई यांगटिसिक्यांग
जबलपुर नर्मदा
टोकियो सुमीदा नदी
सूरत ताप्ती
विएना डेन्यूब नदी o
हैदराबाद मूसी
वारसा विस्तुला न दी
लखनऊ गोमती

शक्तावतो का गुडासौम नदि
वाशिंगटन पोटोमेक नदी ।