Sunday, 26 February 2017

इस वीडियो में ओवैसी ‘हिंदू भाइयों’ के लिए शिवरात्रि पर दो छुट्टियां देने की मांग करते नज़र आ रहे हैं.

महाशिवरात्रि पर अकबरुद्दीन ओवेसी ने जो कहा उसके बाद हर हिन्दू उसको जवाब देना चाहेगा

अकबरुद्दीन ओवैसी. नाम आते ही याद आती है वो तेज़ाबी स्पीच जिसमें उन्होंने पंद्रह मिनट सेना हटाने की बात कही थी. पांच साल पहले दी गई वो स्पीच ओवैसी से ऐसी चिपटी कि उसके बाद उनको किसी और चीज़ के लिए जाना ही नहीं गया. पिछले पांच सालों में उन्होंने जो कुछ भी किया या कहा वो उसी स्पीच की रोशनी में परखा जाता रहा. आज हम आपके लिए उन्हीं ओवैसी का कहा कुछ और लेकर आए हैं.
इस वीडियो में ओवैसी ‘हिंदू भाइयों’ के लिए शिवरात्रि पर दो छुट्टियां देने की मांग करते नज़र आ रहे हैं. वो कहते हैं,
ईद पर सरकार ने दो छुट्टियां दी हैं हम उसका स्वागत करते हैं. क्रिसमस के लिए भी छुट्टी दी है हम उसका भी स्वागत करते हैं. लेकिन मजलिस की तरफ से मैं सरकार से मांग करता हूं कि शिवरात्रि के लिए भी दो छुट्टियां दी जाएं. क्योंकि शिवरात्रि के लिए हमारे हिंदू भाई, खाना खाए बगैर रोज़े की तरह रहते हैं. रात भर जागते हैं और दूसरे दिन उनको काम पर जाना पड़ता है. ये सही नहीं है. आपने जिस तरीके से ईद पर दो दिन की छुट्टी दी है, क्रिसमस पर दी है उसी तरह शिवरात्रि पर भी दीजिए. ये अच्छा पैगाम जाएगा हुकूमत की तरफ से.”
वीडियो एक-दो शिवरात्रि पहले का है, नज़र पड़ गई तो चौंके. बहुत पॉजिटिव भी महसूस हुआ. हमेशा नेगेटिव रहना भी तो ठीक नहीं किसी के लिए.


यहां बात धार्मिक, अधार्मिक होने की नहीं है. बात ये है कि पॉलिटिक्स में इस चीज की ज्यादा जरूरत है जहां आप अलग धार्मिक, राजनीतिक पहचान वाले लोगों और वोटर्स के मन में भरोसा और प्रेम पैदा करने वाला काम करें. यही बात अकबरुद्दीन के लिए भी जाती है और यही बात तोगड़िया के लिए भी जाती है. ये डेमोक्रेसी की ही खूबी है कि जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाकर रखती है. जहां कसर रह जाए वहां लोग ख़याल रखे. जो भी बात हो प्रेम-भाईचारे के बीच हो, कोई यहां परमानेंट रहने तो आया नहीं है.

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