Friday, 3 March 2017

काम बोलता है

अखिलेश सरकार ने दलित छात्रा से वापस लिया '

समाजवादी लैपटॉप', एक हजार रुपए भी वसूले


मिर्जापुर. यूपी के मिर्जापुर में शिक्षा विभाग का अजब-गजब खेल सामने आया है। यहां के मझवां गांव की रहने वाली एक दलित छात्रा का आरोप है कि साल 2016 में हाईस्कूल परीक्षा में अच्छे अंक आने पर उसे दिसंबर महीने में मुफ्त समाजवादी लैपटॉप दिया गया था, लेकिन दो महीने बाद ही उससे यह लैपटॉप वापस ले लिया गया। छात्रा के पास जिला विद्यालय निरीक्षक फूलचंद यादव का एक लेटर आया है। जिसमें लिखा हुआ था कि जनपदीय चयन समिति की ओर से उसका नाम सूची से निरस्त कर दिया गया है और उसको लैपटॉप वापस करना होगा नहीं तो थाने में एफआईआर दर्ज कराकर लैपटॉप वापस लिया जाएगा। लड़की का ये भी आरोप है कि लैपटॉप के एवज में हनुमत विद्यालय के प्रिंसिपल ने एक हजार रुपये भी छात्रा से वसूले थे मिर्जापुर के मझवां की रहने वाली दलित छात्रा मोनिका ने 2016 में हाईस्कूल का एग्जाम 83 फीसदी से पास किया था। मोनिका का नाम हनुमत बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की लि‍स्ट में आ गया। इसके बाद अखिलेश सरकार की योजना के तहत उसे सि‍लेक्ट कर दिसंबर 2016 में लैपटॉप दिया गया। बता दें, छात्रा बेहद गरीब परिवार से है। मां और दादी दूसरों के घरों में काम कर और पि‍ता मजदूरी कर घर चलाते हैं। वहीं, अब पुलिस के द्वारा लैपटॉप का सहारा छि‍न जाने से पोती की आंख में आंसू देख परिजन सरकार की व्यवस्था को कोस रही है।





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