Tuesday, 14 March 2017

नोटबंदी के बाद अब वोटबंदी की तैयारी

नोटबंदी के बाद अब मोदी करने जा रहे है बड़ा धमाका, नोटबंदी के बाद वोटबंदी की तैयारी

अभी कुछ समय पूर्व ही मोदी जी ने अचानक से नोटबंदी का साहसिक निर्णय लिया जिसका समर्थन पूरे देश में किया गया ! जो लोग नोटबंदी का विरोध कर रहे थे उन्हें उत्तरप्रदेश के चुनावों में भाजपा की भारी बहुमत से जिता कर जनता ने करारा जवाब दिया है और मोदी जी को आगामी समय में साहसिक कदम उठाने हेतु उनके हाथ मजबूत किये है ! मोदी जी भी अब जनता को उत्तर प्रदेश में मिली जीत के उपहार स्वरुप नोटबंदी के बाद वोटबंदी देने जा रहे है !

दरअसल अभी तक पढ़े लिखों का और अनपढ़ लोगों के वोट का महत्त्व एक समान ही होता आया है जबकि पढ़े लिखे और अनपढ़ लोगों की सोच में जमीन आसमान का फर्क होता है ! एक पढ़ा लिखा और समझदार व्यक्ति ही राष्ट्र निर्माण में बेहतर भूमिका निर्वाहन कर सकता है और अनपढ़ व्यक्ति जिसमे सोचने समझने की क्षमता पढ़े लिखे से अपेक्षाकृत कम होती है वह कई बार किसी न किसी प्रलोभन में आकर वोट कर बैठता है जिससे ऐसा व्यक्ति जनप्रतिनिधि के रूप में चुन लिया जाता है जो जनता का प्रतिनिधित्व करने योग्य नहीं है ! ऐसे में चुना हुआ जनप्रतिनिधि अनपढ़ लोगों के द्वारा की गयी गलती के माध्यम से गलत कार्यों को अंजाम देता है और समाज में भ्रष्टाचार पनपता है ! 

अब मोदी जी ने तय किया है कि वह व्यक्ति ही वोट डालने का अधिकार रखेगा जो कम से कम १२वी कक्षा तक पढ़ा हुआ हो ! निश्चित ही यह फैसला कई राजनैतिक दलों के लिए खतरे की घंटी है विशेषकर उन दलों के लिए जो अभी तक अनपढ़ लोगों को अपना वोटबैंक समझकर षड़यंत्र पूर्वक उन्हें शिक्षित होने में रोड़ा बने हुए थे, क्यूंकि यदि वे शिक्षित होते तो निश्चित ही वह विवेकशील होकर राष्ट्र के विरुद्ध रचे जा रहे इस षड़यंत्र को भांप जाते और ऐसी राजनैतिक पार्टियों की दुकानदारी समाप्त हो जाती ! 

मोदी जी के इस संभावित कदम पर देश के महान नेताओ ने आपत्ति दर्ज कराई है इस फैसले के बाद बिहार सरकार बड़ी असमंजस में है उनकी तो लगभग पूरी की पूरी सरकार ही अंडर 12 है और कुछ नेताओं की हालत तो इससे भी बुरी है उन्होंने तो प्राइमरी की क्लास तक नहीं पड़ी। जहाँ एक और आदरणीय लालू जी की हालत खराब है वहीँ राबड़ी देवी ये सोच सोच कर परेशान हैं कि फर्जी मार्कशीट कहाँ से लाएं। उनके दोनों बालक संकट में है क्योंकि वो दोनों तो बेचारे इतने मासूम है कि न तो असहिष्णुता बोल पाते हैं और ना ही tolerant .

इधर सभी पुराने समाजवादी मिलकर प्रोफेसर रामगोपाल से ट्यूशन लेने की जुगाड़ कर रहे हैं खैर हर फैसले का कोई न कोई फायदा जरूर होता है और इस फैसले का फायदा यह हुआ कि यूपी के यादव परिवार में फिर से भाईचारा पनप रहा है धीरे धीरे। हाँ एक बात यह भी है कुछ नेता इस फैसले से बड़े खुश भी हो रहे हैं जैसे मायावती क्योंकि वो तो इतनी पढ़ी लिखी हैं कि आज तक उन्होंने बिना पढ़े कुछ कहा ही नही है। 

जब से मोदी के इस संभावित फैसले की जानकारी केजरीवाल को लगी है तब से वह बहुत गुस्से में बताये जा रहे है उन्होंने जंतर मंतर पर धरने की धमके देते हुए कहा है कि क्या मोदी जी क्या सिद्ध करना चाहते है ? मै देखता हूँ कि अनपढ़ों को वोट डालने से कौन रोकता है ! उधर औवेसी जी का कहना है कि वे जानते है कि मोदी जी यह फैसला क्योँ ले रहे है ? और अगर मोदी मे हिम्मत है तो 5 मिनट के लिए पुलिस हटा दें हम पूरे देश से ही स्कूल हटा देंगे। 

ममता बनर्जी तो इन सब से भी एक कदम आगे है उन्होंने तो ये तक कह डाला की मोदी बंगलादेशियो से जलते हैं उन्होंने कहा कि यह कदम उन लोगों के मत का अधिकार छीनने के लिए उठाया गया है जो बंग्लादेश से इस देश में आतंकवाद फ़ैलाने आते हैं और वोटर कार्ड बनवा कर यही के हो जाते हैं अगर ऐसा हुआ तो वो लोग मुझे मुख्यमंत्री कैसे बनायेंगे ? और अगर मै मुख्यमंत्री नही बनी तो शांतिदूत खतरे में आ जायेंगे मालदा और धूलागड़ जैसी सच्ची घटनाओ मे भी उन्हें झूठा आरोपी बना दिया जायेगा,मोदी ने पूरी इंसानियत को ही खतरे में डाल दिया ! 

जब राहुल जी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा "अब मै क्या कहूँ मुझे तो मोदी ने पहले ही कुछ कहने लायक नहीं छोड़ा और वैसे भी आजकल हमे तो कोई वोट देता ही नही है चाहे पढ़ा लिखा हो या ना हो" !


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