Tuesday, 14 March 2017

सैफ अली की पुश्तैनी संपत्ति होगी जब्त

सैफ अली की पुश्तैनी संपत्ति होगी जब्त? शत्रु संपति कानून में संशोधन को लोकसभा की मंजूरी

शत्रु संपत्ति कानून संशोधन विधेयक 2017 को लोकसभा ने मंजूरी दे दी है. पिछले हफ्ते राज्यसभा ने भी इस विधेयक को हरी झंडी दी थी. 49 साल पुराने इस कानून में सरकार को जंग के दौरान पाकिस्तान या चीन गए लोगों की संपति जब्त करने का अधिकार दिया गया है. लोकसभा इस बिल को पहले भी पारित कर चुकी है. लेकिन सेलेक्ट कमेटी की सिफारिशों को मानते हुए राज्यसभा ने इसमें कई नए संशोधनों को मंजूरी दी थी. अब निचले सदन ने इन संशोधनों को कानून में शामिल किया है.
नए प्रावधानों में क्या है? 
नए संशोधनों में 'शत्रु' की परिभाषा का विस्तार किया गया है. अब कानून के तहत दुश्मन करार दिये गए शख्स के कानूनी वारिस भी इस परिभाषा के दायरे में शामिल होंगे. ऐसे वारिसों पर नए प्रावधान तब भी लागू होंगे अगर वो भारत के नागरिक हों या किसी ऐसे देश में रह रहे हों जिन्हें भारत दुश्मन नहीं समझता. कानून पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री राजनाथ सिंह का कहना था कि किसी सरकार को दुश्मन मुल्क या उसके नागरिकों के कारोबारी हितों को मंजूरी नहीं देनी चाहिए.
क्यों पड़ी संशोधन की जरुरत?
सरकार को संशोधनों का प्रस्ताव महमूदाबाद के राज परिवार की अदालती याचिका के बाद लाना पड़ा था. याचिका में राज घराने की यूपी और उत्तराखंड में मौजूद जायदाद पर दावा ठोका गया था. ये मामला अब भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. इससे पहले सरकार इस सिलसिले में 5 बार अध्यादेश ला चुकी है. आखिरी बार जारी किये गए अध्यादेश की मियाद मंगलवार को खत्म हो गई थी.
क्या होगा संशोधनों का असर?
संशोधनों के लागू होने के बाद भोपाल के नवाब की जायदाद पर सरकारी कब्जा हो सकता है. कहा जा रहा है कि सैफ अली खान को भी अपनी पुश्तैनी जायदाद से हाथ धोना पड़ सकता है क्योंकि उनके कुछ पूर्वज बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए थे.
सुप्रीम कोर्ट का रुख
बिल में संशोधन की जरुरत साल 2005 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पड़ी थी. सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि भारत छोड़कर जाने वाले लोगों के ऐसे वारिस जो भारतीय नागरिक हैं, 'शत्रु संपत्ति' पर दावा कर सकते हैं.


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