Tuesday, 28 March 2017

कश्मीर ही नहीं असम भी है उनके निशाने पर. जानिये कौन हैं वो ?

कश्मीर ही नहीं असम भी है उनके निशाने पर. जानिये कौन हैं वो ?

पूर्वोत्तर राज्यों की फैली अशांति के पीछे अक्सर तमाम माध्यम उल्फा , बोडो इत्यादि समूहों का ही हाथ बताते हैं , आइए जानते हैं आसाम को आतंक की आग में जला रहे एक ऐसे आतंकी समूह के बारे में जिसका नाम आप ने शायद ही पहले किसी अन्य माध्यम से सुना हो , मुस्लिम यूनाईटेड लिबरेशन टाइगर्स ऑफ असम   मुस्लिम यूनाईटेड लिबरेशन टाइगर्स ऑफ असम (MULTA) इस्लामिक चरम पंथियों का एक बेहद घातक और खतरनाक समूह है जो 1996 में आसाम में बना था , पुष्ट सूत्रों के अनुसार इस आतंकी समूह को पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस ( ISI ) का पूरा सहयोग और समर्थन प्राप्त है।  सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह आतंकी समूह पूरे आसाम व् उसके आस पास के निकट प्रदेशों में अपनी आतंकी व् आपराधिक गतिविधियों को संचालित करता रहता है , इस आतंकी संगठन का मुख्य केंद्र असम का धुबरी क्षेत्र है जहां बंग्लादेशी घुसपैठिये भारी संख्या में जमे हैं , पर इसकी अत्यधिक सक्रियता नौगांव , मोरीगांव और दरांग जिलों में भी बढ़ी है , गैर कानूनी हथियारों का व्यापार , फिरौती , अपहरण इत्यादि इस आतंकी संगठन के प्रमुख आपराधिक कार्य हैं. गैर मुस्लिमों के विरुद्ध जिहाद , सेना पर हमले , भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध व् आसाम में पूर्ण इस्लामिक शासन का प्रयास इस आतंकी संगठन का प्रमुख कार्य है.  16 दिसम्बर 2009 के भारतीय सुरक्षा बलों ने इस आतंकी समूह के एक प्रमुख सदस्य कासिम अली को बाग्लादेश की सीमा से घातक अस्त्रों के साथ गिरफ्तार किया था. साथ ही 20 अप्रैल 2009 को आसाम पुलिस ने इस आतंकी समूह के 2 कुख्यात आतंकियों बौल अली और यूनुस अली को मार गिराया था. फिर भी आज भी ये आतंकी संगठन लगातार अपनी आतंकी गतिविधियों को संचालित करते हुए आसाम में फैली अशांति का एक बहुत बड़ा कारक बना हुआ है , साथ ही इसका विस्तार तेजी से असम के अन्य क्षेत्रों में होता जा रहा है जो भारत की एकता और अखंडता के लिए भविष्य में बहुत बड़ा खतरा है. आश्चर्य का विषय यह है कि इतने वर्षों से सक्रिय इतने खूंखार आतंकी संगठन की चर्चा कभी भी , किसी ने भी नहीं की.

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