Friday, 3 March 2017

आज जिन वामपंथियों का समर्थन कर रहे हैं कांग्रेसी, एक समय ऐसा भी था जब इन वामपंथियों की वजह से कांग्रेस अध्यक्ष इंदिरा गाँधी को देना पढ़ा था इस्तीफ़ा...

जब इस पार्टी के महासचिव की वजह से कांग्रेस अध्यक्ष इंदिरा गाँधी को देना पड़ा था JNU चांसलर पद से इस्तीफा.

आज जिन वामपंथियों का समर्थन कर रहे हैं कांग्रेसी, एक समय ऐसा भी था जब इन वामपंथियों की वजह से कांग्रेस अध्यक्ष इंदिरा गाँधी को देना पढ़ा था इस्तीफ़ा...
हाल-फिलहाल दुनिया भर में गुर्मेहर,जेएनयू और डीयू एक चर्चा का विषय बन गया हैं  जेएनयू की जब बात होती है तो सबसे पहले वामपंथियों की सोच का मुद्दा सबसे पहले उभर कर आता है. यह सोच ऐसी होती है जो अपने ही देश के बारे में गलत गलत धारणाएं बनाये रखती है| वामपंथियों की बात करें तो यह वो लोग होते है जो हर वक़्त भारत विरोधी नारे लगते है जैसे कि: “भारत की बर्बादी तक, जंग लड़ेंगे, जंग लड़ेगे” और “कितने अफजल मारोगे, हर घर से अफजल निकलेगा” साथ ही भारत के बजाये यह लोग ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते दीखते है|

फिर अगर ऐसी सोच का कोई भी पार्टी विरोध करती है तो उस पार्टी को यह लोग अपना दुश्मन मान लेते हैं| जैसे की अगर हम गुर्मेहर कौर की बात करें तो उसके एक बयान के बाद मानों राजनीति में एक भूचाल सा मच गया हो..जहाँ ABVP, BJP और RSS वाले गुर्मेहर का विरोध कर रहे हैं तो वही Congress party और Samajwadi party गुर्मेहर के समर्थन में खड़ी नज़र आ रही है जिनका कहना है की हर व्यक्ति को “FREEDOM OF SPEECH AND EXPRESSION” के तहेत अपने दिल की बात कहने का पूर्ण अधिकार है|

आज हम आपके सामने ऐसी सच्चाई लाने जा रहे है जिसे पढ़ते ही कांग्रेस पार्टी की आँखे खुल जायेंगी की वे लोग जिन लोगों का साथ दे रहे हैं, वो ही लोग उनके भी दुश्मन है जी हाँ जेएनयू के एक छात्र की वजह से भारत की प्रधानमंत्री रह चुकी इंदिरा गाँधी को अपने JNU चांसलर के पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था|

इस छात्र का नाम है सीताराम येचु

री जो की कम्युनिस्ट पार्टी (M) के महासचिव है| असल में यह मामला साल 1977 का है उस दौरान इमरजेंसी का दौर चल रहा था और सीताराम येचुरी फुल नेतागिरी में थे.. जिन्होंने 20 दिनों तक इतना हिंसक आंदोलन किया था की  JNU की क्लासे तक बंद करवा दी थी..पर वहां एक लड़की थी जो क्लास जाने की जिद्द कर रही थी और उसका कहना था कि क्लास तो मैं करूंगी ही आप चाहे कुछ भी कर लो…पर फिर भी सीताराम येचुरी ने इस लड़की को क्लास नहीं करने दी..आपको बता दें यह लड़की कोई और नहीं बल्कि मेनका गांधी थीं जो की संजय गांधी की पत्नी थी|

उन दिनो इंदिरा गांधी जेएनयू की चांसलर थी और इस आन्दोलन के चलते इंदिरा गांधी को छात्रों के बीच में आना ही पड़ा था.. जिसके बाद सबके सामने सीताराम येचुरी ने छात्रों की डिमांड भी पढ़नी शुरू की..मांग करने के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि एक दम से येचुरी नें इंदिरा गांधी के मुंह पर सीधा बोल दिया कि आप एक हत्यारी हैं,आप क्रिमिनल हैं और आपको JNU के चांसलर पद से इस्तीफा देना ही होगा..

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