Friday, 17 March 2017

नवजोत सिह सिधु के हम सुनते है भगवा रंग क्या है

मैं पैदाइशी कांग्रेसी हूँ, मुझे भगवा रंग से नफरत है: सिद्धू


नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोहम् ।
महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे
पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते ।।१।।...
पंजाब में मंत्री पद के शपथ लेने के बाद से नवजोत सिंह सिद्धू ने बीजेपी और आप के खिलाफ आक्रमक रुख अपना लिया है। सिद्धू ने शायराना अंदाज में बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि मैं जन्म से पैदाइशी कांग्रेसी हूँ, मुझे भगवा रंग से नफरत है। mujhe bhagva rang se nafrat hai 
बीजेपी में रहकर तो मैंने राजनीति सीखी। जब राजनीति सीख ली तो कांग्रेस का दामन थाम लिया। आप सुप्रीमो केजरीवाल ने बड़ी मिन्नतें की किन्तु मैंने एक नहीं मानी। यदि मुझे पद का लोभ या लालच होता तो आप का दामन थाम लेता लेकिन मुझे सेवा करना है। अपने ऊपर लगे आरोपों को ख़ारिज करते हुए पंजाब कैबिनेट मंत्री सिद्धू ने कहा, ” जब मुझे कोई एतराज नहीं है तो हमारे विरोधियों को क्यों एतराज है।
भगवा की ताकत क्या है भगवा चोल पहन पवनपुत्र लंका आग लगाये थे 
भगवा तिलक लगा काली ने दुस्त्र यमलोक पहुचाये थे 
भगवा झंडा लिए पुरु ने सिकंदर को रोक था 
भगवा की खातिर सांगा ने बाबर को जा घेर था 
भगवा झंडा लिए ही रांणा हल्दी घटी कूदे थे 
भगवा की खातिर ही यहाँ पे वीर शिवाजी जूझे थे 
भगवा झंडा लिए ही रानी अग्रजो पे टूटी थी आजादी की पहली जंग की अमर गाथा बन बैठी थी
 भगवा चोगा पहेन विवेक अमरीका में गूंजे थे दुनिया की बुधिमानो ने पैर उन्ही की पूजे थे 
भगवा झंडे ने ही हमको स्वराज का मान दिया और
 भगवा झंडे ने ही यहाँ आज़ादी का सम्मान दिया उस भगवे को गली दी
 अब तरी खेर नहीं होगी और आतंक का गर रंग है
 भगवा तो दिल्ली के शासक सुन लेना भगवा रंग चड़ा तो तेरा सिंघासन डेह जायेगा -
----जय श्री राम
लाखों हाथ और लाखों हाथों मे करोडो शस्त्रास्त्रो की जरुरत है |
अतः सारे हिन्दू एक हो |
एक महान ध्येय के प्रति |
वही ध्येय जो ...

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