Saturday, 11 March 2017

एक घर में घुसे लश्कर ए तैयबा के आतंकी को आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार करने की खातिर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को उसकी पत्नी और पांच वर्षीय बेटे की मदद ली. लेकिन उसका यह प्रयास भी विफल रहा.

बेटे की चीख और पत्नी की पुकार सुनकर भी सरेंडर नहीं किया, साथी समेत मारा गया आतंकी


अवंतिपुरा (कश्मीर): एक घर में घुसे लश्कर ए तैयबा के आतंकी को आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार करने की खातिर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को उसकी पत्नी और पांच वर्षीय बेटे की मदद ली. लेकिन उसका यह प्रयास भी विफल रहा.

श्रीनगर शहर से 35 किमी दूर एक घर में दो आतंकी घुसे थे. इनमें से एक 32 वर्षीय मोहम्मद शफी शेरगोजरी उत्तर कश्मीर के बांदीपुरा का रहने वाला था. जिस घर में आतंकी घुसे थे उसकी गुरुवार को तड़के सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर ली थी. दोनों आतंकियों की पहचान निश्चित करने और यह पता चलने के बाद की दोनों स्थानीय हैं, दक्षिण कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने उनके परिवार का पता लगाने का फैसला लिया ताकि वह उनकी मदद से आतंकियों से सरेंडर करने की अपील कर सकें.

दक्षिण कश्मीर के पुलिस उप महानिरीक्षक एस पानी और पुलिस उप अधीक्षक जाहिद मलिक ने दोनों आतंकियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की और इसके साथ ही मुठभेड़ स्थल से 95 किमी दूर बांदीपुरा के काकपोरा में एक पुलिस दल भेजा. एक अन्य दल पुलवामा जिले से लगे कोयल भेजा गया जहां एक आतंकी 25 वर्षीय जहांगीर अहमद गिनी के माता-पिता रहते हैं. हालांकि उनका कोई पता नहीं चल सका.

शेरगोजरी और गिनी प्रतिबंधित लश्कर के ‘‘ए’’ श्रेणी के आतंकी माने जाते हैं. यहां शेरगोजरी की पत्नी अक्तारा बेगम ने अपने पति को आवाज लगाई, ‘‘बाहर आओ, अपने बेटे को बाहों में लो, वह आपको बहुत याद करता है.’’ वह अपने साथ पांच वर्षीय बेटे को भी लाई थी जो जोर-जोर से रो रहा था.

वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने आतंकियों को भरोसा दिलाया कि मानवीय रुख अपनाते हुए उन पर निष्पक्ष मुकदमा चलाया जाएगा. जब आतंकियों पर अपीलों का कोई असर नहीं हुआ तो सुरक्षा बलों ने उन्हें पकड़ने या उन्हें खत्म करने का अभियान चलाया. इस दौरान मुठभेड़ में दोनों आतंकी मारे गए.

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