Thursday, 11 May 2017

कश्मीरी सेना अधिकारी फ़याज़ की हत्या में हिजबुल मुजाहिदीन का हाथ

कश्मीरी सेना अधिकारी फ़याज़ की हत्या में हिजबुल मुजाहिदीन का हाथ! इंसास राइफल का इस्तेमाल हुआ



सेना के युवा कश्मीरी अधिकारी लेफ्टिनेंट उमर फयाज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. (ट्विटर फोटो)

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर पुलिस को संदेह है कि हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकवादियों ने सेना के युवा कश्मीरी अधिकारी लेफ्टिनेंट उमर फयाज की हत्या की होगी और इस वारदात में पुलिसकर्मियों से छीनी एक इंसास राइफल का इस्तेमाल किया गया होगा. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गुरुवार (11 मई) को यह भी कहा कि फयाज के शव पर प्रताड़ना का कोई निशान नहीं था. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक एसजेएम गिलानी ने कहा, ‘हमने प्रारंभिक जांच की है. यह शोपियां में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन के एक मॉड्यूल (की संलिप्तता) की ओर इशारा करता है.’ पुलिस को उस स्थान से एक इंसास राइफल और दो खाली कारतूस मिले हैं, जहां शोपियां में फयाज की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.
उन्होंने कहा, ‘दक्षिण कश्मीर में हाल ही में हथियार छीनने की दो घटनाएं हुई हैं. हमारे पास इस बारे में सुराग है कि कुलगाम में हथियार छीनने की घटना को लश्कर आतंकवादियों ने अंजाम दिया जबकि शोपियां अदालत परिसर (दो मई को) में हथियार छीनने की घटना में हिजबुल आतंकवादी शामिल थे. इसलिए यह उन हथियारों में से एक हो सकता है. गिलानी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है लेकिन फयाज के शव पर प्रताड़ना का कोई निशान नहीं है. उन्होंने बताया कि शव परीक्षण करने वाले चिकित्सकों और पुलिस को प्रताड़ना का कोई निशान नहीं मिला.
गौरतलब है कि फयाज यहां से करीब 74 किलोमीटर दूर बाटापुरा में अपने मामा की बेटी की शादी में शरीक होने गए थे जहां से मंगलवार (9 मई) रात करीब 10 बजे आतंकवादियों ने उन्हें अगवा कर लिया था. गोलियों से छलनी उनका शव बुधवार (10 मई) सुबह मिला. कुलगाम जिला निवासी फयाज पिछले साल दिसंबर में सेना में शामिल हुए थे. सेना ने इस जघन्य आतंकी हरकत को अंजाम देने वालों को न्याय के दायरे में लाने का संकल्प लिया है.

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