Friday, 23 June 2017

PAK की नापाक साजिश, भारत के विरोध के बावजूद PoK में दी 12 प्रोजेक्ट को मंजूरी

PAK की नापाक साजिश, भारत के विरोध के बावजूद PoK में दी 12 प्रोजेक्ट को मंजूरी



पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. भारत के कड़े विरोध के बावजूद उसने PoK के गिलगित-बाल्टिस्तान में 12 मेगा प्रोजेक्ट बनाने को मंजूरी दे दी है. भारत PoK को अपना हिस्सा मानता है, जिस पर पाकिस्तान अवैध कब्जा कर रखा है. भारत कई बार पाकिस्तान से PoK खाली करने को भी कह चुका है. रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक पाकिस्तान की संघीय सरकार ने गिलगित-बाल्टिस्तान में ऊर्जा, संचार और स्वास्थ्य से जुड़े 12 मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है.
सूत्रों के मुताबिक इन प्रोजेक्ट में 98 अरब रुपये खर्च होने का अनुमान है. इनमें 34.5 मेगावाट हार्पो स्कार्डू प्रोजेक्ट, 26 मेगावाट सागर थांग स्कार्डू प्रोजेक्ट, 20 मेगावाट हंजल प्रोजेक्ट, 16 मेगावाट नलतर प्रोजेक्ट, पांच मेगावाट हसन आबाद प्रोजेक्ट और चार मेगावाट थक्क चिलास प्रोजेक्ट शामिल हैं. एक पाकिस्तानी अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इन प्रोजेक्ट के तहत गिलगित में 50 बेड के हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा और अट्टाबाद टूरिस्ट रिसॉर्ट को विकसित किया जाएगा. इसके अलावा गिलगिट से नलतर एक्सप्रेसवे और गिलगित-स्कार्डू रोड का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने बताया कि गिलगित में मेडिकल कॉलेज और स्कार्डू में टेक्निकल कॉलेज भी खोले जाएंगे.
दरअसल, गिलगित-बाल्टिस्तान समेत PoK में पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है. स्थानीय लोग भी पाकिस्तान के अवैध कब्जे के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन करते रहते हैं. इनकी मांग है कि गिलगित-बाल्टिस्तान से पाकिस्तान का कब्जा खत्म होना चाहिए. इसके अलावा पाकिस्तान सरकार के गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना पांचवां प्रांत घोषित करने के कदम का भारत कड़ा विरोध कर चुका है. भारत गिलगित-बाल्टिस्तान में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के भी खिलाफ है.
इसकी के चलते हाल ही में भारत ने बीजिंग में आयोजित वन बेल्ट वन रोड परियोजना समिट का बहिष्कार भी किया था. ब्रिटेन की संसद ने गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना पांचवां प्रांत घोषित करने के पाकिस्तान सरकार के कदम की निंदा की थी. ब्रिटिश सांसदों ने इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पास किया, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान को जम्मू-कश्मीर का वैध एवं संवैधानिक अंग हिस्सा बताया, जिस पर पाकिस्तान ने 1947 से गैरकानूनी तौर पर कब्जा कर रखा है.

कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा पर चीन का अड़ंगा, नाथू-ला के रास्ते जा रहे 2 जत्थों को रोका

कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा पर चीन का अड़ंगा, नाथू-ला के रास्ते जा रहे 2 जत्थों को रोका


सिक्किम के नाथू-ला पास पहुंचे मानसरोवर यात्रा के दो जत्थों को चीन के बॉर्डर से वापस लौटा दिए जाने की खबर से राजधानी दिल्ली में ठहरे हुए तीसरे जत्थे के यात्रियों की चिंता बढ़ गई है. दिल्ली में मानसरोवर यात्रा के लिए जाने वाले लोगों के लिए ठहराने की व्यवस्था गुजराती समाज भवन में रहती है और यहां पर तीसरे जत्थे के तीर्थयात्री मेडिकल चेकअप के लिए आ चुके हैं. इन यात्रियों को मेडिकल चेकअप में फिटनेस मिलने के बाद 27 जून को नाथू-ला के लिए रवाना किया जाएगा.
दिल्ली में तीर्थ यात्रा विकास समिति के चेयरमैन कमल बंसल इस बात को लेकर ज्यादा चिंतित हैं कि पहले रवाना किए गए दोनों जत्थों को चीन ने वापस लौटा दिया है. पहले जत्थे में 47 लोग हैं और दूसरे जत्थे में 44 लोग. मानसरोवर यात्रा के दोनों जत्थों को चीन ने नाथू-ला दर्रे से वापस लौटा दिया है.
वैसे इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि तिब्बत में मानसरोवर की यात्रा के रास्ते में लैंडस्लाइड हुई है, लिहाजा अभी यात्रा नहीं कराई जा सकती है. कमल बंसल के मुताबिक तीर्थयात्रियों को फिलहाल गंगटोक में रखा गया है. सिक्किम टूरिज्म इन लोगों का पूरा ख्याल रख रही है. उन्होंने ये भी जानकारी दी कि चीन के इंकार को देखते हुए दिल्ली सरकार ने विदेश मंत्रालय से इस मामले में दखल देने की गुजारिश की है, लेकिन अभी तक तीर्थ यात्रा विकास समिति के पास विदेश मंत्रालय की तरफ से कोई खास जानकारी नहीं आई है.
गौरतलब है कि असम में अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने वाले ब्रम्हपुत्र नदी पर बने देश के सबसे लंबे पुल का प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन किया था. इस उद्घाटन के बाद चीन के रवैये में बदलाव आया है. इसके बाद चीन ने नाथू-ला के जरिए मानसरोवर यात्रा के लिए पहले से तय 8 जत्थों की अनुमति को घटाकर महज 7 जत्थों तक सीमिति कर दी थी. ऐसे में नाथू-ला के जरिए मानसरोवर यात्रा के लिए निकले पहले दो जत्थों को बॉर्डर से बैरंग वापस लौटा देने को भी संशय की निगाह से देखा जा रहा है. दिल्ली में तीर्थ यात्रा विकास समिति के चेयरमैन कमल बंसल का कहना है कि दोनों जत्थों में गए यात्रियों के रिश्तेदारों के फोन उनको लगातार आ रहे हैं और वो उनको सही-सही जवाब नहीं दे पा रहे हैं.
उधर मानसरोवर यात्रा के लिए दिल्ली में ठहरे हुए तीसरे जत्थे के यात्रियों का कहना है कि यात्रा को लेकरउहापोह की स्थिति बनी हुई है. भारत सरकार को इस मसले पर जल्द ही पहल करनी चाहिए. यात्रियों को उम्मीद है कि चीन अपने बॉर्डर को मानसरोवर यात्रियों के लिए खोलेगा और उनकी मुराद पूरी होगी.

Wednesday, 21 June 2017

कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सेना का ऑपरेशन लगातार जारी है.

कश्मीर में पिछले 24 घंटे में सेना का चौथा ऑपरेशन, अब तक 5 आतंकी ढेर

कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सेना का ऑपरेशन लगातार जारी है. पजलपोरा, काकापोरा, हाजिन पीर के बाद अब बिजबेहड़ा में सेना ने आतंकियों को घेरा है. सुरक्षा बलों को मिली जानकारी के आधार पर आर्मी की आरआर टीम और जम्मू कश्मीर पुलिस की एसओजी टीम ने बिजबेहड़ा जिले के मरहमा में बागपोरा और मैगरेपोरा इलाके को घेर लिया है.
पुलिस के मुताबिक सुरक्षा बलों ने गुरुवार की सुबह इन इलाकों को खाली करा लिया. साथ ही आतंकियों की खोज में सर्च अभियान शुरू किया गया है. सुरक्षा बलों को जानकारी मिली है कि आतंकी इन गांवों में छिपे हुए हैं.
बता दें कि लश्कर कमांडर जुनैद मट्टू के मारे जाने के बाद बिजबेहड़ा में ही पिछले हफ्ते आतंकियों ने तीन बार सुरक्षा बलों पर हमला किया था.
अब तक 5 आतंकी ढेर
दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में 6 घंटे से ज्यादा समय तक चली मुठभेड़ में सेना ने लश्कर ए तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया है. इससे पहले सेना ने उत्तरी कश्मीर के एक इलाके में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया था. पिछले चौबीस घंटे में सेना ने पांच आतंकियों को मार गिराया है.
पुलवामा के काकापोरा इलाके में बुधवार की शाम को सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई. एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक सुरक्षा बलों के पास इनपुट था कि लश्कर के तीन आतंकी सघन आबादी वाले इलाके के एक घर में छिपे हुए हैं.
ऑपरेशन के बाद घर को आग के हवाले कर जमीदोंज कर दिया गया. तीनों आतंकियों का शव बरामद कर लिया गया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीड़ ने सुरक्षाबलों का अभियान से ध्यान भटकाने के लिए उन पर पथराव किया.
एक हफ्ते में लश्कर के 6 काडर ढेर
तीनों आतंकियों की पहचान शारिक, माजिद मीर और इरशाद अहमद के रूप में हुई है. माजिद लश्कर से जुड़ा था और कई मासूम नागरिकों की हत्या में शामिल था. एक हफ्ते के दरम्यान सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर में लश्कर के 6 काडर को ढेर किया है. मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों को एके-47 राइफल और पिस्टल मिली है.
काकापोरा में हुई इस मुठभेड़ में सेना के मेजर कार्तिक घायल हो गए हैं. उन्हें मामूली चोटें आई हैं
पल्लनवाला में घुसपैठ की कोशिश नाकाम
दूसरी ओर सेना ने जम्मू जिले के पल्लनवाला सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की घुसपैठ की एक कोशिश नाकाम कर दी है. सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एलओसी पर तैनात सतर्क सैनिकों ने बुधवार को पल्लनवाला सेक्टर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी. हमारे सैनिकों ने उन पर गोलीबारी की, इसके जवाब में दूसरी ओर से भी गोलीबारी हुई और फिर वे नियंत्रण रेखा के पार भाग गए.
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलवामा में सुरक्षा बलों का यह पहला सफल ऑपरेशन है. अधिकारी ने बताया कि पुलवामा आतंकियों का गढ़ है. यहां उनका एक मजबूत नेटवर्क है और ग्राउंड लेवल पर भी उनके लोग सक्रिय है.
मट्टू के मारे जाने के बाद लश्कर को बड़ा झटका
लश्कर के कमांडर जुनैद मट्टू के मारे जाने के बाद लश्कर ए तैयबा के लिए सेना का यह ऑपरेशन बड़ा झटका है. मट्टू को सेना ने 17 जून को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के अर्विन गांव में मार गिराया था.
उत्तरी कश्मीर में हिज्बुल के आतंकी ढेर 
इससे पहले सुरक्षाबलों ने उत्तरी कश्मीर के एक इलाके में एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों को बुधवार को मार गिराया. एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उत्तरी कश्मीर में बारामुला जिले के सोपोर में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए.
मारे गए आतंकवादियों की पहचान इंद्रगाम निवासी बासित अहमद मीर और बरत सोपोर के गुलजार अहमद के तौर पर हुई है. अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने मंगलवार की रात इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया था.
आतंकियों की फायरिंग पर शुरू हुई मुठभेड़ 
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रात को खोजबीन अभियान रोक दिया गया था लेकिन सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरा रखा ताकि आतंकवादी वहां से भाग न पाएं. उन्होंने बताया कि अभियान सुबह फिर शुरू किया गया और वहां छिपे हुए आतंकवादियों द्वारा सुरक्षा बलों पर गोलीबारी करने के बाद एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई. 
अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से दो एके राइफल, पांच एके मैगजीन, एके राइफल की 124 गोलियां, एक हथगोला और एक थैला बरामद किया गया है.

आयकर विभाग ने खुलासा किया है कि शैलेश कुमार फर्जी कंपनियों में पैसा जमा कराने का काम विनय मित्तल को दिया था.

लालू परिवार के 'काले धन को सफेद' बनाने में इस शख्स ने की थी मदद

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है. संपत्ति जब्त करने के बाद आयकर विभाग ने अब उस शख्स की पहचान कर ली है, जो लालू के परिवार का काला धन जमा कराता था.

आयकर विभाग के मुताबिक जो शख्स लालू परिवार की ब्लैक मनी को व्हाइट करने का काम कर रहा था उसका नाम विनय मित्तल है. विनय मित्तल को लालू यादव के दामाद शैलेश कुमार कालाधन सफेद करने की जिम्मेदारी दी थी. 

आयकर विभाग ने खुलासा किया है कि शैलेश कुमार फर्जी कंपनियों में पैसा जमा कराने का काम विनय मित्तल को दिया था. इस काम को अंजाम देने के लिए विनय मित्तल ने सीए राजेश अग्रवाल को शैलेश कुमार से मिलवाया था. राजेश अग्रवाल ने शेल कंपनियो के जरिए काला धन मीसा और शैलेश की कंपनी में भेजा था. जां एजेंसियो ने उस शख्स को भी खोज निकाला है जिसे शैलेश ने शेल कंपनियों के जरिए फर्जी एंट्री लेने की बात की थी. एजेंसिया इस बात की भी जांच कर रही है कि शैलेश तक ये पैसा कैसे आया था. 

लालू के दामाद शैलेश ने साल 2007 में एक शख्स से शेल कंपनियों और उससे फर्जी एंट्रियां लेने की बाबत पूरी जानकारी ली थी. साथ ही ऐसे लोगों के बारे में भी पूछा था जो शेल कंपनियो के जरिए काला धन सफेद कर कंपनियो में भेजते हैं.

कौन है विनय मित्तल? 
विनय मित्तल सीए राजेश अग्रवाल का साला है. शैलेश से विनय की मुलाकात अमित कात्याल नाम के शख्स ने कराई थी. अमित कात्याल वो शख्स है जिसकी कंपनी ने लालू के परिवार को पटना में जमीन दी है.
सूत्रों के मुताबिक विनय मित्तल पहले अमित कात्याल की कंपनी में काम करता था. अमित कात्याल ने ही उसे शैलेश से साल 2004-05 में मिलवाया था. साथ ही उसे शैलेश को आयकर रिटर्न भरने में सहयोग करने को कहा था. इसके बाद विनय शैलेश का आयकर रिटर्न भरवाने लगा. इसके बाद कालेधन को सफेद करने का गोरखधंधा शुरू हो गया. 

जल्द होगी विनय से पूछताछ 

पर्दे के पीछे रहे इस शख्स की पहचान होने के बाद अब विनय से पूछताछ की तैयारी चल रही है. प्रवर्तन निदेशालय जल्द ही विनय से पूछताछ कर सकता है. पूछताछ के बाद लालू और उनके परिवार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

Tuesday, 20 June 2017

10 बेनामी संपत्तियां जब्त, राबड़ी और बेटे-बेटी पर केस दर्ज

लालू परिवार की 10 बेनामी संपत्तियां जब्त, राबड़ी और बेटे-बेटी पर केस दर्ज

बेनामी संपत्ति मामले में परिवार समेत लालू प्रसाद यादव की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं. आयकर विभाग ने लालू परिवार की 10 संपत्तियां जब्त कर ली है. इसके अलावा बिहार सरकार में मंत्री तेजस्वी यादव और लालू की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति मामले में लालू की पत्नी राबड़ी देवी के खिलाफ भी केस दर्ज किया है.
मुताबिक आयकर विभाग ने फौरी तौर पर वो सारी बेनामी संपत्ति जब्त कर ली है जो लालू यादव के बच्चों से जुड़ी हुई बताई जाती है. आयकर विभाग ने लालू की पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेष, बेटी रागिनी और बेटी चंदा की प्रॉपर्टी जब्त की है. इससे पहले लालू के बच्चों से जुड़ी बेनामी संपत्ति जब्त करने के आदेश सोमवार को ही जारी किए गए हैं.
साथ ही लालू यादव की बड़ी बेटी और राज्यसभा की सांसद मीसा भारती को आयकर विभाग ने तलब भी किया था, उन्हें जुलाई के पहले हफ्ते में आयकर विभाग के दफ्तर में पेश होकर बेनामी लेन-देन पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है.
इससे पहले आयकर विभाग ने 50 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी. बेनामी एक्ट के मुताबिक विभाग को 90 दिन का समय स्पष्टीकरण देने के लिए देना होता है. अगर संबंधित पक्ष इसमें विफल रहता है तो जब्ती और कुर्की की कार्रवाई की जाती है.
गौरतलब है कि मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार को आयकर विभाग ने दो बार समन भेजा लेकिन, वे पेश नहीं हुए. उनके वकील ने इसके पीछे मीडिया और सुरक्षा कारणों को वजह बताया. इससे पहले 6 जून को पेश न होने पर आयकर विभाग ने मीसा भारती पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया था. पिछले माह 23 मई को आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति के मामले में लालू यादव और उनके करीबियों से जुड़े 22 ठिकानों पर छापेमारी की थी हालांकि लालू ने छापेमारी की बात से इनकार किया था.

पूर्व न्यायाधीश सी एस कर्णन गिरफ्तार

कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सी एस कर्णन गिरफ्तार

यालय की अवमानना मामले में छह महीने जेल की सजा पाने वाले कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सी एस कर्णन को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्हें कोयंबटूर से गिरफ्तार किया गया है. वो सजा सुनाए जाने के बाद से ही फरार चल रहे थे.
गौरतलब है कि मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित अन्य न्यायाधीशों के खिलाफ आरोप लगाने के बाद कर्णन का स्थानांतरण कोलकाता उच्च न्यायालय कर दिया गया था. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बीते नौ मई को सजा सुनाने के बाद से ही कर्णन फरार चल रहे थे. पिछले हफ्ते 12 जून को ही वो सेवानिवृत्त हुए थे.
प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह केहर की अध्यक्षता वाली सात न्यायाधीशों की एक पीठ ने कर्णन को अवमानना का दोषी ठहराते हुए छह महीने जेल की सजा सुनाई थी. इसके तुरंत बाद पश्चिम बंगाल पुलिस का एक दल उन्हें गिरफ्तार करने के लिए चेन्नई रवाना हो गया, लेकिन सफलता नहीं मिली.

Friday, 16 June 2017

अनंतनाग में बड़ा आतंकी हमला, 6 पुलिसवाले शहीद

कश्मीर के अनंतनाग में बड़ा आतंकी हमला, 6 पुलिसवाले शहीद

उत्तरी कश्मीर के अनंतनाग में शुक्रवार शाम पुलिस दल पर आतंकी हमला हुआ. हमले में एक एसएचओ समेत 6 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं. आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर ने ली है.

अनंतनाग के अचाबल में आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर ये आतंकी हमला किया गया है. जिसमें एसएचओ फिरोज डार के साथ पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. इससे पहले जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षा बलों की फायरिंग में एक नागरिक की मौत हो गई थी.

आधिकारिक सूत्रों ने आज तक को बताया कि दोपहर बाद आतंकवादियों ने अचाबल इलाके के पास पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं जिसमें 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए. हमले में घायल सभी पुलिस कर्मियों को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया.

पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने बताया कि शहीद थाना प्रभारी की पहचान उपनिरीक्षक फिरोज के रूप में हुई है जो आतंकवादियों की अंधाधुंध गोलीबारी की चपेट में आ गए. वह पुलवामा के रहने वाले थे. उन्होंने कहा कि अन्य शहीदों में एक चालक और चार अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं जो अपनी जीप में नियमित ड्यूटी पर थे.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का हाथ होने का संदेह है. उसने अरवनी मुठभेड़ का बदला लेने के लिए यह हमला कराया होगा जिसमें उसके स्थानीय कमांडर जुनैद मट्टू के मारे जाने की बात कही जा रही है. बिजबेहड़ा के अरवनी में मुठभेड़ आज सुबह शुरू हुई और इसमें सभी तीन आतंवादियों के मारे जाने की बात कही जा रही है. अभी तक कोई शव बरामद नहीं हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि सेना क्षेत्र की तलाशी ले रही है.

आतंकी हमले के बाद सेना, एसओजी, सीआरपीएफ और पुलिस के ने हमलावरों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है.

Thursday, 15 June 2017

मुंबई सिविक बॉडी के शिक्षा विभाग ने कहा है कि कंट्रोवर्शियल उपदेशक जाकिर नाइक का साउथ मुंबई स्थित इस्लामिक इंटरनेशनल स्कूल (IIS)बिना अनुमित के चल रहा है.

मुंबई में जाकिर नाइक का इस्लामिक इंटरनेशनल स्कूल अवैध : सरकार

              मुंबई में जाकिर नाइक का इस्लामिक इंटरनेशनल स्कूल अवैध : सरकार

 मुंबई सिविक बॉडी के शिक्षा विभाग ने कहा है कि कंट्रोवर्शियल उपदेशक जाकिर नाइक का साउथ मुंबई स्थित इस्लामिक इंटरनेशनल स्कूल (IIS)बिना अनुमित के चल रहा है. बृहन्मुंबई नगर निगम की साउथ मुंबई इलाके के शिक्षा निरीक्षक बी बी चव्हाण ने बुधवार को जारी एक पत्र में कहा कि कोई भी स्कूल स्थानीय निकाय से एनओसी हासिल किए बिना नहीं चल सकता है जैसा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों में है. पत्र में यह भी जिक्र किया गया है कि पैरेंट्स अपने बच्चों का दाखिला IIS में नहीं कराएं. हालांकि इसमें यह साफ नहीं किया गया कि क्या स्कूल ने एनओसी हासिल की है.   


अबू आसिम अजमी के ट्रस्ट ने स्कूल अपने अधीन लिया
स्कूल में करीब 135 छात्र हैं और इसमें नर्सरी से दसवीं कक्षा तक कक्षाएं होती हैं. स्कूल को अबू आसिम अजमी के नियाज माइनोरिटी एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट ने अपने अधीन ले लिया है. मुंबई के मनखुर्द शिवाजी नगर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक अजमी ने कहा, 'स्कूल (पहले की ही) लाइन पर चल रहा है मगर कुछ बदलाव हुए जिसमें इसका नाम और मैनेजमेंट में बदलाव करना शामिल है. मैंने परिसर को किराए पर लिया है और शिक्षा विभाग नाराज हो ऐसा कुछ नहीं किया है.' बहरहाल, उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल मैनेजर शिक्षा विभाग के संपर्क में हैं और यह देख रहा है कि इसे चलाने के लिए क्या कोई अनुमति की जरूरत है.

अजमी ने कहा कि वह कोई विवाद नहीं चाहते
अजमी ने कहा, 'मैं कोई विवाद नहीं चाहता हूं. ना मैं और ना ही शिक्षा विभाग छात्रों का भविष्य खतरे में डालना चाहते हैं. लिहाजा, मैंने अपनी टीम से शिक्षा अधिकारियों के संपर्क में रहने और सभी जरूरी इजाजत लेने को कहा है.'' गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने पिछले साल दिसंबर में IIS के छात्रों के पैरेंट्स को सूचित किया था कि इस स्कूल को या तो बंद कर दिया जाएगा या स्कूल को नए मैनेजमेंट के अधीन लाया जाए.

खंड में इस बार ऐसी जगह आग लगी है जहां शायद ही पहले कभी लगी हो

उत्तरकाशी में लगी भीषण आग, 24 घंटे से जल रहा गंगोत्री नेशनल पार्क

उत्तराखंड में इस बार ऐसी जगह आग लगी है जहां शायद ही पहले कभी लगी हो. जहां बर्फ की मोटी चादर रहती है उस जगह पर मानसून से पहले पिछले 24 घंटे से भयानक आग धधक रही है. मामला उत्तराखंड के उत्तरकाशी में गंगोत्री नेशनल पार्क के आसपास के इलाके में का है. आग तेजी से गंगोत्री नेशनल पार्क को अपनी आगोश में ले रही है और प्रशासन बेबस नजर आ रहा है.
लगातार हो रही आग की घटनाओं से पहाड़ धू धू कर जल रहे हैं. वहीं करोड़ों की वन संपदा खाक हो रही है. हालांकि पिछले साल भी उत्तराखंड को करोड़ों की वन संपदा का नुकसान उठाना पड़ा था. पिछले साल लगी आग को काबू पाने के लिए सेना और वायु सेना दोनों की ही मदद लेनी पड़ी थी.
ऐसा ही हाल उत्तरकाशी में देखने को मिल रहा है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अब से 36 घंटे तक भारी बारिश के आसार हैं. इसके चलते आग के बुझने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है.
गंगोत्री नेशनल पार्क में आग का तांडव पिछले 24 घण्टे से उठ रहा है. आग को बुझाने के लिए उत्तरकाशी जिले की पुलिस तो लगाई ही गई है. साथ ही एसडीआरएफ के लोग भी लगाए गए है. मंत्री हरक सिंह रावत का कहना है कि आग पर काबू जल्द पा लिया जाएगा, लेकिन वो ये भी कह रहे है कि आग थोड़ी ज्यादा है इसलिए समय लग रहा है.
आग लगने से उत्तरकाशी के साथ-साथ टिहरी देहरादून और नैनीताल का भी हिस्सा जल रहा है. चलिये आपको बताते है कि अब तक सीजन में कितनी घटनाएं हुई हैं.
- अब तक प्रदेश में आग लगने की छोटी बड़ी 790 घटनाएं घटी हैं.
- 1228.04 एकड़ वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है.
- 1400 से ज्यादा पेड़ अब तक खाक हो चुके हैं, जबकि 2.13 करोड़ रुपये का वन विभाग को नुकसान हो चुका है.

आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन में जाकिर मूसा की जगह लेने वाले टॉप कमांडर ने जम्मू-कश्मीर में नए हमलों को लेकर धमकी दी है

J&K: हिज्बुल कमांडर गजनवी ने पुलिसकर्मियों को दी धमकी, कहा- हमारा साथ दो

आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन में जाकिर मूसा की जगह लेने वाले टॉप कमांडर ने जम्मू-कश्मीर में नए हमलों को लेकर धमकी दी है. आतंकी संगठन में किसी भी तरह के खींचतान को खारिज करते हुए जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े आतंकी संगठन ने सुरक्षा बलों के खिलाफ और घातक हमले की चेतावनी दी है.
हिज्बुल के टॉप कमांडर ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस कर्मियों और सिविल डिपार्टमेंट के अधिकारियों से आतंकियों का समर्थन करने को कहा है. आतंकी संगठन का कहना है कि ऐसा करके वे खुद की बर्बादी को रोक सकते हैं.
हिज्बुल के डिवीजनल कमांडर यासिन यातू उर्फ गजनवी ने एक सोशल साइट्स पर एक वीडियो मैसेज रिलीज किया है. इस वीडियो में गजनवी जिहाद को भारत और स्थानीय लोगों के लिए हर समस्या का समाधान बता रहा है. यातू ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा बलों के खिलाफ घातक हमले आगे भी जारी रहेंगे.
आतंकी संगठन के नए आका ने पत्थरबाजों और घाटी में विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों की तारीफ की है. उसने युवाओं को सलाह देते हुए कहा है कि जो भी हथियार मिले उसी की मदद से कश्मीर में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ो.
गजनवी ने उन लोगों को भी चेतावनी दी है, जो आतंकियों के नाम पर फंड जुटा रहे हैं. उसने कहा है कि हिज्बुल को पैसे की जरूरत नहीं है. उसे लोगों के समर्थन की जरूरत है.

राम जन्मभूमि से जुड़ेगी सीता की जन्मस्थली

दरभंगा में योगी ने किया ऐलान, राम जन्मभूमि से जुड़ेगी सीता की जन्मस्थली

मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर दरभंगा में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार सीएम नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान योगी आदित्यनाथ तीन तलाक, बिहार के युवा, मोदी सरकार और अयोध्या मुद्दे पर भी बोलने से नहीं चुके. मंच से उन्होंने नीतीश कुमार को ललकारने वाले अंदाज में कहा कि 2019 में बिहार में बीजेपी की सरकार होगी.


पहली बार बुलेटप्रूफ शीशे में दिखे
दरभंगा रैली में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पहली बार बुलेटप्रूफ शीशे की ओट में नजर आए. यूपी की रैलियों में योगी आदित्यनाथ के लिए ऐसी सुरक्षा देखने में नहीं आई. माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ पर हमले की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने यह कदम उठाया है.

बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे से जमकर दहाड़े योगी
बुलेटप्रूफ शीशे की ओट से योगी आदित्यनाथ ने जब रैली को संबोधित करना शुरू किया. उसी वक्त उनके तेवर काफी आक्रामक थे. उन्होंने सीधे-सीधे मौजूदा जेडीयू-आरजेडी गठबंधन को चेतावनी देते हुए कहा, "बिहार बेमेल शादी बर्दाश्त नहीं करेगा. 2019 में हम बीजेपी की सरकार बना के रहेंगे."

तीन तलाक पर नीतीश को घेरा 
योगी ने नीतीश कुमार पर जवाबी हमला करते हुए कहा, "नीतीश जी आपने बहुत काम करने की बात की होगी. कभी तीन तलाक के खिलाफ आपकी आवाज क्यों नहीं निकली. आश्चर्य होता है कि जब मैं जनता दर्शन के कार्यक्रम में जाता हूं. 30-40 मुस्लिम महिलाएं आती हैं और एक ही गुहार लगाती हैं. वे कहती हैं कि पति ने तीन तलाक दे दिया है, अब मैं कैसे अपना जीवन बिताऊंगी."

योगी ने आगे कहा, "तीन तलाक पर सेकुलर नेताओं की चुप्पी से उनकी कथनी और करनी में फर्क दिखता है. वे बोलते कुछ हैं और करते कुछ. नीतीश जी तीन तलाक के मुद्दे पर क्यों चुप हैं. देश के अंदर आधी आबादी को न्याय मिले इसके लिए काम हो रहा है. आधी आबादी को भी न्याय मिलना चाहिए इस बात की घोषणा नीतीश कुमार जी क्यों नहीं करते."

अब गीता गिफ्ट की जाती है 
मोदी सरकार की तारीफ करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, "मोदी सरकार का 3 साल कई मायनों में बेमिसाल रहा. देश में परिवर्तन होता दिख रहा है. पहले ताजमहल गिफ्ट दिए जाते थे, लेकिन अब गीता या रामायण गिफ्ट की जाती हैं. ये हमारी संस्कृति है. अब तो अमेरिका भी मोदी जी को आदर्श मानता है. चुनाव के दौरान ट्रंप ने कहा था कि जीतने के बाद मैं वही करुंगा जो भारत में मोदी कर रहे हैं."

बिहार के युवाओं पर निशाना
बिहार के युवाओं पर टिप्पणी करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, "बिहार के नौजवान प्रतिभाशाली माने जाने थे. आज बिहार का नौजवान उदास है. इस बात को मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि यूपी में बड़े पदों पर यूपी के अफसर हैं."
अयोध्या पर भी बोले योगी
अयोध्या का मुद्दा उठाते हुए योगी ने कहा, "अयोध्या को सीधे बिहार के सीतामढ़ी से जोड़ेंगे. अयोध्या से सीतामढ़ी को जोड़ने के लिए मार्ग बनने जा रहा है. गडकरी जी ने मंजूरी दे दी है. ये जोड़ने का कार्य हो रहा है. मैं जोड़ने आया हूं."

राम मंदिर का जिक्र किए बिना योगी आदित्यनाथ ने कहा, "अयोध्या को लेकर आप निश्चिंत रहें. जो भावनाएं हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा."

योगी के दरभंगा दौरे की खास बातें 
- पहली बार बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे नजर आए योगी आदित्यनाथ
- योगी ने किया 2019 में बिहार में बीजेपी सरकार बनाने का दावा
- तीन तलाक पर क्यों नहीं बोलते नीतीश कुमार
- देश बदल रहा है, अब विदेशी मेहमानों को ताजमहल नहीं गीता गिफ्टी की जाती है
- अमेरिका भी मोदी को आदर्श मानता है
- आज बिहार का नौजवान उदास है
- एक जैसा लगता है यूपी और बिहार
- अयोध्या को सीधे बिहार के सीतामढ़ी से जोड़ेंगे
- अयोध्या को लेकर जो भावनाएं हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा
- पाकिस्तान को छोड़ सभी देश मनाएंगे योग दिवस
- योग के मुद्दे पर चीन भी भारत के सा

Wednesday, 14 June 2017

ISIS के लिए भेजे 24 युवा

जानिए, धर्म प्रचार की आड़ में कैसे आतंकी सप्लायर बन गया जाकिर नाइक

धर्म प्रचार की आड़ में ज़ाकिर नाइक बगदादी ब्रिगेड को भारत से आतंकी सप्लाई करने वाला मैनेजर बन गया था. ज़ाकिर नाइक के खिलाफ पिछले एक साल से तमाम एजेंसियां जांच कर रही हैं. जिसमें टेरर फंडिंग से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक के मामले शामिल हैं. इस जांच के घेरे में ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था है. गृह मंत्रालय ने एक साल की जांच के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार की है. जिसमें ज़ाकिर नाइक के आतंकी कनेक्शन बगदादी ब्रिगेड के साथ जुड़ते दिख रहे हैं.
जाकिर नाइक की कहानी
51 साल का ज़ाकिर नाइक जांच के घेरे में तब आया, जब पिछले साल बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 22 लोगों की जान गई थी. बांग्लादेश के जांच अधिकारियों ने बताया था कि ढाका आतंकी हमले में शामिल एक आतंकवादी इस्लामिक प्रचारक ज़ाकिर नाइक से प्रभावित था. बांग्लादेश ने तुरंत ज़ाकिर नाइक के टीवी चैनल पीस टीवी पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिस चैनल का प्रसारण दुबई से होता था, और इसके ज़रिए ज़ाकिर नाइक अपना प्रोपैगैंडा करता था. ढाका आतंकी हमले के बाद पिछले साल जुलाई में जब भारत में ज़ाकिर नाइक के खिलाफ जांच शुरू हुई, तो वो सऊदी अरब में था, तब से वो भारत वापस नहीं लौटा है.
जाकिर की संस्था पर प्रतिबंध
आतंकवादी घटनाओं और गतिविधियों की जांच करने वाली नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी एनआईए ने ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के खिलाफ पिछले नवंबर में एफआईआर दर्ज की थी. इस एफआईआर में ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था पर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने और धार्मिक समुदायों के बीच नफरत पैदा करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोपों पर पुख्ता सबूतों के बीच केंद्र सरकार ने ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया. देश में आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली एजेंसी ED ज़ाकिर नाइक की संस्था पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है, मुंबई में नाइक की संस्था के दफ्तरों को बंद करवा दिया गया है.
जाकिर का ISIS कनेक्शन
अब नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी, इनफोर्समेंट डायरेक्टरेट और दूसरी तमाम एजेंसियों और पुलिस की जांच को मिलाकर एक साल में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने ज़ाकिर नाइक के खिलाफ 115 पेज की रिपोर्ट तैयार की है. जिसे पिछले महीने 11 मई को आधिकारिक पर दाखिल किया गया. ये 115 पेज की रिपोर्ट आजतक के पास है. जिसमें पहली बार आधिकारिक तौर पर ये माना गया है कि ज़ाकिर नाइक के कनेक्शन आईएसआईएस से जुड़े दिख रहे हैं.
ISIS के लिए भेजे 24 युवा
रिपोर्ट है. उसकी मानें तो गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट के मुताबिक ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था ने केरल में जिन युवाओं का धर्म परिवर्तन कराया, उनमें 24 युवा आईएसआईएस के आतंकवादी बनाए गए हैं. इन 24 युवाओं का ज़ाकिर नाइक की संस्था से जुड़े लोगों ने धर्म परिवर्तन करवाया, फिर ये आईएसआईएस ज्वाइन करने के लिए केरल से अफगानिस्तान गए. अफगानिस्तान में आईएसआईएस के लिए लड़ने के लिए ये आतंकवादी मुंबई में ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के दफ्तर में लगातार आते जाते थे.
धर्म परिवर्तन कराने के बाद बनाया आतंकी
ज़ाकिर नाइक का सबसे खास आदमी आरशी कुरैशी उन युवाओं के लगातार संपर्क में था, जो युवा केरल से अफगानिस्तान जाकर आईएसआईएस के आतंकवादी बन गए थे. एक तरह से ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ने धर्म परिवर्तन की फैक्ट्री खोल रखी थी, और इस धर्म परिवर्तन के बाद युवाओं को आतंक की फैक्ट्री के लिए तैयार किया जाता था.
धर्म प्रचार की आड़ में आतंकी साजिश
जाकिर के बारे में यह अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है. ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था के खिलाफ जांच अभी चल रही है. ज़ाकिर नाइक फरार है. उसका ठिकाना पता नहीं है. लेकिन जिस तरह से आजतक के हाथ लगी रिपोर्ट में बातें सामने आई है. वो बताती हैं कि किस तरह से धर्म के नाम पर और धर्म प्रचारक के सफेदपोश चेहरे के पीछे कट्टरपंथ और आतंकवाद का खूनी खेल खेला जा रहा था. जिसका मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि ज़ाकिर नाइक था. जिसमें उसके कनेक्शन आईएसआईएस से जाकर जुड़ रहे हैं.
धर्म परिवर्तन की फैक्ट्री से आतंक तक
केंद्रीय गृह मंत्रालय की 115 पेज की रिपोर्ट के पन्नों में ज़ाकिर नाइक के आतंकवाद वाले सीक्रेट धंधे के ऐसे सबूत दिए गए हैं. जो बताते हैं कि किस तरह से ज़ाकिर नाइक और उसके आदमी इस्लामिक धर्म प्रचारक की आड़ में पहले धर्म परिवर्तन करवाते थे. फिर धर्म परिवर्तन करने वाले युवाओं को बाहर आईएसआईएस का आतंकी बनाकर भेजा जाता था. ज़ाकिर नाइक की सीक्रेट आतंकी गतिविधियों के बारे में देश की तमाम जांच एजेंसियों की जांच का पूरा निचोड़ केंद्रीय गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट में है. रिपोर्ट में केरल के क्रिश्चन युवाओं के बारे में ज़िक्र किया गया, जिन्हें ज़ाकिर नाइक ने इस्लाम कबूल करवाया था.
धर्म परिवर्तन के बाद बदलवाए नाम
इनमें 20 से 22 साल की उम्र के बेस्टिन विंसेंट फ्रांसिस नाम के युवा का 12 सितंबर 2014 को धर्म परिवर्तन करवाया गया. बेस्टिन को याहिया नाम दिया गया, अगले कुछ महीनों ने बेस्टिन के तीन और साथियों का धर्म परिवर्तन करवाया गया. जिसमें बेस्टिन की गर्लफ्रेंड निमिशा भी शामिल थी, जिसे धर्म परिवर्तन के बाद फातिमा नाम दिया गया. लेकिन ज़ाकिर नाइक का ये खेल सिर्फ़ धर्म परिवर्तन तक ही नहीं रुकता. गृह मंत्रालय की 115 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने जब ज़ाकिर नाइक की जांच शुरू की. तो ऐसे खुलासे सामने आए, जिनके तार अफगानिस्तान में आईएसआईएस से जुड़ते दिख रहे हैं.
कब पकड़ में आएगा जाकिर नाइक?
आईएसआईएस के आतंकी बनकर अफगानिस्तान जाने वाले केरल के युवा ज़ाकिर नाइक के करीब आरशी कुरैशी से मुंबई के डोंगरी में मिलते रहे हैं. गृह मंत्रालय की जांच रिपोर्ट में ज़ाकिर नाइक के दो करीबी आरशी कुरैशी और रिज़वान इलियास खान के रोल का अहम ज़िक्र है. रिज़वान खान ने धर्म परिवर्तन करने वाले आईएसआईएस के आतंकी बेस्टिन उर्फ याहिया और मेरिन जैकब उर्फ मरियम का मैरिज सर्टिफिकेट बनवाया था. आरशी कुरैशी ने इन युवाओं के ब्रेन वॉश और धर्म परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. ज़ाकिर नाइक और उसके लोगों के ऐसे गुनाहों की लंबी लिस्ट और एक एक सबूत इस रिपोर्ट में दर्ज है. सवाल ये है कि ज़ाकिर नाइक के गुनाहों की इस रिपोर्ट के बाद क्या देश के बाहर छुप कर बैठा ज़ाकिर नाइक देश के कानून की पकड़ में आ पाएगा.