Saturday, 27 May 2017

मृत्यु के बाद एक घंटे तक बाथरूम में पड़ा रहा था पंडित नेहरू का शव

मृत्यु के बाद एक घंटे तक बाथरूम में पड़ा रहा था पंडित नेहरू का शव

राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री देश के सबसे ताकतवर शख्सियत होते हैं और इनकी सुरक्षा से लेकर पल-पल की गतिविधि पर सुरक्षा एजेंसियों से लेकर तमाम सरकारी महकमे की नजरें लगी होती हैं।इनकी यात्राओं, बैठकों या मुलाकातों आदि का कार्यक्रम कई दिन पहले तय हो जाता है और उस पर बारीकी से नजर रखी जाती है। किंतु मृत्यु का कोई कार्यक्रम नहीं होता और वह यह भी नहीं देखती कि जिसे वह ले जाने वाली है, वह प्रधानमंत्री है या राष्ट्रपति।यह बात तब और पुख्ता स्वरूप में सामने आई थी, जब देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का देहांत हुआ था। आश्चर्यजनक ढंग से नेहरू की मृत्यु के बाद उनका पार्थिव शरीर बाथरूम में करीब एक घंटे तक उसी अवस्था में पड़ा रहा,जिस अवस्था में वह मृत्यु के समय था।
दरअसल, हुआ यूं था कि पंडित नेहरू अपने अंतिम दिनों में बीमार रहने लगे थे। उनके डॉक्टर केएल विग अक्सर उनका इलाज करते और दवाओं के साथ-साथ हिदायतें भी देते। डॉक्टर विग ने उनके निजी सेवा स्टाफ को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दे रखी थी कि 'नेहरूजी को एक पल के लिए भी अकेला न छोड़ा जाए।"डॉक्टर विग की इस चेतावनी का पालन कुछ दिनों तक हूबहू हुआ भी। पंडित नेहरू का स्टाफ उन्हें प्रात: उठने से लेकर रात्रि में वापस शयन तक एक पल के लिए भी अकेला नहीं छोड़ता। किंतु बाथरूम में नहाते समय तो उन्हें अकेला छोड़ना ही पड़ता था। हालांकि डॉक्टर ने तो उस समय भी अकेला छोड़ने के लिए नहीं कहा था, किंतु नेहरू ने अपने स्टाफ को इस मामले में दूर रहने के लिए कहा था।मगर उनका यह कहना ही घातक साबित हुआ। 27 मई 1964 को वे रोज की तरह अपने स्नान गृह में गए। उस समय उनके स्टाफ में कोई भी उनके पास नहीं था। नेहरू स्नान गृह में गए, किंतु जीवित नहीं लौटे क्योंकि न जाने किस क्षण वे अचेत होकर बाथरूम में गिर पड़े। बाद में उनके डॉक्टर विग ने परीक्षण कर खुलासा किया था कि 'वे मृत्यु के बाद एक घंटे से ज्यादा समय तक उसी अवस्था में पड़े रहे थे।"नेहरू के असमय निधन की खबर देश-विदेश में जंगल में आग की तरह फैल गई थी। देश के करोड़ों नागरिक और दुनियाभर के राजनीतिज्ञ व पत्रकार जानना चाहते थे कि आखिर यह कैसे हो गया कि नेहरू अचानक चले गए। जबकि उनका स्वास्थ्य ऐसा नहीं था कि वे इतनी जल्दी चले जाते। अंतिम संस्कार के लिए काशी से पंडितों को विशेष विमान द्वारा दिल्ली लाया गया और पार्थिव शरीर पर छिड़कने के लिए गंगाजल भी मंगवाया गया।
चंदन की लकड़ी का तुरत-फुरत इंतजाम किया गया। इस तरह नेहरू असमय ही विदा हो गए।

Thursday, 25 May 2017

महासेतु' का आज उद्घाटन करेंगे PM मोदी

चीन बॉर्डर के पास ब्रह्मपुत्र नदी पर बने 'महासेतु' का आज उद्घाटन करेंगे PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर शुक्रवार को असम में देश के सबसे लंबे पुल समेत कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. पीएम मोदी यहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें वह अपनी सरकार की तीन साल की उपलब्धियों पर बोल सकते हैं. पीएम मोदी ने इससे पहले गुरुवार रात ट्वीट किया, मैं कल असम में रहूंगा और कई कार्यक्रमों में भाग लूंगा. मैं असम की जनता से बातचीत करने के इस अवसर का उत्सुकता से इंतजार कर रहा हूं.'
प्रधानमंत्री यहां 9.15 किलोमीटर लंबे ढोला-सादिया पुल का उद्घाटन करेंगे, जिससे असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच यात्रा का समय छह घंटे से कम होकर एक घंटा रह जाएगा. इस पुल पर भारी से भारी सामान ले जाना संभव होगा. बताया जा रहा है कि इस पुल से सेना का 60 टन वजनी टैंक भी गुजर सकता है. इसके अलावा यह रिएक्टर स्केल पर 8.0 की तीव्रता वाला भूकंप भी झेल सकता है.अभी तक यहां ब्रह्मपुत्र नदी को पार करने के लिए केवल दिन के समय नौका का ही उपयोग किया जाता था और बाढ़ के दौरान यह भी संभव नहीं होता था. शुक्रवार को इस पुल का उद्घाटन होने के बाद ऊपरी असम और अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी भाग के लिए संपर्क सुनिश्चित हो जाएगा. इससे प्रतिदिन पेट्रोल और डीजल में 10 लाख रुपये तक की बचत होगी.इसके साथ ही इस एक ही दिन में मोदी करीब 1000 किलोमीटर की यात्रा तय करेंगे. वे कई आयोजन स्‍थलों पर जाएंगे. सुबह सादिया से शुरू हुई यह मोदी यात्रा धेमाजी तक पहुंचेगी जहां गोमुख स्थित कृषि केंद्र (IARI) का शुभारंभ किया जाएगा.इसके बाद प्रधानमंत्री गुवाहाटी में ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडीकल साइंसेज (एम्‍स) का शिलान्‍यास करेंगे. यह गुवाहाटी से 28.5 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र में खोला जाएगा. इसके बाद प्रधानमंत्री अपनी यात्रा का समापन असम और मेघालय सीमा पर स्थित खानापारा में राजनैतिक रैली कर करेंगे.

Tuesday, 23 May 2017

उत्तराखंड बस हादसे पर इंदौर प्रशासन ने हेल्प लाइन नंबर- 9425928259, 09825058988, 09993535505 जारी किया है.

नदी में गिरी उत्तरकाशी से गंगोत्री जा रही बस, 22 तीर्थयात्रियों की मौत

मध्य प्रदेश से आए तीर्थ यात्रियों को उत्तरकाशी से गंगोत्री ले जा रही एक बस नदी में गिर गई. इस बस में 29 लोग सवार थे, जिनमें से 22 लोगों की मौत हो गई. इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि घोयलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हादसे पर शोक जाहिर करते हुए मृतकों के परिवार को एक लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान किया है.
वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवार को दो लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है. बस दुर्घटना की जानकारी मिलते ही ITBP कर्मियों ने धरासू में राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया. उत्तराखंड बस हादसे पर इंदौर प्रशासन ने हेल्प लाइन नंबर- 9425928259, 09825058988, 09993535505 जारी किया है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बस दुर्घटना के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं. परिवहन आयुक्त और पुलिस को वाहनों की सख्त जांच और मुख्य सचिव को राहत-बचाव के कार्य के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही चार धाम यात्रा मार्गों के संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा गया है

सूत्रों का कहना है कि कश्मीर में लश्कर का चीफ अबू दुजाना घेरे में फंस गया है.

कश्मीर: सुरक्षाबलों के घेरे में फंसा आतंकी अबू दुजाना, गांव वालों ने की जवानों पर पत्थरबाजी

साउथ कश्मीर के पुलवामा जिले के हकरिपोरा गांव को सुरक्षाबलों ने घेर लिया है. खबर है कि घेरे गए इलाके से गोलियों की आवाज सुनाई दी है. सूत्रों का कहना है कि कश्मीर में लश्कर का चीफ अबू दुजाना घेरे में फंस गया है.
सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है. इस घेरे में 2 से 3 आतंकवादियों के होने की आशंका है. अबू दुजाना को निकालने के लिए गांव वालों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी है.
ये खबर ऐसे समय में आई है जब सेना ने एलओसी पर पाकिस्तानी चौकियों पर बड़ी कार्रवाई का वीडियो जारी किया है.मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सेना ने एक 30 सेकंड का वीडियो जारी किया, जिसमें 10 पाकिस्तानी चौकियों को तबाह होते दिखाया गया है.

Monday, 22 May 2017

पहली यात्रा पर रवाना भी नहीं हुई तेजस, उपद्रवियों ने पत्थर मार खिड़कियां तोड़ दी

पहली यात्रा पर रवाना भी नहीं हुई तेजस, उपद्रवियों ने पत्थर मार खिड़कियां तोड़ दी

भारतीय रेलवे की तेजस ट्रेन अभी अपने पहले सफर पर रवाना भी नहीं हुई और उपद्रवियों ने पत्थर मार के उसके शीशे तोड़ दिए. तेजस को मुबंई से गोवा की पहली यात्रा पर 22 मई को निकलना है, लेकिन उससे पहले तेजस ट्रेन की खिड़कियां टूटी पाई गई हैं.
शुक्रवार को जब तेजस ट्रेन दिल्ली पहुंची तो उसकी खिड़कियों के शीशे टूटे हुए थे. तेजस ट्रेन गुरुवार को कपूरथला से दिल्ली के लिए चली थी.
सेंट्रल रेलवे के जनरल मैनेजर डीके शर्मा ने इंडिया टाइम्स को बताया कि तेजस ट्रेन की खिड़कियों के शीशे टूटे हुए पाए गए हैं, लेकिन यह कोई गंभीर मसला नहीं है. इसे ठीक कर लिया जाएगा.
उन्होंने कहा, 'तेजस ट्रेन के शनिवार को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है. एक बार इसके मुंबई पहुंचने पर जांच की जाएगी और मरम्मत का जरूरी काम पूरा किया जाएगा.'
तेजस एक्सप्रेस
इस ट्रेन का निर्माण रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में हुआ है. इसे मुंबई और करमाली के बीच चलाया जाएगा. इस दूरी को तेजस ट्रेन सात घंटे 30 मिनट में पूरा करेगी.
यह ट्रेन पूरी तरह से एसी सुविधा से लैस है और इसे 22 मई को पहली यात्रा के लिए हरी झंडी दिखाई जाएगी.
सूचना और मनोरंजन के लिए इस ट्रेन में सीट के साथ स्क्रीन लगी हुई है. साथ ही इसमें ऑटोमैटिक दरवाजे लगे हुए हैं.
रेलमंत्री सुरेश प्रभु के मुताबिक तेजस ट्रेन भारत में रेल के अनुभव को हमेशा के लिए बदल देगी. नई तेजस ट्रेन में लाइटिंग के लिए एलईडी लगी हुई है. इससे ऊर्जा की बचत होगी.
तेजस ट्रेन में एक्जीक्यूटिव क्लास का टिकट बिना भोजन 2,540 रुपये का है और भोजन के साथ 2940 रुपये का. वहीं चेयरकार का किराया 1,850 रुपये (भोजन के साथ) और 1,220 रुपये (बिना भोजन के) है.

कश्मीर के बडगाम जिले में दो दिन पहले सर्विस राइफल के साथ फरार हुए पुलिसकर्मी के बारे में खबर है कि वह आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन का सदस्य बन गया है.

घाटी में राइफल के साथ फरार सिपाही हिज्बुल मुजाहिद्दीन में शामिल

कश्मीर के बडगाम जिले में दो दिन पहले सर्विस राइफल के साथ फरार हुए पुलिसकर्मी के बारे में खबर है कि वह आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन का सदस्य बन गया है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस का सिपाही सईद नवीद मुश्ताक चांदपुरा इलाके से चार इंसास राइफल के साथ फरार हो गया था, जहां उसे भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम की रक्षा में तैनात किया गया था. स्थानीय मीडिया ने हिज्बुल मुजाहिद्दीन के प्रवक्ता बुरहान उद्दीन के हवाले से बताया, हम सईद नवीद (मुश्ताक) शाह का स्वागत करते हैं.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि खुफिया सूचना के मुताबिक मुश्ताक आतंकवादी समूह में शामिल हो गया था. मुश्ताक 2012 में पुलिस बल में शामिल हुआ था, जो अपने और तीन अन्य सहकर्मियों के इंसास राइफल के साथ पिछले शनिवार को फरार हो गया था. पुलिसकर्मियों के सर्विस राइफल के साथ फरार होने और विभिन्न आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं.
करीब एक वर्ष पहले पुलिसकर्मी शकूर अहमद चार राइफल के साथ फरार हो गया था और कथित तौर परआतंकवादी संगठन में शामिल हो गया था. उसे करीब डेढ़ महीने बाद कुलगाम से गिरफ्तार किया गया था.
इससे पहले पुलवामा जिले का सिपाही नसीर अहमद पंडित 27 मार्च 2015 को दो एके राइफल के साथ पीडीपी के मंत्री अल्ताफ बुखारी के आवास से फरार हो गया था. बाद में वह शोपियां जिले में अप्रैल 2016 में मुठभेड़ में मारा गया था.

Thursday, 11 May 2017

कश्मीरी सेना अधिकारी फ़याज़ की हत्या में हिजबुल मुजाहिदीन का हाथ

कश्मीरी सेना अधिकारी फ़याज़ की हत्या में हिजबुल मुजाहिदीन का हाथ! इंसास राइफल का इस्तेमाल हुआ



सेना के युवा कश्मीरी अधिकारी लेफ्टिनेंट उमर फयाज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. (ट्विटर फोटो)

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर पुलिस को संदेह है कि हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकवादियों ने सेना के युवा कश्मीरी अधिकारी लेफ्टिनेंट उमर फयाज की हत्या की होगी और इस वारदात में पुलिसकर्मियों से छीनी एक इंसास राइफल का इस्तेमाल किया गया होगा. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गुरुवार (11 मई) को यह भी कहा कि फयाज के शव पर प्रताड़ना का कोई निशान नहीं था. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक एसजेएम गिलानी ने कहा, ‘हमने प्रारंभिक जांच की है. यह शोपियां में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन के एक मॉड्यूल (की संलिप्तता) की ओर इशारा करता है.’ पुलिस को उस स्थान से एक इंसास राइफल और दो खाली कारतूस मिले हैं, जहां शोपियां में फयाज की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.
उन्होंने कहा, ‘दक्षिण कश्मीर में हाल ही में हथियार छीनने की दो घटनाएं हुई हैं. हमारे पास इस बारे में सुराग है कि कुलगाम में हथियार छीनने की घटना को लश्कर आतंकवादियों ने अंजाम दिया जबकि शोपियां अदालत परिसर (दो मई को) में हथियार छीनने की घटना में हिजबुल आतंकवादी शामिल थे. इसलिए यह उन हथियारों में से एक हो सकता है. गिलानी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है लेकिन फयाज के शव पर प्रताड़ना का कोई निशान नहीं है. उन्होंने बताया कि शव परीक्षण करने वाले चिकित्सकों और पुलिस को प्रताड़ना का कोई निशान नहीं मिला.
गौरतलब है कि फयाज यहां से करीब 74 किलोमीटर दूर बाटापुरा में अपने मामा की बेटी की शादी में शरीक होने गए थे जहां से मंगलवार (9 मई) रात करीब 10 बजे आतंकवादियों ने उन्हें अगवा कर लिया था. गोलियों से छलनी उनका शव बुधवार (10 मई) सुबह मिला. कुलगाम जिला निवासी फयाज पिछले साल दिसंबर में सेना में शामिल हुए थे. सेना ने इस जघन्य आतंकी हरकत को अंजाम देने वालों को न्याय के दायरे में लाने का संकल्प लिया है.

Sunday, 7 May 2017

PAK की बर्बरता का करारा जवाब, सेना ने LoC पर उड़ाए 7 पाकिस्तानी बंकर

PAK की बर्बरता का करारा जवाब, सेना ने LoC पर उड़ाए 7 पाकिस्तानी बंकर


भारतीय फौज ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है. नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान के बंकर उड़ाए गए हैं. भारतीय जवानों ने एलओसी पर बने पाकिस्तानी बंकरों पर हमला कर उन्हें ध्वस्त कर दिया.
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की तरफ पहले सीजफायर का उल्लंघन किया गया. नौशेरा में पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा था. जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया.
इस जवाबी कार्रवाई में भारत ने सीमा पर बने पाकिस्तानी बंकरों को निशाना बनाया. बताया जा रहा है कि भारतीय फौज ने पाकिस्तान के कई बंकरों को निशाना बनाते हुए उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया. जानकारी है कि भारतीय सेना की तरफ से सात धमाके किए गए.
बता दें कि पिछले हफ्ते ही जम्मू के मेंढर सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ मोर्टार दागे गए थे. पाकिस्तान के इस अटैक में दो भारतीय जवान शहीद हो गए थे. इतना ही नहीं भारतीय जवानों के शवों के साथ बर्बरता भी की गई थी.
1 मई को किया था पाकिस्तान ने हमला
बीते 1 मई को जम्मू के मेंढर सेक्टर में पाकिस्तान ने एलओसी पर सीजफायर का उल्लंघन किया था. पाकिस्तानी की तरफ मोर्टार दागे गए थे. जिसमें दो भारतीय जवान शहीद हो गए थे. पाकिस्तान की बैट टीम ने दोनों भारतीय जवानों के साथ बर्बरता भी की थी.
इसके बाद भारत ने एलओसी के उस पार मौजूद पाक सेना की उन चौकियों को ध्वस्त कर दिया था जिनसे बॉर्डर एक्शन टीम के सदस्यों की घुसपैठ के लिए उनको कवर फायर दिया गया था. बताया गया था कि इस जवाबी कार्रवाई में 7 पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए.
जवानों की शहादत के बाद रक्षा मंत्री समेत आर्मी चीफ ने खुले तौर पर कहा था कि पाकिस्तान को उसी के अंजाम में माकूल जवाब दिया जाएगा.

केरल: NEET की परीक्षा के दौरान उतरवाए गए छात्राओं के अंडरगारमेंट

केरल: NEET की परीक्षा के दौरान उतरवाए गए छात्राओं के अंडरगारमेंट

केरल के कन्नुर में राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) की परीक्षा के दौरान एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां पर परीक्षा केंद्र में एंट्री के दौरान कई छात्राओं के अंडरगारमेंट्स उतरवाए गये. इसके अलावा भी सख्त ड्रेस कोड के नाम पर कई छात्राओं के साथ ऐसा किया गया.
घटना के बाद एक छात्रा की मां ने कहा कि बेटी जब परीक्षा केंद्र से वापिस आई, तो उसने मुझे अपने अंडरगारमेंट पकड़ा दिये. इस मामले के बाद परिजनों और छात्र-छात्राओं में गुस्से का माहौल है. आपको बता दें कि सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट मेडिकल में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन हो रहा था.
मामले के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है. कांग्रेस पार्टी की महिला इकाई अध्यक्ष बिंदु कृष्णा ने इस घटना की निंदा की, और कहा कि परीक्षा केंद्र में अगर इस तरह का बर्ताव होगा, तो कितनी ही छात्राएं मन लगाकर परीक्षा दे पाई होगी.
आपको बता दें कि रविवार को लगभग 104 शहरों में रविवार को सीबीएसई ने नीट की परीक्षा आयोजित की थी, इस दौरान कुल 11 लाख लोगों ने परीक्षा दी थी.

Saturday, 6 May 2017

महबूबा ने कहा-'हमें दलदल से PM मोदी ही बाहर निकाल सकते हैं'

कश्मीर के हालात पर महबूबा ने कहा-'हमें दलदल से PM मोदी ही बाहर निकाल सकते हैं'


श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीर में स्थिति ठीक नहीं है और कश्मीर मुद्दे का हल पीएम मोदी ही निकाल सकते हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जो फैसला करेंगे देश उसका समर्थन करेगा.
महबूबा ने कहा, 'हमें दलदल से कोई अगर बाहर निकाल सकता है तो वह पीएम मोदी हैं. वह जो फैसला करेंगे मुल्क उसका समर्थन करेगा.' सीएम ने कहा, 'पहले वाले पीएम भी पाकिस्तान जाना चाहते थे पर जुर्रत नहीं की. पीएम मोदी लाहौर गए और यह ताकत की निशानी है.'
महबूबा ने कहा कि कश्मीर की स्थिति ठीक नहीं है. कश्मीर के हालात का प्रभाव जम्मू पर भी पड़ेगा. महिलाओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर की समस्या 70 साल पुरानी है.
सीएम मुफ्ती ने कहा, 'मेरे पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद और अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीर में शांति प्रक्रिया की शुरुआत की.' उन्होंने कहा कि अब उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद इस दुनिया में नहीं रहे और वाजपेयी सरकार नहीं है. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार सोचती थी कि कश्मीर में हालात सुधर रहे हैं, लेकिन अब यह बदतर हो गए हैं. 
महबूबा ने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग कश्मीर में अशांति पैदा करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ पीएम मोदी ही कश्मीर समस्या का समाधान कर सकते हैं. मोदी का लाहौर जाना कमजोरी का नहीं, बल्कि एनडीए सरकार की ताकत का प्रतीक है.