Sunday, 30 April 2017

मनोज तिवारी के घर पर हमला

मनोज तिवारी के घर पर हमला और तोड़फोड़, 2 स्टाफ घायल, 2 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के आवास पर कुछ अज्ञात लोगों ने रविवार की देर रात हमला कर दिया. 8 से 12 लोगों ने मनोज तिवारी के निजी सहायक अभिनव मिश्रा और उनके रसोइए के साथ मारपीट भी की. 
रात में 1:00 बजे के करीब जब यह वाकया हुआ उस समय मनोज तिवारी अपने घर में मौजूद नहीं थे, लेकिन जैसे ही उनके निजी सहायकों ने उन्हें सूचना दी कि 8 से 12 लोगों ने उनके घर पर हमला किया है तो वह फौरन अपने घर पर लौटे और उन्होंने नई दिल्ली के डीसीपी को फोन पर इसकी सूचना दी. हमले में मनोज तिवारी के स्टाफ के 2 लोग घायल भी हुए हैं.
मनोज तिवारी के मुताबिक यह उन पर हुआ एक तरीके से जानलेवा हमला है, क्योंकि वह हमलावर तेजी से मनोज तिवारी का नाम लेकर उन्हें गालियां भी दे रहे थे. मनोज तिवारी ने कहा कि वह गृहमंत्री राजनाथ सिंह और दिल्ली पुलिस के कमिश्नर से इसकी शिकायत करेंगे. तिवारी के मुताबिक उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, मगर फिर भी उन्हें डर है कि जिस तरह से 12 हमलावरों ने उनके घर में घुसकर चप्पा-चप्पा छाना, आगे भी इस तरह की घटना ना हो इसलिए वो इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं.
हालांकि सुबह खबर आई कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 2 लोगों को अरेस्ट कर लिया है. डीसीपी नई दिल्ली के मुताबिक मनोज तिवारी के घर के पास मोड़ पर एक वैगन आर कार और मनोज तिवारी के स्टाफ की स्कोर्पियो कार की हल्की टक्कर हो गई थी. इसके बाद दोनों में मारपीट हो गई. बाद में वैगन आर कार वाले जो पास में ही रहते हैं, उन लोगों ने कुछ और लोगों को बुला लिया और मनोज तिवारी के स्टाफ पर हमला कर दिया. सभी की पहचान हो गई है. मनोज तिवारी पर हमले जैसी कोई बात नहीं है और न ही इनका मकसद था.

आजम खान ने फिर दी UN जाने की धमकी

आजम खान ने फिर दी UN जाने की धमकी, कहा- मुसलमानों को परेशान करना छोड़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन तलाक पर दिए गए बयान को लेकर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने कहा कि अगर मोदी ने मुसलमानों को परेशान करना नहीं छोड़ा, तो वह इसके खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) जाएंगे और उसके बाद मोदी दुनिया को चेहरा नहीं दिखा पाएंगे.
सपा विधायक आजम खां ने कहा, 'मोदी जी मुसलमानों को परेशान न करें, वरना मुसलमानों को सोचना पड़ेगा कि उन्हें कहां जाना है. अगर हम संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) में चले गए तो मोदी जी दुनिया को मुंह नहीं दिखा सकेंगे, उन्हें पूरी दुनिया के सामने बेइज्जत होना पड़ेगा.'
टांडा में हुई जनसभा में तीन तलाक पर बयान को लेकर मोदी पर निशाना साधते हुए आजम ने कहा, 'जो व्यक्ति सात फेरे लेने के बाद भी अपना पति धर्म न निभा सका, वह दूसरों की पत्नी का क्या ख्याल रखेगा. मोदी जी पहले अपनी पत्नी को तो हक दें.'
उन्होंने कहा कि तीन तलाक के मामले में सिर्फ शरीयत का कानून ही माना जाएगा. मुस्लिम महिलाओं द्वारा तीन तलाक का विरोध किए जाने पर आजम ने कहा, 'बीजेपी का अजब तमाशा है, नकली मुस्लिम महिलाओं को बुरका पहनाकर तीन तलाक के विरोध में लाकर खड़ा कर दिया जाता है. हिंदुओं और मुस्लिमों लड़ाने वाले ये लोग मुस्लिमों को भी आपस में लड़ाना चाहते हैं.'

Thursday, 27 April 2017

जहाँ मिली थी परशुराम जी को मातृ-हत्या के पाप से मुक्ति

परशुराम कुण्ड – अरुणाचल प्रदेश – जहाँ मिली थी परशुराम जी को मातृ-हत्या के पाप से मुक्ति

लेकिन हाल ही में हमें ज्ञात हुआ की कुछ ऐसी ही मान्यता अरुणाचल प्रदेश में स्तिथ परशुराम कुण्ड से भी जुडी हुई है। इसलिए आज इस लेख में हम आपको परशुराम कुण्ड के बारे में जानकारी दे रहे है, पर आइए पहले जानते की परशुराम जी ने आखिर क्यों अपनी माता की हत्या की थी ?आखिर क्यों किया भगवान परशुराम ने अपनी माँ का वध –
परशुराम भगवान विष्णु के आवेशावतार थे। उनके पिता का नाम जमदग्नि तथा माता का नाम रेणुका था। परशुराम के चार बड़े भाई थे लेकिन गुणों में यह सबसे बढ़े-चढ़े थे। एक दिन गन्धर्वराज चित्ररथ को अप्सराओं के साथ विहार करता देख हवन हेतु गंगा तट पर जल लेने गई रेणुका आसक्त हो गयी और कुछ देर तक वहीं रुक गयीं। हवन काल व्यतीत हो जाने से क्रुद्ध मुनि जमदग्नि ने अपनी पत्नी के आर्य मर्यादा विरोधी आचरण एवं मानसिक व्यभिचार करने के दण्डस्वरूप सभी पुत्रों को माता रेणुका का वध करने की आज्ञा दी। लेकिन मोहवश किसी ने ऐसा नहीं किया। तब मुनि ने उन्हें श्राप दे दिया और उनकी विचार शक्ति नष्ट हो गई। अन्य भाइयों द्वारा ऐसा दुस्साहस न कर पाने पर पिता के तपोबल से प्रभावित परशुराम ने उनकी आज्ञानुसार माता का शिरोच्छेद कर दिया। यह देखकर महर्षि जमदग्नि बहुत प्रसन्न हुए और परशुराम को वर मांगने के लिए कहा। तो उन्होंने तीन वरदान माँगे-
माँ पुनर्जीवित हो जायँ,
उन्हें मरने की स्मृति न रहे, और
भाई चेतना-युक्त हो जायँ
जमदग्नि ने उन्हें तीनो वरदान दे दिये। माता तो पुनः जीवित हो गई पर परशुराम पर मातृहत्या का पाप चढ़ गया।
परशुराम कुण्ड (Parshuram Kund) :-
मान्यता है की जिस फरसे से परशुराम जी ने अपनी माता की हत्या की थी वो फरसा उनके हाथ से चिपक गया था। तब उनके पिता ने कहा की तुम इसी अवस्था में अलग-अलग नदियों में जाकर स्नान करो , जहाँ तुम्हें अपनी माता की हत्या के पाप से मुक्ति मिलेगी वही यह फरसा हाथ से अलग हो जाएगा। पिता की आज्ञा अनुसार उस फरसे को लिए-लिए परशुराम जी ने सम्पूर्ण भारत के देवस्थानों का भ्रमण किया पर कही भी उस फरसे से मुक्ति नहीं मिली। पर जब परशुराम जी ने आकर लोहित स्तिथ इस कुण्ड में स्नान किया तो वो फरसा हाथ से अलग होकर इसी कुण्ड में गिर गया। इस प्रकार भगवन परशुराम अपनी माता की हत्या के पाप से मुक्त हुए और इस कुण्ड का नाम परशुराम कुण्ड पड़ा।
परशुराम कुण्ड को प्रभु कुठार के नाम से भी जाना जाता है। यह अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिला की उत्तर-पूर्व दिशा में 24 किमी की दूरी पर स्थित है। लोगों का ऐसा विश्वास है कि मकर संक्रांति के अवसर परशुराम कुंड में एक डूबकी लगाने से सारे पाप कट जाते है। समय के साथ यह स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों में भी लोकप्रिय हो गया। अब यह कुण्ड लोहित की पहचान बन चुका है।
हजारों तीर्थयात्री प्रतिवर्ष 14 जनवरी को मकर संक्रान्ति के दिन इस कुण्ड में स्नान करने आते हैं। अरूणाचल प्रदेश ही नहीं वरन् समूचा उत्तरपूर्व, नेपाल और भूटान तक का श्रध्दालु समाज मकर संक्रांति पर्व के समय इस कुण्ड पर सहज खिंचा चला आता है। जनवरी मास में प्रत्येक वर्ष जो आस्था-सैलाब यहां उमड़ता है उसकी तुलना यहां पर महाकुंभ से की जाती है।

भगवान परशुराम ने क्यों किया था 21 बार क्षत्रियों का संहार ?

Wednesday, 26 April 2017

आर्मी के आर्टीलरी बेस पर हमला, 2 आतंकी ढेर, कैप्टन समेत 3 जवान शहीद

कुपवाड़ा में आर्मी के आर्टीलरी बेस पर हमला, 2 आतंकी ढेर, कैप्टन समेत 3 जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के पंजगाम सेक्टर में आर्मी कैंप पर आतंकी हमला हुआ है. आत्मघाती आतंकी हमले में एक कैप्टन, एक जेसीओ और एक जवान शहीद हो गए. सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में दो आतंकी भी मारे गए. ये हमला सेना के आर्टीलरी बेस पर हुआ है. ये आर्मी कैंप एलओसी से 5 किलोमीटर दूर कुपवाड़ा में स्थित है.
सुबह 5.15 बजे हुआ हमला
आतंकियों ने सुबह 5.15 बजे के आसपास एलओसी के पास कुपवाड़ा के पंजगाम में आर्मी कैंप में घुसने की कोशिश की. सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया और दो आतंकियों को मार गिराया. इस हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है. कैंप के अंदर और बाहर तलाशी अभियान जारी है. लगातार दोनों ओर से फायरिंग हो रही है.
घायल जवानों को एयरलिफ्ट किया गया
इस आतंकी हमले में कैप्टन समेत सेना के 3 जवान शहीद हुए हैं. 5 जवान घायल हुए हैं. घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर श्रीनगर लाया गया है. घायल जवानों का इलाज श्रीनगर आर्मी अस्पताल में किया जा रहा है.

Friday, 21 April 2017

बिहार में स्थित एक प्राचीन मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां रात को मूर्तियां भी बातें करती हैं।

400 साल पुराने मंदिर में देर रात को मूर्तियां करती हैं एक दुसरे से बातें


कहा जाता है कि अध्यात्म और विज्ञान में परस्पर विरोध है। अध्यात्म में प्राय: तर्क-वितर्क को प्रधानता नहीं दी जाती और विज्ञान हर मान्यता के पीछे तार्किक आधार तलाश करता है। आज भी ऐसे अनेक स्थान हैं जिनसे जुड़ी मान्यताएं श्रद्धालुओं के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। दूसरी ओर विज्ञान उन्हें नकारता है।
बिहार में स्थित एक प्राचीन मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां रात को मूर्तियां भी बातें करती हैं। यह कथन किसी को भी आश्चर्य में डाल सकता है लेकिन श्रद्धालुओं का मानना है कि इसके पीछे भी एक अतिप्राचीन रहस्य है।
इस 400 साल पुराने मंदिर में देर रात को मूर्तियां करती हैं बातें, जानिए क्या है इसका रहस्य!
यह मंदिर बिहार के बक्सर में स्थित है, नाम है- राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर। मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएं इसे रहस्यमय बनाती हैं। यह मुख्यत: तंत्र साधना के लिए जाना जाता है। यहां तंत्र-मंत्र के साधक देर रात तक देवी की साधना करते रहते हैं।
इस मंदिर में त्रिपुर सुंदरी की आराधना की जाती है। इसके अलावा बगलामुखी, तारा देवी, भगवान भैरव आदि की आराधना भी होती है। मंदिर में देवी-देवताओं की कई प्राचीन मूर्तियां स्थापित हैं। तंत्र साधक इनकी आराधना करते हैं। मान्यता है कि जब रात को यहां पूरी तरह खामोशी होती है तो विशेष प्रकार की आवाज सुनाई देती है। तंत्र साधकों और श्रद्धालुओं का मानना है कि ये आवाजें इन मूर्तियों से आती हैं।
यहीं नहीं, मंदिर के करीब से गुजरने वाले कई राहगीर भी यह मानते हैं कि तंत्र साधना से सिद्ध इन मूर्तियों से रात को विशेष प्रकार की आवाजें आती हैं। वहीं, कुछ लोगों का यह मानना है कि मंदिर की बनावट इस प्रकार है कि यहां सूक्ष्म ध्वनि काफी देर तक गूंजती रहती है। यही कारण है कि शब्द यहां के वातावरण में भ्रमण करते रहते हैं।
कितना पुराना है मंदिर
यह मंदिर करीब 400 साल पुराना माना जाता है। इसकी स्थापना एक तांत्रिक ने की थी। उसका नाम भवानी मिश्र था। मंदिर में देवी की विभिन्न प्रतिमाएं तंत्र साधना के लिए स्थापित की गई हैं। भवानी मिश्र के बाद उनके वंशज इस मंदिर में पुजारी बनते रहे हैं।

Thursday, 20 April 2017

नहीं थम रहा हिंदू देवी-देवताओं के चित्रों का गलत प्रयोग

नहीं थम रहा हिंदू देवी-देवताओं के चित्रों का गलत प्रयोग, भड़के भारतीय

    मां काली मां काली
    aajtak.in [Edited By: आरती मिश्रा]
    नई दिल्‍ली, 20 अप्रैल 2017, अपडेटेड 14:16 IST

    एक बार फिर सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के चित्रों के प्रयोग पर बहस छिड़ गई है. इस बार मामला गर्माया है केटी पेरी के मां काली का चित्र प्रयोग करने पर‍.
    दरअसल, हॉलीवुड सिंगर केटी पेरी ने अपने इंस्‍टाग्राम अकाउंट पर मां काली की तस्‍वीर पोस्‍ट की है. उन्‍होंने जबसे ये तस्‍वीर पोस्‍ट की है, तबसे वे भारतीयों के निशाने पर है. 
    ये है केटी पेरी का पोस्‍ट- 
    हालांकि केटी ने अपने मूड को जाहिर करने के लिए ये तस्‍वीर शेयर की थी, लेकिन इसके लिए उन्‍हें काफी ट्रोल किया जा रहा है. लोगों का कहना है कि वे अपने मूड को दर्शाने के लिए इस तरह भारतीय देवी के चित्र का प्रयाेग नहीं कर सकतीं. 
    बीयर बोतल पर गणेश तो जूते पर ऊं, ऑनलाइन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज 
    ये इस तरह का पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी भारतीय देवी-देवताओं की तस्‍वीरों के गलत प्रयोग पर लोगों ने आपत्ति जताई है. कुछ समय पहले ही अमेरिका की एक कंपनी ने बियर की बोतल पर भगवान गणेश की तस्वीर का इस्तेमाल किया था जबकि जबकि एक अन्‍य कंपनी ने जूतों पर ओम लिख दिया था. 
    गौरतलब है कि ओम लिखे जूते बेचने के मामले में वेबसाइट yeswevibe.com और भगवान गणेश की तस्वीर वाली बीयर बोतल बेचने के मामले में lostcoast.com के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी. 
    पाकिस्तान के सिंध में बिक रहे हैं 'ऊँ' लिखे हुए जूते, हिंदू संगठन ने जताया आक्रोश 
    इससे पहले, ऑनलाइन वेबसाइट अमेजन पर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर वाले पायदान बेचने का मामला तो खूब गर्माया था. 
    फिर अमेजन पर ही तिंरगा झंडा वाले पायदान की बिक्री भी विवादों में रही थी. भारतीय विदेश मंत्रालय ने जब कड़ा रुख अपनाया तो अमेजन ने ये उत्पाद हटा लिए थे.

    Wednesday, 19 April 2017

    अब इस मामले में सिंगर मीका सिंह ने भी सोनू को सलाह दे डाली है.

    मीका ने दी सोनू को सलाह, कहा- ज्यादा दिक्कत है तो घर बदलें


    सोनू निगम के लाउडस्पीकर वाले ट्वीट ने बड़े विवाद का रूप ले लिया है. हालांकि उन्होंने बाद में ट्वीट्स में मंदिर और गुरुद्वारे के बारे में लिखा लेकिन बड़े रूप में यह अजान वर्सेज सोनू निगम बन गया है. इस विवाद में कई बॉलीवुड सेलेब्स सोनू के साथ हैं तो कई उनके विरोध में हैं. अब इस मामले में सिंगर मीका सिंह ने भी सोनू को सलाह दे डाली है.
    मीका ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि बड़े भाई मैं सिंगर के रूप में आपकी बहुत इज्जत करता हूं और अगर आपको अजान से परेशानी होती है तो आपको अपना घर बदल लेना चाहिए. 
    इसके जवाब में सोनू निगम ने लिखा कि अगर में लाउडस्पीकर की बात कर रहा हूं तो मैंने उसमें मंदिर और मस्जिद की बात भी की है. क्या इसे समझना इतना मुश्किल है.
    इसके बाद मीका ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च सिर्फ लाउडस्पीकर के लिए नहीं जाने जाते हैं बल्कि लंगर, सम्मानजनक चीजों और दान के लिए भी जाने जाते हैं. 
    बता दें कि सोनू निगम ने लिखा था कि सुबह लाउडस्पीकर से दी जाने वाली अजान से उनकी नींद खराब होती है और जब वह मुस्ल‍िम नहीं हैं तो वह इस धार्मिक कट्टरता को बर्दाश्त करें. ऐसा करना तो सरासर गुंडागर्दी है. हालांकि सोनू निगम ने अपने निशाने पर मंदिर और गुरुद्वारों में बजने वाले लाउडस्पीकर को भी लिया. 

    Saturday, 15 April 2017

    बलिदान दिवस क्रन्तिकारी विश्वनाथ शाहदेव . वो महायोद्धा जिसे हमें जानने ही नहीं दिया गया

    16 अप्रैल - बलिदान दिवस क्रन्तिकारी विश्वनाथ शाहदेव . वो महायोद्धा जिसे हमें जानने ही नहीं दिया गया
    1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानी विश्वनाथ शाहदेव झारखंड की एक छोटी सी रियासात बड़कागढ़ के नरेश थे। मातृभूम का प्रेम , गौरवमय स्वाभिमान और देशभक्ति उनकी नसों में रक्त के साथ बहती थी। उसी स्वाभिमान , राष्ट्रप्रेम को आत्मसात करते हुए वो महासमर 1857 की क्रांति में अपना राज पाट व् सुख सुविधा छोड़ कर कूद गये थे। 

    जिस तरह ब्रिटिश सरकार अत्याचार और अन्याय पर उतारू थी उसे देख कर भारत की वीरभूमि झारखंड में भी क्रान्ति की ज्वाला भड़क उठी थी । उस समय वहां क्रान्ति के प्रमुख नेतृत्वकर्ता  ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव समूचे झारखंड को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने की घोषणा कर चूके थे। ठाकुर विश्वनाथ जी के जांबाज़ सैनिक कई मोर्चों पर अंग्रेजों का बेहद सधे तात्रीके से आमना सामना कर रहे थे। यह युद्ध कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा गया .  क्रांतिकारियों के एक दल ने अंग्रेजों को धूल चटा कर अपनी विजय पताका को झारखंड के चतरा तक पहुंचा दिया। इस जांबाज़ फौजी दल का नेतृत्व ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव और दूसरे दल का नेतृत्व उनके दीवान गणपत राय कर रहे थे। भारत माँ को आज़ाद करवाने का जूनून इस कदर हावी था उन सब पर की उनके आक्रमण इतना तेज थे कि आततायी अंग्रेजों को रांची छोड़कर भागना पड़ा। रांची की कचहरी, थाना, जेल जैसी सार्वजनिक और सरकारी जगहों पर क्रांतिकारियों का कब्जा हो गया । झारखंड के रांची शहर को क्रांतिवीरों ने स्वतंत्र घोषित कर डाला जो १ महीने तक आज़ाद रहा लेकिन कई बार की तरह एक बार और देश के अंदर छुपे हुए गद्दारों की वजह से यह स्थिति ज्यादा समय नहीं बन पायी रही .  ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव को पकडने के लिए अंग्रेजों बड़ा ने ईनाम घोषित किया। उस समय ब्रिटिश सेना का कैप्टन ओक्स निकल पड़ा था उनकी तलाश में जो आज के समय में गद्दार और दगाबाज बोले जाते हैं और वो अपनी इस खोज में सफल भी रहा. पर गाद्दारों की गद्दारी क्रांतिवीरों के कदम नहीं रोक पायी पर सीमित संसाधनों और पुराने अस्त्रों से लड़ रही क्रांतिकारियों की टोली को गद्दारों की गद्दारी एक और बोझ दे गयी.जयचंद और मीरजाफर जैसे लोगों ने झारखंड के क्रांतिकारियों को अंग्रेजों की जेलों में डलवा दिया। 1858 में जब ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव चतरा तालाब के पास अंग्रजों से युद्ध कर रहे  थे, तभी धोखे से उन्हें घेर कर पकड़ लिया गया। जनता में दहशत बनाने के लिए अंग्रजों ने उन्हें पैदल चतरा से रांची लाकर अपर बाजार जेल में निरुद्ध किया ।आज ही के दिन अर्थात  16 अप्रैल 1858 को ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव को रांची जिला स्कूल के गेट के निकट एक कदंब पेड़ की डाली से लटका कर फांसी  दी गयी और आज़ादी की चाहे में छोटी से दल को ले कर ब्रिटिश हुकूमत से भिड़ गया यह महायोद्धा सदा के लिए अमर हो गया . दुर्भाग्य है कि ऐसे महावीरों को हमारी शाश्कीय पुस्तकों में वो स्थान नहीं मिला जिसके वो पात्र थे . उनके बलिदान के स्तर को कम कर के आँका गया जिसका परिणाम वर्तमान पीढ़ी दिग्भर्मित हो कर झेल रही है . निश्चित रूप से भारत विरोधी नारे लगाने वाले कुछ संस्थानों में यदि ऐसे वीरों की जीवनी उपलब्ध होती तो कोई भी भारत के टुकड़े जैसी बात नहीं करता . 

    Friday, 14 April 2017

    The post Tour Programme of Jagadgurus from May 2 to June 10, 2017 appeared first on Sringeri Sharada Peetham.

    has been announced and is available for download. The Jagadgurus will continue Their Vijaya Yatra in Tamil Nadu after observing the Shankara Jayanti Celebrations at Coimbatore

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    Tour Programme of Jagadgurus from May 2 to June 10, 2017

    The tour programme of the Jagadgurus from May 2 to June 10, 2017 has been announced and is available for download. The Jagadgurus will continue Their Vijaya Yatra in Tamil Nadu after observing the Shankara Jayanti Celebrations at Coimbatore, and grace many districts including Tiruppur, Karur, Tiruchirappalli, Ramanathapuram, Thoothukkudi, Tirunelveli and Kanyakumari.

    Tour Programme of Jagadgurus from April 14 to May 2, 2017

    The tour programme of the Jagadgurus from April 14, 2017 to May 2, 2017 has been announced and is available for download. The Ubhaya Jagadgurus will continue their Vijaya Yatra in Tamil Nadu and will observe the Shankara Jayanti Celebrations of the Hemalamba Samvatsara in the Sringeri Shankara Math, Coimbatore.

    Jagadgurus undertake Vijaya Yatra

    Jagadguru Shankaracharya Sri Sri Sri Bharati Tirtha Mahasannidhanam and Jagadguru Shankaracharya Sri Sri Sri Vidhushekhara Bharati Sannidhanam have undertaken a Vijaya Yatra. The Jagadgurus will enter Tamil Nadu on March 14, 2017. The 67th Vardhanti of Jagadguru Mahasannidhanam will be celebrated at Sringeri Shankara Math, Bypass Road, Madurai. The Jagadgurus will celebrate Shankara Jayanti at the Sringeri Shankara Math, Coimbatore.
    For detailed programme of the Yatra, please click the below link.
    For the benefit of devotees, a list of lodging facilities close to the Math in Madurai is given here – Lodging Facilities at Madurai

    IMPORTANT ANNOUNCEMENTS

    Shankara Jayanti 2017 – Veda Poshaka Sabha Exam

    Jagadguru Shankaracharya Sri Sri Sri Bharati Tirtha Mahasannidhanam and Sri Sri Sri Vidhushekhara Bharati Sannidhanam will observe this year’s Shankara Jayanti Celebrations at Coimbatore.
    As part of the Shankara Jayanti Celebrations, the Annual  Veda Poshaka Sabha Examinations will be held from April 27, 2017 to April 30, 2017.
    Advanced students of the Vedas are welcome to participate in the Vedic examinations to be conducted during this time. The application form can be downloaded below.
    Veda Poshaka Sabha Sringeri Pariksha registration form Shankara Jayanti 2017

    Sri Adi Shankaracharya Ashtottara Shatanama Parayana Yajna – Tamil Nadu


    With the blessings of Jagadguru Shankaracharya Sri Sri Bharati Tirtha Mahasannidhanam, and Jagadguru Shankaracharya Sri Sri Vidhushekhara Bharati Sannidhanam,Sri Adi Shankaracharya Ashtottara Shatanama Parayana Yajna commenced throughout Tamilnadu on January 11, 2017. 
    Thanks to the effort of all the coordinators, hundreds of centres with groups of devotees across Tamil Nadu have sprung up. As part of the Yajna, tens of thousands of devotees are to chant the Ashtottara Shatanama of Sri Adi Shankaracharya in groups in various districts of Tamil Nadu. As part of the Parayana session, devotees chant the Ekashloki Prakaranam of Sri Adi Shankaracharya, Guru Vandanam, Sri Sharada Bhujanga Stotram of Sri Adi Shankaracharya and the Ashtottara Shatanamavali of Sri Adi Shankaracharya and a Mangalam song.

    Advaita Sharada Project Second Release

    Jagadguru Shankaracharya Sri Sri Bharati Tirtha Mahasannidhanam released the second version of the Advaita Sharada Project of the Sringeri Math on February 2, 2017 as part of the ongoing Sharadalaya Swarna Shikhara Kumbhabhisheka Celebrations.
    The project being undertaken by the Sri Shankara Advaita Research Centre of the Math in association with M/s Sriranga Digital Software Technologies, Mysore, was originally made live on the internet during the Shankara Jayanti 2014 Celebrations and contained the Prasthana-traya Bhashyam-s of Sri Adi Shankara Bhagavatpada as searchable and hyperlinked text.
    Being executed under the guidance and direction of Sri Mahasannidhanam and Sri Sannidhanam, the Advaita Sharada Project has now introduced for the first-ever time an elegant interface for featuring sub-commentaries or Vyakhyana-s.
    The revamped second release features Vyakhyana-s (Ratnaprabha and Sri Padmapadacharya’s Panchapadika) to the Brahma Sutra Bhashyam and to the Gita Bhashyam. Sri Sureshwaracharya’s Vartikas on the Taittireeya Upanishad Bhashyam are also part of this release.
    Other texts include the 14th century work pertaining to the Brahma Sutras namely “Vaiyasika Nyaya Mala” of the 11th Acharya of the Peetham (Jagadguru Sri Bharati Tirtha I), Sri Totakacharya’s Shruti-Saara-Samuddharanam and Sri Hastamalakacharya’s Hastamalakeeyam (along with the commentary by Sri Adi Shankaracharya).
    A sub-commentary on Panchapadika titled Vaktavya Kashika, written by Sri Uttamajna Yati, a Sannyasi disciple of Jagadguru Sri Jnanottamacharya, the 5th Acharya of the Peetham has also been included.
    Prakaranas of Bhagavatpada such as Vivekachoodamani, Sarva-Vedanta-Siddhanta-Saara-Sangraha and Shatashloki are also featured. More texts, sub-commentaries and features will be added in the subsequent months.
    The contents may be accessed at the Project’s website that has been blessed with the Srimukham of Sri Mahasannidhanam.

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