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Tuesday, 6 September 2016

सुप्रीम कोर्ट हमारे मामले में दखल नहीं दे सकता

सुप्रीम कोर्ट हमारे मामले में दखल नहीं दे सकता

ट्रिपल तलाक पर डरा सुप्रीम कोर्ट, केंद्र से बोला, "आप ही बताओ इसपर अब क्या करें"
अक्सर आपने फिल्मो में सुना और देखा होगा की, कानून कुछ लोगों की मुट्ठी में होता है
पुलिस प्रशासन जेब में होते है और अदालते घर में पालतू जानवर की तरह बंधे हुए होते है, फिल्मे भी बिलकुल निराधार नहीं होती कुछ न कुछ सच्चाई भी उनमे होती ही है
और ये रहा उदाहरण आपके सामने, अक्सर आपने सुना होगा की सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार, सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुओ के मामले में सुनाया ये फैसला वो फैसला
ऐसा प
्रतीत होता है की सुप्रीम कोर्ट और देश में कानून कितना मजबूत है, सुप्रीम कोर्ट एकदम स्वतंत्र है और ताकतवर है और फैसले लेने में सबसे आगे है
पर सभी मुद्दों पर ऐसा है नहीं, और जब मुद्दा जुड़ा हो मुस्लिमो से तो सुप्रीम कोर्ट भी पसोपेश में ही रहता है
सभी मुद्दों पर बड़े बड़े फैसले लेने वाला सुप्रीम कोर्ट मुस्लिम महिलाओ के हक़ पर फैसला लेने में असमर्थ नजर आ रहा है
मुस्लिम पुरुषो का संगठन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है की सुप्रीम कोर्ट हमारे मामले में दखल नहीं दे सकता, ट्रिपल तलाक एकदम जायज है इत्यादि
वहीँ कुछ मुस्लिम महिलाएं सुप्रीम कोर्ट से न्याय की भीख मांग रही है, पर मामला मुस्लिमो का है इसलिए सुप्रीम कोर्ट भी केंद्र से मदद मांग रहा है, की क्या करें ?
साफ़ है की सुप्रीम कोर्ट इस बात से डरा हुआ है की कहीं उसने कुछ फैसला सुनाया और मुस्लिम नाराज न हो जाएं,
वैसे सुप्रीम कोर्ट कल को दीपावली पर भी प्रतिबन्ध लगा सकता है, ऐसे फैसलों के लिए उसे किसी से पूछने की जरुरत नही
पड़ती