Monday, 12 December 2016

शबरीमला श्रद्धालुओ की वाहनों पर दुगना राज्य प्रवेश कर !

 
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से १७५ किमी की दूरी पर पंपा है और वहीं से चार-पांच किमी की दूरी पर पश्चिम घाट से सह्यपर्वत श्रृंखलाओं के घने वनों के बीच, समुद्रतल से लगभग १००० मीटर की ऊंचाई पर शबरीमला मंदिर है। मक्का-मदीना के बाद यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तीर्थ माना जाता है, जहां सरकार का कोई सुविधा नहीं होते हुए भी हर साल करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

शबरीमला श्रद्धालुओ की वाहनों पर दुगना राज्य प्रवेश कर !
हर साल नवम्बर से जनवरी तक शबरीमला में अय्यप्पा स्वामी का उत्सव मनाया जाता है । पूरे दक्षिण भारत में  यह बहुत बड़ी उत्सव मानी जीत है । करूडों अय्यप्पा स्वामी के भक्त प्राइवेट वाहनों में शबरीमला में भगवान के दर्शन पाने आते है । इस बार श्रद्धालुओ के वाहनों पर केरल की हिंदु विरोधी सरकार ने दुगना कर लगाया है । किंतु यही सरकार मुसलमानों को हज सबसीडी दिल खोल के देती है ।

पिछले साल केरल में प्रवेश के लिए हर मैक्सिकेब को सप्ताह के लिए ₹ ३५०० जितना कर चुकाना पडता था किंतु इस साल वाहन कर को बडा के ₹ ७००० कर दिया गया है । और सरकार ने पूरे साल का कर एक ही बार में चुकाना श्रदालूवों के लिए अनिवार्य कर दिया है । इसका हिसाब लगाया गया तो हर एक मैक्सिकेब पर ₹ १.४० लाख से ₹ १.६० लाख वाहन कर भरना पड़ेगा । इन्ही केरल सरकार की हिंदु विरोधी नियमों के कारण अन्य राज्यों के मैक्सिकेब के मालिक और श्रद्धालु परेशानी में फश गए हैं । क्या कोई हिंदुत्वनिष्ट संघटन केरल सरकार की इस हिंदु विरोधी कानून का विरोध करेगा 




No comments:

Post a Comment