जिन जिन हत्यारों ने भारत में किया था हिन्दुओं का कत्लेआम उन्ही के नाम पर हैं पाकिस्तान की मिसाइलों के नाम
पकिस्तान मिसाइल तैयार करते तो हैं पर वो सिर्फ दुनिया भर में अपना आतंकवाद फ़ैलाने के मकसद से करते हैं। आज के समय में तकनीक काफी आगे बढ़ चुकी है. लेकिन उस तकनीक का गलत फायदा उठा कर सबसे ज्यादा कश्मीर को निशाना बनाया जा रहा है। हालाकि यह तो कहना मुश्किल है कि इन कट्टरवादियों की यह चाल और कितनी कामयाब होंगी पर फिर भी भारतीय सैनिक इनको करारा जवाब देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पाकिस्तान को भारत से कितनी नफरत है उसका अंदाजा उनकी मिसाइल के नाम से लगाया जा सकत है. पाकिस्तान अब्दाली, गजनवी, गौरी, शाहीन, बाबर नाम की तमाम मिसाइलों का निर्माण कर चुका है।
लेकिन इन सबके बीच एक सवाल यह उठता है कि पाकिस्तान ऐसे लोगों के नाम पर ही अपने मिसाइल कार्यक्रम का नाम क्यों रखता है जिसने भारत पर समय-समय पर आक्रमण करके उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृति औऱ धार्मिक धरोहर को नुकसान पहुंचाया। गौर तलाब है कि गजनवी ने 11वीं शताब्दी में भारत पर हमला किया और उसने भारत पर लगातार 17 बार हमला किया, उसने सोमनाथ मंदिर को भी तोड़ा और जमकर लूटपाट की। वहीं अहमद शाह अब्दाली ने 18वीं शताब्दी में सिखों को बड़ी संख्या में मौत के घाट उतारा। 1748 से 1765 के बीच उसने भारत पर 7 बार हमला किया। । वहीं तैमूर लंग ने 1398 में दिल्ली पर हमला किया और बड़ी संख्या में लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
पकिस्तान मिसाइल तैयार करते तो हैं पर वो सिर्फ दुनिया भर में अपना आतंकवाद फ़ैलाने के मकसद से करते हैं। आज के समय में तकनीक काफी आगे बढ़ चुकी है. लेकिन उस तकनीक का गलत फायदा उठा कर सबसे ज्यादा कश्मीर को निशाना बनाया जा रहा है। हालाकि यह तो कहना मुश्किल है कि इन कट्टरवादियों की यह चाल और कितनी कामयाब होंगी पर फिर भी भारतीय सैनिक इनको करारा जवाब देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पाकिस्तान को भारत से कितनी नफरत है उसका अंदाजा उनकी मिसाइल के नाम से लगाया जा सकत है. पाकिस्तान अब्दाली, गजनवी, गौरी, शाहीन, बाबर नाम की तमाम मिसाइलों का निर्माण कर चुका है।
लेकिन इन सबके बीच एक सवाल यह उठता है कि पाकिस्तान ऐसे लोगों के नाम पर ही अपने मिसाइल कार्यक्रम का नाम क्यों रखता है जिसने भारत पर समय-समय पर आक्रमण करके उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृति औऱ धार्मिक धरोहर को नुकसान पहुंचाया। गौर तलाब है कि गजनवी ने 11वीं शताब्दी में भारत पर हमला किया और उसने भारत पर लगातार 17 बार हमला किया, उसने सोमनाथ मंदिर को भी तोड़ा और जमकर लूटपाट की। वहीं अहमद शाह अब्दाली ने 18वीं शताब्दी में सिखों को बड़ी संख्या में मौत के घाट उतारा। 1748 से 1765 के बीच उसने भारत पर 7 बार हमला किया। । वहीं तैमूर लंग ने 1398 में दिल्ली पर हमला किया और बड़ी संख्या में लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

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