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Thursday, 25 February 2016

पौराणिक कथा : ज्वाला देवी माता में है अपार शक्ति,बिना तेल के निरंतर जलती आ रही है ज्योति...



हिमाचल की भूमि पर अनेक पराक्रमी वीर हुए,जिन्होंने हिमाचल की प्राचीन धरोहर यानि देवभूमि के रूप में हिमाचल की प्रवृति को हमेशा कायम रखा.हिमाचल की धरती देव भूमि के नाम से विश्व विख्यात है.

यहीं के एक स्थान कांगड़ा में स्थित है विश्व विख्यात माता ज्वाला का मंदिर.कहा जाता है कि यहाँ भगवती सती की जीभ गिरी थी इसलिए यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक है.

मान्यता है कि भगवान शिव यहां उन्मत भैरव के रूप में स्थित है.यहां देवी के दर्शन ज्योति रूप में किए जाते हैं.पर्वत की चट्टान से नौ विभिन्न स्थानों पर बिना किसी ईंधन के ज्योति स्वत ही जलती रहती है.

यही कारण है कि यहां देवी को ज्वाला देवी के नाम से जाना जाता है.मान्यता है कि सभी शक्तिपीठों में देवी मां हमेशा निवास करती हैं.शक्तिपीठ में माता की आराधना करने से माता जल्दी प्रसन्न होती है. मंदिर र्निमाण की कथा:- सतयुग में सम्राट भूमिचन्द्र ने यह अनुमान लगाया था कि देवी सती की जीभ हिमालय की धौलाधार पहाड़ियों पर गिरी होगी.

उस स्थान पर खूब खोज की गई मगर सफलता नहीं मिली.उसके बाद उन्होंने नगरकोट कांगड़ा में एक छोटा सा मंदिर बनवा दिया.कुछ सालों के पश्चात एक ग्वाले ने सम्राट भूमिचन्द्र को यह सूचना दी की उसने धौलाधार पहाड़ियों में एक ज्वाला निकली हुई देखी है,

जो निरंतर ज्योति के रूप में जल रही है.सम्राट ने स्वयं जाकर वहां दर्शन किए और घोर वन में मंदिर का र्निमाण भी करवाया.मंदिर में पूजा हेतू शाकद्वीप से दो भोजक ब्राह्मणों को बुलाकर नियुक्त किया गया.तब से लेकर आज तक उन्हीं दोंनो भोजक ब्राह्मणों के वंशज ज्वालामुखी तीर्थ की पूजा करते आ रहे हैं.माता के इस मंदिर की महिमा ऐसी है कि यहां आकर नास्तिक भी आस्तिक हो जाते हैं.

यह स्थान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है.पंजाब के होशियारपुर से गौरीपुरा डेरा नामक स्थान से होते हुए ज्वाला जी पहुंचा जा सकता है.डेरा से ज्वाला जी का मंदिर 20 कि मी की दूरी पर है.मंदिर में देवी के दर्शन नौ ज्योतियों के रूप में होते हैं.ये ज्योतियां स्वप्रभाव से ही धीरे तेज जलती रहती है.मुख्य ज्योति चांदी के आले में जलती रहती है.

नौ ज्वालाओं में प्रमुख ज्वाला जो चांदी के आले के बीच स्थित है उसे महाकाली कहते हैं.अन्य आठ ज्वालाओं के रूप में मां अन्नपूर्णा, चण्डी, हिंगलाज, विध्यवासिनी, महालक्ष्मी, सरस्वती, अम्बिका एवं अंजी देवी ज्वाला देवी मंदिर में निवास करती हैं.

सेजा भवन, टेढ़ा मंदिर, अम्बिकेश्वर महादेव, सिद्धनागार्जुन यहां पर मुख्य दार्शनिक स्थल हैं.मुख्य दर्शनिय स्थलों के अलावा मंदिर परिसर व उसके पास ही अन्य दर्शनिय स्थल भी हैं.जिनका महत्व सर्वविदित है

गुप्त काशी.

झारखण्ड का एक गाँव जो कहलाता है मंदिरों का गाँव, छिपा है एक और गुप्त काशी... जान कर हैरान हो जायेंगे

झारखंड के दुमका जिले में शिकारीपाड़ा के पास बसे एक छोटे से गांंव ” मलूटी” में आप जिधर नज़र दौड़ाएंगे आपको प्राचीन मंदिर नज़र आएंगे। मंदिरों की बड़ी संख्या होने के कारण इस क्षेत्र को गुप्त काशी और मंदिरों का गाँव भी कहा जाता है। इस गांव का राजा कभी एक किसान हुआ करते था। उसके वंशजों ने यहां 108 भव्य मंदिरों का निर्माण करवाया।
Maluti, Jharkhand- Village of Temples
ये मंदिर बाज बसंत राजवंशों के काल में बनाए गए थे।  शुरूआत में कुल 108 मंदिर थे, लेकिन संरक्षण के आभाव में अब सिर्फ 72 मंदिर ही रह गए हैं। इन मंदिरों का निर्माण 1720 से लेकर 1840 के मध्य हुआ था। इन मंदिरों का निर्माण सुप्रसिद्व चाला रीति से की गयी है। ये छोटे-छोटे लाल सुर्ख ईटों से निर्मित हैं और इनकी ऊंचाई 15 फीट से लेकर 60 फीट तक हैं। इन मंदिरों की दीवारों पर रामायण-महाभारत के दृ़श्यों का चित्रण भी बेहद खूबसूरती से किया गया है।
Maluti- Gupt Kashi
मलूटी पशुओं की बली के लिए भी जाना जाता है। यहां काली पूजा के दिन एक भैंस और एक भेड़ सहित करीब 100 बकरियों की बली दी जाती है। हालांकि पशु कार्यकर्ता समूह अक्सर यहां पशु बली का विरोध करते रहते हैं।
Maluti, Village of Temples
जहां तक बात है मंदिरों के संरक्षण की तो बिहार के पुरातत्व विभाग ने 1984 में गांव को पुरातात्विक प्रांगण के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। इसके तहत मंदिरों का संरक्षण कार्य शुरू किया गया था और आज पूरा गांव पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण पर्यटक यहां रात में रुकने से घबराते हैं।
Maluti, Jharkhand- Village of Temples
कैसे मलूटी बना मंदिरों का गांव
मलूटी गांव में इतने सारे मंदिर होने के पीछे एक रोचक कहानी है। यहां के राजा महल बनाने की बजाए मंदिर बनाना पसंद करते थे और राजाओं में अच्‍छे से अच्‍छा मंदिर बनाने की होड़ सी लग गई। परिणाम स्‍वरूप यहां हर जगह खूबसूरत मंदिर ही मंदिर बन गए और यह गांव मंदिर के गांव के रूप में जाना जाने लगा।
Temples of Maluti
मलूटी के मंदिरों की यह खासियत है कि ये अलग-अलग समूहों में निर्मित हैं। भगवान भोले शंकर के मंदिरों के अतिरिक्त यहां दुर्गा, काली, धर्मराज, मनसा, विष्णु आदि देवी-देवताओं के भी मंदिर हैं। इसके अतिरिक्त यहां मौलिक्षा माता का भी मंदिर है, जिनकी मान्यता जाग्रत शाक्त देवी के रूप में है।
Temples of MAluti
एक अनाथ किसान थे राजा बाज बसंत
यह गांव सबसे पहले ननकार राजवंश के समय में प्रकाश में आया था। उसके बाद गौर के सुल्तान अलाउद्दीन हसन शाह (1495–1525) ने इस गांव को बाज बसंत रॉय को इनाम में दे दिया था। राजा बाज बसंत शुरुआत में एक अनाथ किसान थे। उनके नाम के आगे बाज शब्‍द कैसे लगा इसके पीछे एक अनोखी कहानी है। एक बार की बात है ज‍ब सुल्तान अलाउद्दीन की बेगम का पालतू पक्षी बाज उड़ गया और बाज को उड़ता देख गरीब किसान बसंत ने उसे पकड़कर रानी को वापस लौटा दिया। बसंत के इस काम से खुश होकर सुल्तान ने उन्‍हें मलूटी गांव इनाम में दे दिया और बसंत राजा बाज बसंत के नाम से पहचाने जाने लगे।

आतंकी अफजल गुरु की फांसी पर ठीक से नहीं हुआ निर्णय : पी चिदंबरम्

नई देहली – संसद आक्रमण में दोषी ठहराए गए आतंकवादी अफजल गुरु की फांसी के तीन वर्ष बाद कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम को संसद आक्रमण में आतंकी अफजल के फांसी के निर्णय पर संदेह है। अंग्रेजी समाचारपत्र ‘द इकॉनॉमिक टाइम्स’ को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने यह वक्तव्य बात कही ।
चिदंबरम उस प्रश्न का उत्तर दे रहे थे जिसमें उनसे अफजल गुरु पर दिए न्यायालय के निर्णय को लेकर एक प्रतिक्रिया मांगी गई थी।
चिदंबरम ने इंटरव्यू में कहा कि ‘मुझे लगता है कि अफजल गुरु के मामले में सही ढंग से निर्णय नहीं लिया गया। उसे फांसी देना उचित नहीं था । यह निर्णय न्यायालय ने दिया था इसलिए मै कुछ कर नहीं कर सकता था । क्योंकि काँग्रेस सरकार की आेर से ही उस पर अभियोग चलाया गया था। किंतु एक स्वतंत्र नागरिक के तौर पर मैं ये कह सकता हूं, कि इस पर सही निर्णय नहीं किया गया।’
चिदंबरम ने कहा कि, अफजल गुरु को बिना पेरोल के उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा सकती थी।
वहीं चिदंबरम ने जेएनयू मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, जेएनयू छात्रों पर देशद्रोह के आरोप अपमानजनक है। चिदंबरम ने कहा कि न्यायालय पहली सुनवाई में ही सभी आरोपों को खारिज कर देगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भाषण देशद्रोह के भाषण नहीं है।
बता दें, पी चिदंबरम वर्ष २००८ से २०१२ तक गृह मंत्री थे। चिदंबरम को वित्त मंत्री बनाए जाने के बाद सुशील कुमार शिंदे को गृह मंत्री बनाया गया था। सुशील कुमार के गृहमंत्री रहते हुए अफजल गुरु को फांसी की सजा दी गई थी।

Wednesday, 24 February 2016

कारपेंटर ने लकड़ी पर लिखे गीता के 706 श्‍लोक, 


कारपेंटर ने लकड़ी पर लिखे गीता के 706 श्‍लोक, PM मोदी ने मिलने बुलाया
लकड़ी की गीता के साथ संदीप

कानपुर : कानपुर के एक युवक ने लकड़ी कि गीता बनाई है। इसमें 706 श्‍लोक और 18 अध्याय हैं। यह गीता 32 पन्ने की है। इस युवक ने जब गीता बनानी शुरू की थी तो उस वक़्त वह गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी को भेंट करना चाहता था। मोदी जब देश के पीएम बने तो उन तक पहुंचने में उसे तीन साल लग गए। बीते शनिवार उसके लिए पीएमओ से फोन आया। उसे गीता लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय बुलाया गया है।
संघर्षपूर्ण रहा जीवन
बर्रा थाना क्षेत्र के जरौली फेस- 2 में संदीप सोनी अपने साथ रहता है। उसके परिवार में मां सरस्वती, पत्नी पूजा सोनी और दो बच्चे हैं। पिता की कैंसर से मौत के बाद परिवार टूट गया था। दो बहनों की शादी के साथ पढ़ाई की जिम्मेदारी भी संदीप पर ही आ गई। वह दुकानों में साफ-सफाई का भी काम करने लगा था। इसके बाद संदीप ने आईटीआई से कारपेंटर का कोर्स किया।
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लोग उड़ाते थे मजाक
संदीप ने बताया कोर्स करने के दौरान कारपेंटर ट्रेड को लेकर सभी मेरा मजाक उड़ाते थे। तभी मेरे मन में विचार आया की इसी ट्रेड से कुछ कर दिखाना है। काम के बाद जो भी समय मिलता था उसमें लकड़ी की गीता बनाने का काम करता था। साल 2009 में गीता बनाने का काम शुरू किया था जो 2013 में ख़त्म हुआ।
नरेंद्र मोदी के हैं ‘फैन’
संदीप गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से खासा प्रभावित थे। जब वे प्रधानमंत्री बने तो उनसे मिलकर गीता भेंट करने के प्रयास किए लेकिन नाकाम रहे। पीएम की कानपुर रैली के दौरान भी प्रयास किया लेकिन नहीं मिल सके।
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पीएम से मिलने की कोशिश जारी रखी
नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद 26 जून 2014 को भी दिल्ली गए और पीएमओ में लेटर देकर वापस लौट आए। तीन माह बीत जाने के बाद जब कोई जवाब नहीं आया तो 2 अगस्त 2014 को एक आरटीआई डाली थी। आरटीआई के जवाब में पीएम के निजी सचिव को एक लेटर भेजने को कहा गया। पीएमओ कार्यालय में लगातार फोन भी करते रहे।
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आ ही गया कॉल
20 फरवरी 2016 को पीएमओ कार्यालय से फोन आया कि आप अपनी गीता लेकर पीएमओ आ जाएं। इस बुलावे से संदीप ने राहत की सांस ली। परिवार में भी ख़ुशी का माहौल है।
एक श्लोक लिखने में लगते हैं पांच दिन
संदीप के मुताबिक यह लकड़ी की गीता लकड़ी के बेकार स्क्रैब से बनी है। गीता के स्लोक को लकड़ी के फ्रेमों में चिपकाया गया है। इसे बनाने में लगभग 20 हजार रुपए का खर्च आया है। एक श्लोक लिखने में चार से पांच दिन का समय लग जाता था।
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आज भी सुबह बांटता है अख़बार
संदीप की मां ने बताया कि वह आज भी सुबह उठाकर अख़बार बांटता है। उसके बाद वह कारपेंटर का काम करता है। काम से लौटने पर गीता बनाने के काम में जुट जाता है। आज बेटे की मेहनत रंग लाई है। उन्होंने बताया कि वे मूलतः रायबरेली के तिवारीपुर के रहने वाले हैं।
अन्य फोटो देखने के लिए नीचे की स्लाइड पर क्लिक करें
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Tuesday, 23 February 2016

पाक टीवी एक्ट्रेस का दुस्साहस! PM मोदी को दी खुली धमकी...


पाक टीवी एक्ट्रेस का दुस्साहस! PM मोदी को दी खुली धमकी...
पाकिस्तान की टीवी एक्ट्रेस कंदील बलोच ने अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक बातें बोल रही हैं।
बलोच का दुस्साहस देखिए वो भारतीय प्रधानमंत्री को चायवाला, 'डार्लिंग' बोलते हुए धमकी दे रही है। उसने वीडियो में कहा है, 'मोदी जी आपका चाय का बिजनेस कैसा चल रहा है? आपका जो चाय का ढाबा है रेलवे स्टेशन के साथ मुझे उम्मीद है कि वो बहुत अच्छा चल रहा होगा। माफ कीजिए मैं नरेंद्र मोदी की बात कर रही हूं, भारत के प्रधानमंत्री। मोदी जी चायवाला... मोदी जी मेरे पास आपके लिए एक संदेश है। देखो हम पाकिस्तानी बहुत प्यार करने वाले हैं, बहुत मोहब्बत वाले लोग हैं। हम लोग नफरतों पर विश्वास नहीं करते। तो डार्लिंग मैं यह कहना चाहती हूं कि तुम इंसान के बच्चे बनकर रहो और हमें गुस्सा मत दिलाओ। मैं तुम्हें बता रही हूं जिस दिन हमें गुस्सा आ गया उस दिन कोई नहीं बचेगा। उस दिन ना आप बचोगे ना कोई और बचेगा। ये मेरी बात लिख लो और डरो हमसे। चलो... अब तुम चाय पियो और लोगों को चाय पिलाओ।'
20 फरवरी को पोस्ट किया गया यह वीडियो वायरल हो गया है। इसकी जमकर आलोचना हो रही है और लोगों ने इस टीवी एक्ट्रेस का जमकर मजाक भी उड़ाया है।

 https://www.facebook.com/OfficialQandeelBaloch/videos/781741235303964/

Thursday, 18 February 2016

 

Starting with JNU, all central universities have to fly national flag

by  4 hours ago

Surajkund, Feb 18: All 46 Central Universities will fly the tricolour atop a 207-feet tall flag mast “prominently and proudly” on their campuses to signify a “strong India” and the first will be hoisted at JNU, a resolution adopted at a meeting chaired by HRD Minister Smriti Irani said today.
“At a central place in every university, the national flag will be flown prominently and proudly,” the resolution passed at a meeting Irani had with the Vice Chancellors of Central universities, said.
The move drew a sharp reaction from the Congress which said nationalism doesn’t mean hoisting the flag and singing Vande Mataram and that it should be reflected in one’s belief in the Constitution. CPM leader Brinda Karat also slammed government for the decision.
Smriti in AmethiThe decision came in the midst of raging row over the arrest of JNU students union president Kanhaiya Kumar on sedition charges for being present at an event on the campus where anti-India slogans were raised. Though the government is facing strident opposition criticism over the issue, today’s move reflects its resolve to adopt an aggressive posture on it.
The proposal for hoisting the national tricolour atop a 207-feet pole was put forward by Irani and unanimously endorsed by all the 46 Vice Chancellors, HRD officials said. She also put forth the proposal for hoisting the first such flag at JNU, which too was backed by all the VCs, they said.

Tuesday, 9 February 2016

सरकार ने ठुकराई भोजशाला में दिनभर पूजा करने की हिंदू संगठनों की मांग !

इंदौर – मध्यप्रदेश के धार जिले की भोजशाला में बसंत पंचमी पर पूजा और नमाज अब साथ-साथ होंगे। मध्य प्रदेश सरकार ने हिंदू संगठनों की पुरे दिन पूजा करने की मांग को अस्वीकार कर पुन: एक बार हिन्दुआेंका विश्वासघात किया है। हिंदू संगठनों ने कहा था कि, पूजा और नमाज साथ-साथ नहीं हो सकते। इस बीच, भोज उत्सव समिति और हिंदू जागरण मंच ने बसंत पंचमी के पूरे दिन कार्यक्रम की घोषणा की है।

प्रशासन ने स्थिती को देखते हुए पूजा और नमाज का समय अंतिम कर दिया है। प्रशासन ने सूर्योदय से दोपहर १२ बजे तक और दोपहर साढे तीन बजे से सूर्यास्त तक पूजा की अनुमती दी है। वहीं दोपहर १ से ३ बजे तक नमाज की अनुमति दी है।
भोजशाला का क्षेत्र पुलिस छावनी में परिवर्तित हो चुका है। जगह-जगह पुलिस सैन्य की व्यवस्थश की गर्इ है। कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

पाकिस्तान में हिन्दू विवाह विधेयक को संसदीय मंडल ने दी मंजूरी

इस्लामाबाद – वर्षो के प्रतिक्षा के बाद अंतत: पाकिस्तान में हिन्दू अल्पसंख्यक समुदाय के लिए वहां की संसद विवाह कानून उपलब्ध कराने जा रही है। हिंदू विवाह विधेयक को पाकिस्तान के एक संसदीय समिती ने मंजूरी दी है। यह विधेयक दशकों से प्रलंबित पडा था और सरकार इसे लेकर सुस्त रवैया अपना रही थी।
लॉ एंड जस्टिस के लिए बनाई गई राष्ट्रीय सभा स्टैंडिंग कमेटी ने सोमवार को हिंदू विवाह विधेयक २०१५ का प्रारूप अंतिम कर दिया है । इसके लिए पांच हिंदू कानून निर्माताओं को बुलाया गया था।

पूरे देश में लागू होगा कानून 

एक पाकिस्तानी समाचापत्र के रिपोर्ट के अनुसार, लगातार हो रही देरी के बीच समितीने विधेयक को सर्वसम्मति से मंजूरी दी है। इसमें महिला और पुरुष दोनों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु १८ साल रखी गई है। यह कानून पूरे देश में लागू होगा।
विधेयक को अब नेशनल असेंबली में पेश किया जाएगा जहां इसके पारित होने की पूरी आशा है क्योंकि सत्ताधारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) पार्टी इसके समर्थन में है। समिती के अध्यक्ष चौधरी महमूद बशीर विर्क ने हिंदू समुदाय के लिए कानून बनाने में हुई देरी के लिए खेद जताया। उन्होंने कहा, ‘हमें लोगों का दायित्व है कि लोगों की सुविधा के लिए कानून उपलब्ध कराया जाए न कि उसकी राह में बाधा बनें।कि, हम क्या होने का दावा कर रहे हैं और असलियत में क्या हैं।’

ओएलएक्स जालस्थल पर हिन्दू साधू-संतो का घोर अनादर करनेवाले विज्ञापन का हिन्दू कर रहे हैं विरोध

हिन्दू जनजागृति समिति ने भी भेजा निषेध पत्र !

ओ.एल.एक्स जालस्थल अर्थात वेबसाइट, प्रयोग की गई कारों से लेकर मोबाइल, फर्नीचर, लैपटॉप, कपडे इत्यादि बेचने के लिए
एक निःशुल्क वर्गीकृत अर्थात क्लासीफाइड वेबसाइट है । अपने एक विज्ञापन में वेबसाइट ने हिन्दू साधु के वेष में एक व्यक्ति को बहुत ही अभद्र पद्धति से तथा विचित्र संवाद बोलते हुए और घृणित संकेत करते हुए दिखाया गया है । यह करोडों हिन्दुआें की धार्मिक भावनाएं भी आहत करता है ।
निम्न लिंकपर यह व्हिडिआे दिखाया गया है :https://www.facebook.com/olxindia/videos/vb.114961351887180/934395749943732/?type=2&theater
सतर्क हिन्दुआें ने हिन्दू संतों के इस अपमान के विषय में हिन्दू जनजागृति समिति को सूचित किया । समिति ने दूरभाष के माध्यम से और ई-मेल भेजकर ओ.एल.एक्स को सभी इलैक्ट्रोनिक मीडिया और उनके यू-ट्यूब चैनल से इस अपमानजनक विज्ञापन को हटाने के लिए कहा है । ओ.एल.एक्स. इंडिया ने कहा कि वे अडतालीस घंटे में इसका उत्तर देंगे परंतु उनसे समिति को कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है ।

Thursday, 4 February 2016

बांगलादेशी के हिन्दूओंकी रक्षा करने हेतु लडनेवाले अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष पर पुलिस ने ही किया प्राणघातक आक्रमण !

बांगलादेशी के हिन्दूओंकी रक्षा करने हेतु लडनेवाले अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष पर पुलिस ने ही किया प्राणघातक आक्रमण !

इस्लामी राष्ट्र बांगलादेश में प्रतिदिन हिन्दूओंकी स्थिती भीषण !

  • गत १५ दिनों मे अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष इनपर हुए आक्रमण की तिसरी घटना !

  • बांगलादेशी हिन्दूओंपर होनेवाले आक्रमणोंके विरोध में केन्द्र शासन को कृति करनी चाहिए, ऐसा क्यों नहीं लगता ?

हिन्दूओंकी रक्षा करने के लिए लडनेवाले अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष
ढाका : इस्लामी राष्ट्र बांगलादेश में प्रतिदिन हिन्दूओंकी स्थिती भीषण बनती जा रही है ! बांगलादेश के कोने-कोनेसे हिन्दूओंपर लगभग प्रतिदिन ही अत्याचार किए जाने के समाचार पढने में आ रहें हैं ! कई बार इन अत्याचारों में पुलिस भी शामिल है ऐसा दिखाई दे रहा है !
ऐसे समय हिन्दूओंकी रक्षा हेतु लडनेवाले अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष एवं उनके सहयोगी इनपर प्राणांतिक आक्रमण किए जाने की यह घटना घटी है !
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१. चितगांव जनपद के निर्भही उपजनपद के श्री. सुमनकुमार डे इस हिन्दु व्यापारी का पत्थरोंसे संबंधित (स्टोन मॅन्युफॅक्चरिंग) का व्यवसाय है।
२. उनको कुछ दिन पूर्व से स्थानीय पुलिस ने कष्ट देना आरंभ किया। उन्होंने उनसे पैसे बंटोरें एवं मानसिक पीडा भी दी।
३. इससे त्रस्त हो कर श्री. डे उच्च न्यायालय गए। तब न्यायालयने पुलिस एवं प्रशासन इनको तीखे शब्दों में आदेश दिया तथा श्री. डे को उनका व्यवसाय चालू रखने में सहयोग करने कहा।
४. इससे संतप्त पुलिस ने श्री. डे को गालियां देकर धमकाया। (हिन्दूओं, बांगलादेश में अल्पसंख्यक हिन्दूओंका पक्ष कोई भी नहीं लेता। भारत में कथित रूपसे असहिष्णुता बढने का आरोप कर जमीन-आस्मान एक करनेवाले ढोंगी धर्मनिरपेक्षतावादी भी ऐसे घटनाओंके संबंध में मूंह बंद रखते है, यह ध्यान में लें ! – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात)
५. इस पर श्री. डे ने बांगलादेश में हिन्दूओंकी रक्षा हेतु लडनेवाली ‘बांगलादेश मायनॉरिटी वॉच’ इस संगठन से संपर्क किया।
६. इस संगठन के अध्यक्ष अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष एवं उनके सहयोगियोंने बांगलादेश की राजधानी ढाका से, घटनास्थल पर भेंट देने का निर्णय लिया।
७. इसकी जानकारी मिलते ही चितगांव जनपद के हाथाझारी उपजनपद के पुलिस उपअधीक्षक महंमद मोशिदौल्ला रेजा ने अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष को दूरभाष कर ‘आप हाथाझारी मत आईए, अन्यथा तुम्हें तकलीफ दी जायेगी, ऐसा कहते हुए धमकाया !
८. ऐसे धमकाए जानेपर भी अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष एवं उनके सहयोगी २९ जनवरी को हाथाझारी पुलिस थाने पहुंचे गए।
९. वहांपर पुलिस उपअधीक्षक महंमद मोशिदौल्ला रेजा ने उनपर आक्रमण किया।
१०. इस समय अवामी लीग इस राजनीतिक दल के अनेक जिहादी कार्यकर्ताओंने श्री. घोष एवं उनके सहयोगियोंसे बहुत मारपीट की, साथ ही श्री. घोष के एक सहयोगी को बंदी भी बनाया गया !
११. प्राप्त जानकारी के अनुसार गत १५ दिनों में श्री. घोष इनपर हुआ यह तिसरा आक्रमण है !
१२. श्री. घोष ने वहां के केन्द्रीय गृहमंत्री एवं मुख्य पुलिस अधिकारी इनको पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने का प्रयास किया; परंतु उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

आतंकी हाफिज सर्इद ने दी भारत को धमकी – ‘पठानकोट जैसे आैर आक्रमण के लिए तैयार रहे भारत’

मुजफ्फराबाद – जमात-उद-दावा और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख आतंकी हाफिज सईद ने फिर भारत को धमकी दी है। सईद ने कहा है कि भारत में पठानकोट आक्रमण जैसी कई घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।
पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद के मध्य प्रेस क्लब में कश्मीर के बारे में बात करते हुए सईद ने ये धमकी दी है। सईद ने कहा कि कश्मीर की स्वतंत्रता उसके जीवन का एकमात्र उद्देश्य है। उसने सैयद सलाहउद्दीन की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि, वह क्यों सेना के बल पर लोगों को आश्चर्यचकित करने का प्रयास करते हैं।
हाफिज सईद ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि आपकी नीति कश्मीरियों को सेना की ताकत पर दबाने का है तो सुन लो, मामला श्रीनगर नहीं रूकेगा, पठानकोट तक जाएगा और उससे आगे भी पहुंचेगा। सईद ने दोहराया कि कश्मीर में जो चल रहा है उसे सुलझाया नहीं गया तो यह भारत के लिए बहुत बडा खतरा बन जाएगा।

Wednesday, 3 February 2016




        पठानकोट आक्रमण : आतंकी ने कहा था – ‘
                                मैंने दो
                               काफिर मार 
                   डाले’, मां बोली – ‘जन्नत मिलेगी’






नई दिल्ली : पठानकोट वायुदल केन्द्र पर आंतकी आक्रमण से पहले सुबह ९ बजे नासिर नाम के आतंकी ने ज्वैलर राजेश वर्मा के मोबाइल से पाकिस्तान के क्रमांक पर फोन किया। फोनपर की गर्इ विस्तृत बाते सामने आ गई हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के पास मौजूद बातचीत की रिकॉर्डिंग के अनुसार, आतंकी से उसकी मां ने पूछा था कि, वह पठानकोट में कैसे घुसा, उसके पास खाने का क्या सामान है और क्या उसने काफिरों को मार डाला ? एक अंग्रेजी समाचार ने एनआईए की जांच के हवाले से बताया कि आतंकी नासिर ने अपने भाई बाबर, चाचा और मां से करीब १८ मिनट बात की थी।
उनकी बातचीत के अंश इस तरह है-
नासिर – अस्सलाम-अलैकुम। नासिर बोल रहा हूं।
चाचा- वालैकुम-अस्सलाम। कहां हो तुम? सुरक्षित हो?
नासिर- मैं यहां दूसरे मुल्क में हूं। अम्मी कहां हैं?
चाचा – लो, उनसे बात करो।
अम्मी- मेरे बेटे, कहां हो तुम ? ठीक तो हो न।
नासिर – मैं भारत में हूं। तुम्हारे बेटे ने दो काफिरों को मौत के घाट उतार दिया। मैंने छुरे से उनका गला रेत दिया। मैं एक बड़े काम को अंजाम देने जा रहा हूं। मेरा एक साथी पकड़े जाने से डर रहा था। मैंने उससे कहा- भारत से डरने की जरूरत नहीं।
अम्मी – तू जांबाज है। अल्लाह तुझे जन्नत बख्शे।
नासिर – मैं वही जैकेट पहनी है जो तुमने मेरे लिए सिली थी। अगर मुझे कुछ हो गया तो यही मेरे लिए कफन भी बन जाएगी।
अम्मी – लेकिन तुम भारत के अंदर कैसे पहुंचे?
नासिर – हमने एक बड़ी एस.यू.वी. कार ली थी। लैंडक्रूजर ने हमें बॉर्डर पर उतार दिया था।
अम्मी – तुमने कुछ खाया ?
नासिर – केवल ड्राई फ्रूट्स और चॉकलेट्स। इसके अलावा कुछ नहीं।
अम्मी – क्या तुमने काफिरों को मार दिया?
नासिर – अभी मेरे पास समझाने का वक्त नहीं है। ये मेरी आखिरी बातचीत है। मैं चाहता हूं कि आप इस कॉल को रिकॉर्ड कर लो।
अम्मी – मुझे नहीं पता कि रिकॉर्ड कैसे करते हैं ?
नासिर – बाबर कर देगा। उसे पता है कि मोबाइल में इस फीचर का इस्तेमाल कैसे करते हैं। (रिकॉर्डर ऑन करने के बाद फोन बाबर ने ले लिया)
नासिर – बाबर, यदि उस्ताद (हैंडलर) मेरे मरने की खबर बताएं तो किसी को मत बताना।