यहाँ बात हो रही है
तमिलनाडु की जहाँ विधानसभा में मुख्यमंत्री ई. पलानीस्वामी ने सभी विधायकों
की सैलरी जबर्दस्त मात्रा में बढाने का प्रस्ताव पेश किया है

कहाँ एक तरफ जनता का एक
बड़ा वर्ग गरीबी के बोझ तले दबा जा रहा है वहीँ दूसरी तरफ उनको गरीबी से
मुक्त करवाने का वादा कर के चुनाव लड़े और उसी गरीब जनता के वोट से जीतने के
बाद खुद को ही गरीब साबित कर डाला .. दशकों से त्राहिमाम करती जनता को पता
ही नहीं चला और पल भर में इन माननीय विधायकों ने खुद की गरीबी को
दूर करने का जुगाड़ कर
डाला . बीते साल दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल सरकार ने सत्ता में आते ही
विधायकों की सैलरी चार गुना करने का प्रस्ताव किया था, जिसमें विधायकों की
सैलरी ढाई लाख के आसपास हो जाती. मगर, केंद्र सरकार ने इसकी मंजूरी नहीं दी
थी. अभी विधायकों को करीब पचास हज़ार रुपए महीना मिलता है और इसी
को बढा़ने की मांग के लिए राखी बिड़लान ने सदन में मुद्दा उठाया.लेकिन एक ऐसा प्रदेश भी है जो इन सबसे कहीं आगे निकल गया है .
यहाँ बात हो रही है
तमिलनाडु की जहाँ विधानसभा में मुख्यमंत्री ई. पलानीस्वामी ने सभी विधायकों
की सैलरी जबर्दस्त मात्रा में बढाने का प्रस्ताव पेश किया है. इस प्रस्ताव
के बाद माननीय विधायकों की सैलरी लगभग 91% बढ़ जायेगी जो तय मानी जा रही है
. अभी तमिलनाडु के विधायक 55 हज़ार रुपये प्रतिमाह पा रहे हैं है,
जो इस नए आदेश के बाद लगभग 1 लाख 5 हजार रुपए हो जायेगी
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