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Friday, 31 March 2017

वैदिक काल में विशष्ट अतिथियों के लिए गौमांस का परोसा जाना सम्मान सूचक माना जाता था

वामपंथी लेखिका  रोमिला यापार ने उगल जहर   गौमांस तो भारत में ऋषि मुनि भी खाते थे 
ये दुर्भाग्य है की NCERT  बुक में ये सब पढ़ाया जाया अहि आप चाहे तो देख सकते है आखिर हमारा इतिहास क्यों छुपाया जाता है इस्लामिक हमलावरों की बढ़ चढ़ा  के क्यों दिखया जाता है आज का यहाँ पद्य जा रहा रहा  है पाचो को ........

........:-या पढ़ाया जा रहा है बच्चे को:-........

1. वैदिक काल में विशष्ट अतिथियों के लिए गौमांस का परोसा जाना  सम्मान  सूचक माना जाता था
 ( कक्षा 6 प्राचीन भारत पृष्ठ ३५ लेखिका  रोमिला यापार )
2 महमूद गजनवी ने मूर्तियों को तोडा और इससे  वह धार्मिक  नेता बन गया 
कक्षा  ७ मद्यकालीन  भारत पृष्ठ 28 )
3.1857  का स्वतंत्रता  संग्राम एक सैनिक विदोह था 
4 महावीर 12  वर्ष तक जहा  तह भटकते   रहे  12   वर्ष  की लम्बी यात्रा के दौरान उन्होंने  एक बार भी आपने वस्त्र नहीं बदले   42  वर्ष की आयी में उन्होंने वस्त्र का एकदम त्याग कर दिया 
5 . तीर्थकर  तो अधिकतर मध्य गंगा  दे मैदान  में उत्पन हुए  और जिन्होंने बिहार में निर्णय प्राप्त किया  की 
 मिथक कथा जय  सम्प्रदाय की  प्राचीन सिद्ध करने  के लोए गढ़  ली गयी 
(कक्षा  11  प्राचीन  भारत पृष्ठ 101   लेखक  रामशरण  शर्मा )
6 जाटो ने गरीब  हो या धनी  गादीरदार  हो या किसान हिन्दू हो या मुसलमान  सबको लुटा 
( कक्षा 12  आधुनिक भारत पुष्ट 18 -19 )
7. रणजीत  सिंह  आपने सिंहासन  से उतारकर मुसलमान  फकीरो के  पैरो  की धूल  अपनी लम्बी  सफ़ेद  दाढ़ी से झाड़ता था 
( कक्षा  12  पृष्ठ  20   विपिन चंद्र )
8  आर्य  समाज ने हिन्दुओ  मुसलमानो पारसियों  सीखो  और ईसाईयो  के बीच  पनप  रही राष्ट्रीय   एकता  को भांग करने का प्रयास किया 
( कक्षा  12   आधुनिक भारत  पृष्ठ  183   लेखक  विपिन चंद्र )
9.  तिलक  अरविन्द घोष  विपिनचन्द्र पाल  और लाल लाजपतराय  जैसेनेता उग्रवादी  तथा  आतंकवादी थे 
( कक्ष्या  12  आधुनिक  भारत विपिन चंद्र पुष्ट 208 )
10 .400   वर्ष ईसा  पूर्व अयोध्या का कोई  अस्तित्व  नहीं था ...
 महाभारत  और रामायण काल्पनिक   महाकाव्य है 
कक्षा 11   पृष्ठ 107   मध्यकालीन  महाकाव्य है 
कक्षा  11 पृष्ठ 107  मध्यकालीन  इतिहास आर  इस  शर्मा 
11. वीर  पृथ्वीराज  चौहान  मैदान  छोड़कर  भाग गया  और गद्दार  जयचंद  गौरी  के खिलाफ  युद्ध भूमि  में लड़ते हुए  मार गया ...
(कक्षा  11  मध्यकालीन  भारत  प्रो  सतीश चाँद )
 12  औरंगा जेब  जिंदा  पीर थे 
 ( मध्यकालीन  भारत पृष्ठ  316   लेखक    प्रो सतीश चंद्र )
13. राम और कृष्णा  का कोई  असितत्व ही नहीं थी  वे केवल काल्पनिक  कहानिया है 
 ( मध्यकालीन  भारत  पृष्ठ 245   रोमिला यापार )
एसी और भी बहुत  से आपत्तिजनक बात  आपको  N  C R T  को किताबो  में पढ़ने को मिल जाएगी 

इन किताबो  में जी छप जा रहा है   उनमे रोमिला  यापार  जैसी  लेखको  ने मुसलमानो  द्वारा  धर्म 
 के नाम पर काफिर  हिन्दुओ  के पर किये  गए भयानक अत्यचारों को  गायब कर दिया है 
नकली धरोनिरपेशत्वादि नेताओ  को शाह पर  झूठ  इतिहास  एक समुदाय  की  हिंसक  मानसिकता पर जानभूझकर  पर्दा  डाला जा रहा है  इस भयानक आत्यचारो  को सदियो से चली आ रही  गंगा  जमुना  सरस्वती  अनेकता में एकता  धार्मिक सहिष्णुता  बताकर  नोजवानों पीढ़ी  को धोका दिया रा रहा है

बम नरेन्द्र मोदी के आस पास ही फ़टे इसके लिए उसने बम को रामलीला मैदान के पास एक कचरे के डिब्बे में डाल दिया था. NIA पूछताछ में दानिश ने बताया कि बम बनाने का सामन उन्हें कानपुर के मूलगंज इलाके में मिला .

अगर अपने नापाक इरादों में सफल हो जाते वो , तो .. जिन्होंने रची थी इतनी नापाक साज़िश ?

जिस सैफुल्लाह के लिए कभी कुछ राजनेता सड़कों पर आने की धमकी देते हुए पुलिस पर आरोप लगा रहे थे उसी सैफुल्लाह के इरादे जान कर बड़े बड़े चकरा जाएंगे.  सैफुल्लाह के निशाने पर ट्रेन में बैठा मेहनत मजदूरी करता आम इंसान ही नहीं बल्कि भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी थे जिन्हें सैफुल्लाह व् उसके साथी लखनऊ के रामलीला मैदान में बम से उड़ा देना चाहते थे. सैफुल्लाह के गिरफ्तार साथी दानिश और मुज़फ्फर NIA की पूछताछ में आये दिन नए नए खुलासे करते जा रहे हैं . प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ रची गयी साज़िश को अंजाम देने के लिए आरोपी दानिश ने इंटरनेट से देख कर बम बनाया था जो उसी के परीक्षण में नाकाम रहा . इसके बाद दानिश की मदद एयरफोर्स के एक रिटायर्ड कर्मचारी जी एम् खान ने उसे बम दे कर की. जी एम् खान अपनी बाइक में बम रख कर लखनऊ लाया जिस बाइक पर उसने एयरफोर्स का स्टीकर लगा रखा था. नरेंद्र मोदी के लखनऊ आगमन से ठीक पहले दानिश ने बम बना लिया था और उसमे टाइमर लगाना शुरू कर दिया था . बम नरेन्द्र मोदी के आस पास ही फ़टे इसके लिए उसने बम को रामलीला मैदान के पास एक कचरे के डिब्बे में डाल दिया था. NIA पूछताछ में दानिश ने बताया कि बम बनाने का सामन उन्हें कानपुर के मूलगंज इलाके में मिला .

योगी जैसा भोगी इंसान नही देखा ,कांग्रेसी नेता शहजाद पूनावाला

शर्मनाक : योगी जैसा भोगी इंसान नही देखा ,कांग्रेसी नेता शहजाद पूनावाला



शाम एक न्यूज़ चैनल News18India पर “हम तो पूछेंगे” में बहस का मुद्दा था नमाज और सूर्य नमस्कार की समानता ,इस डीबेट में बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ,योग गुरु ,और कांग्रेसी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला शामिल थे . जब शहजाद पूनावाला से पुछा गया कि “क्या योगी आदित्यनाथ ने नमाज और सूर्य नमस्कार को समान बताकर समाज में भाईचारे को स्थापित करने की कोशिस की है?” तो इस सवाल का जवाब कांग्रेसी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने बहुत ही बेशर्म तरीके से दिया।योगी आदित्यनाथ को यूपी का सीएम बनाये जाने से विरोधी पार्टियों के नेता कितने बौखलाए हुए हैं इस बात का अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि आए दिन विपक्षी पार्टी के नेता योगी आदित्यनाथ के लिए बहुत ही शर्मनाक अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं ,योग महोत्सव के मौके पर योगी आदित्यनाथ ने नमाज और सूर्य नमस्कार को एक समान बताकर समाज को जोड़ने की कोशिस की मगर उनकी ये कोशिस विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेताओं को बिल्कुल रास नहीं आ रही और वो बौखला गए हैं और अपनी बौखलाहट में अपशब्दों का इस्तेमाल करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।

शहजाद पूनावाला ने कहा “योगी जैसा भोगी इंसान हमारी पवित्र नमाज की तुलना ऐरे गैरे सूर्यनमस्कार से न करे क्योंकि मुसलमान अल्लाह के सिवा किसी को नहीं मानता और नमाज में सिर्फ अल्लाह की इबादत की जाती है जबकि सूर्य नमस्कार में काफिरों के सूर्य की पूजा की जाती है” ,कांग्रेसी प्रवक्ता के इन बेशर्म बोल पर बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने उनसे तुरंत माफ़ी मांगने को कहा।आपको बता दें कि बुधवार को योग महोत्सव के मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि नमाज सूर्यनमस्कार से ही मिलती जुलती है इसलिए योग को संप्रदायिक नजरिये से नहीं देखना चाहिए क्योंकि योग से किसी भी धर्म जाति का व्यक्ति अनेक फायदे ले सकता है।

Thursday, 30 March 2017

शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

आजम खान ने किया 400 करोड़ का घोटाला


शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कल्बे जव्वाद ने आजम खान पर घोटाले का आरोप लगाया है. आजम खान पर उन्होंने वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
कल्बे जव्वाद के मुताबिक सिर्फ एक शहर में वक्फ बोर्ड की जमीनों में 400 करोड़ का घोटाला हुआ है। बताया जा रहा है सामने आए दस्तावेज साफ इशारा कर रहे हैं कि वक्फ बोर्ड में जबरदस्त बंदरबांट हुई है। कल्बे जव्वाद ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की है।
कल्बे जव्वाद का कहना है कि अगर आजम खान ईमानदार होते तो वक्फ बोर्ड में बेईमानियां नहीं होतीं। शिया धर्मगुरु ने आरोप लगाते हुए कहा, "मेरठ में जो बहुत बड़े-बड़े औकाफ बिकवाये हैं उसके कागजात हमारे पास मौजूद हैं।
इनकी यूनिवर्सिटी की सुन्नी वक्फ में हजारो फाइलें जला दी गई, उसकी सुनवाई नहीं हुई. हजारों वक्फ खत्म कर दिए गए उनकी फाइलें जला दी गईं।
यूपी के अल्प संख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा भी मानते हैं कि वक्फ बोर्ड की जमीनों में घोटाला हुआ है। उनके मुताबिक उनके पास कुछ चिट्ठियां आई थीं जिनके पास उन्होंने जांच करवाई तब मामला सामने आया।
मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि जांच अभी शुरुआती दौर में है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो सकता है। रजा का कहना है कि आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।  आपको बता दें कि मोहसिन रजा ने ही ये फाइलें उजागर की थीं। 

31 मार्च को उनके पावन जन्म दिवस पर सभी धर्मनिष्ठ व् राष्ट्रप्रेमियों को ढेर सारी शुभ और मंगलमय कामनाओं के साथ गुरु अंगद साहिब को शत शत नमन

31 मार्च- जन्म दिवस गुरु अंगद देव साहिब

वीरता और बलिदान का पर्याय सिख पन्थ के द्वितीय गुरु श्री अंगद देव साहिब जी को आज अर्थात 31 मार्च को उनके पावन जन्म दिवस पर सभी धर्मनिष्ठ व् राष्ट्रप्रेमियों को ढेर सारी शुभ और मंगलमय कामनाओं के साथ गुरु अंगद साहिब को शत शत नमन , वन्दन और अभिनन्दन. गुरु अंगद देव साहिब जी का जन्म 31 मार्च सन 1504 में पंजाब के मुक्तसर नामक स्थान पर हुआ था. गुरु अंगद साहिब ने गुरु नानक की पवित्र वाणी गुरुमुखी को जमा कर के उनका जनमानस की भलाई के लिये जगह जगह प्रचार और प्रसार आरम्भ किया. गीत लेखनी में पारंगत गुरु अंगद साहिब ने इस कल्याणकारी वाणी को लोगों तक गीतों के माध्यम से सरल रूप में पहुचाया . ध्यान रहे कि गुरुमुखी का अर्थ होता है गुरु के मुख से निकले शब्द और गुरुमुखी वही लिपि है जिसमें "गुरुग्रंथ साहिब" लिखी गई. बिना जाति, धर्म पूछे हर भूखे को खाना खिलाने की सिख परंपरा लंगर गुरु अंगद साहिब जी के समय में विकसित हुई थी.  गुरु नानक का सानिध्य पा कर गुरु अंगद देव जी के जीवन में बेहद परिवर्तन हुआ और होने सिख पन्थ को अपना कर गुरुमुखी की रचना करते हुए गुरु नानक देव जी की जीवनी लिख डाली . गुरु अंगद देव जी को गुरु नानक जी ने 7 परीक्षाएं ली जिन सब में गुरु जी सफल रहे और इसी से प्रभावित हो कर गुरु नानक जी ने इन्हें दूसरे नानक की उपाधि दे दी. आज भी गुरु अंगद देव जी के जीवन से प्रेरणा ले कर आम जनमानस सत्य, न्याय और धर्म पथ पर चल कर स्वयं को धन्य कर सकता है. 

कृष्णा के यमुना देखते ही देखते मुस्लिमो को दे दी गयी गंगा भी इस्लामी न हो जाये

वह रे सेक्युलरिज़म :कृष्णा के यमुना देखते ही देखते मुस्लिमो  को दे दी गयी गंगा भी इस्लामी न हो जाये
सेक्युलरिज़म का जहर हिन्दू समाज में घोल जाता है ये उसका बड़ा उदाहरण है की यमुना को जनून बता बाटता कर इसे मुसलमानो से जोड़ दिया गया और हमदेखते ही रह गये हमारी नहीं कब मजहब हो गयी पता भी नहीं चला 
अब आप सोचिये की यमुना का अर्च और मुसलमानो से क्या लेना देना है ये क्या इस्लाम की तरह अर्ब से आयी थी इस्लाम तो बाहरी मजहब है यमुना भारतीय नदी है ये मजहबी कब से हुई 
अब जब गंगा अपनी जनून अपनी तो ये गंगा जानुनी तहजीब बिच में कहा से आ गई
और जो लोग इस तहजीब की वकालत करते है वे पहले तो  ये बताओ  इन दोनों  नदियों में  से मुसलमानो ई नहीं कौन सी है 
और ही तो किस अधिकार से ...?
और अगर हो तो क्या मुसलमान उन नदियों को भी माता सामान पूजते है वैसे इस्लाम में तो स्वयं के माता को पूजन भी हराम है आल्हा के आलावा कोई पूज्य नहीं .
तो सीधे एक बड़ी नदी इनकी कैसे हो गई  गंगा जमुना सभ्यता है . संस्कृति है हम हिन्दुओ की ये भारतीय  संस्कृति है कोई  तहजीब नहीं ...

क्या इन बलत्कारी , लुटेरे खुनी शैतान के नाम भारत पर कलंक नहीं

क्या इन बलत्कारी , लुटेरे  खुनी  शैतान के नाम भारत पर कलंक नहीं  कब धोएंगे  हम ये तमाम कलंक 
१,अहमदाबाद ----ये अहमदशाह  अब्दुला कौन था ...?
२, औरंगाबाद  ये  औरंगजेब कौन था  
३ हैंदराबाद  ये हैदर कौन था 
४, मुरादाबाद ये मुराद कौन था  
५, फौजबद  ये फ़ौज़ कौन था 
६, आदिलाबाद ये आदिल कौन था 
७, सिकंदरबाद के सिक्नदर लोधी कौन था 
 ये सभी के सभी लुटेरे ,  हत्यारे बलत्कारी  खुनी शैतान थे 








इन शहरो के जो नाम है उसका मतलब क्या है  आप समझने की कोशिश कीजिये 

औरंगाबाद  इसका मतलब है ... औरंग + आबाद 
फारूखबाद  मतलब  है फारुख + आबाद 
अब भी आप औरंगाबाद शब्द कहे तो आप कर रहे है   औरंग +आबाद मतलब औरंग रहे हमेशा आबाद 
मतलब औरंग ज़िंदाबाद 

१ अहमदाबाद में अहमदशाह  अब्दाली  कौन था ..
२. मुरादाबाद में मुराब कौन था 
३, इलाहबाद में इलाहा कौन था 
४, औरंगाबाद में औरंजेब कौन था 
५, फोजाबाद  में फ़ौज़  कौन था 
६, फारूखबाद  में फारुख कौन था 
७, आदिलाबाद में आदिल शाह कौन था  
८, साहिबाबाद  में साहिब कौन था 
९, हैदरबाद में हैदर अली कौन था 
१०, सिकंदरबाद में सिकंदर कौन था 
क्या आप जानते है सब कौन थे ..........
अबसे और भी कई नाम वाले शहर भारत में आज भी मौजूद है 
ये सब के लूटमार हमलावर बलत्कारी खून  के प्यासे शैतान  थे 

और जब  भी आप इन शहरो  ने ये नाम लेते है मतलब आप इनका ज़िंदाबाद कहते है जिसे जब भी आप अहमदाबाद शब्द  कहते है आप कहा रहे होते है अहमद शाह अब्दाली आबाद रहे यानी अहमद शाह अब्दाली ज़िंदाबाद  ये वही कहानी शैतान था जिसने इस शहर को लूट था .. कत्लेआम और बलात्कार करवाये  थे 
इस शैतानो के सल्तनत खंत्म हो गए अब  इनके नाम के ज़िंदाबाद क्यों रखा  जा रहा है 

*जिन्ना हाउस पर गुड़ी लगाईं, पूजा की और बधाई देकर पड़वा मनाया*

*जिन्ना हाउस पर गुड़ी लगाईं, पूजा की और बधाई देकर पड़वा मनाया*

गुड़ी पड़वा की सुबह 8 बजे भारत का विभाजन करानेवाले मोहम्मद अली जिन्ना के मुम्बई स्थित घर जिन्ना हाउस जाकर सामाजिक संस्थाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मुख्यद्वार पर भारतीय परंपरानुसार साड़ी बंधी, गुड़ी लगाईं एवं पुष्प चढ़कर पूजन करने के बाद आपस में एक दूसरे को नववर्ष की शुभकामना दी। शत्रु संपत्ति कानून संसद में पास होने के बाद अब जिन्ना हाउस सरकारी संपत्ति है। इस कानून के पास होने के बाद यह पहला गुड़ी पड़वा है, जिसे जिन्ना हाउस पर गुड़ी बाँधकर उत्सव के रूप में मनाया गया।

केंद्र सरकार ने अश्लील सामग्री परोसने वाली करीब 3000 वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया है

पोर्न साइटों पर सरकार का एक्शन, 3000 वेबसाइट की गईं ब्लॉक

केंद्र सरकार ने अश्लील सामग्री परोसने वाली करीब 3000 वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया है. केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने लोकसभा में यह जानकारी दी है.
पोर्न साइटों को लेकर एक सवाल के लिखित जवाब में मंत्रालय ने साथ ही बताया कि बच्चों के पोर्न वीडियो दिखाने वाली ज्यादातर वेबसाइट भारत के बाहर से चलाई चा रही हैं. इसमें कहा गया है कि गृह मंत्रालय महिला और बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम रोकथाम (CCPWC) पर एक प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है.
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय  ने अपने जवाब में कहा कि साइबर वर्ल्ड बेहद गोपनीय और दुनिया भर में फैला है. इसमें कहा है, 'बच्चों के पोर्न वीडियो चलाने वाली ज्यादातर वेबसाइट्स भारत के बाहर से चलाई जा रही है. इंटरपोल ऐसे गंभीर बाल यौन अपराधियों की लिस्ट रखता और उसे अपडेट करता है. इंटरपोल से मिली इस लिस्ट के आधार पर सरकार समय-समय पर ये साइट्स ब्लॉक करती रहती है.'
बता दें कि इसी साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने पोर्न साइट्स को ब्लॉक ना किए जाने को लेकर सरकार के रवैये पर नाराजगी जाहिर की थी. कोर्ट खासतौर से चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी वेबसाइट्स को ब्लॉक ना किए जाने पर की नाराज़ था. इससे पहले केंद्र सरकार ने कदम उठाते हुए 857 पोर्न साइट्स को ब्लॉक किया था. सरकार का कहना था कि बच्चों की पहुंच से इन्हें दूर करने के लिए ऐसा किया गया. हालांकि वयस्क लोग अब भी इन साइट्स को प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल कर देख पाएंगे.

चीन के बॉर्डर तक जाएगी भारतीय रेल

ड्रैगन को चुनौती, चीन के बॉर्डर तक जाएगी भारतीय रेल

तिब्बत तक रेलवे लाइन पहुंचाकर चीन ने अपनी सामरिक बढ़त हासिल की, उसी के जवाब में भारत सरकार अब चीन से जुड़ते अरुणाचल प्रदेश के तवांग तक रेल लाइन बिछाने जा रही है और इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय 1 अप्रैल 2017 को अरुणाचल प्रदेश में बड़ी बैठक कर रहा है. इस बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के साथ गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे.
अरुणाचल के सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों तक रेल सेवा पहुंचाने से मकसद से अब उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे (NFR) ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग तक रेल सेवा पहुंचाने की योजना बनाई है. तवांग समुद्रतल से 10 हजार फुट की ऊंचाई पर बसा हुआ है. यह चीन से सटी भारतीय सीमा के पास है. जानकारी के मुताबिक इस प्रॉजेक्ट के लिए सर्वे का काम 2018 में शुरू कर दिया जाएगा.
सीमा से लगे इलाकों में चीन लंबे समय से सड़क, हाइवे और रेल सेवा जैसी बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने में लगा है. भारत को भी अपने सीमांत प्रदेशों में सामरिक चुनौतियों के मद्देनजर सड़क, हवाई पट्टी और अन्य जरूरी ढांचा विकसित करने की जरूरत है.
भारतीय रेलवे और गृह मंत्रालय अरुणाचल प्रदेश में नागरिक सेवाओं के साथ-साथ सामरिक कारणों से भी ऐसे दूर-दराज के सीमांत इलाकों को रेल संपर्क के जरिए देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने की योजना पर अमल कर रहा है. चीन की तैयारियों के मुकाबले भारत अभी काफी पीछे है, लेकिन अच्छी बात यह है कि पिछले कुछ समय से भारत सरकार लगातार बॉर्डर इलाकों में बुनियादी ढांचा विकसित करने का अपना एजेंडा पूरा कर रही है.

खुलासा ,,,, अखिलेश सरकार की एम्बुलेंस खड़े खड़े दोड रही थी

खुलासा ,,,, अखिलेश सरकार की एम्बुलेंस खड़े खड़े दोड रही थी

अखिलेश सरकार के जाते ही प्रदेश में घोटाले और हेराफेरी के मामले सामने आने लगे हैं. अखिलेश सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट रही समाजवादी एंबुलेंस 102 और 108 में सरकार को किस तरह से करोड़ों का चूना लगया गया है इसकी बानगी मेरठ में देखने को मिली यहां विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों की मिली भगत से मेरठ स्वास्थ विभाग में खड़ी एंबुलेंस 160 की स्पीड़ पर दौड़ रही है. शायद ये सुनकर आपको यकीन न आए, लेकिन ये सच है जिसे देख और सुनकर अधिकारी भी हैरान हैं. महज कागजों में दौड़ रहीं एंबुलेंस में फर्जी आईडी का खेल चल रहा गया है. इस खेल को जब ईटीवी/न्यूज़18 ने पकड़ा तो सरकार की योजना को पलीता लगाने वाले अधिकारी बगले झांकने लगे. कैमरे पर आने की बात तो दूर उन्होंने फोन पर बात करने से भी मना कर दिया मामला सामने आने पर जब सीएमओ ने स्वास्थ विभाग की एंबुलेंस में चले आईडी के खेल की जांच कराई तो मामला सही पाया गया. जिसके बाद से स्वास्थ महमके में हडकंप मचा हुआ है.समाजवादी पार्टी की सरकार में गरीब आदमी को समय पर स्वास्थ सेवा उपलब्ध कराने के लिए 108 और 102 एंबुलेंस चलाई गई थी, ताकि आम आदमी को समय पर चिकित्सा सेवा मिल सके और कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में दम न तोड़े. लेकिन स्वास्थ विभाग में खड़ी 102 और 108 एंबुलेंस खड़े-खड़े ही 160 की स्पीड़ पर दौड़ रही है. एंबुलेंस ड्राइवर और अधिकारियों की साठगांठ से इन गाड़ियों में ऐसी डिवाइस का इस्तेमाल किया गया है जिसे देखकर हम खुद हैरान रह गये क्योंकि खड़ी गाड़ी 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफतार से दौड़ रही थी.

जानिये कैसे व्हाट्सएप पर चाल रहा था गोर

खड़ी गाड़ियों के दौड़ने के इस पूरे खेल में स्वास्थ विभाग की 108 और 102 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर याकूब अली और इमजेंसी मेडिकल एग्जीक्यूटिव राहुल त्यागी की मिली भगत सामने आई. इन दोनों अधिकारियों ने व्हाट्सएप पर सभी ड्राइवर का ग्रुप बना रखा है. ये दोनों अधिकारी एंबुलेंस ड्राइवर और अन्य स्टाफ कैसे काम करना है और उन्हें क्या आदेश देना है ये सब पूरे दिशानिर्देश व्हाट्सएप पर ही देते थे. जो ड्राइवर जितनी आईडी देता उतना ही उसे सराहा जाता और जिसकी आईडी कम रहती उसे उतनी फटकार झेलनी पड़ती. आईडी का मतलब फर्जी फोन कॉल के जरिए खड़ी एंबुलेंस को दौड़ाना हैं.जब ये पूरा मामला ईटीवी/न्यूज़18 द्वारा सीएमओ वीपी सिंह के संज्ञान में लाया गया तो खड़ी गाड़ियों का चलता मीटर, व्हट्सएप चैट देख वह भी हैरान रह गए. उन्होंने बताया कि इस माह ही 108 और 102 एंबुलेंस में लगी आईडी की जांच कराई थी. दोनो एंबुलेंस में 246 आईडी दिखाई गई. जब इन आईडी की जांच कराई गई तो महज 33 आईडी ही सही पायी गईं, बाकि फर्जी निकली. ऐसे में अंदाजा लगाना सहज है कि किस तरह से स्वास्थ महकमें के अधिकारी ही विभाग को हर माह लाखों रुपए की चपत लगा रहे हैं.
अगर एंबुलेंस का कोई ड्राइवर 108 और 102 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर याकूब अली और इमरजेंसी मेडिकल एग्जीक्यूटिव राहुल त्यागी की बात नहीं मानता तो उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ता है. चार दिन पहले ही इन दोनो अधिकारियों ने 108 एंबुलेंस के ईएमटी को हटा दिया. बताया जा रहा है कि ईएमटी अतर सिंह ने इन दोनो अधिकारियों की शिकायत इनके ही शिकायत प्रकोष्ठ ‘‘वीकेयर‘‘ पर की थी. जिसके बाद उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा.
कुल मिलाकर का जा सकता है इस योजना से जुड़े मात्र दो लोगों के कारण सरकार को न सिर्फ लाखो-करोड़ो का चूना लग रहा है बल्कि सरकारी योजनाएं आम जन तक नहीं पहुच पा रही हैं.सूबे में 5 साल रही अखिलेश सरकार ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों में ही आम आदमी को 108 और 102 एंबुलेंस का तोहफा दिया था. लेकिन इस तोहफे के जरिये अधिकारियों ने किस तरह करोड़ों की हेरा-फेरी की इसकी 5 साल तक किसी को भनक तक भी नहीं लगी. लेकिन अब इस मामला के खुलने के बाद स्वास्थ महकमें में हड़कप मचा हुआ है, क्योंकि यह केवल अभी मेरठ में ही सामने आया है अगर ऐसी स्थिति सूबे के अन्य जिलों में भी रही होगी तो ये घोटाला करोड़ों की जगह अरबों में पहुंच सकता है. देखना ये है कि सूबे की योगी सरकार इस मामले का संज्ञान लेकर भ्रष्टाचारियों पर कुछ कार्रवाई कर पायेगी या नहीं.

Wednesday, 29 March 2017

वर्ष 2015- 16 में ओलावृत्ति और सूखा राहत के लिए 88 करोड़ से अधिक का बजट आया था। इस बजट के वितरण की जानकारी शासन को दी जा चुकी है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। 51 मृतक किसानों के बनाए चेक

योगी ने शुरू की लेखपालों पर कार्यवाई, मुआवजे में इन्होंने किया हैं ज़बरदस्त घपला


51 मृतक किसानों के बनाए चेक
मामला सदर तहसील से जुड़ा है। ब्लॉक अकोला के करीब आधा दर्जन गांवों के किसानों को ओलावृत्ति के चेक ही नहीं मिले हैं। इन्हीं गांवों के 51 ऐसे किसानों के चेक जारी कर दिए गए हैं, जो अब इस दुनिया में जिंदा नहीं है। खास बात ये है कि संबंधित लेखपाल इन चेकों को कैश कराने की फिराक में था। हालांकि लेखपाल को सफलता नहीं मिली। मामला संज्ञान में आने के बाद एक बार तो अधिकारियों ने इसे दबाए जाने का प्रयास किया, लेकिन दबा नहीं सके। आखिर में कार्रवाई के नाम पर लेखपाल को निलंबित कर दिया। जबकि आरोप पत्र में इसका उल्लेख नहीं किया है।
-- अपनी हाड़तोड़ मेहनत से अन्न उगाने वाला अन्नदाता सरकारी मशीनरी के लिए मजाक बनकर रह गया है। सरकारी इमदाद तो उसे वक्त पर मिलती नहीं है, और अगर दी भी जाती है तो मौत के बाद। यानी जीते जी उसकी कद्र नहीं होती और मौत के बाद उसे हजारों रूपये के चेक काटकर थमाने की कोशिश होती है। और आगरा की तहसीलों में तो एक और नई करतूत ने अन्नदाता का उपहास उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। ओलावृष्टि की राहत राशि देने के लिए तहसील के जिम्मेदारों ने चेक बनाकर जारी कर दिए। ये कोशिश भी नहीं की कि जिन किसानों के चेक बनाए हैं, वह अब इस दुनिया में हैं भी या नहीं।

आरोप पत्र का नहीं दिया है जवाब
एसडीएम सदर ने आरोपी लेखपाल देवेंद्र उपाध्याय को आरोप पत्र दिया था, जिसका जवाब उसे देना है, लेकिन अभी तक आरोप पत्र का जवाब नहीं दिया है। इधर, लेखपाल देवेंद्र उपाध्याय को बहाल किए जाने के लिए अधिकारियों पर भाजपा नेता दबाव बना रहे हैं।

सूखा और ओलावृष्टि का आया था बजट
वर्ष 2015- 16 में ओलावृत्ति और सूखा राहत के लिए 88 करोड़ से अधिक का बजट आया था। इस बजट के वितरण की जानकारी शासन को दी जा चुकी है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।

51 मृतक किसानों के बनाए चेक
मामला सदर तहसील से जुड़ा है। ब्लॉक अकोला के करीब आधा दर्जन गांवों के किसानों को ओलावृत्ति के चेक ही नहीं मिले हैं। इन्हीं गांवों के 51 ऐसे किसानों के चेक जारी कर दिए गए हैं, जो अब इस दुनिया में जिंदा नहीं है। खास बात ये है कि संबंधित लेखपाल इन चेकों को कैश कराने की फिराक में था। हालांकि लेखपाल को सफलता नहीं मिली। मामला संज्ञान में आने के बाद एक बार तो अधिकारियों ने इसे दबाए जाने का प्रयास किया, लेकिन दबा नहीं सके। आखिर में कार्रवाई के नाम पर लेखपाल को निलंबित कर दिया। जबकि आरोप पत्र में इसका उल्लेख नहीं किया है।

आरोप पत्र का नहीं दिया है जवाब
एसडीएम सदर ने आरोपी लेखपाल देवेंद्र उपाध्याय को आरोप पत्र दिया था, जिसका जवाब उसे देना है, लेकिन अभी तक आरोप पत्र का जवाब नहीं दिया है। इधर, लेखपाल देवेंद्र उपाध्याय को बहाल किए जाने के लिए अधिकारियों पर भाजपा नेता दबाव बना रहे हैं।

घर एक मंदिर है। इस मंदिर की साफ-सफाई रखना हर जातक का कर्तव्य है। भवन को स्वच्छ व सुन्दर बनाने के लिए सबसे उपयोगी चीज है झाड़ू।

झाड़ू को घर में रखें इस स्थान पर, बरसेगा पैसा ही पैसा

घर एक मंदिर है। इस मंदिर की साफ-सफाई रखना हर जातक का कर्तव्य है। भवन को स्वच्छ व सुन्दर बनाने के लिए सबसे उपयोगी चीज है झाड़ू।


स्वच्छता की शुरूआत झाड़ू से ही होती है और मां लक्ष्मी का आगमन वहीं होता है जॅहा होती है स्वच्छता। अतः झाड़ू एक ऐसा यन्त्र है, जिसका अच्छे ढंग से प्रयोग करके घर की दरिद्रता को मिटाकर सुख व समृद्धि लायी जा सकती है। 
1-झाड़ू कभी भी घर के मुख्यद्वार पर नहीं होनी चाहिए, इससे भवन में नकारात्मक उर्जा प्रवेश होती है।
2-झाड़ू को हमेशा ढककर रखना चाहिए।
3-भोजन कक्ष में झाड़ू नहीं रखनी चाहिए क्योंकि ऐसा करने से घर में दरिद्रता आती है।
4-झाड़ू को दिन में छुपाकर रखना चाहिए और रात्रि में मुख्यद्वार के सामने रखने से कोई भी नकारात्मक चीज घर में प्रवेश नहीं कर पाती है।
5-घर के लिए 3 झाड़ू एक साथ खरीदना चाहिए।
6-मान्यता है कि गुरूवार के दिन घर में पोंछा नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से लक्ष्मी जी रूठ जाती है।
7-पोंछा लागाते समय पानी में थोड़ा नमक डाल लेना चाहिए। इससे घर की नकारात्मक उर्जा गायब हो जाती है।
8-झाड़ू भूलकर भी अपने बेडरूम में रखें अन्यथा पति-पत्नी में तनाव की स्थिति बनी रहती है।
9-झाड़ू को कभी भी खड़ा करके नहीं रखना चाहिए क्योंकि इसे अपशकुन माना जाता है।
10-किसी व्यक्ति अथवा जानवर को कभी झाड़ू नहीं मारनी चाहिए। ऐसा करना अपशकुन की श्रेणी में आता है।
11-झाड़ू पर भूलकर भी पैर नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे मॉ लक्ष्मी नाराज होती है।
12-यदि घर का मुखिया किसी खास प्रयोजन से निकले तो उसके तुरन्त बाद घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए। ऐसा करने से बनता काम भी बिगड़ जाता है।
13-भवन में सूर्यास्त के बाद झाड़ू-पोंछा लगाना अशुभ माना जाता है।
14-टूटी हुई झाड़ू से घर की साफ-सफाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे घर में दारिद्रता आती है।