Thursday, 30 March 2017

कृष्णा के यमुना देखते ही देखते मुस्लिमो को दे दी गयी गंगा भी इस्लामी न हो जाये

वह रे सेक्युलरिज़म :कृष्णा के यमुना देखते ही देखते मुस्लिमो  को दे दी गयी गंगा भी इस्लामी न हो जाये
सेक्युलरिज़म का जहर हिन्दू समाज में घोल जाता है ये उसका बड़ा उदाहरण है की यमुना को जनून बता बाटता कर इसे मुसलमानो से जोड़ दिया गया और हमदेखते ही रह गये हमारी नहीं कब मजहब हो गयी पता भी नहीं चला 
अब आप सोचिये की यमुना का अर्च और मुसलमानो से क्या लेना देना है ये क्या इस्लाम की तरह अर्ब से आयी थी इस्लाम तो बाहरी मजहब है यमुना भारतीय नदी है ये मजहबी कब से हुई 
अब जब गंगा अपनी जनून अपनी तो ये गंगा जानुनी तहजीब बिच में कहा से आ गई
और जो लोग इस तहजीब की वकालत करते है वे पहले तो  ये बताओ  इन दोनों  नदियों में  से मुसलमानो ई नहीं कौन सी है 
और ही तो किस अधिकार से ...?
और अगर हो तो क्या मुसलमान उन नदियों को भी माता सामान पूजते है वैसे इस्लाम में तो स्वयं के माता को पूजन भी हराम है आल्हा के आलावा कोई पूज्य नहीं .
तो सीधे एक बड़ी नदी इनकी कैसे हो गई  गंगा जमुना सभ्यता है . संस्कृति है हम हिन्दुओ की ये भारतीय  संस्कृति है कोई  तहजीब नहीं ...

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