Friday, 31 March 2017

बम नरेन्द्र मोदी के आस पास ही फ़टे इसके लिए उसने बम को रामलीला मैदान के पास एक कचरे के डिब्बे में डाल दिया था. NIA पूछताछ में दानिश ने बताया कि बम बनाने का सामन उन्हें कानपुर के मूलगंज इलाके में मिला .

अगर अपने नापाक इरादों में सफल हो जाते वो , तो .. जिन्होंने रची थी इतनी नापाक साज़िश ?

जिस सैफुल्लाह के लिए कभी कुछ राजनेता सड़कों पर आने की धमकी देते हुए पुलिस पर आरोप लगा रहे थे उसी सैफुल्लाह के इरादे जान कर बड़े बड़े चकरा जाएंगे.  सैफुल्लाह के निशाने पर ट्रेन में बैठा मेहनत मजदूरी करता आम इंसान ही नहीं बल्कि भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी थे जिन्हें सैफुल्लाह व् उसके साथी लखनऊ के रामलीला मैदान में बम से उड़ा देना चाहते थे. सैफुल्लाह के गिरफ्तार साथी दानिश और मुज़फ्फर NIA की पूछताछ में आये दिन नए नए खुलासे करते जा रहे हैं . प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ रची गयी साज़िश को अंजाम देने के लिए आरोपी दानिश ने इंटरनेट से देख कर बम बनाया था जो उसी के परीक्षण में नाकाम रहा . इसके बाद दानिश की मदद एयरफोर्स के एक रिटायर्ड कर्मचारी जी एम् खान ने उसे बम दे कर की. जी एम् खान अपनी बाइक में बम रख कर लखनऊ लाया जिस बाइक पर उसने एयरफोर्स का स्टीकर लगा रखा था. नरेंद्र मोदी के लखनऊ आगमन से ठीक पहले दानिश ने बम बना लिया था और उसमे टाइमर लगाना शुरू कर दिया था . बम नरेन्द्र मोदी के आस पास ही फ़टे इसके लिए उसने बम को रामलीला मैदान के पास एक कचरे के डिब्बे में डाल दिया था. NIA पूछताछ में दानिश ने बताया कि बम बनाने का सामन उन्हें कानपुर के मूलगंज इलाके में मिला .

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