Monday, 29 February 2016

‘मीरपुर में नेहरू ने 18 हजार हिंदुओं को पाकिस्तानी सेना के हाथों मरने के लिए छोड़ दिया था’

‘मीरपुर में नेहरू ने 18 हजार हिंदुओं को पाकिस्तानी सेना के हाथों मरने के लिए छोड़ दिया था’

बंटवारे से पहले मीरपुर (जो अब पाकिस्तान में है) की रहने वाली हरभजन कौर की यह दर्दनाक कहानी बाल के. गुप्ता द्वारा लिखी गई पुस्तक फॉरगॉटन एट्रोसिटीज़: मेमोरीज़ ऑफ़ अ सर्वाइवर ऑफ़ द 1947 पार्टीशन ऑफ़ इंडिया का अंश है। इस पुस्तक में गुप्ता ने मीरपुर में हुए नरसंहार से बच निकले लोगों के भुला देने वाले अनुभव लिखे हैं। गुप्ता खुद भी उस नरसंहार से बचने वालों में से एक हैं।


भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के वक़्त मीरपुर शहर कश्मीर रियासत का हिस्सा था। यहां करीब 18 हजार से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। यही नहीं, 5 हजार से अधिक महिलाओं को अगवा कर खाड़ी के देशों और पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में 10-20 रुपयों में बेच दिया गया।


मीरपुर में स्थित राम मंदिरblogspot

27 अक्टूबर 1947 को  मीरपुर रियासत का विलय भारत में होने की घोषणा की गई थी, लेकिन उससे पहले ही पाकिस्तान ने मीरपुर और उसके आस-पास वाले शहरों को अपने क़ब्ज़े में ले लिया था।

यह क्षेत्र सिर्फ़ कश्मीर के सेना की एक छोटी सी टुकड़ी के सहारे था। तनाव बढ़ता जा रहा था। पर भारत सरकार कश्मीर के मामले में दखल नहीं देना चाहती थी।

जनसंहार का एक द्रश्य ajabgajab
जनसंहार का एक दृश्यajabgajab

बाल के गुप्ता के इस पुस्तक के मुताबिक, कश्मीर में मीरपुर से एक प्रतिनिधि मंडल तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मिला। उनसे वहां बिगड़ रहे हालात की चर्चा की गई, लेकिन भारत की तरफ से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। इसके मुताबिक, यह प्रतिनिधिमंडल महात्मा गांधी से भी मिला था, लेकिन गांधीजी ने कहा कि मीरपुर में बर्फ पड रही है, इसलिए वहां सेना को नहीं भेजा जा सकता। जबकि, हकीकत यह थी कि मीरपुर में कभी बर्फ पड़ती ही नहीं।


Mirpur
दंगो से पहले की मीरपुर शहर की तस्वीरoocities

मीरपुर के निवासी खुद को भारत का हिस्सा मान रहे थे। इसके बावजूद उन्हें मदद नहीं पहुंच सकी थी।


Pakistan's Mirpur
पाकिस्तान में स्थित मीरपुर खासdawn

उसके बाद जो कुछ भी हुआ, वह मानवता के इतिहास पर कालिख है। 25 नवबंर को पाकिस्तानी कबीलाई सेना ने मीरपुर पर धावा बोल दिया। पाकिस्तान की फौज को जो भी मिला, उसका कत्लेआम कर दिया। जान बचाने के लिए हज़ारों की तादात में लोग दूसरे सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर गए। इधर पाकिस्तानी सेना ने लूटपाट मचाना शुरू कर दिया


नरसंहार की कहानी कहती लाशों के ढेर desh71
नरसंहार की कहानी कहती लाशों के ढेरdesh71

पाकिस्तानी फौज करीब पांच हजार युवा लड़कियों और महिलाओं का अपहरण कर पाकिस्तान ले गई। इन्हें बाद में मंडी लगाकर बेच दिया गया।

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