World का एक मात्र ऐसा शिवलिंग जिसे हिन्दू और मुसलमान दोनों एक ही साथ पूजा करते है... आप भी जाने !!
![]() |
| photo ; |
मुसलमानों के बारे में कहा जाता है कि वह कभी भी मूर्ति की पूजा नहीं करते है लेकिन गोरखपुर के खजनी कस्बे के पास स्थित एक गाँव है सरया जहाँ पर भगवान् शंकर महादेव का एक शिवलिंग स्थापित है| यह शिवलिंग दुनिया का अपना सबसे अलग और एक अनोखा शिवलिंग है
क्योंकि इसकी पूजा हिन्दू और मुसलमान दोनों ही भक्त एक साथ करते हैं और उतनी ही श्रद्धा और भक्ति के साथ आपको बता दें कि इतिहासकारों और वहां पर रहने वालें लोगों की माने तो इसकी विशेषता हिन्दुओं के लिए तो यह है कि यह हजारों सालों पुराना अपने आप दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है | और लोगों का यह भी मानना है कि इस शिवलिंग को यहाँ पर किसी ने स्थापित नहीं किया है बल्कि इसका धरती से स्वयं ही प्रादुर्भाव हुआ है | यही कारण है कि सभी हिन्दुओं के लिए यह आराध्य है, पूजनीय है |
मुस्लिम क्यों करते है शिवलिंग की पूजा –
मुस्लिमों के लिए कहा जाता है कि वह कभी भी मूर्तियों की पूजा नहीं करते है I लेकिन यह एकमात्र दुनिया का एक ऐसा शिवलिंग है जिसकी पूजा मुस्लिम भी उतनी श्रधा और विश्वास के साथ करते है जितना कि हिन्दू क्या है शिवलिंग का इतिहास –कहा जाता है कि जब मोहम्मद गजनवी ने भारत पर आक्रमण किया था उस समय भारत उसने जैसे कि भारत के तमाम हिन्दू मंदिरों को उसने अपना निशाना बनाया था उसने इस शिवलिंग ले साथ भी वही किया गजनवी ने इस शिवलिंग को तोड़ने के अनेकों प्रयास किये लेकिन वह इस शिवलिंग को तोड़ न सका तो उसने इस शिवलिंग पर कुरान का एक कलमा इस पर लिखवा दिया |
और यही कारण है कि यह शिवलिंग हिन्दुओं के लिए आस्था का जितना बड़ा प्रतीक बना उतना ही बड़ा यह मुस्लिमों के लिए भी श्रद्धा का पात्र बन गया| अब यहाँ पर प्रतिवर्ष सावन के महीने में बहुत बड़ा मेला लगता है जिसमें हिन्दू और मुस्लिम सभी भक्त एक साथ एकत्रित होते है और परमपूजनीय इस शिवलिंग उपासना करते है |
मुस्लिम क्यों करते है शिवलिंग की पूजा –
मुस्लिमों के लिए कहा जाता है कि वह कभी भी मूर्तियों की पूजा नहीं करते है I लेकिन यह एकमात्र दुनिया का एक ऐसा शिवलिंग है जिसकी पूजा मुस्लिम भी उतनी श्रधा और विश्वास के साथ करते है जितना कि हिन्दू क्या है शिवलिंग का इतिहास –कहा जाता है कि जब मोहम्मद गजनवी ने भारत पर आक्रमण किया था उस समय भारत उसने जैसे कि भारत के तमाम हिन्दू मंदिरों को उसने अपना निशाना बनाया था उसने इस शिवलिंग ले साथ भी वही किया गजनवी ने इस शिवलिंग को तोड़ने के अनेकों प्रयास किये लेकिन वह इस शिवलिंग को तोड़ न सका तो उसने इस शिवलिंग पर कुरान का एक कलमा इस पर लिखवा दिया |और यही कारण है कि यह शिवलिंग हिन्दुओं के लिए आस्था का जितना बड़ा प्रतीक बना उतना ही बड़ा यह मुस्लिमों के लिए भी श्रद्धा का पात्र बन गया| अब यहाँ पर प्रतिवर्ष सावन के महीने में बहुत बड़ा मेला लगता है जिसमें हिन्दू और मुस्लिम सभी भक्त एक साथ एकत्रित होते है और परमपूजनीय इस शिवलिंग उपासना करते है |

No comments:
Post a Comment