Follow Me On Facebook

Thursday, 6 April 2017

भारत कभी नहीं डरा था दुश्मन की तलवारों से जब भी उसकी हार हुई तो घर के ही गद्दारों से ..

7 अप्रैल - आज हुई गिरफ्तारी से बुझने लगी थी 1857 क्रान्ति की लौ . कोई और नहीं बल्कि अपनों ने ही की थी गद्दारी
आज 7 अप्रैल को अंग्रेजी सत्ता उखाड़ फेंकने के लिए सबसे आगे चल रहे महान बलिदानी और पराक्रमी योद्धा तात्या टोपे की अपने ही एक विश्वाशपात्र द्वारा गिरफ्तारी होने के बाद धधकती 1857 क्रान्ति की लौ बुझना शुरू हो गयी थी . ब्रिटिश हुकूमत के लिए दुःस्वप्न बने तात्या जी कैसे भी असीरगढ पहुँचना चाहते थे, जहां बेहद कडा पहरा था।  दुश्मन का ध्यान भटकाने के मकसद से इस वीर ने निमाड से बिदा होने के ही खण्डवा, पिपलोद आदि के पुलिस थानों और सरकारी इमारतों में आग लगा दी। खण्डवा से वे खरगोन होते हुए वो वापस चले गये। तात्या की राष्ट्रभक्ति से बेहद प्रभावित हो चुका खरगोन में खजिया नायक अपने 4000 अनुयायियों के साथ तात्या टोपे के साथ जा मिला। इनमें लड़ाकू भील सरदार और प्रसिद्द मालसिन भी थे। यहाँ राजपुर खेत्र में ब्रिटिश सेनापति सदरलैण्ड के साथ एक घमासान लडाई हुई और इसी लड़ाई का लाभ उठा कर तात्या सदरलैण्ड को चकमा देकर तात्या नर्मदा पार करने में सफल रहे । एक बार फिर अंग्रेजों के विरुद्ध तात्या की यात्रा आरम्भ हो कर खरगोन से छोटा उदयपुर, बाँसवाडा, जीरापुर, प्रतापगढ, नाहरगढ होते हुए वे इन्दरगढ पहुंची । इन्दरगढ में उन्हें पहले से ही घात लगाए ब्रिटिश अफसरों  नेपियर, शाबर्स, समरसेट, स्मिथ, माइकेल और हार्नर नामक ब्रिगेडियर और उससे भी ऊँचे सैनिक अधिकारियों ने हर एक दिशा से घेर लिया। भले ही वहा से बचकर निकलने का कोई रास्ता नहीं था पर अपार बल के साथ कुशाग्र बुद्धि के धनी तात्या इस बेहद कठिन और लगभग असंभव घेरे को भेद कर जयपुर की ओर निकल गए । मात्र वेतन और मेडल के लालच में अपने ही जब अंग्रेजों का साथ देने लगे तो संख्या बल कम होने के कारण देवास और शिकार में उन्हें अंग्रेजों से हार मिली जिसके कारण उन्हें निराश होकर परोन के जंगल में शरण लेनी पड़ी .. महाराणा प्रताप के आदर्श उन्हें निश्चित रूप से याद थे इसीलिए जंगल की विषम परिस्थिति उन्हें आत्मबल को बिलकुल नहीं डिगा पाई . पर उसी परोन के जंगल में तात्या टोपे के साथ बेहद अप्रत्याशित विश्वासघात हुआ। एक भारतीय शासक जो अपनी अपनी राष्ट्रभक्ति बेच कर अंग्रेजों से मिल चुका था उसकी गद्दारी के कारण तात्या 7  अप्रैल, 1859 को तब गिरफ्तार हुए जब वो गहरी नींद में सो रहे थे ... अंग्रेजों को पता था कि उस महायोद्धा को जागते हुए पकड़ पाना असंभव था यही भूल भारत के इतिहास की थी जिसने 1857 में ही मातृभूमि को स्वतंत्र होने से वंचित कर दिया जिसके बाद बिस्मिल , भगत , आज़ाद , सुखदेव , खुदीराम , सावरकर जैसे वीरों को अपना बलिदान देना पड़ा . 


जम्मू कश्मीर में लद्दाख के बटालिक सेक्टर में हुए हिमस्खलन की चपेट में आकर एक सैन्य चौकी में पांच सैनिक फंस गए.

लद्दाख के बटालिक में हिमस्खलन, 2 सैनिकों को बचाया गया, 3 लापता

एक सैन्य अधिकारी ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया, बेहद तेज बर्फबारी के कारण बटालिक सेक्टर में कई बार हिमस्खलन हुआ, जिससे एक चौकी बर्फ के नीचे दब गई. बर्फ के नीचे पांच सैनिक फंस गए.
Unprecedented snowfall triggers multiple avalanches; a Post in Batalik Sector buried, 2 soldiers out of 5 rescued. @adgpi 1/2
Rescue operation for balance three soldiers in progress. Specially trained & equipped Avalanche Rescue Teams employed. @adgpi2/2

 न्होंने बताया कि उनमें से दो को निकाल लिया गया, जबकि बाकी तीन को बचाने की कोशिशें हो रही है. अधिकारी ने कहा, बाकी के तीन सैनिकों के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा. उनको बचाने के लिए खास तौर पर प्रशिक्षित हिमस्खलन बचाव टीमों को लगाया गया है.

जम्मू-कश्मीर में फिर बाढ़ के हालात, लोगों को बचाने आए सुरक्षा बल

जम्मू-कश्मीर में फिर बाढ़ के हालात, लोगों को बचाने आए सुरक्षा बल

जम्मू कश्मीर के मैदानी इलाकों में लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात बन गए है. इस बीच पुलिस ने तूफान की आशंका के चलते घाटी के सभी जिलों में 24 घंटे आपातकाल हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. खराब मौसम के मद्देनजर पुलिस भी हाई अलर्ट पर है.
पिछले तीन दिनों से यहां बिना मौसम के बर्फबारी और लगातार बारिश जारी है. इस कारण प्रशासन ने गुरुवार को घाटी के सभी स्कूलों को सोमवार तक बंद करने के आदेश दिए हैं.
इस भारी बारिश के कारण घाटी की ज्यादातर झीलों, नदी और नालों में जलस्तर बढ़ गया है. बाढ़ नियंत्रक विभाग ने झीलों और नदियों के जलस्तर की निगरानी के लिए गुरुवार को अपने सभी सहकर्मियों को चौबीसों घंटे अपने स्थानों पर तैनात रहने का निर्देश दिया.
अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार तड़के एक बजे दक्षिण कश्मीर के संगम, श्रीनगर के राम मुंशीबाग और उत्तर कश्मीर के अशाम में झेलम नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही थी. हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के फिरोजपुर नाले का जलस्तर सामान्य से ऊपर होने के कारण इसका पानी कई गांवों में घुस गया. पुलिस से कहा, 'राहत टीमें इन क्षेत्रों में सहायता और राहत कार्य के लिए पहुंच चुकी हैं.'

तमिलनाडु के आरके नगर विधानसभा में 12 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के प्रचार का तरीका ऐसा भी हो सकता है, शायद किसी ने सोचा भी न होगा।



जयललिता की डमी और ताबूत के साथ चुनाव अभियान शुरू किया है। यह ताबूत हू—ब—हू उसी ताबूत की...

तमिलनाडु के आरके नगर विधानसभा में 12 अप्रैल को होने वाले
 उपचुनाव के प्रचार का तरीका ऐसा भी हो सकता है, शायद किसी
 ने सोचा भी न होगा। पन्नीरसेल्वम गुट के एआईएडीएमके ने जे.
 जयललिता की डमी और ताबूत के साथ चुनाव अभियान शुरू
 किया है। यह ताबूत हू—ब—हू उसी ताबूत की नकल है, जिसमें 
5 दिसम्बर को जयललिता को उनके मरने के बाद रखा गया
 था। डमी को जयललिता की सबसे पसंदीदा हरी साड़ी में तैयार 
किया गया है, जिसे भारतीय तिरंगे से कवर किया गया है। 
एआईएडीएमके (पुरची थालामी अम्मा) का यह दांव 
उन मतदाताओं से सहानुभूति वोट हासिल करने के लिए है,
 जो जयललिता को भगवान की तरह पूजते थे और उनके 
लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते थे।

गौरतलब है कि जयललिता की मौत के बाद एआईएडीएमके
 लगातार विवादों में है, पार्टी के अंदर शशिकला और 
पन्नीरसेल्वम दो गुटों के अगुवा बन गये। 23 मार्च को
 चुनाव आयोग ने एआईएडीएमके के चुनाव चिन्ह 'दो पत्ते' को 
सील कर दोनों गुटों को नए चुनाव चिन्ह जारी किए थे। शशिकला 
गुट को 'टोपी' और पन्नीरसेल्वम गुट को 'बिजली का खंभा' 
​चुनाव चिन्ह जारी किया गया था। वहीं दोनों गुटों का नाम भी 
बदल दिया गया। शशिकला गुट को एआईएडीएमके अम्मा का 
नाम दिया गया और पन्नीरसेल्वम को एआईएडीएमके पुरची 
थालामी अम्मा।

आरके नगर विधानसभा में 12 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के 
लिए जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार पन्नीरसेल्वम गुट
 से उम्मीदवार हैं तो शशिकला के भतीजे टीटीके दिनकरन को
 उनके गुट ने चुनाव मैदान में उतारा है। देखना दिलचस्प होगा कि
 इस चुनाव में लोगों की भावनाओं को कैश करने की पैंतरेबाजी
 काम आती है या फिर शशिकला गुट उपचुनाव पर जीत की मुहर
 लगाता है।  

जनता की सहानुभूति बटोरने के लिए अम्मा की डमी को जिस
 तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है, उसकी तरह—तरह से 
आलोचनाएं होनी शुरू हो गई हैं। एआईएडीएमके के अन्य दलों 
द्वारा भी अम्मा के नकली ताबूत और डमी बॉडी के माध्यम से 
चुनाव प्रचार करने पर आपत्ति जतायी जा रही है और आशंका जताई
 जा रही है कि इसकी शिकायत चुनाव आयोग में दर्ज होगी। 

'द न्यूज मिनट' से हुई बातचीत में द्रविड़ मुनेत्र कझगम की नेता 
कनिमोझी ने भी पन्नीरसेल्वम गुट द्वारा लोगों की भावनाओं 
को कैश करने के इस कदम की आलोचना की है और कहा कि
 जयललिता के अनुयायियों को उनके प्रति सम्मान दिखाना 
चाहिए, न कि वोटों के लिए कुछ भी करना चाहिए।

चीता' की पत्नी का अब्दुल्ला से सवाल, 'पत्थरबाज देशप्रेमी हैं तो देशविरोधी कौन है'

चीता' की पत्नी का अब्दुल्ला से सवाल, 'पत्थरबाज देशप्रेमी हैं तो देशविरोधी कौन है'

पत्थरबाज परेशानी हैं: उमा
चेतन चीता की पत्नी उमा सिंह कहा कि ''अगर मिस्टर अब्दुल्ला की नजर में सेना पर पत्थर फेंकने वाले राष्ट्रवादी हैं तो हमें ये विचार करना होगा कि राष्ट्र विरोधी कौन हैं।' उमा सिंह ने कहा कि सशस्त्र बलों के लिए पत्थरबाज सबसे बड़ी परेशानी हैं। क्योंकि वो देश सुरक्षित करने में बाधा खड़ी करते हैं। 

अब्दुल्ला ने पीएम की बात पर दिया था बयान
अब्दुल्ला ने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही जो उन्होंने गत दो अप्रैल को चेनानी.नाशरी सुरंग के उद्घाटन के दौरान दिया था। मोदी ने तब कहा था कि कश्मीर के युवाओं को पर्यटन और आतंकवाद के बीच चयन करने की जरूरत है।

देश के भाग्य के लिए पत्थर फेंक रहा युवा: अब्दुल्ला

अब्दुल्ला ने सोनवार में एक चुनावी रैली में कहा, ‘‘यदि वह (पथराव करने वाला युवक) अपनी जान दे रहा है, वह पर्यटन के लिए नहीं कर रहा है। वह अपनी जान इसलिए दे रहा है ताकि इस देश के भाग्य का निर्णय हो सके जो इस स्थान के लोगों को स्वीकार्य हो। इसे समझने की जरूरत है।’’ 
उन्होंने कहा, ‘‘हाल में सुरंग शुरू की गई। उन्होंने (प्रधानमंत्री) कहा कि यहां के युवाओं को सोचना होगा कि उन्हें पर्यटन चाहिए या आतंकवाद। मैं मोदी साहब से कहना चाहता हूं कि पर्यटन हमारी जीवन रेखा है, इसमें कोई संदेह नहीं है।’’

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘यद्यपि वह एक पथराव करने वाला है। उसका पर्यटन से कोई लेना देना नहीं। वह भूखे मर जाएगा लेकिन वह अपने देश के लिए पथराव कर रहा है और इसे समझने की जरूरत है।’

अगर कोई कोचिया शराब बेचना छोड़ देगा, तो उसे सरकार की ओर से देवभोग दूध बेचने के कारोबार से जोड़ा जाएगा और जो नहीं छोड़ेगा, उसे उल्टा टांग दिया जाएगा। ये एलान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कोरबा जिले के राजस्व और प्रशासनिक अफसरों की बैठक लेते हुए किया है।

शराब बेचना छोड़ो, दूध बेचो, नहीं तो उल्टा टांग दिए जाओगे'

उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई कोचिया शराब बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे ठीक कर दो और उनकी गाड़ी राजसात कर दो। मुख्यमंत्री लोक सुराज अभियान के तहत कोरबा जिले के दौरे पर थे।

इन बेटियों एक बार फिर से साबित कर दिया है कि हम किसी से कम नहीं हैं।

नौ बेटियों ने एक साथ दी पिता की अर्थी को कंधा, लोग बोले- वाह, बेटी
बांका। बिहार की नौ बेटियों ने पिता की अर्थी को कंधा देकर एक बार फिर से मिशाल कायम किया है। जिसकी चर्चा पूरे बिहार में हो रही है। इन बेटियों एक बार फिर से साबित कर दिया है कि हम किसी से कम नहीं हैं।

दरअसल, बिहार के बांका जिले में नौ बेटियों ने एक साथ अपने पिता को अंतिम विदाई दी। सबने एक साथ मिल अर्थी को कंधा दिया। इस नजारे को देखने के लिए सड़क पर भी लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। गौरतलब है कि बांका जिले के कटोरिया थाना निवासी चुन्नीलाल शाह की बीमारी की वजह से मंगलवार को मौत हो गई। उसके बाद शव बांका लाया गया था।

व्यवसायी चुन्नीलाल का कोई पुत्र नहीं है। सिर्फ नौ बेटियां ही थीं। इसलिए सबने पिता के अर्थी को कंधा देकर पुत्र धर्म को निभाया है। वहीं, जिले में भी इस मिशाल की खूब चर्चा हो रही है। चुन्नीलाल शाह का निधन इलाज के दौरान रांची में हो गया था। 
-- 

जामा मस्जिद के मुखिया की धमकी , संभल आना है तो मुस्लिम बनना होगा

जामा मस्जिद  के मुखिया की धमकी , संभल आना है तो मुस्लिम बनना होगा 
हमारे एक पाठक  ने बताया  कोई ABP  न्यूज़ नामक चैनल बाटता रहा है संभल में कुछ हुआ ही नहीं है 
खैर ABP  न्यूस न हम देखते है और न ही उनकी खबरों पर यकीन करते है 
संभल में योगी सरकार ने वह के  SP  और अन्य कोई अधिकारियो को हटाया है उनका तबदला किया गया है क्यों की बहा जिहादी  तत्वों पर इन्होने कोई कारवाही नहीं की है  वह स्थानीय नेता शफीकुर रहमान ने संभल   को कश्मीर  बनाने की धमकी दी थी 
जिसके बाद योगी सरकार ने कारवाही की है  संभल के लोगो के वीडियो भी सुदर्शन न्यूज़ ने दिखाए है वह के लोग स्वयं जुहदि तत्वों की सचाई दुनिया को बताते दिखाई दिए है 
अब सुदर्शा न्यूज़ लगातार  संभल पर कर्यक्रम पर रहा है तो वह के जामा मस्जिद के इमाम इतरत बाबर ने भी सुरेश चव्हाण को धमकी दे दी है . संभल अब ऐसा इलाका हो चूका  है की वह की मस्जिद का इमाम बोल रहा है की यहाँ आना है , तो मुस्लिम बनना होगा यी हालत संभल के थे .. योगी सरकार  है इसलिए थोड़ी बहुत कारवाही हुई  है  पर संबल पर अभी बहुत कुछ सामने आना बाकि है पर हमरी गन्दी सेक्युलर मीडिया  जिसमे  ABP  न्यूज़  भी है उसके मुताबिक संबल में कोई समस्या ही नहीं वैसे आपको बता दे की इन सेक्युलर मीडिया  वाले  के लिए तो कश्मीर में भी हिन्दुओ के साथ कुछ नहीं हुआ . नहीं मतलब कश्मीर से हिन्दू नहीं भगाये गए 

रिलायंस के मुखिया मुकेश अंबानी ने बदरीनाथ में गेस्ट हाउस निर्माण के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को पचास लाख रुपये की धनराशि दी है।

मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान, बद्रीनाथ जाने 

वाले तीर्थयात्रियों को दी जाएगी यह सुव‌िधा



बद्रीनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों के ल‌िए ज‌ियो के मुख‌िया मुकेश अंबानी ने बड़ा ऐलान क‌िया है।बदरीनाथ में अब गरीब तबके के तीर्थयात्रियों को रात्रि विश्राम के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। -- रिलायंस के मुखिया मुकेश अंबानी ने बदरीनाथ में गेस्ट हाउस निर्माण के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को पचास लाख रुपये की धनराशि दी है।आगामी मई माह में धाम में गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। वर्ष 2015 में जियो की लॉचिंग के लिए बदरीनाथ पहुंचे मुकेश अंबानी के सामने बीकेटीसी ने धाम में बदरीश आश्रय नाम से गेस्ट हाउस निर्माण का प्रस्ताव रखा था।मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को मुकेश अंबानी की ओर से समिति को पचास लाख रुपये दिए गए हैं। 

केंद्रीय मंत्री ने नीतीश सरकार को घेरते हुए यह भी कहा कि बिहार में मंदिरों पर भी हमले हो रहे हैं । उन्होंने आगे कहा कि मुहर्रम का जुलूस शहर में निकलता है तो रामनवमी का जुलुस क्यों नहीं

मेरे खून का हर कतरा हिंदुत्त्व की रक्षा के लिए है , नीतीश बताएं कि रामनवमी भारत में नही तो कहाँ मनाएं - गिरिराज सिंह, भाजपा
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर से बिहार सरकार को घेरा है । गिरिराज सिंह ने मंगलवार को नवादा में हुए सामुदायिक हिंसा पर उन्होंने बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश के सरकार में हिन्दू प्रताड़ित हो रहा है । केंद्रीय मंत्री ने नीतीश सरकार को घेरते हुए यह भी कहा कि बिहार में मंदिरों पर भी हमले हो रहे हैं । उन्होंने आगे कहा कि मुहर्रम का जुलूस शहर में निकलता है तो रामनवमी का जुलुस क्यों नहीं । प्रशासन रामनवमी जुलूस में सुरक्षा का इंतज़ाम करे । सर्किट हाउस में मिलने आये बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे खून का एक - एक कतरा हिंदुत्त्व की रक्षा के लिए है । बजरंग दल के अनुरोध पर गिरिराज सिंह ने 7 अप्रैल को शहर में निकाले जाने वाले रामनवमी जुलूस में शामिल होने की अपनी सहमति प्रदान की है । उन्होंने कहा कि रामनवमी का जुलूस हिंदुस्तान में नहीं तो क्या पाकिस्तान में निकलेगा ? गिरिराज ने खुले शब्दों में कहा कि मोदी सरकार के सबका साथ सबका विकास नारा के तहत सबको देश का कानून मानना पड़ेगा । केंद्रीय मंत्री इससे पहले भी कई बार विवादित बयान दे चुके हैं । ज्ञात हो हो कि नवादा जिले के सद्भावना चौक पर मंगलवार की अहले सुबह रामनवमी का झंडा और पोस्टर फाड़े जाने के बाद विवाद भड़क गया था ।दो संप्रदायों के बीच जमकर विवाद और पथराव भी हुआ । स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को 6 राउंड हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी थी । विवाद के बाद दोनों पक्ष उग्र हो गए।पथराव में 3 लोगों के घायल हुए थे ।वहीं प्रशासनिक अधिकारी लगातार कैंप किये हुए हैं और पेट्रोलिंग की जा रही है । अफवाह फैलाने वालों और संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है । वैसे तत्वों को तुरंत गिरफ्तार करने को कहा गया है ।

भारत के इस वीरान गांव से दिखता है श्रीलंका

अगर आप श्रीलंका घूमने जाना चाहते हैं, मगर बजट इसकी इजाजत नहीं देता तो क्या हुआ। भारत में एक ऐसी जगह है जहां से यह पड़ोसी देश दिखाई देता है।
जी हां, बात कर रहे हैं धनुषकोडि गांव की जो विरान है और श्रीलंका से महज 18 मील की दूरी पर है। यह भारत और श्रीलंका के बीच एकमात्र स्थलीय सीमा है और बालू के टीले पर सिर्फ 50 गज की लंबाई में दुनिया के सबसे छोटे स्थानों में से एक है। अब जाहिर सी बात है ऐसी जगह जरूर पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करती होगी, मगर आपको यह भी बता दें कि ये जगह अब भुतहा जगहों की लिस्ट में शामिल हो चुकी है।
यह गांव तमिलनाडु के रामेश्वरम जिले में स्थित है और यहां अंधेरे में जाना मना है। लोग दिन के उजाले में घूमने जाते हैं और शाम तक रामेश्वरम लौट आते हैं, क्योंकि पूरा 15 किमी का रास्ता सुनसान-डरावना है और रहस्य से भरा हुआ है। हालांकि यह गांव पहले इतना विरान नहीं था, बीते समय की रंगीन जिंदगी यहां अभी भी खंडहरों में दिखाई पड़ती है। मगर 1964 में आए चक्रवात ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। इससे पहले धनुषकोडि एक उभरता हुआ पर्यटन और तीर्थ स्थल था। यात्रियों की जरूरतों के मद्देनजर कई होटल, कपड़ों की दुकानें और धर्मशालाएं थीं। वहीं श्रीलंका पास होने की वजह से यात्रियों और सामान को ढोने के लिए कई साप्ताहिक फेरी सेवाएं भी थीं।
इस गांव से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं व किस्से-कहानियां भी हैं। कहते हैं यहां रावण के भाई विभीषण के अनुरोध पर राम ने अपने धनुष के एक सिरे से सेतु को तोड़ दिया था और इसी वजह से इस जगह का नाम धनुषकोडि पड़ गया। यह भी कहा जाता है कि राम ने अपने प्रसिद्ध धनुष के एक छोर से सेतु के लिए इस स्थान को चिह्नित किया था।
वैसे अब यह विरान जगह फिर से पर्यटन क्षेत्र के तौर पर उभर रहा है। रोमांच पसंद करने वाले लोग अक्सर इस भुतहा गांव को देखने आते हैं। भारतीय नौसेना ने भी यहां चौकी की स्थापना की है। धनुषकोडि में आप भारतीय महासागर के गहरे और उथले पानी को बंगाल की खाड़ी के छिछले और शांत पानी से मिलते हुए देख सकते हैं। क्योंकि समुद यहां छिछला है, तो आप बंगाल की खाड़ी में जा सकते हैं और रंगीन मूंगों, मछलियों, समुद्री शैवाल, स्टार मछलियों और समुद्र ककड़ी आदि को देख सकते हैं।

Wednesday, 5 April 2017

पाकिस्तान का राष्ट्रागान गाने वाले हुए गिरफ्तार

कश्‍मीर के गांदरबल जिले में मैच से पहले पाकिस्‍तानी राष्‍ट्रगान गाने पर एक स्‍थानीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दो दिन पहले इन पर मामले दर्ज हुआ था।
दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वारयर हो रहा है। इस  वीडियो में कश्मीर के एक क्रिकेट क्लब के खिलाड़ी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की जर्सी पहने हुए दिखे रहे हैं। इतना ही नहीं वे पाकिस्तान का राष्ट्रगान भी गा रहे हैं। 
कश्मीरी युवाओं ने यह मैच 2 अप्रैल को मध्य कश्मीर स्थित गंदेरबाल डिस्ट्रिक्ट के वायिल ग्राउंड पर खेला।
खास बात यह कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चेनानी-नाशरी टनल के उद्घाटन के लिए उस समय कश्मीर के दौरे पर थे और अलगाववादियों ने राज्य में मौजूद PM मोदी के विरोध में हड़ताल बुलाई थी। खबरों के अनुसार बाबा दरियाउद्दीन टीम के खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की जर्सी पहनी हुई थी, जबकि विपक्षी टीम के खिलाड़ी सफेद जर्सी पहने दिखे। खबरों के अनुसार जब बाबा दरियाउद्दीन टीम के खिलाड़ियों से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कश्मीर के मुद्दे वाली बात बताई। टीम के खिलाडियों का कहना था कि वह अपने कश्मीरी भाई-बहनों को ये बताना चाहते थे कि वे कश्मीर मुद्दे को भूले नहीं हैं।हालांकि कुछ खिलाड़ी इसका समर्थन नहीं करना चाहते थे, लेकिन अन्य के दबाव में उन्हें ऐसा करना पड़ा। वैसे यह कोई नई बात नहीं है। इस साल की शुरुआत में भी कश्मीर के दो उभरते हुए संगीतकारों ने पाकिस्तानी राष्ट्रगान को अपनी आवाज देकर विवादों को जन्म दे दिया था।

सीएम की कुर्सी संभालने के बाद योगी ने यूनिफॉर्म के खाकी रंग पर यह कहते हुए आपत्ति जताई थी कि यूनिफॉर्म देखने में होमगार्ड की तरह लगती है। सीएम योगी आदित्यनाथ के मन की बात को समझते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने लखनऊ में दिए गए प्रेजेंटेशन में भी बच्चों के यूनिफॉर्म बदलने की सिफारिश की थी।

सरकारी स्कूलों के बच्चों की ड्रेस देखकर खफा हुए CM योगी आदित्यनाथ

सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का यूनिफॉर्म का कलर जल्द ही बदला जाएगा। उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बच्चों की मौजूदा खाकी रंग के यूनिफॉर्म को बदलकर उसको एक नया कलर देंगे।
सीएम की कुर्सी संभालने के बाद योगी ने यूनिफॉर्म के खाकी रंग पर यह कहते हुए आपत्ति जताई थी कि यूनिफॉर्म देखने में होमगार्ड की तरह लगती है। सीएम योगी आदित्यनाथ के मन की बात को समझते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने लखनऊ में दिए गए प्रेजेंटेशन में भी बच्चों के यूनिफॉर्म बदलने की सिफारिश की थी।कैबिनेट बैठक के दौरान इस पर सैद्धांतिक सहमति भी बन चुकी है और विभाग का दावा है कि जल्द ही इसके लिए शासनादेश भी जारी हो जाएगा। लखनऊ में सीएम योगी के सामने प्रजेंटेशन देकर इलाहाबाद लौटे बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभिभावक और बच्चों के साथ शिक्षकों ने भी यूनिफॉर्म बदलने की मांग की थी। जिस पर सीएम ने अपनी सहमति दे दी है।कैबिनेट बैठक के बाद इसका निर्णय बेसिक शिक्षा विभाग की मंत्री अनुपमा जायसवाल पर छोड़ दिया गया है। वह यूपी के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सबसे बढिया ड्रेस कोड की तलाश कर रही हैं। यूनिफॉर्म के रंग निर्धारण का काम अनुपमा जायसवाल के स्तर पर होना है और अनुपमा निजी स्कूलों के ड्रेस कोड को खासा तवज्जो देती हैं। ऐसे में निजी स्कूलों के समकक्ष नए यूनिफॉर्म के रंग होने की उम्मीद है। हालांकि पूर्व के भी रंग पर विचार चल रहा है।सपा सरकार ने 2012 में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल के छात्र-छात्राओं की यूनिफॉर्म का रंग बदलकर खाकी कर दिया था। यह रंग देखने में सीएम योगी के शब्दों में होमगार्ड की तरह लगता था। यूनिफॉर्म बदलने के दौरान शिक्षकों ने खाकी रंग की वजह से इसका विरोध किया था। तब शिक्षकों ने दलील दी थी कि रंग बहुत खराब है और बच्चों में हीन भावना घर कर रही है। लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया।योगी सरकार से आदेश जारी होते ही बेसिक शिक्षा परिषद के एक लाख से अधिक प्राथमिक और 45 हजार से अधिक उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले 1.27 करोड़ बच्चों को नए सत्र में नई यूनिफॉर्म मिलेगी। हालांकि यह किस रंग में होगी इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। लेकिन नए रंग में ड्रेस का मिलना तय माना जा रहा है। बता दें कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को मुफ्त यूनिफॉर्म दिया जाता है।