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Wednesday, 14 June 2017

ISIS के लिए भेजे 24 युवा

जानिए, धर्म प्रचार की आड़ में कैसे आतंकी सप्लायर बन गया जाकिर नाइक

धर्म प्रचार की आड़ में ज़ाकिर नाइक बगदादी ब्रिगेड को भारत से आतंकी सप्लाई करने वाला मैनेजर बन गया था. ज़ाकिर नाइक के खिलाफ पिछले एक साल से तमाम एजेंसियां जांच कर रही हैं. जिसमें टेरर फंडिंग से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक के मामले शामिल हैं. इस जांच के घेरे में ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था है. गृह मंत्रालय ने एक साल की जांच के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार की है. जिसमें ज़ाकिर नाइक के आतंकी कनेक्शन बगदादी ब्रिगेड के साथ जुड़ते दिख रहे हैं.
जाकिर नाइक की कहानी
51 साल का ज़ाकिर नाइक जांच के घेरे में तब आया, जब पिछले साल बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 22 लोगों की जान गई थी. बांग्लादेश के जांच अधिकारियों ने बताया था कि ढाका आतंकी हमले में शामिल एक आतंकवादी इस्लामिक प्रचारक ज़ाकिर नाइक से प्रभावित था. बांग्लादेश ने तुरंत ज़ाकिर नाइक के टीवी चैनल पीस टीवी पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिस चैनल का प्रसारण दुबई से होता था, और इसके ज़रिए ज़ाकिर नाइक अपना प्रोपैगैंडा करता था. ढाका आतंकी हमले के बाद पिछले साल जुलाई में जब भारत में ज़ाकिर नाइक के खिलाफ जांच शुरू हुई, तो वो सऊदी अरब में था, तब से वो भारत वापस नहीं लौटा है.
जाकिर की संस्था पर प्रतिबंध
आतंकवादी घटनाओं और गतिविधियों की जांच करने वाली नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी एनआईए ने ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के खिलाफ पिछले नवंबर में एफआईआर दर्ज की थी. इस एफआईआर में ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था पर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने और धार्मिक समुदायों के बीच नफरत पैदा करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोपों पर पुख्ता सबूतों के बीच केंद्र सरकार ने ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया. देश में आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली एजेंसी ED ज़ाकिर नाइक की संस्था पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है, मुंबई में नाइक की संस्था के दफ्तरों को बंद करवा दिया गया है.
जाकिर का ISIS कनेक्शन
अब नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी, इनफोर्समेंट डायरेक्टरेट और दूसरी तमाम एजेंसियों और पुलिस की जांच को मिलाकर एक साल में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने ज़ाकिर नाइक के खिलाफ 115 पेज की रिपोर्ट तैयार की है. जिसे पिछले महीने 11 मई को आधिकारिक पर दाखिल किया गया. ये 115 पेज की रिपोर्ट आजतक के पास है. जिसमें पहली बार आधिकारिक तौर पर ये माना गया है कि ज़ाकिर नाइक के कनेक्शन आईएसआईएस से जुड़े दिख रहे हैं.
ISIS के लिए भेजे 24 युवा
रिपोर्ट है. उसकी मानें तो गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट के मुताबिक ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था ने केरल में जिन युवाओं का धर्म परिवर्तन कराया, उनमें 24 युवा आईएसआईएस के आतंकवादी बनाए गए हैं. इन 24 युवाओं का ज़ाकिर नाइक की संस्था से जुड़े लोगों ने धर्म परिवर्तन करवाया, फिर ये आईएसआईएस ज्वाइन करने के लिए केरल से अफगानिस्तान गए. अफगानिस्तान में आईएसआईएस के लिए लड़ने के लिए ये आतंकवादी मुंबई में ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के दफ्तर में लगातार आते जाते थे.
धर्म परिवर्तन कराने के बाद बनाया आतंकी
ज़ाकिर नाइक का सबसे खास आदमी आरशी कुरैशी उन युवाओं के लगातार संपर्क में था, जो युवा केरल से अफगानिस्तान जाकर आईएसआईएस के आतंकवादी बन गए थे. एक तरह से ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ने धर्म परिवर्तन की फैक्ट्री खोल रखी थी, और इस धर्म परिवर्तन के बाद युवाओं को आतंक की फैक्ट्री के लिए तैयार किया जाता था.
धर्म प्रचार की आड़ में आतंकी साजिश
जाकिर के बारे में यह अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है. ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था के खिलाफ जांच अभी चल रही है. ज़ाकिर नाइक फरार है. उसका ठिकाना पता नहीं है. लेकिन जिस तरह से आजतक के हाथ लगी रिपोर्ट में बातें सामने आई है. वो बताती हैं कि किस तरह से धर्म के नाम पर और धर्म प्रचारक के सफेदपोश चेहरे के पीछे कट्टरपंथ और आतंकवाद का खूनी खेल खेला जा रहा था. जिसका मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि ज़ाकिर नाइक था. जिसमें उसके कनेक्शन आईएसआईएस से जाकर जुड़ रहे हैं.
धर्म परिवर्तन की फैक्ट्री से आतंक तक
केंद्रीय गृह मंत्रालय की 115 पेज की रिपोर्ट के पन्नों में ज़ाकिर नाइक के आतंकवाद वाले सीक्रेट धंधे के ऐसे सबूत दिए गए हैं. जो बताते हैं कि किस तरह से ज़ाकिर नाइक और उसके आदमी इस्लामिक धर्म प्रचारक की आड़ में पहले धर्म परिवर्तन करवाते थे. फिर धर्म परिवर्तन करने वाले युवाओं को बाहर आईएसआईएस का आतंकी बनाकर भेजा जाता था. ज़ाकिर नाइक की सीक्रेट आतंकी गतिविधियों के बारे में देश की तमाम जांच एजेंसियों की जांच का पूरा निचोड़ केंद्रीय गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट में है. रिपोर्ट में केरल के क्रिश्चन युवाओं के बारे में ज़िक्र किया गया, जिन्हें ज़ाकिर नाइक ने इस्लाम कबूल करवाया था.
धर्म परिवर्तन के बाद बदलवाए नाम
इनमें 20 से 22 साल की उम्र के बेस्टिन विंसेंट फ्रांसिस नाम के युवा का 12 सितंबर 2014 को धर्म परिवर्तन करवाया गया. बेस्टिन को याहिया नाम दिया गया, अगले कुछ महीनों ने बेस्टिन के तीन और साथियों का धर्म परिवर्तन करवाया गया. जिसमें बेस्टिन की गर्लफ्रेंड निमिशा भी शामिल थी, जिसे धर्म परिवर्तन के बाद फातिमा नाम दिया गया. लेकिन ज़ाकिर नाइक का ये खेल सिर्फ़ धर्म परिवर्तन तक ही नहीं रुकता. गृह मंत्रालय की 115 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने जब ज़ाकिर नाइक की जांच शुरू की. तो ऐसे खुलासे सामने आए, जिनके तार अफगानिस्तान में आईएसआईएस से जुड़ते दिख रहे हैं.
कब पकड़ में आएगा जाकिर नाइक?
आईएसआईएस के आतंकी बनकर अफगानिस्तान जाने वाले केरल के युवा ज़ाकिर नाइक के करीब आरशी कुरैशी से मुंबई के डोंगरी में मिलते रहे हैं. गृह मंत्रालय की जांच रिपोर्ट में ज़ाकिर नाइक के दो करीबी आरशी कुरैशी और रिज़वान इलियास खान के रोल का अहम ज़िक्र है. रिज़वान खान ने धर्म परिवर्तन करने वाले आईएसआईएस के आतंकी बेस्टिन उर्फ याहिया और मेरिन जैकब उर्फ मरियम का मैरिज सर्टिफिकेट बनवाया था. आरशी कुरैशी ने इन युवाओं के ब्रेन वॉश और धर्म परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. ज़ाकिर नाइक और उसके लोगों के ऐसे गुनाहों की लंबी लिस्ट और एक एक सबूत इस रिपोर्ट में दर्ज है. सवाल ये है कि ज़ाकिर नाइक के गुनाहों की इस रिपोर्ट के बाद क्या देश के बाहर छुप कर बैठा ज़ाकिर नाइक देश के कानून की पकड़ में आ पाएगा.

Tuesday, 13 June 2017

तैनात होंगे 30 हजार सुरक्षाकर्मी

अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, तैनात होंगे 30 हजार सुरक्षाकर्मी

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में अगले महीने 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिये स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बल के 30 हजार जवानों को तैनात किया जायेगा. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने मंगलवार (13 जून) को बताया कि सुरक्षाकर्मियों को तीर्थयात्रा के मार्ग के दोनों ओर तैनात किया जायेगा. अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुये यह व्यवस्था की गयी है.
आगामी 7 अगस्त तक चलने वाली तीर्थयात्रा के लिये अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने दिशानिर्देश जारी किये हैं. इसके तहत तीर्थयात्रा के इच्छुक आवेदकों को स्वास्थ्य प्रमाणपत्र पेश करना होगा. तीर्थयात्रा के लिये उम्र की न्यूनतम सीमा 13 साल और अधिकतम सीमा 75 साल नियत की गयी है.
अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा इंतजामों को लेकर केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि की अध्यक्षता में पिछले सप्ताह मंगलवार (6 जून) को एक उच्चस्तरीय बैठक में यात्रा मार्ग पर 27 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात करने का फैसला किया गया था. इसमें स्थानीय पुलिस के तीन हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ कुल तीस हजार सुरक्षाकर्मी तैनात करने का फैसला किया गया है.
समझा जाता है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह, जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा और महर्षि यात्रा के पहले दिन भगवान अमरनाथ के दर्शन कर तीर्थयात्रा का शुभारंभ कर सकते हैं.

मिजोरम के लंगलेई जिले के तलाबुंग में भारी बारिश की वजह से बाढ़ के हालात बन गये हैं और आठ लोग मारे गये और छह अन्य लापता हैं.

मिजोरम में बरसी आसमानी आफत, 8 मरे, 350 घर डूबे

मिजोरम के लंगलेई जिले के तलाबुंग में भारी बारिश की वजह से बाढ़ के हालात बन गये हैं और आठ लोग मारे गये और छह अन्य लापता हैं. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि असम को राज्य से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 54 लंगलेई, सियाहा, लांगतलाई, सेरछिप और चंफई जिलों में भूस्खलन की वजह से कई स्थानों से कट गया है.
राज्य के शहरी विकास और गरीबी उन्मूलन मंत्री जोडिंतलुआंगा ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की वजह से करीब 350 घर डूब गये हैं. मंत्री ने कहा कि लंगलेई जिले के दक्षिण मरपारा और फैरुंअंगकाई गांवों में आठ लोग मारे गये हैं. अभी भी छह अन्य लापता हैं.
आपको बता दें कि राज्य की खावथलांगतुईपुई नदी के पानी से तलाबुंग कस्बे में बाढ़ आ गयी है जिससे 74 इमारतें डूब गयी हैं. लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इलाके से 84 परिवारों को बचाया गया है. 
आपको बता दें कि इससे पहले उत्तर पूर्व के असम में 2016 में छह जिलों में आई बाढ़ से करीब एक लाख लोग प्रभावित हो गए थे. प्राधिकार ने बताया कि अभी तक बाढ़ से 1,018 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है. बुर्हिदीहिंग और देसांग नागलामुरगा नदियां शिवसागर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी.

2019 में लगने वाले कुंभ मेले से पहले अंतर्देशीय जलमार्ग से जोड़ा जाएगा

महाकुंभ 2019: विशेष स्टीमर से संगम पहुंच सकेंगे श्रद्धालु, वाराणसी से शुरू होगी सेवा

बहुत जल्द आप इलाहाबाद से वाराणसी तक का सफर नदी के रास्ते तय कर सकेंगे. दोनों ही शहरों को 2019 में लगने वाले कुंभ मेले से पहले अंतर्देशीय जलमार्ग से जोड़ा जाएगा. इस संबंध में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बीच चर्चा भी हो चुकी है. गडकरी ने भरोसा दिलाया है कि इलाहाबाद कुंभ मेला से पहले दोनों शहरों के बीच जलमार्ग का उपयोग शुरू हो जाएगा.

 राज्य सरकार के आकलन के मुताबिक 'कुंभ मेला' के दौरान एक दिन में 15 करोड़ श्रद्धालू शहर में जुटते हैं. इसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केन्द्र सरकार से इलाहाबाद से वाराणसी के बीच जलमार्ग विकसित करने का अनुरोध किया था.
योगी के अनुरोध पर तेजी दिखाएगा केंद्र
योगी के प्रस्ताव पर गडकरी ने कहा, "हालांकि इलाहाबाद से वाराणसी का रास्ता राष्ट्रीय जलमार्ग-1 परियोजना में नहीं आता है, जो वाराणसी से हल्दिया के लिए चलाई जा रही है. लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अनुरोध पर हम इसे विकसित करेंगे."
गडकरी ने कहा कि अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण इन दोनों शहरों के बीच चलाने के लिए विशेष स्टीमर खरीदेगी. हालांकि उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र को भी राज्य सरकार को शामिल करना चाहिए.
लिहाजा, इलाहाबाद कुंभ 2019 में एक बार फिर जलमार्ग से संगम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा. केन्द्रीय मंत्री के मुताबिक अब उनकी योजना कुंभ मेला के दौरान वाराणसी से इलाहाबाद तक इस जलमार्ग पर ज्यादा से ज्यादा नौकाएं और तेज रफ्तार स्टीमर दौड़ाने की है.

6 घंटों में 6 सिलसिलेवार हमले किए, जिनमें करीब 13 जवान घायल हो गए.

जंग-ए-बदर की याद में' आतंकियों ने कश्मीर में 6 घंटे में किए 6 आतंकी हमले, 13 जवान घायल


कश्मीर घाटी के दक्षिणी हिस्से में मंगलवार शाम आतंकियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर 6 घंटों में 6 सिलसिलेवार हमले किए, जिनमें करीब 13 जवान घायल हो गए. इस दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों की चार राइफलें भी लूट ली.
आतंकियों ने यहां सबसे पहले त्राल और अवंतिपुरा में सीआरपीएफ कैंप पर ग्रेनेड फेंका. त्राल के सीआरपीएफ कैंप पर हुए इस आतंकी हमले में 10 जवान घायल हो गए, जिसमें 3 की हालत गंभीर है.
इसके बाद सोपोर में सेना के कैंप को बनाया निशाना और पुलवामा में थाने पर ग्रेनेड फेंका. वहीं अनंतनाग में आतंकियों ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज के गार्ड रूम पर फायरिंग की, जिसमें दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए.राज्य के पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने कहा कि इस बात की खुफिया जानकारी थी कि आतंकवादी 17वें रमजान और जंग-ए-बदर (इस्लामी इतिहास की पहली जंग) की वर्षगांठ के मौके पर हमले कर सकते हैं. ऐसे में सभी जरूरी ऐहतियाती कदम उठाए गए थे. वैद ने कहा, 'दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर है.'वहीं पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुलवामा जिले के टाल इलाके में आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक शिविर पर ग्रेनेड फेंका, जिसमें 10 जवान घायल हो गए. दूसरा हमला अनंतनाग जिले में हुआ, जहां के अंचीदोरा इलाके में आतंकवादियों ने एक रिटायर्ड जज के आवास पर तैनात सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की. इस घटना में दो जवान घायल हो गए.
पुलिस प्रमुख ने कहा कि आतंकवादियों ने वहां तैनात जवानों से चार राइफलें भी लूट लीं. तीसरा हमला पुलवामा के पदगामपोरा इलाके में सीआरपीएफ के शिविर पर हुआ, हालांकि इसमें कोई घायल नहीं हुआ.
आतंकवादियों ने पुलवामा थाने पर एक ग्रेनेड फेंका, जिसमें एक पुलिसकर्मी को मामूली चोट आई. उरी कश्मीर के सोपोर में आंकवादियों ने एक और हमला किया, लेकिन इस हमले में कोई नुकसान नहीं पहुंचा.

Monday, 12 June 2017

थाने में आग लगाने के लिए भड़काने वाली कांग्रेस विधायक के खिलाफ FIR दर्ज

थाने में आग लगाने के लिए भड़काने वाली कांग्रेस विधायक के खिलाफ FIR दर्ज

मध्य प्रदेश के किसान आंदोलन के दौरान वहां पर हिंसा की चिंगारी भी उठी थी. इस बीच कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा भीड़ को भड़काने के वीडियो भी सामने आए थे. शिवपुरी से कांग्रेस विधायक शकुंतला खटीक को कैमरे पर लोगों को 'थाने में आग लगा दो' कहते पकड़ा गया था. अब उन पर एफआईआर दर्ज की गई है. शकुंतला पर धारा 353, 406 के तहत केस एफआईआर दर्ज की गई है.उस दौरान शकुंतला के अलावा कांग्रेस नेता और रतलाम जिला परिषद के उपाध्यक्ष डीपी धाकड़ भी एक वीडियो में किसानों को हिंसा के लिए भड़काते दिख रहे थे. पुलिस ने इस संबंध में धाकड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है. धाकड़ फिलहाल फरार हैं. इस वीडियो में धाकड़ किसानों से कह रहे हैं, 'अगर एक भी गाड़ी आ जाए, तो उनमें आग लगा देना.. हम देख लेंगे. कोई भी किंतु, परंतु, थाना-पुलिस कोई डरने की जरूरत नहीं है. कल तक मेरी गिरफ्तारी हो जाएगी, तो फिर ये आप सब लोगों की जवाबदारी है.'धाकड़ के इस भड़काऊ भाषण का नतीजा ये हुआ कि रतलाम के ढेलनपुर गांव में शनिवार को इनके समर्थकों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जिसमें पुलिस की भी तीन गाड़ियां शामिल थीं. इस दौरान हुए पथराव में दो पुलिसवाले भी घायल हुए थे.
बता दें कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में मंगलवार को प्रदर्शनकारी किसानों के उग्र होने पर पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी, जिसमें छह किसानों की जान चली गई. इस फायरिंग में पांच किसानों की उसी दिन मौत हो गई, जबकि एक अन्य किसान ने शुक्रवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया.

Sunday, 11 June 2017

J-K: कृष्णा घाटी में PAK की ओर से सीजफायर उल्लंघन, भारत का मुंहतोड़ जवाब

जम्मू-कश्मीर की कृष्णा घाटी में पाकिस्तान की ओर से सुबह से फायरिंग हो रही है. भारतीय सेना भी लगातार पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रही है. आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तानी आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा ने LoC का दौरा किया था.
लगातार हो रही फायरिंगपिछले 48 घंटों में पाकिस्तान की ओर से सीमा पर 5 बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया है. इससे पहले जम्मू के नौशेरा सेक्टर की है, जहां पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की गई और मोर्टार दागे गए. जिस पर भारतीय सेना ने जोरदार पलटवार किया है. इसके पहले पाक रेंजर्स ने रविवार की सुबह करीब पौने दस बजे नियंत्रण रेखा से सटे राजौरी जिले के भीमबेर गली सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया. इस दौरान उसने छोटे और ऑटोमैटिक हथियारों से गोलीबारी की.
भारतीय सेना के प्रवक्ता ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पाकिस्तानी सेना की तरफ से बिना उकसावे के की गई इस गोलीबारी का भारतीय सेना माकूल जवाब दे रही है. खबर लिखे जाने तक सीमा पर गोलीबारी जारी थी.
इसके अलावा पाक रेंजर्स ने रविवार सुबह 10 बजे सांबा के रामगढ़ में भी बीएसएफ टुकड़ी पर गोलीबारी की. बीएसएफ जवानों ने भी इसका बराबर जवाब दिया और दोनों तरफ 45 मिनट तक गोलीबारी चलती रही. इस गोलीबारी से भारतीय सीमा में किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है.
वहीं शनिवार को नियंत्रण रेखा के सटे कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से अंधाधुंध गोलीबारी की गई थी. शनिवार रात 8.30 बजे से शुरू हुई इस गोलाबारी में छोटे, ऑटोमैटिक हथियारों के साथ मोर्टार का इस्तेमाल किया. पाकिस्तान के सेना प्रमुख बाजवा के LoC दौरे के बाद ऐसी हरकतों की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी.
इससे पहले बाजवा जब भी LoC पर सैनिकों से मिले, तब पाक सेना ने कोई न कोई बड़ी घटना को अंजाम दिया है. पिछली बार बाजवा के सैनिकों से मिलने के बाद पुंछ के कृष्णा घाटी में दो भारतीय सैनिकों पर हमला कर पाकिस्तानी सैनिकों ने उनके शव को क्षत विक्षत कर दिया था.

पाकिस्तान में 132 भारतीय कैदी

बॉर्डर पर तनाव के बीच भारत की दरियादिली, 11 पाक कैदी होंगे रिहा

पाकिस्तान से तल्ख रिश्तों के बीच भारत ने एक सकारात्मक कदम उठाया है. भारत ने 11 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया है. ये कैदी सोमवार को रिहा कर दिए जाएंगे.
हालांकि, पाकिस्तान ने इस कदम का स्वागत करने के बजाय इसे भारत की जिम्मेदारी करार दिया है. 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान का कहना है कि इन सभी कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है इसीलिए भारत उन्हें रिहा कर रहा है.
बच्चों को किया रिहा 
इससे पहले भारत दो पाकिस्तानी बच्चों को रिहा कर चुका है. ये दोनों बच्चे 2016 में गलती से भारत की सीमा में घुस आए थे. जिसके बाद उन्हें पंजाब पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया था. ये बच्चे अपने अंकल शहजाद के साथ सीमा पार कर भारत में घुस आए थे. शहजाद को अभी भी हिरासत में है.
पाकिस्तान उच्चायोग की वकील शिल्पी जैन ने कहा था कि पिछले साल जुलाई में 2 लड़के, बाबर अली और अली रजा अपने मामा के साथ पाकिस्तान के सीमावर्ती गांव, दहिया खास, में एक शादी में शरीक होने आए थे. 12 जुलाई को तीनों एक बाइक पर रावी नदी देखने निकले और इस दौरान वो भारत की सीमा में 300 मीटर अंदर घुस आए. यहां बीएसएफ के जवानों ने उन्हें रोक लिया और अमृतसर पुलिस के सुपुर्द कर दिया.
पाकिस्तान में 132 भारतीय कैदी 
पाकिस्तान की जेलों में 132 भारतीय कैदी बंद हैं. इनमें से 57 कैदी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, बावजूद इसके उन्हें रिहा नहीं किया गया है.

Thursday, 8 June 2017

अब पंजाब में भी किसान होने लगे एकजुट,

अब पंजाब में भी किसान होने लगे एकजुट, कर्जमाफी को लेकर 12 जून से होगा आंदोलन!

मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बाद अब पंजाब के किसान भी कर्जमाफी के मुद्दे पर एकजुट होना शुरू हो गए हैं. प्रदेश के किसान कर्ज माफी के मुद्दे को लेकर आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं.
भारतीय किसान यूनियन के पंजाब अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल गुरुवार को चंडीगढ़ में किसान नेताओं के साथ एकजुट हुए और इन लोगों ने मीटिंग करके ये तय किया कि 10 जून को देश के दूसरे किसान संगठनों के साथ एक मीटिंग दिल्ली में की जाएगी. इसके बाद 12 जून से पंजाब में भी किसानों के कर्जमाफी के मुद्दे को लेकर आंदोलन शुरू किया जा सकता है.

कैप्टन ने किया था वादा
भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल ग्रुप) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान किसानों से वादा किया था कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों के कर्ज माफ किए जाएंगे, लेकिन सरकार बनने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने वायदे को भूल गए हैं और प्रदेश की खराब अर्थव्यवस्था की दलील दे रहे हैं.
किसान नेताओं ने सवाल किया कि क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह को किसानों से कर्जमाफी का वादा करते हुए इस बात की जानकारी नहीं थी कि जो उन्होंने उस वक्त किसानों के कर्जमाफी का वायदा किसानों के साथ कर दिया? बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि अगर आने वाले विधानसभा सत्र में पंजाब सरकार ने किसानों की कर्जमाफी को लेकर कोई बड़ा ऐलान नहीं किया तो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसा ही एक बड़ा आंदोलन पंजाब के किसान भी शुरू कर देंगे.
पूरे देश में जहां किसानों की कर्जमाफी और आत्महत्याओं के मुद्दे को लेकर हाहाकार मचा है, पंजाब भी इससे अछूता नहीं है. पंजाब में कांग्रेस की सरकार बने 2 महीने से ऊपर का वक्त हो चुका है और इस दौरान करीब 60 किसान कर्ज के बोझ की वजह से अपनी जान दे चुके हैं. बुधवार को चंडीगढ़ में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में भी किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा उठा और कैप्टन सरकार के मंत्रियों ने ये रास्ता खोजने की कोशिश की कि पहले से ही भारी कर्ज में डूबी पंजाब सरकार किस तरह से किसानों को कर्जमाफी का तोहफा देखकर राहत दे सकती है.
पंजाब में किसानों के बढ़ रहे आत्महत्याओं का मामला अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है. पंजाब विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने किसानों को भरोसा दिया था कि प्रदेश में सरकार बनाने के बाद उनके कर्ज माफ कर दिए जाएंगे और इसके लिए बाकायदा उन्हें फॉर्म भी भरकर दिए गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद फिलहाल कांग्रेस अभी किसानों से थोड़ा और वक्त मांग रही है और आने वाले बजट सत्र में किसानों के कर्ज माफी को लेकर कोई बड़ा ऐलान करने की बात कह रही है.
आम आदमी पार्टी मैदान में 
किसानों की आत्महत्या और कर्जमाफी का वादा पूरा न करने को लेकर आम आदमी पार्टी सत्तासीन कांग्रेस पर हावी हो गई है. आम आदमी पार्टी के नेता विपक्ष एच एस फुल्का ने कहा कि वो पंजाब विधानसभा के स्पीकर को लिख चुके हैं कि किसानों के बढ़ते आत्महत्या के मामलों को लेकर एक विशेष विधानसभा सत्र बुलाई जाए और ऐसा न हुआ तो आने वाले बजट सत्र के दौरान किसानों की बढ़ती आत्महत्याओं के मामलों को आम आदमी पार्टी विधानसभा में उठाएगी.
वायदों को पूरा ना कर पाने को लेकर कांग्रेस सरकार विरोधियों के निशाने पर है. ऐसे में पंजाब कैबिनेट के बड़े चेहरे लोगों को बस यही भरोसा दे रहे हैं कि वो थोड़ा वक्त इंतजार करें, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चुनाव प्रचार के दौरान जो वायदे किए थे, उन्हें जल्द ही पूरा किया जाएगा.

अगर पंजाब सरकार ने बजट सत्र में किसानों के कर्ज माफी को लेकर कोई बड़ा ऐलान नहीं किया तो संभव है कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसा ही एक बड़ा आंदोलन पंजाब में भी खड़ा हो जाए, क्योंकि पंजाब के किसान भी कर्ज से बेहाल हैं और आए दिन किसानों की आत्महत्याओं की खबरें आती रहती हैं.

मध्य प्रदेश के 7 जिलों तक फैली हिंसा

मध्य प्रदेश के 7 जिलों तक फैली हिंसा, किसानों से मिलने मंदसौर जाएंगे AAP नेता

मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस फायरिंग में पांच किसानों की मौत के बाद से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शन मालवा इलाके  के सात जिलों तक फैल गया. वहीं दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) का एक प्रतिनिधिमंडल मंदसौर दौरे पर जा रहा है. AAP का कहना है कि वे 10 जून से वे किसानों के हक में देश भर में प्रदर्शन करेंगे.
इस बीच नाराज किसानों ने गुरुवार को शाजापुर कृषि मंडी में एक ट्रक और चार मोटर साइकिलों में आग लगा दी. इसके साथ ही आंदोलनकारियों ने अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व (एसडीएम) राजेश यादव से मारपीट भी की, जिससे उनके पैर की हड्डी टूट गई. इसी तरह देवास में एक ट्रक को उपद्रवियों ने आग लगा दी. इस बीच बढ़ती हिंसा के चलते भोपाल-इंदौर मार्ग पर बसों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है.
पुलिस इस हिंसा के संबंध में कम से कम 56 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 100 से ज्यादा को हिरासत में लिया गया है. मंदसौर शहर के चार पुलिस थाना इलाकों और जिले में पिपलिया मंडी में शाम चार बजे से छह बजे तक कर्फ्यू में दी गई दो घंटे की ढील शांतिपूर्वक रही. हालांकि इस दौरान कुछ इलाकों में लोगों को प्रदर्शन के लिए उकसाने वाली पर्चियां बांटने की खबर है और पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है.
पीएम की चुप्पी पर AAP का सवाल
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह ने मंदसौर में किसानों के गुस्से की तरफ दिलाते हुए कहा कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में किसानों के आंदोलन का कारण केंद्र और राज्य सरकारों की किसानों के प्रति 'उदासीनता' है. सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'यूरोप, अफगानिस्तान या पाकिस्तान में अगर कोई छोटी सी घटना भी होती है, तो दुनिया में इस पर ट्वीट करने वाले पहले शख्स हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होते हैं. वह सबसे पहले इन पर बोलते हैं, लेकिन, उन्होंने किसानों की मौत पर एक शब्द भी नहीं बोला.'वरिष्ठ आप नेता ने कहा कि एक तरफ किसानों को गोली मार दी गई और दूसरी ओर देश के कृषिमंत्री सलाह देते हैं, 'योग करो, सब कुछ ठीक हो जाएगा.' AAP नेता ने कहा कि बीजेपी योग के सहारे देश में होने वाली हर चीजों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है.
हिरासत में लिए गए राहुल
इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मृत किसानों के परिवार से मिलने गुरुवार को मंदसौर आ रहे थे , लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में नीमच के पास ही हिरासत में ले लिया. इलाके में खराब हालात के मद्देनजर प्रशासन ने दौरे की इजाजत नहीं दी थी, लेकिन इसके बावजूद राहुल किसान परिवार से मुलाकात पर अड़े हुए थे.
मंदसौर जिला प्रशासन की इजाजत न मिलने पर राहुल, जनता दल यूनाइटेड के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के साथ हवाई जहाज से उदयपुर पहुंचे और फिर वहां से सड़क के रास्ते मंदसौर के लिए निकल पड़े. इस दौरान उन्होंने पुलिस को चकमा देने के लिए थोड़ी दूर बाइक की भी सवारी की. हालांकि राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित नीमच पहुंचते ही पुलिस ने राहुल को घेर लिया और उन्हें एहतियाती हिरासत में ले लिया.
'मोदी सरकार किसानों को देती है गोली'
राहुल ने गिरफ्तारी से पहले संवाददाताओं से बातचीत में मोदी सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'केंद्र की मोदी सरकार देश के सबसे अमीरों के डेढ़ लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर सकती है, लेकिन किसानों का नहीं. किसानों के कर्ज माफ नहीं करती, उन्हें फसल के सही दाम नहीं देती. मोदी सरकार किसानों को बस गोली देती है.'
सरकार ने कुबूली पुलिस फायरिंग की बात
बता दें कि मध्य प्रदेश में 1 जून से किसानों का आंदोलन चल रहा है. इस बीच मंगलवार को पुलिस फायरिंग में पांच किसानों की मौत ने किसानों के गुस्से को और भड़का है. शुरुआत में पुलिस ने फायरिंग की खबरों से इनकार किया था और कहा था कि उपद्रवियों की गोलीबारी में किसानों की मौत हुई थी. हालांकि अब पुलिस और राज्य सरकार ने पुलिस की तरफ फायरिंग की बात कुबूल ली है. मध्य प्रदेश ने केंद्र को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जब किसान सरकारी संपत्तियों की तोड़फोड़ और आगजनी करने लगे तो पुलिस को उन्हें काबू में करने के लिए फायरिंग करनी पड़ी थी.

Monday, 5 June 2017

ऑपरेशन ब्लूस्टार की 33वीं बरसी के मौके पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे. इस दौरान कई सिख संगठन वहां पर मौजूद रहे, और नारेबाजी की.बरसी मनाने का ऐलान

ऑपरेशन ब्लूस्टार की बरसी पर स्वर्ण मंदिर में लगे 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे

ऑपरेशन ब्लूस्टार की 33वीं बरसी के मौके पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे. इस दौरान कई सिख संगठन वहां पर मौजूद रहे, और नारेबाजी की.बरसी मनाने का ऐलान
दरअसल, पंजाब के कई सिख गरमपंथी संगठनों की तरफ से ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी मनाने का ऐलान किया गया था. जिसके बाद पंजाब पुलिस ने एहतियातन के तौर पर सुरक्षा बढ़ाई थी.
गृह मंत्रालय की तरफ से अलर्ट
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी पंजाब पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए थे. दरअसल, पंजाब में पिछले कुछ दिनों के भीतर कार लूटपाट की 12 घटनाएं केंद्रीय जांच एजेंसियों के शक के दायरे में थी. एजेंसियों को आशंका है कि ब्लू स्टार ऑपरेशन की 33वीं बरसी के मौके पर इन कारों का इस्तेमाल कर फिदायीन आतंकी किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम दे सकते हैं. कार लूट की ये घटनाएं भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में हुई हैं. जिसके चलते पंजाब पुलिस को अलर्ट जारी किया गया है.
बता दें कि 6 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार किया गया. भारतीय सेना का ये मिशन अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को जरनैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों के चंगुल से छुड़ाना था. इस ऑपरेशन को स्वतंत्र भारत में असैनिक संघर्ष के इतिहास की सबसे खूनी लड़ाई माना जाता है. इस ऑपरेशन में सैकड़ों की संख्या में लोग मारे गए थे.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र कन्हैया कुमार आज फिर विवादों मे आ गए

कन्हैया कुमार ने ISIS की तुलना RSS से की, कहा- दोनों राष्ट्र के लिए खतरनाक

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र  कन्हैया कुमार आज फिर विवादों मे आ गए जब उन्होंने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संगठन (RSS) की तुलना आतंकवादी संगठन आईएसआईएस (ISIS) के साथ की. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कट्टरवादी विचारधारा गलत है चाहें वह आरएसएस हो या आईएसआईएस. लोगों को समझना होगा की क्या सही है, यह राष्ट्र के लिए एक खतरनाक है.कन्हैया का यह बयान ऐसे मौके पर आया है जब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे ईरान के एक छात्र ने हाथापाई को लेकर 10 छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. वहीं, एबीवीपी के एक सदस्य का दावा है कि क्रिकेट मैच में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत का जश्न मनाने की वजह से उसके साथ हाथापाई हुई है.उसने आरोप लगाया कि इस दौरान जब वह इस घटना को देख रहा था कम से कम 10 छात्रों के समूह ने उसके साथ मारपीट की है. एक छात्र ने उसे धक्का दिया और एक ने उसके नाक पर मुक्का मारा. इसमें विनय और सौरभ शर्मा नामक छात्र शामिल थे. समूह के सभी लोगों ने शराब पी रखी थी.
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं जब कन्हैया कुमार ने ऐसा बयान दिया हो, इससे पहले भी पतंजलि को लेकर ऐसा ही बयान दिया था जब उन्होंने कहा कि देश मे भय का माहौल है अगर आप पतंजलि का फेशवॉश इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपको देशद्रोही घोषित कर दिए जाएंगा.पतंजलि आयुर्वेद कंपनी योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी है जिसकी भारतीय बाज़ार में बेहद मजबूत पकड़ है. 

Saturday, 3 June 2017

RSS नेता इंद्रेश कुमार बोले, 'रेप और तीन तलाक के लिए पश्चिमी संस्कृति जिम्मेदार'

RSS नेता इंद्रेश कुमार बोले, 'रेप और तीन तलाक के लिए पश्चिमी संस्कृति जिम्मेदार'

नई दिल्ली : आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने रेप और ट्रिपल तलाक को लेकर बेतुका बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत में रेप और महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा जैसी बुराई के लिए पश्चिमी देशों की संस्कृति जिम्मेदार है. उन्होंने इस्लाम के विवादित चलन तीन तलाक के लिए भी पश्चिमी प्रभाव को दोषी ठहराया.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इंद्रेश कुमार ने कहा, 'प्यार बहुत पवित्र चीज है, लेकिन पश्चिमी संस्कृति ने इसे जुनून बना दिया है, लिहाजा प्यार एक तरह के बिजनेस में बदल गया है.'रेप और तलाक की वजह पश्चिमी संस्कृति है. लोग वेलेंटाइन डे के तौर पर अब अपने प्यार को खुलेआम जता रहे हैं। यही तीन तलाक, रेप, घरेलू हिंसा और भ्रूण हत्या के बढ़ते मामलों के लिए जिम्मेदार है.'
राजस्थान के जयपुर में एक कार्यक्रम के समापन के मौके पर आरएसएस स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत में प्रेम को पवित्र माना गया है लेकिन पश्चिम ने इसका व्यवसायीकरण किया और त्योहार को जन्म दिया. 
उन्होंने कहा, ‘भारत में प्रेम पवित्र है. यहां प्रेम राधा-कृष्ण, लैला-मजनू और हीर-रांझा की कहानियों के जरिए बयां किया जाता है लेकिन पश्चिमी संस्कृति में प्रेम का व्यवसायीकरण है जिसके कारण वैलेंटाइन डे की शुरूआत हुई और जो अब रेप, नाजायज बच्चों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के लिए जिम्मेदार है.'
इंद्रेश कुमार अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। इससे पहले भी इन्होंने कहा था कि जो गोमांस खाने की वकालत करते हैं वे शैतान की पार्टी से जुड़े हैं. बीफ फेस्ट इंसानियत के खिलाफ है, इसमें शामिल होने वाले देश को शर्मिंदा करते हैं.
इन्होंने कहा था कि वेटिकन सिटी और मक्का-मदीना में भी आज तक गाय की कुर्बानी नहीं दी गई. इंद्रेश कुमार यह भी कह चुके हैं कि देश विरोधी नारे लगाने वाले और भारत माता की जय नहीं बोलने वाले पाकिस्तान चले जाएं.
इसके साथ ही इंद्रेश कुमार ने कहा कि आरएसएस आत्मा को शुद्ध करता है और एक व्यक्ति का चरित्र और मानवीय और नैतिक मूल्य प्रदान करता है.