Wednesday, 14 June 2017

ISIS के लिए भेजे 24 युवा

जानिए, धर्म प्रचार की आड़ में कैसे आतंकी सप्लायर बन गया जाकिर नाइक

धर्म प्रचार की आड़ में ज़ाकिर नाइक बगदादी ब्रिगेड को भारत से आतंकी सप्लाई करने वाला मैनेजर बन गया था. ज़ाकिर नाइक के खिलाफ पिछले एक साल से तमाम एजेंसियां जांच कर रही हैं. जिसमें टेरर फंडिंग से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक के मामले शामिल हैं. इस जांच के घेरे में ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था है. गृह मंत्रालय ने एक साल की जांच के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार की है. जिसमें ज़ाकिर नाइक के आतंकी कनेक्शन बगदादी ब्रिगेड के साथ जुड़ते दिख रहे हैं.
जाकिर नाइक की कहानी
51 साल का ज़ाकिर नाइक जांच के घेरे में तब आया, जब पिछले साल बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 22 लोगों की जान गई थी. बांग्लादेश के जांच अधिकारियों ने बताया था कि ढाका आतंकी हमले में शामिल एक आतंकवादी इस्लामिक प्रचारक ज़ाकिर नाइक से प्रभावित था. बांग्लादेश ने तुरंत ज़ाकिर नाइक के टीवी चैनल पीस टीवी पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिस चैनल का प्रसारण दुबई से होता था, और इसके ज़रिए ज़ाकिर नाइक अपना प्रोपैगैंडा करता था. ढाका आतंकी हमले के बाद पिछले साल जुलाई में जब भारत में ज़ाकिर नाइक के खिलाफ जांच शुरू हुई, तो वो सऊदी अरब में था, तब से वो भारत वापस नहीं लौटा है.
जाकिर की संस्था पर प्रतिबंध
आतंकवादी घटनाओं और गतिविधियों की जांच करने वाली नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी एनआईए ने ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के खिलाफ पिछले नवंबर में एफआईआर दर्ज की थी. इस एफआईआर में ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था पर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने और धार्मिक समुदायों के बीच नफरत पैदा करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोपों पर पुख्ता सबूतों के बीच केंद्र सरकार ने ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया. देश में आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली एजेंसी ED ज़ाकिर नाइक की संस्था पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है, मुंबई में नाइक की संस्था के दफ्तरों को बंद करवा दिया गया है.
जाकिर का ISIS कनेक्शन
अब नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी, इनफोर्समेंट डायरेक्टरेट और दूसरी तमाम एजेंसियों और पुलिस की जांच को मिलाकर एक साल में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने ज़ाकिर नाइक के खिलाफ 115 पेज की रिपोर्ट तैयार की है. जिसे पिछले महीने 11 मई को आधिकारिक पर दाखिल किया गया. ये 115 पेज की रिपोर्ट आजतक के पास है. जिसमें पहली बार आधिकारिक तौर पर ये माना गया है कि ज़ाकिर नाइक के कनेक्शन आईएसआईएस से जुड़े दिख रहे हैं.
ISIS के लिए भेजे 24 युवा
रिपोर्ट है. उसकी मानें तो गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट के मुताबिक ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था ने केरल में जिन युवाओं का धर्म परिवर्तन कराया, उनमें 24 युवा आईएसआईएस के आतंकवादी बनाए गए हैं. इन 24 युवाओं का ज़ाकिर नाइक की संस्था से जुड़े लोगों ने धर्म परिवर्तन करवाया, फिर ये आईएसआईएस ज्वाइन करने के लिए केरल से अफगानिस्तान गए. अफगानिस्तान में आईएसआईएस के लिए लड़ने के लिए ये आतंकवादी मुंबई में ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के दफ्तर में लगातार आते जाते थे.
धर्म परिवर्तन कराने के बाद बनाया आतंकी
ज़ाकिर नाइक का सबसे खास आदमी आरशी कुरैशी उन युवाओं के लगातार संपर्क में था, जो युवा केरल से अफगानिस्तान जाकर आईएसआईएस के आतंकवादी बन गए थे. एक तरह से ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ने धर्म परिवर्तन की फैक्ट्री खोल रखी थी, और इस धर्म परिवर्तन के बाद युवाओं को आतंक की फैक्ट्री के लिए तैयार किया जाता था.
धर्म प्रचार की आड़ में आतंकी साजिश
जाकिर के बारे में यह अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है. ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था के खिलाफ जांच अभी चल रही है. ज़ाकिर नाइक फरार है. उसका ठिकाना पता नहीं है. लेकिन जिस तरह से आजतक के हाथ लगी रिपोर्ट में बातें सामने आई है. वो बताती हैं कि किस तरह से धर्म के नाम पर और धर्म प्रचारक के सफेदपोश चेहरे के पीछे कट्टरपंथ और आतंकवाद का खूनी खेल खेला जा रहा था. जिसका मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि ज़ाकिर नाइक था. जिसमें उसके कनेक्शन आईएसआईएस से जाकर जुड़ रहे हैं.
धर्म परिवर्तन की फैक्ट्री से आतंक तक
केंद्रीय गृह मंत्रालय की 115 पेज की रिपोर्ट के पन्नों में ज़ाकिर नाइक के आतंकवाद वाले सीक्रेट धंधे के ऐसे सबूत दिए गए हैं. जो बताते हैं कि किस तरह से ज़ाकिर नाइक और उसके आदमी इस्लामिक धर्म प्रचारक की आड़ में पहले धर्म परिवर्तन करवाते थे. फिर धर्म परिवर्तन करने वाले युवाओं को बाहर आईएसआईएस का आतंकी बनाकर भेजा जाता था. ज़ाकिर नाइक की सीक्रेट आतंकी गतिविधियों के बारे में देश की तमाम जांच एजेंसियों की जांच का पूरा निचोड़ केंद्रीय गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट में है. रिपोर्ट में केरल के क्रिश्चन युवाओं के बारे में ज़िक्र किया गया, जिन्हें ज़ाकिर नाइक ने इस्लाम कबूल करवाया था.
धर्म परिवर्तन के बाद बदलवाए नाम
इनमें 20 से 22 साल की उम्र के बेस्टिन विंसेंट फ्रांसिस नाम के युवा का 12 सितंबर 2014 को धर्म परिवर्तन करवाया गया. बेस्टिन को याहिया नाम दिया गया, अगले कुछ महीनों ने बेस्टिन के तीन और साथियों का धर्म परिवर्तन करवाया गया. जिसमें बेस्टिन की गर्लफ्रेंड निमिशा भी शामिल थी, जिसे धर्म परिवर्तन के बाद फातिमा नाम दिया गया. लेकिन ज़ाकिर नाइक का ये खेल सिर्फ़ धर्म परिवर्तन तक ही नहीं रुकता. गृह मंत्रालय की 115 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने जब ज़ाकिर नाइक की जांच शुरू की. तो ऐसे खुलासे सामने आए, जिनके तार अफगानिस्तान में आईएसआईएस से जुड़ते दिख रहे हैं.
कब पकड़ में आएगा जाकिर नाइक?
आईएसआईएस के आतंकी बनकर अफगानिस्तान जाने वाले केरल के युवा ज़ाकिर नाइक के करीब आरशी कुरैशी से मुंबई के डोंगरी में मिलते रहे हैं. गृह मंत्रालय की जांच रिपोर्ट में ज़ाकिर नाइक के दो करीबी आरशी कुरैशी और रिज़वान इलियास खान के रोल का अहम ज़िक्र है. रिज़वान खान ने धर्म परिवर्तन करने वाले आईएसआईएस के आतंकी बेस्टिन उर्फ याहिया और मेरिन जैकब उर्फ मरियम का मैरिज सर्टिफिकेट बनवाया था. आरशी कुरैशी ने इन युवाओं के ब्रेन वॉश और धर्म परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. ज़ाकिर नाइक और उसके लोगों के ऐसे गुनाहों की लंबी लिस्ट और एक एक सबूत इस रिपोर्ट में दर्ज है. सवाल ये है कि ज़ाकिर नाइक के गुनाहों की इस रिपोर्ट के बाद क्या देश के बाहर छुप कर बैठा ज़ाकिर नाइक देश के कानून की पकड़ में आ पाएगा.

No comments:

Post a Comment