Saturday, 6 May 2017

आतंकियों की घुसपैठ के लिए अब बच्चों की मदद ले रहा पाकिस्तान

भारत में आतंकियों की घुसपैठ के लिए अब बच्चों की मदद ले रहा पाकिस्तान

जम्मू कश्मीर में गड़बड़ी फैलाने के मकसद से आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान रोज नए तरीके अपना रहा है. पाकिस्तान ने अब घुसपैठ से पहले इलाके का जायजा (रेकी) लेने के लिए नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल कर रहा है. जम्मू के राजौरी स्थित नौशेरा सेक्टर में सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा के पास एक ऐसे ही एक किशोर को गिरफ्तार किया है.
रक्षा विभाग के प्रवक्ता लेफ्टिनेट कर्नल मनीष मेहता ने इसकी गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पास गश्त के दौरान 12 साल के एक घुसपैठिये को पकड़ा. अशफाक अली चौहान नाम का यह किशोर बुधवार देर शाम नियंत्रण रेखा पार कर रजौरी सेक्टर के नौशेरा सेक्टर घुसा था.
उन्होंने बताया कि अशफाक नियंत्रण रेखा के आसपास घूम रहा था. उसकी हरकतों को लेकर शक होने पर गश्ती दल ने उससे रोककर पूछताछ की, तो उसने तुरंत सरेंडर कर दिया.
सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक, अशफाक ने पूछताछ में बताया कि वह बलूच रेजिमेंट के रिटायर्ड सैनिक हुसैन मलिक का बेटा है. उसका पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भीमबेर जिले के समानी तहसील स्थित डुंगर पेल गांव का निवासी है. उन्होंने कहा, 'ऐसी आशंका है कि आंतकियों ने पाकिस्तानी सेना की मदद से उस लड़के को नियंत्रण रेखा पार कराया, जिससे कि वह घुसपैठ के लिए आसान रास्तों की निशानदेही कर सके.'
सेना ने अब इस पाकिस्तानी किशोर को आगे की जांच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया है. यहां बता दें कि पाकिस्तान का भीमबेर ही वह जगह है, जहां पिछले साल भारतीय सेना ने आतंकियों के लॉन्च पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था.

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