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Wednesday, 21 June 2017

आयकर विभाग ने खुलासा किया है कि शैलेश कुमार फर्जी कंपनियों में पैसा जमा कराने का काम विनय मित्तल को दिया था.

लालू परिवार के 'काले धन को सफेद' बनाने में इस शख्स ने की थी मदद

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है. संपत्ति जब्त करने के बाद आयकर विभाग ने अब उस शख्स की पहचान कर ली है, जो लालू के परिवार का काला धन जमा कराता था.

आयकर विभाग के मुताबिक जो शख्स लालू परिवार की ब्लैक मनी को व्हाइट करने का काम कर रहा था उसका नाम विनय मित्तल है. विनय मित्तल को लालू यादव के दामाद शैलेश कुमार कालाधन सफेद करने की जिम्मेदारी दी थी. 

आयकर विभाग ने खुलासा किया है कि शैलेश कुमार फर्जी कंपनियों में पैसा जमा कराने का काम विनय मित्तल को दिया था. इस काम को अंजाम देने के लिए विनय मित्तल ने सीए राजेश अग्रवाल को शैलेश कुमार से मिलवाया था. राजेश अग्रवाल ने शेल कंपनियो के जरिए काला धन मीसा और शैलेश की कंपनी में भेजा था. जां एजेंसियो ने उस शख्स को भी खोज निकाला है जिसे शैलेश ने शेल कंपनियों के जरिए फर्जी एंट्री लेने की बात की थी. एजेंसिया इस बात की भी जांच कर रही है कि शैलेश तक ये पैसा कैसे आया था. 

लालू के दामाद शैलेश ने साल 2007 में एक शख्स से शेल कंपनियों और उससे फर्जी एंट्रियां लेने की बाबत पूरी जानकारी ली थी. साथ ही ऐसे लोगों के बारे में भी पूछा था जो शेल कंपनियो के जरिए काला धन सफेद कर कंपनियो में भेजते हैं.

कौन है विनय मित्तल? 
विनय मित्तल सीए राजेश अग्रवाल का साला है. शैलेश से विनय की मुलाकात अमित कात्याल नाम के शख्स ने कराई थी. अमित कात्याल वो शख्स है जिसकी कंपनी ने लालू के परिवार को पटना में जमीन दी है.
सूत्रों के मुताबिक विनय मित्तल पहले अमित कात्याल की कंपनी में काम करता था. अमित कात्याल ने ही उसे शैलेश से साल 2004-05 में मिलवाया था. साथ ही उसे शैलेश को आयकर रिटर्न भरने में सहयोग करने को कहा था. इसके बाद विनय शैलेश का आयकर रिटर्न भरवाने लगा. इसके बाद कालेधन को सफेद करने का गोरखधंधा शुरू हो गया. 

जल्द होगी विनय से पूछताछ 

पर्दे के पीछे रहे इस शख्स की पहचान होने के बाद अब विनय से पूछताछ की तैयारी चल रही है. प्रवर्तन निदेशालय जल्द ही विनय से पूछताछ कर सकता है. पूछताछ के बाद लालू और उनके परिवार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

Tuesday, 20 June 2017

10 बेनामी संपत्तियां जब्त, राबड़ी और बेटे-बेटी पर केस दर्ज

लालू परिवार की 10 बेनामी संपत्तियां जब्त, राबड़ी और बेटे-बेटी पर केस दर्ज

बेनामी संपत्ति मामले में परिवार समेत लालू प्रसाद यादव की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं. आयकर विभाग ने लालू परिवार की 10 संपत्तियां जब्त कर ली है. इसके अलावा बिहार सरकार में मंत्री तेजस्वी यादव और लालू की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति मामले में लालू की पत्नी राबड़ी देवी के खिलाफ भी केस दर्ज किया है.
मुताबिक आयकर विभाग ने फौरी तौर पर वो सारी बेनामी संपत्ति जब्त कर ली है जो लालू यादव के बच्चों से जुड़ी हुई बताई जाती है. आयकर विभाग ने लालू की पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेष, बेटी रागिनी और बेटी चंदा की प्रॉपर्टी जब्त की है. इससे पहले लालू के बच्चों से जुड़ी बेनामी संपत्ति जब्त करने के आदेश सोमवार को ही जारी किए गए हैं.
साथ ही लालू यादव की बड़ी बेटी और राज्यसभा की सांसद मीसा भारती को आयकर विभाग ने तलब भी किया था, उन्हें जुलाई के पहले हफ्ते में आयकर विभाग के दफ्तर में पेश होकर बेनामी लेन-देन पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है.
इससे पहले आयकर विभाग ने 50 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी. बेनामी एक्ट के मुताबिक विभाग को 90 दिन का समय स्पष्टीकरण देने के लिए देना होता है. अगर संबंधित पक्ष इसमें विफल रहता है तो जब्ती और कुर्की की कार्रवाई की जाती है.
गौरतलब है कि मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार को आयकर विभाग ने दो बार समन भेजा लेकिन, वे पेश नहीं हुए. उनके वकील ने इसके पीछे मीडिया और सुरक्षा कारणों को वजह बताया. इससे पहले 6 जून को पेश न होने पर आयकर विभाग ने मीसा भारती पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया था. पिछले माह 23 मई को आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति के मामले में लालू यादव और उनके करीबियों से जुड़े 22 ठिकानों पर छापेमारी की थी हालांकि लालू ने छापेमारी की बात से इनकार किया था.

पूर्व न्यायाधीश सी एस कर्णन गिरफ्तार

कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सी एस कर्णन गिरफ्तार

यालय की अवमानना मामले में छह महीने जेल की सजा पाने वाले कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सी एस कर्णन को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्हें कोयंबटूर से गिरफ्तार किया गया है. वो सजा सुनाए जाने के बाद से ही फरार चल रहे थे.
गौरतलब है कि मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित अन्य न्यायाधीशों के खिलाफ आरोप लगाने के बाद कर्णन का स्थानांतरण कोलकाता उच्च न्यायालय कर दिया गया था. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बीते नौ मई को सजा सुनाने के बाद से ही कर्णन फरार चल रहे थे. पिछले हफ्ते 12 जून को ही वो सेवानिवृत्त हुए थे.
प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह केहर की अध्यक्षता वाली सात न्यायाधीशों की एक पीठ ने कर्णन को अवमानना का दोषी ठहराते हुए छह महीने जेल की सजा सुनाई थी. इसके तुरंत बाद पश्चिम बंगाल पुलिस का एक दल उन्हें गिरफ्तार करने के लिए चेन्नई रवाना हो गया, लेकिन सफलता नहीं मिली.

Friday, 16 June 2017

अनंतनाग में बड़ा आतंकी हमला, 6 पुलिसवाले शहीद

कश्मीर के अनंतनाग में बड़ा आतंकी हमला, 6 पुलिसवाले शहीद

उत्तरी कश्मीर के अनंतनाग में शुक्रवार शाम पुलिस दल पर आतंकी हमला हुआ. हमले में एक एसएचओ समेत 6 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं. आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर ने ली है.

अनंतनाग के अचाबल में आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर ये आतंकी हमला किया गया है. जिसमें एसएचओ फिरोज डार के साथ पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. इससे पहले जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षा बलों की फायरिंग में एक नागरिक की मौत हो गई थी.

आधिकारिक सूत्रों ने आज तक को बताया कि दोपहर बाद आतंकवादियों ने अचाबल इलाके के पास पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं जिसमें 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए. हमले में घायल सभी पुलिस कर्मियों को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया.

पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने बताया कि शहीद थाना प्रभारी की पहचान उपनिरीक्षक फिरोज के रूप में हुई है जो आतंकवादियों की अंधाधुंध गोलीबारी की चपेट में आ गए. वह पुलवामा के रहने वाले थे. उन्होंने कहा कि अन्य शहीदों में एक चालक और चार अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं जो अपनी जीप में नियमित ड्यूटी पर थे.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का हाथ होने का संदेह है. उसने अरवनी मुठभेड़ का बदला लेने के लिए यह हमला कराया होगा जिसमें उसके स्थानीय कमांडर जुनैद मट्टू के मारे जाने की बात कही जा रही है. बिजबेहड़ा के अरवनी में मुठभेड़ आज सुबह शुरू हुई और इसमें सभी तीन आतंवादियों के मारे जाने की बात कही जा रही है. अभी तक कोई शव बरामद नहीं हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि सेना क्षेत्र की तलाशी ले रही है.

आतंकी हमले के बाद सेना, एसओजी, सीआरपीएफ और पुलिस के ने हमलावरों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है.

Thursday, 15 June 2017

मुंबई सिविक बॉडी के शिक्षा विभाग ने कहा है कि कंट्रोवर्शियल उपदेशक जाकिर नाइक का साउथ मुंबई स्थित इस्लामिक इंटरनेशनल स्कूल (IIS)बिना अनुमित के चल रहा है.

मुंबई में जाकिर नाइक का इस्लामिक इंटरनेशनल स्कूल अवैध : सरकार

              मुंबई में जाकिर नाइक का इस्लामिक इंटरनेशनल स्कूल अवैध : सरकार

 मुंबई सिविक बॉडी के शिक्षा विभाग ने कहा है कि कंट्रोवर्शियल उपदेशक जाकिर नाइक का साउथ मुंबई स्थित इस्लामिक इंटरनेशनल स्कूल (IIS)बिना अनुमित के चल रहा है. बृहन्मुंबई नगर निगम की साउथ मुंबई इलाके के शिक्षा निरीक्षक बी बी चव्हाण ने बुधवार को जारी एक पत्र में कहा कि कोई भी स्कूल स्थानीय निकाय से एनओसी हासिल किए बिना नहीं चल सकता है जैसा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों में है. पत्र में यह भी जिक्र किया गया है कि पैरेंट्स अपने बच्चों का दाखिला IIS में नहीं कराएं. हालांकि इसमें यह साफ नहीं किया गया कि क्या स्कूल ने एनओसी हासिल की है.   


अबू आसिम अजमी के ट्रस्ट ने स्कूल अपने अधीन लिया
स्कूल में करीब 135 छात्र हैं और इसमें नर्सरी से दसवीं कक्षा तक कक्षाएं होती हैं. स्कूल को अबू आसिम अजमी के नियाज माइनोरिटी एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट ने अपने अधीन ले लिया है. मुंबई के मनखुर्द शिवाजी नगर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक अजमी ने कहा, 'स्कूल (पहले की ही) लाइन पर चल रहा है मगर कुछ बदलाव हुए जिसमें इसका नाम और मैनेजमेंट में बदलाव करना शामिल है. मैंने परिसर को किराए पर लिया है और शिक्षा विभाग नाराज हो ऐसा कुछ नहीं किया है.' बहरहाल, उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल मैनेजर शिक्षा विभाग के संपर्क में हैं और यह देख रहा है कि इसे चलाने के लिए क्या कोई अनुमति की जरूरत है.

अजमी ने कहा कि वह कोई विवाद नहीं चाहते
अजमी ने कहा, 'मैं कोई विवाद नहीं चाहता हूं. ना मैं और ना ही शिक्षा विभाग छात्रों का भविष्य खतरे में डालना चाहते हैं. लिहाजा, मैंने अपनी टीम से शिक्षा अधिकारियों के संपर्क में रहने और सभी जरूरी इजाजत लेने को कहा है.'' गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने पिछले साल दिसंबर में IIS के छात्रों के पैरेंट्स को सूचित किया था कि इस स्कूल को या तो बंद कर दिया जाएगा या स्कूल को नए मैनेजमेंट के अधीन लाया जाए.

खंड में इस बार ऐसी जगह आग लगी है जहां शायद ही पहले कभी लगी हो

उत्तरकाशी में लगी भीषण आग, 24 घंटे से जल रहा गंगोत्री नेशनल पार्क

उत्तराखंड में इस बार ऐसी जगह आग लगी है जहां शायद ही पहले कभी लगी हो. जहां बर्फ की मोटी चादर रहती है उस जगह पर मानसून से पहले पिछले 24 घंटे से भयानक आग धधक रही है. मामला उत्तराखंड के उत्तरकाशी में गंगोत्री नेशनल पार्क के आसपास के इलाके में का है. आग तेजी से गंगोत्री नेशनल पार्क को अपनी आगोश में ले रही है और प्रशासन बेबस नजर आ रहा है.
लगातार हो रही आग की घटनाओं से पहाड़ धू धू कर जल रहे हैं. वहीं करोड़ों की वन संपदा खाक हो रही है. हालांकि पिछले साल भी उत्तराखंड को करोड़ों की वन संपदा का नुकसान उठाना पड़ा था. पिछले साल लगी आग को काबू पाने के लिए सेना और वायु सेना दोनों की ही मदद लेनी पड़ी थी.
ऐसा ही हाल उत्तरकाशी में देखने को मिल रहा है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अब से 36 घंटे तक भारी बारिश के आसार हैं. इसके चलते आग के बुझने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है.
गंगोत्री नेशनल पार्क में आग का तांडव पिछले 24 घण्टे से उठ रहा है. आग को बुझाने के लिए उत्तरकाशी जिले की पुलिस तो लगाई ही गई है. साथ ही एसडीआरएफ के लोग भी लगाए गए है. मंत्री हरक सिंह रावत का कहना है कि आग पर काबू जल्द पा लिया जाएगा, लेकिन वो ये भी कह रहे है कि आग थोड़ी ज्यादा है इसलिए समय लग रहा है.
आग लगने से उत्तरकाशी के साथ-साथ टिहरी देहरादून और नैनीताल का भी हिस्सा जल रहा है. चलिये आपको बताते है कि अब तक सीजन में कितनी घटनाएं हुई हैं.
- अब तक प्रदेश में आग लगने की छोटी बड़ी 790 घटनाएं घटी हैं.
- 1228.04 एकड़ वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है.
- 1400 से ज्यादा पेड़ अब तक खाक हो चुके हैं, जबकि 2.13 करोड़ रुपये का वन विभाग को नुकसान हो चुका है.

आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन में जाकिर मूसा की जगह लेने वाले टॉप कमांडर ने जम्मू-कश्मीर में नए हमलों को लेकर धमकी दी है

J&K: हिज्बुल कमांडर गजनवी ने पुलिसकर्मियों को दी धमकी, कहा- हमारा साथ दो

आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन में जाकिर मूसा की जगह लेने वाले टॉप कमांडर ने जम्मू-कश्मीर में नए हमलों को लेकर धमकी दी है. आतंकी संगठन में किसी भी तरह के खींचतान को खारिज करते हुए जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े आतंकी संगठन ने सुरक्षा बलों के खिलाफ और घातक हमले की चेतावनी दी है.
हिज्बुल के टॉप कमांडर ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस कर्मियों और सिविल डिपार्टमेंट के अधिकारियों से आतंकियों का समर्थन करने को कहा है. आतंकी संगठन का कहना है कि ऐसा करके वे खुद की बर्बादी को रोक सकते हैं.
हिज्बुल के डिवीजनल कमांडर यासिन यातू उर्फ गजनवी ने एक सोशल साइट्स पर एक वीडियो मैसेज रिलीज किया है. इस वीडियो में गजनवी जिहाद को भारत और स्थानीय लोगों के लिए हर समस्या का समाधान बता रहा है. यातू ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा बलों के खिलाफ घातक हमले आगे भी जारी रहेंगे.
आतंकी संगठन के नए आका ने पत्थरबाजों और घाटी में विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों की तारीफ की है. उसने युवाओं को सलाह देते हुए कहा है कि जो भी हथियार मिले उसी की मदद से कश्मीर में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ो.
गजनवी ने उन लोगों को भी चेतावनी दी है, जो आतंकियों के नाम पर फंड जुटा रहे हैं. उसने कहा है कि हिज्बुल को पैसे की जरूरत नहीं है. उसे लोगों के समर्थन की जरूरत है.

राम जन्मभूमि से जुड़ेगी सीता की जन्मस्थली

दरभंगा में योगी ने किया ऐलान, राम जन्मभूमि से जुड़ेगी सीता की जन्मस्थली

मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर दरभंगा में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार सीएम नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान योगी आदित्यनाथ तीन तलाक, बिहार के युवा, मोदी सरकार और अयोध्या मुद्दे पर भी बोलने से नहीं चुके. मंच से उन्होंने नीतीश कुमार को ललकारने वाले अंदाज में कहा कि 2019 में बिहार में बीजेपी की सरकार होगी.


पहली बार बुलेटप्रूफ शीशे में दिखे
दरभंगा रैली में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पहली बार बुलेटप्रूफ शीशे की ओट में नजर आए. यूपी की रैलियों में योगी आदित्यनाथ के लिए ऐसी सुरक्षा देखने में नहीं आई. माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ पर हमले की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने यह कदम उठाया है.

बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे से जमकर दहाड़े योगी
बुलेटप्रूफ शीशे की ओट से योगी आदित्यनाथ ने जब रैली को संबोधित करना शुरू किया. उसी वक्त उनके तेवर काफी आक्रामक थे. उन्होंने सीधे-सीधे मौजूदा जेडीयू-आरजेडी गठबंधन को चेतावनी देते हुए कहा, "बिहार बेमेल शादी बर्दाश्त नहीं करेगा. 2019 में हम बीजेपी की सरकार बना के रहेंगे."

तीन तलाक पर नीतीश को घेरा 
योगी ने नीतीश कुमार पर जवाबी हमला करते हुए कहा, "नीतीश जी आपने बहुत काम करने की बात की होगी. कभी तीन तलाक के खिलाफ आपकी आवाज क्यों नहीं निकली. आश्चर्य होता है कि जब मैं जनता दर्शन के कार्यक्रम में जाता हूं. 30-40 मुस्लिम महिलाएं आती हैं और एक ही गुहार लगाती हैं. वे कहती हैं कि पति ने तीन तलाक दे दिया है, अब मैं कैसे अपना जीवन बिताऊंगी."

योगी ने आगे कहा, "तीन तलाक पर सेकुलर नेताओं की चुप्पी से उनकी कथनी और करनी में फर्क दिखता है. वे बोलते कुछ हैं और करते कुछ. नीतीश जी तीन तलाक के मुद्दे पर क्यों चुप हैं. देश के अंदर आधी आबादी को न्याय मिले इसके लिए काम हो रहा है. आधी आबादी को भी न्याय मिलना चाहिए इस बात की घोषणा नीतीश कुमार जी क्यों नहीं करते."

अब गीता गिफ्ट की जाती है 
मोदी सरकार की तारीफ करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, "मोदी सरकार का 3 साल कई मायनों में बेमिसाल रहा. देश में परिवर्तन होता दिख रहा है. पहले ताजमहल गिफ्ट दिए जाते थे, लेकिन अब गीता या रामायण गिफ्ट की जाती हैं. ये हमारी संस्कृति है. अब तो अमेरिका भी मोदी जी को आदर्श मानता है. चुनाव के दौरान ट्रंप ने कहा था कि जीतने के बाद मैं वही करुंगा जो भारत में मोदी कर रहे हैं."

बिहार के युवाओं पर निशाना
बिहार के युवाओं पर टिप्पणी करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, "बिहार के नौजवान प्रतिभाशाली माने जाने थे. आज बिहार का नौजवान उदास है. इस बात को मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि यूपी में बड़े पदों पर यूपी के अफसर हैं."
अयोध्या पर भी बोले योगी
अयोध्या का मुद्दा उठाते हुए योगी ने कहा, "अयोध्या को सीधे बिहार के सीतामढ़ी से जोड़ेंगे. अयोध्या से सीतामढ़ी को जोड़ने के लिए मार्ग बनने जा रहा है. गडकरी जी ने मंजूरी दे दी है. ये जोड़ने का कार्य हो रहा है. मैं जोड़ने आया हूं."

राम मंदिर का जिक्र किए बिना योगी आदित्यनाथ ने कहा, "अयोध्या को लेकर आप निश्चिंत रहें. जो भावनाएं हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा."

योगी के दरभंगा दौरे की खास बातें 
- पहली बार बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे नजर आए योगी आदित्यनाथ
- योगी ने किया 2019 में बिहार में बीजेपी सरकार बनाने का दावा
- तीन तलाक पर क्यों नहीं बोलते नीतीश कुमार
- देश बदल रहा है, अब विदेशी मेहमानों को ताजमहल नहीं गीता गिफ्टी की जाती है
- अमेरिका भी मोदी को आदर्श मानता है
- आज बिहार का नौजवान उदास है
- एक जैसा लगता है यूपी और बिहार
- अयोध्या को सीधे बिहार के सीतामढ़ी से जोड़ेंगे
- अयोध्या को लेकर जो भावनाएं हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा
- पाकिस्तान को छोड़ सभी देश मनाएंगे योग दिवस
- योग के मुद्दे पर चीन भी भारत के सा

Wednesday, 14 June 2017

ISIS के लिए भेजे 24 युवा

जानिए, धर्म प्रचार की आड़ में कैसे आतंकी सप्लायर बन गया जाकिर नाइक

धर्म प्रचार की आड़ में ज़ाकिर नाइक बगदादी ब्रिगेड को भारत से आतंकी सप्लाई करने वाला मैनेजर बन गया था. ज़ाकिर नाइक के खिलाफ पिछले एक साल से तमाम एजेंसियां जांच कर रही हैं. जिसमें टेरर फंडिंग से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक के मामले शामिल हैं. इस जांच के घेरे में ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था है. गृह मंत्रालय ने एक साल की जांच के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार की है. जिसमें ज़ाकिर नाइक के आतंकी कनेक्शन बगदादी ब्रिगेड के साथ जुड़ते दिख रहे हैं.
जाकिर नाइक की कहानी
51 साल का ज़ाकिर नाइक जांच के घेरे में तब आया, जब पिछले साल बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 22 लोगों की जान गई थी. बांग्लादेश के जांच अधिकारियों ने बताया था कि ढाका आतंकी हमले में शामिल एक आतंकवादी इस्लामिक प्रचारक ज़ाकिर नाइक से प्रभावित था. बांग्लादेश ने तुरंत ज़ाकिर नाइक के टीवी चैनल पीस टीवी पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिस चैनल का प्रसारण दुबई से होता था, और इसके ज़रिए ज़ाकिर नाइक अपना प्रोपैगैंडा करता था. ढाका आतंकी हमले के बाद पिछले साल जुलाई में जब भारत में ज़ाकिर नाइक के खिलाफ जांच शुरू हुई, तो वो सऊदी अरब में था, तब से वो भारत वापस नहीं लौटा है.
जाकिर की संस्था पर प्रतिबंध
आतंकवादी घटनाओं और गतिविधियों की जांच करने वाली नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी एनआईए ने ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के खिलाफ पिछले नवंबर में एफआईआर दर्ज की थी. इस एफआईआर में ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था पर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने और धार्मिक समुदायों के बीच नफरत पैदा करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोपों पर पुख्ता सबूतों के बीच केंद्र सरकार ने ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया. देश में आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली एजेंसी ED ज़ाकिर नाइक की संस्था पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है, मुंबई में नाइक की संस्था के दफ्तरों को बंद करवा दिया गया है.
जाकिर का ISIS कनेक्शन
अब नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी, इनफोर्समेंट डायरेक्टरेट और दूसरी तमाम एजेंसियों और पुलिस की जांच को मिलाकर एक साल में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने ज़ाकिर नाइक के खिलाफ 115 पेज की रिपोर्ट तैयार की है. जिसे पिछले महीने 11 मई को आधिकारिक पर दाखिल किया गया. ये 115 पेज की रिपोर्ट आजतक के पास है. जिसमें पहली बार आधिकारिक तौर पर ये माना गया है कि ज़ाकिर नाइक के कनेक्शन आईएसआईएस से जुड़े दिख रहे हैं.
ISIS के लिए भेजे 24 युवा
रिपोर्ट है. उसकी मानें तो गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट के मुताबिक ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था ने केरल में जिन युवाओं का धर्म परिवर्तन कराया, उनमें 24 युवा आईएसआईएस के आतंकवादी बनाए गए हैं. इन 24 युवाओं का ज़ाकिर नाइक की संस्था से जुड़े लोगों ने धर्म परिवर्तन करवाया, फिर ये आईएसआईएस ज्वाइन करने के लिए केरल से अफगानिस्तान गए. अफगानिस्तान में आईएसआईएस के लिए लड़ने के लिए ये आतंकवादी मुंबई में ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के दफ्तर में लगातार आते जाते थे.
धर्म परिवर्तन कराने के बाद बनाया आतंकी
ज़ाकिर नाइक का सबसे खास आदमी आरशी कुरैशी उन युवाओं के लगातार संपर्क में था, जो युवा केरल से अफगानिस्तान जाकर आईएसआईएस के आतंकवादी बन गए थे. एक तरह से ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ने धर्म परिवर्तन की फैक्ट्री खोल रखी थी, और इस धर्म परिवर्तन के बाद युवाओं को आतंक की फैक्ट्री के लिए तैयार किया जाता था.
धर्म प्रचार की आड़ में आतंकी साजिश
जाकिर के बारे में यह अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है. ज़ाकिर नाइक और उसकी संस्था के खिलाफ जांच अभी चल रही है. ज़ाकिर नाइक फरार है. उसका ठिकाना पता नहीं है. लेकिन जिस तरह से आजतक के हाथ लगी रिपोर्ट में बातें सामने आई है. वो बताती हैं कि किस तरह से धर्म के नाम पर और धर्म प्रचारक के सफेदपोश चेहरे के पीछे कट्टरपंथ और आतंकवाद का खूनी खेल खेला जा रहा था. जिसका मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि ज़ाकिर नाइक था. जिसमें उसके कनेक्शन आईएसआईएस से जाकर जुड़ रहे हैं.
धर्म परिवर्तन की फैक्ट्री से आतंक तक
केंद्रीय गृह मंत्रालय की 115 पेज की रिपोर्ट के पन्नों में ज़ाकिर नाइक के आतंकवाद वाले सीक्रेट धंधे के ऐसे सबूत दिए गए हैं. जो बताते हैं कि किस तरह से ज़ाकिर नाइक और उसके आदमी इस्लामिक धर्म प्रचारक की आड़ में पहले धर्म परिवर्तन करवाते थे. फिर धर्म परिवर्तन करने वाले युवाओं को बाहर आईएसआईएस का आतंकी बनाकर भेजा जाता था. ज़ाकिर नाइक की सीक्रेट आतंकी गतिविधियों के बारे में देश की तमाम जांच एजेंसियों की जांच का पूरा निचोड़ केंद्रीय गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट में है. रिपोर्ट में केरल के क्रिश्चन युवाओं के बारे में ज़िक्र किया गया, जिन्हें ज़ाकिर नाइक ने इस्लाम कबूल करवाया था.
धर्म परिवर्तन के बाद बदलवाए नाम
इनमें 20 से 22 साल की उम्र के बेस्टिन विंसेंट फ्रांसिस नाम के युवा का 12 सितंबर 2014 को धर्म परिवर्तन करवाया गया. बेस्टिन को याहिया नाम दिया गया, अगले कुछ महीनों ने बेस्टिन के तीन और साथियों का धर्म परिवर्तन करवाया गया. जिसमें बेस्टिन की गर्लफ्रेंड निमिशा भी शामिल थी, जिसे धर्म परिवर्तन के बाद फातिमा नाम दिया गया. लेकिन ज़ाकिर नाइक का ये खेल सिर्फ़ धर्म परिवर्तन तक ही नहीं रुकता. गृह मंत्रालय की 115 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने जब ज़ाकिर नाइक की जांच शुरू की. तो ऐसे खुलासे सामने आए, जिनके तार अफगानिस्तान में आईएसआईएस से जुड़ते दिख रहे हैं.
कब पकड़ में आएगा जाकिर नाइक?
आईएसआईएस के आतंकी बनकर अफगानिस्तान जाने वाले केरल के युवा ज़ाकिर नाइक के करीब आरशी कुरैशी से मुंबई के डोंगरी में मिलते रहे हैं. गृह मंत्रालय की जांच रिपोर्ट में ज़ाकिर नाइक के दो करीबी आरशी कुरैशी और रिज़वान इलियास खान के रोल का अहम ज़िक्र है. रिज़वान खान ने धर्म परिवर्तन करने वाले आईएसआईएस के आतंकी बेस्टिन उर्फ याहिया और मेरिन जैकब उर्फ मरियम का मैरिज सर्टिफिकेट बनवाया था. आरशी कुरैशी ने इन युवाओं के ब्रेन वॉश और धर्म परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. ज़ाकिर नाइक और उसके लोगों के ऐसे गुनाहों की लंबी लिस्ट और एक एक सबूत इस रिपोर्ट में दर्ज है. सवाल ये है कि ज़ाकिर नाइक के गुनाहों की इस रिपोर्ट के बाद क्या देश के बाहर छुप कर बैठा ज़ाकिर नाइक देश के कानून की पकड़ में आ पाएगा.

Tuesday, 13 June 2017

तैनात होंगे 30 हजार सुरक्षाकर्मी

अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, तैनात होंगे 30 हजार सुरक्षाकर्मी

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में अगले महीने 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिये स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बल के 30 हजार जवानों को तैनात किया जायेगा. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने मंगलवार (13 जून) को बताया कि सुरक्षाकर्मियों को तीर्थयात्रा के मार्ग के दोनों ओर तैनात किया जायेगा. अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुये यह व्यवस्था की गयी है.
आगामी 7 अगस्त तक चलने वाली तीर्थयात्रा के लिये अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने दिशानिर्देश जारी किये हैं. इसके तहत तीर्थयात्रा के इच्छुक आवेदकों को स्वास्थ्य प्रमाणपत्र पेश करना होगा. तीर्थयात्रा के लिये उम्र की न्यूनतम सीमा 13 साल और अधिकतम सीमा 75 साल नियत की गयी है.
अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा इंतजामों को लेकर केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि की अध्यक्षता में पिछले सप्ताह मंगलवार (6 जून) को एक उच्चस्तरीय बैठक में यात्रा मार्ग पर 27 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात करने का फैसला किया गया था. इसमें स्थानीय पुलिस के तीन हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ कुल तीस हजार सुरक्षाकर्मी तैनात करने का फैसला किया गया है.
समझा जाता है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह, जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा और महर्षि यात्रा के पहले दिन भगवान अमरनाथ के दर्शन कर तीर्थयात्रा का शुभारंभ कर सकते हैं.

मिजोरम के लंगलेई जिले के तलाबुंग में भारी बारिश की वजह से बाढ़ के हालात बन गये हैं और आठ लोग मारे गये और छह अन्य लापता हैं.

मिजोरम में बरसी आसमानी आफत, 8 मरे, 350 घर डूबे

मिजोरम के लंगलेई जिले के तलाबुंग में भारी बारिश की वजह से बाढ़ के हालात बन गये हैं और आठ लोग मारे गये और छह अन्य लापता हैं. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि असम को राज्य से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 54 लंगलेई, सियाहा, लांगतलाई, सेरछिप और चंफई जिलों में भूस्खलन की वजह से कई स्थानों से कट गया है.
राज्य के शहरी विकास और गरीबी उन्मूलन मंत्री जोडिंतलुआंगा ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की वजह से करीब 350 घर डूब गये हैं. मंत्री ने कहा कि लंगलेई जिले के दक्षिण मरपारा और फैरुंअंगकाई गांवों में आठ लोग मारे गये हैं. अभी भी छह अन्य लापता हैं.
आपको बता दें कि राज्य की खावथलांगतुईपुई नदी के पानी से तलाबुंग कस्बे में बाढ़ आ गयी है जिससे 74 इमारतें डूब गयी हैं. लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इलाके से 84 परिवारों को बचाया गया है. 
आपको बता दें कि इससे पहले उत्तर पूर्व के असम में 2016 में छह जिलों में आई बाढ़ से करीब एक लाख लोग प्रभावित हो गए थे. प्राधिकार ने बताया कि अभी तक बाढ़ से 1,018 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है. बुर्हिदीहिंग और देसांग नागलामुरगा नदियां शिवसागर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी.

2019 में लगने वाले कुंभ मेले से पहले अंतर्देशीय जलमार्ग से जोड़ा जाएगा

महाकुंभ 2019: विशेष स्टीमर से संगम पहुंच सकेंगे श्रद्धालु, वाराणसी से शुरू होगी सेवा

बहुत जल्द आप इलाहाबाद से वाराणसी तक का सफर नदी के रास्ते तय कर सकेंगे. दोनों ही शहरों को 2019 में लगने वाले कुंभ मेले से पहले अंतर्देशीय जलमार्ग से जोड़ा जाएगा. इस संबंध में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बीच चर्चा भी हो चुकी है. गडकरी ने भरोसा दिलाया है कि इलाहाबाद कुंभ मेला से पहले दोनों शहरों के बीच जलमार्ग का उपयोग शुरू हो जाएगा.

 राज्य सरकार के आकलन के मुताबिक 'कुंभ मेला' के दौरान एक दिन में 15 करोड़ श्रद्धालू शहर में जुटते हैं. इसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केन्द्र सरकार से इलाहाबाद से वाराणसी के बीच जलमार्ग विकसित करने का अनुरोध किया था.
योगी के अनुरोध पर तेजी दिखाएगा केंद्र
योगी के प्रस्ताव पर गडकरी ने कहा, "हालांकि इलाहाबाद से वाराणसी का रास्ता राष्ट्रीय जलमार्ग-1 परियोजना में नहीं आता है, जो वाराणसी से हल्दिया के लिए चलाई जा रही है. लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अनुरोध पर हम इसे विकसित करेंगे."
गडकरी ने कहा कि अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण इन दोनों शहरों के बीच चलाने के लिए विशेष स्टीमर खरीदेगी. हालांकि उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र को भी राज्य सरकार को शामिल करना चाहिए.
लिहाजा, इलाहाबाद कुंभ 2019 में एक बार फिर जलमार्ग से संगम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा. केन्द्रीय मंत्री के मुताबिक अब उनकी योजना कुंभ मेला के दौरान वाराणसी से इलाहाबाद तक इस जलमार्ग पर ज्यादा से ज्यादा नौकाएं और तेज रफ्तार स्टीमर दौड़ाने की है.