Wednesday, 21 June 2017

आयकर विभाग ने खुलासा किया है कि शैलेश कुमार फर्जी कंपनियों में पैसा जमा कराने का काम विनय मित्तल को दिया था.

लालू परिवार के 'काले धन को सफेद' बनाने में इस शख्स ने की थी मदद

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है. संपत्ति जब्त करने के बाद आयकर विभाग ने अब उस शख्स की पहचान कर ली है, जो लालू के परिवार का काला धन जमा कराता था.

आयकर विभाग के मुताबिक जो शख्स लालू परिवार की ब्लैक मनी को व्हाइट करने का काम कर रहा था उसका नाम विनय मित्तल है. विनय मित्तल को लालू यादव के दामाद शैलेश कुमार कालाधन सफेद करने की जिम्मेदारी दी थी. 

आयकर विभाग ने खुलासा किया है कि शैलेश कुमार फर्जी कंपनियों में पैसा जमा कराने का काम विनय मित्तल को दिया था. इस काम को अंजाम देने के लिए विनय मित्तल ने सीए राजेश अग्रवाल को शैलेश कुमार से मिलवाया था. राजेश अग्रवाल ने शेल कंपनियो के जरिए काला धन मीसा और शैलेश की कंपनी में भेजा था. जां एजेंसियो ने उस शख्स को भी खोज निकाला है जिसे शैलेश ने शेल कंपनियों के जरिए फर्जी एंट्री लेने की बात की थी. एजेंसिया इस बात की भी जांच कर रही है कि शैलेश तक ये पैसा कैसे आया था. 

लालू के दामाद शैलेश ने साल 2007 में एक शख्स से शेल कंपनियों और उससे फर्जी एंट्रियां लेने की बाबत पूरी जानकारी ली थी. साथ ही ऐसे लोगों के बारे में भी पूछा था जो शेल कंपनियो के जरिए काला धन सफेद कर कंपनियो में भेजते हैं.

कौन है विनय मित्तल? 
विनय मित्तल सीए राजेश अग्रवाल का साला है. शैलेश से विनय की मुलाकात अमित कात्याल नाम के शख्स ने कराई थी. अमित कात्याल वो शख्स है जिसकी कंपनी ने लालू के परिवार को पटना में जमीन दी है.
सूत्रों के मुताबिक विनय मित्तल पहले अमित कात्याल की कंपनी में काम करता था. अमित कात्याल ने ही उसे शैलेश से साल 2004-05 में मिलवाया था. साथ ही उसे शैलेश को आयकर रिटर्न भरने में सहयोग करने को कहा था. इसके बाद विनय शैलेश का आयकर रिटर्न भरवाने लगा. इसके बाद कालेधन को सफेद करने का गोरखधंधा शुरू हो गया. 

जल्द होगी विनय से पूछताछ 

पर्दे के पीछे रहे इस शख्स की पहचान होने के बाद अब विनय से पूछताछ की तैयारी चल रही है. प्रवर्तन निदेशालय जल्द ही विनय से पूछताछ कर सकता है. पूछताछ के बाद लालू और उनके परिवार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

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