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Friday, 13 January 2017

साल की 12 संक्रांत‌ियों में से मकर संक्रांत‌ि का सबसे ज्यादा महत्व है

     साल की 12 संक्रांत‌ियों में से मकर संक्रांत‌ि का सबसे ज्यादा महत्व है 

क्योंक‌ि इस द‌िन सूर्य देव मकर राश‌ि में आते हैं और इसके साथ देवताओं का द‌िन शुरु हो जाता है। इसल‌िए मकर संक्रांत‌ि के द‌िन स्नान, दान और पूजन का बड़ा ही महत्व है। लेक‌िन इन सबसे ज्यादा महत्व है सूर्य देव का अपने पुत्र शन‌ि के घर में आना। इस साल मकर संक्रांत‌ि पर कुछ ऐसा संयोग बना है ज‌िससे सूर्य और शन‌ि दोनों को एक साथ खुश क‌िया जा सकता है और यह ऐसा संयोग है जो कई वर्षों के बाद बना है।


दरअसल इस साल मकर संक्रांत‌ि 14 जनवरी को है क्योंक‌ि इस द‌िन सूर्य देव सुबह 7 बजकर 38 म‌िनट पर मकर राश‌ि में प्रवेश कर रहे हैं। संयोग की बात है क‌ि इस द‌िन शन‌िवार का द‌‌िन है। शन‌िवार के द‌िन मकर संक्रांत‌ि का होना एक दुर्लभ संयोग है।


ज्योत‌िषशास्‍त्र में शन‌ि महाराज को मकर और कुंभ राश‌ि का स्वामी बताया गया है। ऐसे में शन‌िवार के द‌िन शन‌ि की राश‌ि में सूर्य का आगमन शन‌ि महाराज को अनुकूल और शुभ बनाने के ल‌िए बहुत ही अच्छा रहेगा। इस साल 26 जनवरी से मकर राश‌ि वालों की साढ़ेसाती भी शुरु होने वाली है ऐसे में इनके ल‌िए शन‌ि को खुश करने का यह बहुत ही अच्छा मौका है।
मकर राश‌ि के अलावा इस साल तुला, वृश्च‌िक, धनु राश‌ि वालों की भी साढ़ेसाती रहेगी और मेष, वृष, स‌िंह एवं कन्या राश‌ि वालों को ढैय्या लगेगी। ऐसे में इन आठों राश‌ि वालों को इस मकर संक्रांत‌ि के मौके पर शन‌ि महाराज को खुश करने के ल‌िए कुछ आसान से उपाय जरूर करने चाह‌िए। ज‌िनकी शन‌ि की दशा चल रही है उन्हें भी यह उपाय करना चाह‌िए।
मकर संक्रांत‌ि के द‌िन उड़द दाल में ख‌िचड़ी बनाकर दान करें और
                             स्वयं भी भोजन करें।

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