दंतेवाडा – दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से करीब १२ किमी. दूर फरसपाल गांव के पास पहाडिय़ों पर स्थित ढोलकल की ऐतिहासिक गणेश प्रतिमा को नक्सलियों ने खण्डित कर दिया है। आज सुबह पहाडिय़ों से १ हजार वर्ष प्राचीन गणेश प्रतिमा के गायब होने की खबर सोशल मीडिया में वायरल हो गयी। इसके बाद जब पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तो प्रतिमा इस पहाड़ी के नीचे खण्डित अवस्था में मिली। पुलिस ने इसे नक्सलियों की करतूत बतायी तो प्रशासन शरारती तत्वों का हाथ बता रहा है।
करीब साल भर पहले फरसपाल के पास स्थित पहाड़ी की शिखर पर ऐतिहासिक गणेश प्रतिमा की खोज दक्षिण बस्तर के युवा पत्रकार बप्पी राय और हेमंत कश्यप ने की थी। इसके बाद प्रशासन इसे पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने तैयारी में था। महीने भर पहले ही इसके लिए ढाई करोड़ का प्रोजेक्ट भी बनाया गया। पिछले महीने भर से यहां पर्यटकों की आवाजाही लगातार बढ़ रही थी। जगदलपुर से पर्यटकों का एक दल २५ व २६ जनवरी को इस पहाड़ी पर स्थित गणेश भगवान के दर्शन के लिए पहुंचा था। फरसपाल पर स्थित इस पहाड़ी के शिखर की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग २९९४ फीट बतायी जा रही है। जब पर्यटक यहां पहुंचे तो उन्हें शिखर पर गणेश प्रतिमा नहीं मिली। ग्रेनाइट पत्थर से करीब ३ फीट ऊंची इस ऐतिहासिक प्रतिमा की गायब होने की जानकारी इस दल ने नीचे फरसपाल पहुंचकर ग्रामीणों को दी और आज सुबह सोशल मीडिया में वायरल भी कर दिया।
दंतेवाड़ा में पुलिस और प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर सौरभ कुमार, एसपी कमलोचन कश्यप, सीईओ डॉ. गौरव सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव के नेतृत्व में पूरा दल इस पहाड़ी पर पहुंचा। गणेश प्रतिमा वाली शिखर तक पहुंचने इस दल को करीब ८ किमी. ऊपर पद यात्रा भी करनी पड़ी। वहां जाकर देखने पर निर्धारित स्थल पर प्रतिमा नहीं थी। शिखर के चारो तरफ मौजूद पत्थरों के एक हिस्से को हटाकर प्रतिमा को नीचे खायी की ओर धक्का दिया गया था। खायी के आस-पास मूर्ति को तलाशने जवानों का दल भेजा गया। ड्रोन कैमरे की मदद भी ली गयी और घंटों की मशक्कत के बाद ऐतिहासिक गणेश प्रतिमा लगभग १६ टूकड़ों में खण्डित मिली। इसके अवशेष इकट्ठे किये गए और पुरातत्व विभाग से चर्चा कर फिर से इसे स्थापित करने या नहीं करने पर निर्णय लेने की तैयारी हो रही है।

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