Wednesday, 4 January 2017

मुलायम के जीवन का सबसे बड़ा पाप था रामपुर तिराहा काण्ड


      मुलायम के जीवन का सबसे बड़ा पाप था रामपुर तिराहा काण्ड




ऐसा नही है की मुलायम सिंह ने अपने जीवन में सिर्फ अयोध्या में कारसेवको पर गोली चलवाने का ही पाप किया है ... मुलायम सिंह के पापो और कुकर्मो की लिस्ट बेहद लम्बी है .. और शायद ये अपने उन्ही पापो की वजह से बुढापे में अपने ही पैदा किये हुए सन्तान के हाथो जलील हो रहा है


मुलायम के जीवन का सबसे बड़ा पाप था रामपुर तिराहा काण्ड
जब २ अक्तूबर 1994 को पूरा देश गाँधी जयंती मना रहा था तब मुजफ्फरनगर जिले के रामपुर तिहारे पर यूपी के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के आदेश पर हैवानियत और हवस का खुला खेल खेला गया था ...
तब उत्तराखंड नही बना था और उत्तराखंड के निवासी अलग राज्य को लेकर मांग कर रहे थे ..
अलग राज्य की मांग को लेकर पहाड़ के लोग दिल्ली में धरना देने वाले थे ..मुलायम सिंह ने मेरठ और मुजफ्फरनगर के पुलिस अधिकारियो को सख्त आदेश दे दिया था की कोई भी आंदोलनकारी रामपुर तिराहा से आगे नही जाना चाहिए ... रामपुर तिराहे पर २२ कम्पनी पीएसी और भारी पुलिसबल की तैनाती कर दी गयी ... फिर आंदोलनकारियो को वही रोक दिया गया था ... मुलायम सिंह ने आदेश दिया की दिन के उजाले में कुछ मत करना .. सभी आंदोलनकारियो को वही रोक कर रखो .. उनके खाने पिने का इंतजाम करो ...
फिर जैसे ही रात हुई .. मुलायम सिंह का आदेश आ गया की अब हैवानियत और हवस का खेल खेलो ... फिर पुलिस और पीएसी के जवानो ने आन्दोलनकरियो को चारो तरफ से घेर कर रात के अँधेरे में अंधाधुंघ फायरिंग शुरू की ... करीब चालीस महिलाओ लडकियों के साथ बलात्कार किया गया ... सरकारी आंकड़ो में बीस लोग शहीद हुए ... और सरकारी आंकड़ो में ही २०० लोग जिसमे 60 महिलाये है वो अभी भी लापता है ...
हैवानियत का ऐसा नंगा नाच विश्व में अब तक किसी भी शासक ने नही किया होगा जैसा मुलायम सिंह ने उत्तराखंड के लोगो के साथ किया था ..
इस घटना के सामने आने के बाद पूरा विश्व दहल उठा था .. कई पुलिसकर्मीयो को हत्या और बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया .. एक पुलिस अधिकारी ने आत्मग्लानि से आत्महत्या कर लिया था ..
बाद में कई पुलिसवालों पर जुर्म साबित हुआ लेकिन अभी भी मामला कोर्ट में है ..

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