Saturday, 21 January 2017

दान की महिमा


        :---  दान की महिमा :---


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           क्षीयन्ते सर्वदानानि यज्ञहोमबलिक्रियाः

          न क्षीयन्ते पात्रदानमभयं सर्वदेहिनाम् ।।

अर्थः----अन्न, जल, वस्त्र, भूमिदान आदि सब प्रकार के दान तथा ब्रह्मयज्ञ, देवयज्ञ और बलिवैश्वदेवयज्ञ आदि सभी कर्म नष्ट हो जाते हैं, परन्तु सुपात्र को दिया गया दान और प्राणिमात्र को दिया गया अभयदान कभी नष्ट नहीं होता ।

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