Tuesday, 24 January 2017

बांग्लादेश में किताबों से हटाए टैगोर और शरत के पाठ


बांग्लादेश सरकार ने हाल ही में स्कूल में पढ़ाई जाने वाली बांग्ला भाषा कि किताबों से रबिंद्रनाथ टैगोर और जाने-माने बांग्ला लेखक शरत चंद्र चट्टोपाध्याय की कविता और कहानी हटा दी है।

शिक्षा मंत्रालय ने पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक कि किताबों में भारी फेरबदल किया है। सरकार ने मदरसे में पढ़ाने वाले शिक्षकों और विद्यार्थियों के एक कट्टर दबाव समूह हिफाजत-ए-इस्लाम की मांग पर यह कदम उठाया है। हिफाजत-ए-इस्लाम लंबे समय से कविता और कहानियों के 17 पाठों को हटाने की मांग कर रहा था। इसके पीछे दलील थी कि यह कविता और कहानियां इस्लाम विरोधी हैं और इनसे नास्तिक विचारधारा को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि सरकार के इस कदम का देश में काफी विरोध भी हो रहा है।

स्कूलों में पहली से 10 वीं कक्षा के लिए बांग्ला किताबें तैयार करने वाली नेशनल करीकुलम एंड टेक्सट बुक बोर्ड (एनसीटीबी) में शामिल 13 संपादक और लेखकों ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए कहा, उन्हें किताबों में किए जाने वाले बदलाव को लेकर अंधेरे में रखा गया। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार अपनी असहमति प्रकट कर रहे हैं। सरकार ने अपने इस कदम पर अभी कोई सफाई नहीं दी है लेकिन कट्टरपंथी समूहों ने सरकार के इस कदम पर संतोष जताया है।

कौन से पाठ हटे और क्यों...
पाठ - कक्षा छह की किताब से रबिंद्रनाथ टैगोर की कविता 'बांग्लादेशेर हृदोय' को हटाया। इस कविता में मातृभूमि की सुंदरता का वर्णन है और यह सालों से गाई जा रही है।
हटाने के पीछे दलील - कट्टरपंथी समूहों की दलील है कि इस कविता में हिंदुओं की एक देवी की प्रशंसा की गई है।

पाठ - बांग्ला लेखक शरत चंद्र चट्टोपाध्याय की सातवीं कक्षा में पढ़ाई जाने वाली कहानी 'ललू' को भी हटाया गया। कहानी में एक बच्चा जानवरों की बलि रोकने के लिए संघर्ष करता है।
हटाने के पीछे दलील ... यह कहानी हिंदू धर्म की पशु बलि को बढ़ावा देती है।

पाठ - पांचवी कक्षा से लेखक हुमायूं आजाद द्वारा लिखी कविता 'बोई' को हटाया गया। बोई का अर्थ है 'किताब' यह कविता विद्यार्थियों को किताब पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है।
हटाने के पीछे दलील ... कट्टरपंथियों का मत है कि यह कविता संकीर्णता को बल देती है और छात्रों को कुरान न पढ़ने के लिए उकसाती है।

पाठ - उपेंद्र किशोर रे द्वारा आठवीं कक्षा की किताब में लिखी गई रामायण की छोटी-छोटी कहानियां हटाई गईं।
हटाने के पीछे दलील ... रामायण की कहानियां हिंदुत्व को बढ़ावा देती हैं।

पाठ -छठवीं कक्षा से सत्येन सेन द्वारा लिखी 'लाल गोरूटा' कहानी को हटा दिया गया है। कहानी एक गरीब व्यक्ति निधिराम और उसकी पालतू गाय के बीच संवेदनशीलता को दर्शाती है।
हटाने के पीछे दलील ... कट्टरपंथियों का कहना है कि इस कहानी में गाय की तुलना मां से की गई है जो हिंदुत्व का उपदेश देती है।

No comments:

Post a Comment