Friday, 23 June 2017

PAK की नापाक साजिश, भारत के विरोध के बावजूद PoK में दी 12 प्रोजेक्ट को मंजूरी

PAK की नापाक साजिश, भारत के विरोध के बावजूद PoK में दी 12 प्रोजेक्ट को मंजूरी



पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. भारत के कड़े विरोध के बावजूद उसने PoK के गिलगित-बाल्टिस्तान में 12 मेगा प्रोजेक्ट बनाने को मंजूरी दे दी है. भारत PoK को अपना हिस्सा मानता है, जिस पर पाकिस्तान अवैध कब्जा कर रखा है. भारत कई बार पाकिस्तान से PoK खाली करने को भी कह चुका है. रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक पाकिस्तान की संघीय सरकार ने गिलगित-बाल्टिस्तान में ऊर्जा, संचार और स्वास्थ्य से जुड़े 12 मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है.
सूत्रों के मुताबिक इन प्रोजेक्ट में 98 अरब रुपये खर्च होने का अनुमान है. इनमें 34.5 मेगावाट हार्पो स्कार्डू प्रोजेक्ट, 26 मेगावाट सागर थांग स्कार्डू प्रोजेक्ट, 20 मेगावाट हंजल प्रोजेक्ट, 16 मेगावाट नलतर प्रोजेक्ट, पांच मेगावाट हसन आबाद प्रोजेक्ट और चार मेगावाट थक्क चिलास प्रोजेक्ट शामिल हैं. एक पाकिस्तानी अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इन प्रोजेक्ट के तहत गिलगित में 50 बेड के हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा और अट्टाबाद टूरिस्ट रिसॉर्ट को विकसित किया जाएगा. इसके अलावा गिलगिट से नलतर एक्सप्रेसवे और गिलगित-स्कार्डू रोड का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने बताया कि गिलगित में मेडिकल कॉलेज और स्कार्डू में टेक्निकल कॉलेज भी खोले जाएंगे.
दरअसल, गिलगित-बाल्टिस्तान समेत PoK में पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है. स्थानीय लोग भी पाकिस्तान के अवैध कब्जे के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन करते रहते हैं. इनकी मांग है कि गिलगित-बाल्टिस्तान से पाकिस्तान का कब्जा खत्म होना चाहिए. इसके अलावा पाकिस्तान सरकार के गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना पांचवां प्रांत घोषित करने के कदम का भारत कड़ा विरोध कर चुका है. भारत गिलगित-बाल्टिस्तान में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के भी खिलाफ है.
इसकी के चलते हाल ही में भारत ने बीजिंग में आयोजित वन बेल्ट वन रोड परियोजना समिट का बहिष्कार भी किया था. ब्रिटेन की संसद ने गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना पांचवां प्रांत घोषित करने के पाकिस्तान सरकार के कदम की निंदा की थी. ब्रिटिश सांसदों ने इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पास किया, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान को जम्मू-कश्मीर का वैध एवं संवैधानिक अंग हिस्सा बताया, जिस पर पाकिस्तान ने 1947 से गैरकानूनी तौर पर कब्जा कर रखा है.

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