Thursday, 14 April 2016

10 ऎसे कारण जिनमे छिपा है हिन्दू संस्कृति का रहस्य और विज्ञान


म आपको आज हिन्दू संस्कृति के बारे मे कुछ बताने जा रहे है वैसे तो ये सब चीजे हमारे आस पास होती ही रहती है पर फिर भी हम सब ये नही जानते की इनके पीछे क्या कारण है हिन्दू संस्कृति कोई अंधविस्वास पर नही टिकी है इसको विज्ञानिको ने भी सही माना है.ये संस्कृति लाखो हजारो वर्षो से चली आ रही है और आगे भी चलती रहेगी हिन्दू सस्कृति मे बहुत सी बातें ऐसी है जिनके पीछे रहष्य छिपे है और जो हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी से जुड़े हुए है जैसे सांस लेने, खाने, बैठने और खड़े होने जैसी सामान्य बातें आज हम उन परंपराओं को जानेगें और उनके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को जिसे आम लोग नहीं जानते है उनको आप तक पहुँचाएँगे

 नदी मे सिक्के डालना

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आप ने अपने बडो से सुना होगा की बहती नदी मे सिक्के डालने चाहिए
वैज्ञानिक कारण है, पहले जब सिक्के बनाये जाते थे तो वे तांबे के होते थे जो कि हमारे शरीर के लिए एक बहुत उपयोगी होते है लेकिन आज के समय में यह सिक्के तांबे के नहीं स्टेनलेस स्टील के बनते हैं, जिसे पानी में डालने से पानी में कोई फरक नहीं पड़ता है।

 चूड़ियों का महत्व

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पुराने समय मे ज्यादातर महिलाये सोने-चांदी की चूड़ियाँ पहना करती थी माना जाता है की सोने-चांदी के घर्षण से शरीर को इनके शक्तिशाली तत्व प्राप्त होते हैं, जिससे महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ मिलता है। महिलाये पुरुषों से कमजोर होती है | चूड़ियाँ उनके हाथो को मजबूत और शक्तिशाली बनती है

 सिंदूर लगाना

Sindur Khela During Hindu Festival Durga Puja

सिंदूर हल्दी, नींबू और पारा के मिश्रण से तैयार किया जाता है। सिंदूर महिला के रक्तचाप को नियंत्रित करने के अलावा उनकी सेक्सुअल ड्राइव को भी बढाता है। इसे उस जगह पर लगाया जाता है , जहां पर पिट्यूटरी ग्रंथि होती है, जहां पर सारे हार्मोन डेवलप होते हैं। इसके अलावा सिंदूर तनाव से भी महिलाओं को दूर रखता है।

 बच्चों का कान छेदन

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विज्ञान कहता है कि कर्णभेद से मस्तिष्क में रक्त का संचार समुचित प्रकार से होता है। इससे बौद्घिक योग्यता बढ़ती है। और बच्चो के चेहरे पर चमक आती है | इसके कारण बच्चा बेहतर ज्ञान प्राप्त कर लेता है
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 हाथों में मेहंदी लगाना

विज्ञान कहता है की मेंहदी बहुत ठंडी होती है इस लगाने से दिमाग ठंडा रहता है और तनाव भी कम होता है इसलिये शादी के दिन दुल्‍हने मेंहदी लगाती हैं, जिससे उन्‍हें शादी का तनाव ना हो पाए।images
सिर पर चोंटी रखने की परंपरा को हिन्दुत्व की पहचान तक माना जाता है । असल में जिस स्थान पर शिखा यानि कि चोंटी रखने की परंपरा है, वहा पर सिर के बीचों-बीच सुषुम्ना नाड़ी का स्थान होता है।सुषुम्रा नाड़ी इंसान के हर तरह के विकास में बड़ी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चोटी सुषुम्रा नाड़ी को हानिकारक प्रभावों से बचाती है
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भोजन के अंत में मिठाई खाना

जब हम कुछ मसालेदार भोजन खाते हैं, तो हमारे शरीर एसिड बने लगता है जिससे हमारा खाना पचता है और यह एसिड ज्यादा ना बने इसके लिए आखिर में मिठाई खाई जाती है जो पाचन प्रक्रिया शांत करती है।






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