हम भगवान के भजनों के नाम पर ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं : अग्निवेश
परीक्षाओंमेंपढ़ने की बजाए मैं हनुमान जी के मंदिर चला जाता था। प्रार्थना करता कि भगवान मेरे पेपर में घुस जाना और अच्छे नंबर लाना। आज भी सब यहीं करते हैं। गलत कामों के लिए भी भगवान को रिश्वत देते हैं। सोचते हैं कि पाप धुल गए, लेकिन ऐसा नहीं होता।
स्वामी अग्निवेश शनिवार को बीडी आर्य गर्ल्स कॉलेज में वासुदेव कुटुम्बकम विषय पर सेमीनार के मुख्य वक्ता थे। बोले, हम भगवान के नाम पर प्रकृति को दूषित कर रहे है, भगवान के भजन के नाम पर ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं। हमारा फर्ज है कि हम प्रकृति को बचाएं। अपनी जीवनशैली को बदले किसी से भेदभाव ना करें। परमात्मा कभी भी किसी के साथ फर्क नहीं करता। बताया कि वासुदेव कुटुम्बकम का अर्थ है भगवान एक है, सारे जीव एक ही पिता की संतान है। एक ही परिवार के सदस्य है।
आर्य समाज में किसी भी काम की शुरुआत मंत्रोंं से करते है जबकि हम उन मंत्रो का अर्थ नहीं जानते या सही अर्थ नहीं समझ पाते यह सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हम उन मंत्रों के अर्थ पूछते भी नहीं। यहां प्रिंसिपल डॉ. सरिता वर्मा, डॉ शिवदयाल माली, एडवोकेट अशोक परुथी, एमके जैन और डॉ मीनू नंदा विशेष तौर पर मौजूद थीं।
जालंधर |‘देश में यूनियन सिविल कोड लगना चाहिए। हर धर्म के लोगों पर समान कानून लागू हो। पहले कांग्रेस ने राम मंदिर मुद्दे को हवा देकर वोट बैंक की राजनीति खेलनी चाही बाद में बीजेपी ने मंदिर यहीं बनाएंगे कह कर देश में तनाव पैदा किया। राम मंदिर नहीं बनना चाहिए। मैं फैजाबाद गया था। वहां कई मंदिर ऐसे हैं जिनके पुजारी कहते हैं कि राम जन्म वहां हुआ था। मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च और मस्जिद बनने ही नहीं चाहिए। भगवान मन में होते हैं।’ शनिवार को यह आर्य समाज और बंधुआ मुक्ति मोर्चा के चेयरमैन स्वामी अग्निवेश ने पंजाब प्रेस क्लब में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी, कांग्रेस और आरएसएस पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि ‘संघ ने आर्य समाज को खोखला कर दिया है। आर्य समाज की स्थापना दयानंद सरस्वती ने इसलिए की थी ताकि आडंबर और अंधविश्वास को मिटा वेदों की शिक्षाओं का प्रसार प्रचार हो। लेकिन हो कुछ और रहा है। असहिष्णुता पर कहा कि हम इतिहास के उस दौर से गुजर रहे हैं, जहां देश में दोबारा असहनशीलता और हिंसा बढ़ी है। अब भारत माता की जय कहने वालों को देश द्रोही कहा जा रहा है। भारत माता की जय बोलने में मुझे फख्र महसूस होता है लेकिन कनपटी पर कोई पिस्तोल रख कर कहे कि भारत माता की जय बोलो तो मैं भी नहीं बोलूंगा। पंजाब चुनाव पर वह बोले कि केजरीवाल का पलड़ा इस बार भारी है। केजरीवाल को उनकी आलोचना करने वाले और उनकी बात का विरोध करने वाले पसंद नहीं हैं। फिर भी दिल्ली सरकार बेहतर काम कर रही है और भाजपा कांग्रेस से बेहतर है। यहां जय सिंह राना, डॉ. एसडी माली, सतनाम सिंह मानक और दीपक बाली थे।
स्वामी अग्निवेश ने प्रेस क्लब में कहा- देश में यूनियन सिविल कोड लगना चाहिए।
कहा, अंधविश्वास मत करो। सवाल करो। 3 डी यानी डाउट, डिबेट और डाइसैट को अपने जीवन में अपनाओ। अगर आप डाउट नहीं करते तो आप भेड़़ है। क्योंकि भेड ही दूसरी भेड़ों की पीछे चलती है। क्योंकि उसके पास अपना दिमाग नहीं है। किसी को भी अपना गुरु धारण मत करो स्वयं अपने गुरु बनो। कहा, आज मनुष्य के अंदर जितनी भी बीमारियां है इनका कारण अहंकार है। कहा हम भगवान को रोज रिश्वत देते है कि हमारा यह काम करवा दो हम यह चढ़ावा देंगे। डाकू भी मंदिर जाते है और भगवान को कहते है कि वह भी लूटे गए धन का 10 प्रतिशत हिस्सा मंदिर को देंगे। कहा, हम सबने ईश्वर को विकृत बना रखा है ईश्वर तो सब को एक समान पैदा करता है। जब हम पैदा होते हो तो सब इंसान होते है कोई जाति नहीं होती किसी धर्म का ठप्पा नहीं लगा होता सब एक समान होते है हम उसे कहते है ‘तुम हिंदू हो ऐसे पूजा करो, ऐसे नमाज पढ़ो। सारे मनुष्य मिलकर उस छोटे बच्चे या इंसान को हिंदू, सिख, मुसलमान बनाते है।
स्वामी अग्निवेश शनिवार को बीडी आर्य गर्ल्स कॉलेज में वासुदेव कुटुम्बकम विषय पर सेमीनार के मुख्य वक्ता थे। बोले, हम भगवान के नाम पर प्रकृति को दूषित कर रहे है, भगवान के भजन के नाम पर ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं। हमारा फर्ज है कि हम प्रकृति को बचाएं। अपनी जीवनशैली को बदले किसी से भेदभाव ना करें। परमात्मा कभी भी किसी के साथ फर्क नहीं करता। बताया कि वासुदेव कुटुम्बकम का अर्थ है भगवान एक है, सारे जीव एक ही पिता की संतान है। एक ही परिवार के सदस्य है।
आर्य समाज में किसी भी काम की शुरुआत मंत्रोंं से करते है जबकि हम उन मंत्रो का अर्थ नहीं जानते या सही अर्थ नहीं समझ पाते यह सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हम उन मंत्रों के अर्थ पूछते भी नहीं। यहां प्रिंसिपल डॉ. सरिता वर्मा, डॉ शिवदयाल माली, एडवोकेट अशोक परुथी, एमके जैन और डॉ मीनू नंदा विशेष तौर पर मौजूद थीं।
जालंधर |‘देश में यूनियन सिविल कोड लगना चाहिए। हर धर्म के लोगों पर समान कानून लागू हो। पहले कांग्रेस ने राम मंदिर मुद्दे को हवा देकर वोट बैंक की राजनीति खेलनी चाही बाद में बीजेपी ने मंदिर यहीं बनाएंगे कह कर देश में तनाव पैदा किया। राम मंदिर नहीं बनना चाहिए। मैं फैजाबाद गया था। वहां कई मंदिर ऐसे हैं जिनके पुजारी कहते हैं कि राम जन्म वहां हुआ था। मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च और मस्जिद बनने ही नहीं चाहिए। भगवान मन में होते हैं।’ शनिवार को यह आर्य समाज और बंधुआ मुक्ति मोर्चा के चेयरमैन स्वामी अग्निवेश ने पंजाब प्रेस क्लब में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी, कांग्रेस और आरएसएस पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि ‘संघ ने आर्य समाज को खोखला कर दिया है। आर्य समाज की स्थापना दयानंद सरस्वती ने इसलिए की थी ताकि आडंबर और अंधविश्वास को मिटा वेदों की शिक्षाओं का प्रसार प्रचार हो। लेकिन हो कुछ और रहा है। असहिष्णुता पर कहा कि हम इतिहास के उस दौर से गुजर रहे हैं, जहां देश में दोबारा असहनशीलता और हिंसा बढ़ी है। अब भारत माता की जय कहने वालों को देश द्रोही कहा जा रहा है। भारत माता की जय बोलने में मुझे फख्र महसूस होता है लेकिन कनपटी पर कोई पिस्तोल रख कर कहे कि भारत माता की जय बोलो तो मैं भी नहीं बोलूंगा। पंजाब चुनाव पर वह बोले कि केजरीवाल का पलड़ा इस बार भारी है। केजरीवाल को उनकी आलोचना करने वाले और उनकी बात का विरोध करने वाले पसंद नहीं हैं। फिर भी दिल्ली सरकार बेहतर काम कर रही है और भाजपा कांग्रेस से बेहतर है। यहां जय सिंह राना, डॉ. एसडी माली, सतनाम सिंह मानक और दीपक बाली थे।
स्वामी अग्निवेश ने प्रेस क्लब में कहा- देश में यूनियन सिविल कोड लगना चाहिए।
कहा, अंधविश्वास मत करो। सवाल करो। 3 डी यानी डाउट, डिबेट और डाइसैट को अपने जीवन में अपनाओ। अगर आप डाउट नहीं करते तो आप भेड़़ है। क्योंकि भेड ही दूसरी भेड़ों की पीछे चलती है। क्योंकि उसके पास अपना दिमाग नहीं है। किसी को भी अपना गुरु धारण मत करो स्वयं अपने गुरु बनो। कहा, आज मनुष्य के अंदर जितनी भी बीमारियां है इनका कारण अहंकार है। कहा हम भगवान को रोज रिश्वत देते है कि हमारा यह काम करवा दो हम यह चढ़ावा देंगे। डाकू भी मंदिर जाते है और भगवान को कहते है कि वह भी लूटे गए धन का 10 प्रतिशत हिस्सा मंदिर को देंगे। कहा, हम सबने ईश्वर को विकृत बना रखा है ईश्वर तो सब को एक समान पैदा करता है। जब हम पैदा होते हो तो सब इंसान होते है कोई जाति नहीं होती किसी धर्म का ठप्पा नहीं लगा होता सब एक समान होते है हम उसे कहते है ‘तुम हिंदू हो ऐसे पूजा करो, ऐसे नमाज पढ़ो। सारे मनुष्य मिलकर उस छोटे बच्चे या इंसान को हिंदू, सिख, मुसलमान बनाते है।
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