गोदावरी नदी सूखी तो कई मंदिर आ गए सतह पर, 34 साल पहले दिखे थे
महाराष्ट्र में भीषण सूखा पड़ने की वजह से गोदावरी नदी सूख गई है और इस वजह से कई मंदिर सतह पर आ गए हैं। इससे पहले लोगों ने इन मंदिरों को करीब 34 साल पहले वर्ष 1982 में देखा था। बताया जाता है कि उस दौरान भी भीषण सूखा पड़ा था।
मंदिर के सतह पर आने की घटना को नासिक और आसपास के लोग वरदान मान रहे हैं। इन मंदिरों में अधिकतर भगवान शिव के मंदिर हैं। लोगों ने पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। लंबे समय से जलमग्न ये मंदिर फिलहाल लोगों के इकट्ठा होने की पसन्दीदा जगह बन गए हैं।
स्थानीय लोग बताते हैं कि आमतौर पर गर्मियों के दिनों में जलस्तर कम होने पर उन्हें इन मंदिरों की चोटी ही दिखाई पड़ती थी। लंबे समय में यह पहली बार है जब यहां का पानी पूरी तरह सूख गया है।
जानकारों के मुताबिक ये मंदिर पेशवा काल में बनवाए गए थे। हालांकि आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पास इन मंदिरों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है।
यहां के ग्रामीणों का कहना है कि इन मंदिरों को 13वीं शताब्दी में पेशवा सरदार हिंगने ने बनवाया था।
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