Friday, 21 April 2017

बिहार में स्थित एक प्राचीन मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां रात को मूर्तियां भी बातें करती हैं।

400 साल पुराने मंदिर में देर रात को मूर्तियां करती हैं एक दुसरे से बातें


कहा जाता है कि अध्यात्म और विज्ञान में परस्पर विरोध है। अध्यात्म में प्राय: तर्क-वितर्क को प्रधानता नहीं दी जाती और विज्ञान हर मान्यता के पीछे तार्किक आधार तलाश करता है। आज भी ऐसे अनेक स्थान हैं जिनसे जुड़ी मान्यताएं श्रद्धालुओं के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। दूसरी ओर विज्ञान उन्हें नकारता है।
बिहार में स्थित एक प्राचीन मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां रात को मूर्तियां भी बातें करती हैं। यह कथन किसी को भी आश्चर्य में डाल सकता है लेकिन श्रद्धालुओं का मानना है कि इसके पीछे भी एक अतिप्राचीन रहस्य है।
इस 400 साल पुराने मंदिर में देर रात को मूर्तियां करती हैं बातें, जानिए क्या है इसका रहस्य!
यह मंदिर बिहार के बक्सर में स्थित है, नाम है- राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर। मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएं इसे रहस्यमय बनाती हैं। यह मुख्यत: तंत्र साधना के लिए जाना जाता है। यहां तंत्र-मंत्र के साधक देर रात तक देवी की साधना करते रहते हैं।
इस मंदिर में त्रिपुर सुंदरी की आराधना की जाती है। इसके अलावा बगलामुखी, तारा देवी, भगवान भैरव आदि की आराधना भी होती है। मंदिर में देवी-देवताओं की कई प्राचीन मूर्तियां स्थापित हैं। तंत्र साधक इनकी आराधना करते हैं। मान्यता है कि जब रात को यहां पूरी तरह खामोशी होती है तो विशेष प्रकार की आवाज सुनाई देती है। तंत्र साधकों और श्रद्धालुओं का मानना है कि ये आवाजें इन मूर्तियों से आती हैं।
यहीं नहीं, मंदिर के करीब से गुजरने वाले कई राहगीर भी यह मानते हैं कि तंत्र साधना से सिद्ध इन मूर्तियों से रात को विशेष प्रकार की आवाजें आती हैं। वहीं, कुछ लोगों का यह मानना है कि मंदिर की बनावट इस प्रकार है कि यहां सूक्ष्म ध्वनि काफी देर तक गूंजती रहती है। यही कारण है कि शब्द यहां के वातावरण में भ्रमण करते रहते हैं।
कितना पुराना है मंदिर
यह मंदिर करीब 400 साल पुराना माना जाता है। इसकी स्थापना एक तांत्रिक ने की थी। उसका नाम भवानी मिश्र था। मंदिर में देवी की विभिन्न प्रतिमाएं तंत्र साधना के लिए स्थापित की गई हैं। भवानी मिश्र के बाद उनके वंशज इस मंदिर में पुजारी बनते रहे हैं।

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