8 अप्रैल को भारत माँ की गोद में सदा सदा के लिए सो गए अमर बलिदानी मंगल पांडेय के बलिदान दिवस पर हिन्दू परिवार संघठन संस्था की तरफ से भावभीनी व् अश्रुपूरित श्रद्धांजलि
आज भी जिसके नाम से होता , रोम रोम में कम्पन है , भारत के उस बाहुबली की , हिम्मत का अभिनंदन है . भारत की इस पावन मिटटी से उस वतन वीर का वंदन है , मंगल के क़दमों की माटी हर माथे का चंदन है ... III ---------------कवि योगेंद्र शर्मा 1857 की क्रान्ति के महानायक , आजादी की चिंगारी के प्रणेता , वॉघ और ह्यूसन को मार कर स्वतंत्रता आंदोलन की पहली आहुति डाल कर आज ही के दिन अर्थात 8 अप्रैल को भारत माँ की गोद में सदा सदा के लिए सो गए अमर बलिदानी मंगल पांडेय के बलिदान दिवस पर हिन्दू परिवार संघठन संस्था की तरफ से भावभीनी व् अश्रुपूरित श्रद्धांजलि . राष्ट्र भक्ति के साथ धर्म प्रेम के मिश्रण की अब तक की अनूठी पराकाष्ठा बने हुए हैं जिन्होंने गौ माता की चर्बी लगे कारतूस का अकेले अपने दम पर विरोध किया जबकि कहा ये भी जाता था कि कुछ कारतूसों में सूअर की चर्बी भी होती थी . प्रबल राष्ट्रप्रेमी और महान धर्म रक्षक मंगल पांडेय को आज उनके बलिदान दिवस पर एक बार पुनः अभिनन्दन. गौ माँ के क़त्ल पर पूर्ण प्रतिबंध ही सच्चे मायनों में मंगल पांडेय को सच्ची श्रद्धांजलि होगी ...
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