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Saturday, 1 April 2017

यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) ने दलाई लामा को सलाह दी है कि असम के दौरे में ‘भारत के विचार चीन पर थोपने के लिए असम की धरती’ का इस्तेमाल नहीं करें.

उल्फा की धमकी, दलाई लामा असम की धरती से चीन के खिलाफ न बोलें

गुवाहाटी: यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) ने दलाई लामा को सलाह दी है कि असम के दौरे में ‘भारत के विचार चीन पर थोपने के लिए असम की धरती’ का इस्तेमाल नहीं करें.
उल्फा (आई) के अध्यक्ष अभिजीत असम ने दलाई लामा को संबोधित एक ई..मेल में कहा, ‘अगर आप वास्तव में असम आने का निर्णय करते हैं तो निजी या सार्वजनिक मंच से चीन के खिलाफ कुछ मत कहिए. हम असम की धरती से भारत के विचारों को थोपना बर्दाश्त नहीं करेंगे.’ 
ई..मेल कई मीडिया घरानों को भेजा गया. बौद्ध नेता एक अप्रैल से असम में नमामि ब्रह्मपुत्र उत्सव में शिरकत करेंगे और फिर अरुणाचल प्रदेश के तवांग जाएंगे.
चीन ने शुक्रवार (31 मार्च) को भारत को चेताया कि अगर उसने दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की इजाजत दी तो द्विपक्षीय संबंधों को ‘गंभीर क्षति’ हो सकती है. उसने भारत से यह भी कहा कि वह तिब्बत के मुद्दे पर अपने ‘राजनीतिक संकल्पों’ का सम्मान करे.
चीन ने अरुणाचल पर किया दावा
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने दलाई लामा के आगामी अरुणाचल दौरे के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ‘हम इस खबर को लेकर चिंतित हैं। चीन-भारत सीमा के पूर्वी हिस्से पर चीन का स्पष्ट और सतत रुख है.’ चीन ने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है.
द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान
लू ने कहा, ‘दलाई गुट का अलगाववादी गतिविधियों में शामिल रहने का निंदाजनक रिकॉर्ड है. भारत को दलाई गुट के असली व्यवहार को लेकर बहुत स्पष्ट होना चाहिए. अगर भारत दलाई लामा को इस क्षेत्र में यात्रा करने के लिए आमंत्रित करता है तो इसका द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर क्षति पहुंचेगी.’

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