Tuesday, 7 February 2017

१७ हजार अस्पतालों की दीवारों पर लिखे जाएंगे श्लोक

१७ हजार अस्पतालों की दीवारों पर लिखे जाएंगे श्लोक



जयपुर : रविवार को स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद मंत्री कालीचरण सराफ ने मातृभाषा और वेदों की वाणी से राज्य की दीवारों को सजाने के संबंध में बड़ी घोषणा की। मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा कि वेद, पुराण, स्मृति, रामायण और महाभारत के श्लोकों का हिंदी अनुवाद राज्य के १७,००० सरकारी अस्पतालों की दीवारों पर लिखा जाएगा।
इन अस्पतालों में राज्य के सभी सरकारी जिला अस्पताल, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शामिल है। ये श्लोक आयुर्वेदिक अस्पतालों के साथ ही होम्योपैथी, एलोपैथी अस्पतालों की दिवारों पर भी लिखा जाएंगे। रविवार को जयपुर स्थित राजस्थान संस्कृत अकादमी में सराफ ने ऐसे ही २६ श्लोकों के पोस्टर्स का अनावरण किया। लिखे जाने वाले सभी श्लोकों को तीन श्रेणी में बांटा गया है। जिनमें प्रेरणादायक श्लोक, प्रार्थनारूपी श्लोक और ऊर्जा देने वाले श्लोक शामिल हैं। सभी पवित्र ग्रंथों में से हर श्रेणी के लिए १५० श्लोकों का चयन किया जाएगा।
हर विभाग में अलग प्रकृति के श्लोक लिखे जाएंगे। जैसे, ओपीडी में ‘सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामय:’ जिसका भावार्थ है (हर कोई सुखी और स्वस्थ रहे) लिखा जाएगा। ऑपरेशन थिएटर में ‘स्वथस्य स्वास्थ्य रक्षणम्’ (प्रभु व्यक्ति को जीवित और स्वस्थ रखें) लिखा जाएगा वहीं लेबर रूम में ‘आचार: परमो धर्म:’ लिखा जाएगा। जिसका अर्थ है आचरण ही सबसे बड़ा धर्म है।
सराफ ने कहा, संस्कृत अकादमी की अध्यक्ष जया दवे के नेतृत्व में पांच सदस्यों की एक कमिटी बनाई गई है, जो अगले एक महीने तक बाकी श्लोकों के चयन और हिंदी अनुवाद का कार्य पूरा करेगी। दवे ने कहा कि, उनकी कमिटी ऐसे श्लोक और छंदों का चुनाव भी करेगी जिन्हें न्यूरोलजी और ईएनटी विभाग की दीवारों पर लिखा जा सके।

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